Thursday, June 25th, 2026

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देहरादून क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में लगने जा रहा विशाल रोजगार मेला, बेरोजगारो को मिलेगा रोजगार

Daily Archives: 25/06/2026

देहरादून क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में लगने जा रहा विशाल रोजगार मेला, बेरोजगारो को मिलेगा रोजगार

29 जून को क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में लगेगा मेला, कई नामी कंपनियां लेंगी हिस्सा

रोजगार मेले में भाग लेने वाले युवक /युवतियों को अपने साथ सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां, बायोडाटा,सेवायोजन पंजीयन कार्ड,आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र,पासपोर्ट साइज फोटो लाना है अनिवार्य

देहरादून : उत्तराखंड में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून द्वारा आगामी 29 जून को एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में फार्मा, बायो-मेडिसिन, लैबोरेट्री, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सेल्स और टेक्निकल क्षेत्रों सहित कई निजी कंपनियां भाग लेंगी। जिसमें कुल 85 खाली पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया की रोजगार मेला सुबह 10 बजे से क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून में आयोजित होगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने सीधे इंटरव्यू देने का अवसर मिलेगा। चयन योग्यता, अनुभव और इंटरव्यू के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

चयनित उम्मीदवारों को कंपनी और पद के अनुसार 12,हजार से 30,000 हजार प्रतिमाह तक का वेतन दिया जाएगा। इस रोजगार मेले में पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि जिन युवाओं ने अभी तक सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण नहीं कराया है, वे पहले अपना पंजीकरण कराकर रोजगार मेले में शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने बताया की रोजगार मेले में भाग लेने वाले युवक /युवतियों को अपने साथ सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां, बायोडाटा,सेवायोजन पंजीयन कार्ड,आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र,पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने बताया की अभी तक हम 60 से अधिक रोजगार मेले आयोजित कर चुके हैँ जिनमे करीब 2 हजार से ज्यादा लोगो को रोजगार दिया जा चुका है। वहीं 300 से अधिक करियर कॉउंसलिंग भी आयोजित किए जा चुके है।


एडीबी परियोजना के विकास कार्यों का विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया स्थलीय निरीक्षण

कोटद्वार: विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने गुरुवार को एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) द्वारा वित्त पोषित पेयजल एवं आधारभूत अवसंरचना परियोजना के अंतर्गत वार्ड संख्या 04 से 26 तक संचालित विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं और निर्माण कार्यों से आमजन को कम से कम असुविधा हो।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एडीबी परियोजना कोटद्वार के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी, पुरानी पाइपलाइनों की समस्याओं से राहत मिलेगी और नागरिकों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पानी की बर्बादी में कमी आएगी तथा बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को देखते हुए दीर्घकालिक एवं बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित होंगी। यह कोटद्वार के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।


दिल्ली की युवती को शादी का झांसा देकर होटल में बंधक बनाया, नशीली दवा देकर दुष्कर्म और गर्भपात का आरोप

मेरठ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से रिश्तों को तार-तार करने और जबरन गर्भपात कराने का एक गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली की रहने वाली एक युवती ने मेरठ के एक युवक पर मैट्रिमोनियल साइट के जरिए दोस्ती करने, शादी का झांसा देकर होटल में बंधक बनाने, दुष्कर्म करने और बाद में जबरन गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस थानों की लापरवाही के बाद पीड़िता ने न्याय के लिए एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।

मूल रूप से पटना (बिहार) की रहने वाली पीड़िता का परिवार लंबे समय से दिल्ली में शिफ्ट हो चुका है। युवती ने ‘शादी डॉट कॉम’ पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी, जिसके जरिए मेरठ के सूरजकुंड (हनुमानपुरी) निवासी राहुल अग्रवाल ने उससे संपर्क किया। आरोपी राहुल ने युवती को अपने परिवार से भी मिलवाया और शादी का पूरा भरोसा दिया।

युवती का आरोप है कि 19 अप्रैल को राहुल ने उसे मेरठ बुलाया और मंगल पांडेय नगर स्थित ‘रॉयल इन’ होटल में तीन दिनों तक ठहराया। इस दौरान उसे खाने में नशीली दवा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए और आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया गया।

इसके बाद, 17 मई को कोर्ट मैरिज के बहाने युवती को दोबारा बुलाया गया, लेकिन वकीलों की हड़ताल का बहाना बनाकर टाल दिया गया। युवती के गर्भवती होने पर 19 मई को जबरन उसका गर्भपात (Abortion) करा दिया गया। जब पीड़िता आरोपी के घर पहुंची, तो परिवार ने उसे ‘बांग्लादेशी’ (यह तर्क देकर कि उसके नाना-नानी कोलकाता के हैं) बताकर शादी करने से साफ इनकार कर दिया।

पीड़िता ने जब यूपी-112 पुलिस को बुलाया, तो उसे न्याय मिलने के बजाय थानों के चक्कर काटने पड़े। महिला थाने ने उसे सिविल लाइंस भेज दिया और सिविल लाइंस पुलिस ने मामला मेडिकल थाना क्षेत्र का बताकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता का आरोप है कि कुछ स्थानीय पार्षदों के दबाव में आकर पुलिस मुकदमा दर्ज करने से कतरा रही थी।

मामला बढ़ने पर पीड़ित परिवार ने एसएसपी अविनाश पांडेय से मुलाकात की। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत शिकायत पत्र के आधार पर सीओ शुचिता सिंह को जांच सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का किया निरीक्षण

सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के दिए निर्देश

बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं की समीक्षा की

बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित करने तथा सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के दिए निर्देश

नियमित काउंसलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रभावी पुनर्वास गतिविधियों पर दिया जोर

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवासीय संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे बालकों से संवाद स्थापित कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित किया जाए, जिससे बच्चों की शैक्षिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके। साथ ही उन्होंने बाल सुधार गृह में निवासरत सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थान में रह रहे प्रत्येक बालक की नियमित काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायता मिल सके। उन्होंने बच्चों के पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी बल दिया।

नारी निकेतन एवं किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन में निवासरत किशोरियों एवं संवासिनियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों में रहने वाले बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वर्तमान में नारीनिकेतन में 160 संवासनिया, बाल सुधार ग्रह में 07 किशोर, किशोरी संप्रेक्षण ग्रह में 12 किशोरिया है।

निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, सदस्य पीएन जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


छात्रों की आवाज को लेकर कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान शुरू, पेपर लीक और भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल

देहरादून: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज देशभर में “छात्रों की गूंज” अभियान का शुभारंभ किया। 40 दिनों तक चलने वाला यह अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच चलाया जाएगा।

अभियान की जानकारी देने के लिए राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष/सेंट्रल इलेक्शन कमेटी सदस्य प्रीतम सिंह ने प्रेस वार्ता की।

रंजीत रंजन ने कहा कि यह अभियान उन छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है, जिनकी मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, रिजल्ट में देरी और भर्ती प्रक्रिया अटकने से प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्र कोई एहसान नहीं मांग रहे, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा और तय समय पर भर्ती की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पारदर्शिता और सुधार के नाम पर बनाई गई एनटीए आज छात्रों के लिए “नेशनल ट्रॉमा एजेंसी” बन चुकी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश में लगातार परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के बावजूद बड़े जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।

पार्टी नेताओं ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों और परिवारों को नुकसान पहुंचा है। कांग्रेस ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

प्रीतम सिंह ने कहा कि जब छात्र परेशान हैं, परिवारों पर असर पड़ रहा है और परीक्षाओं पर भरोसा कमजोर हो रहा है, तब सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें:

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो।

पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए, जिसमें पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, परीक्षा केंद्र, डिजिटल सिस्टम और वेंडर व्यवस्था की समीक्षा हो।

वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर लागू किया जाए, जिसमें परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति की समयसीमा पहले से तय हो।

कांग्रेस ने छात्रों से अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए मिस्ड कॉल नंबर 9873036161 जारी किया है। छात्र www.chhatronkigoonj.in⁠� पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

प्रेस वार्ता में अभियान संयोजक सुमित्तर भुल्लर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, वैभव वालिया, गरिमा मेहरा दसौनी, अभिनव थापर, विशाल सिंह भोजक, विकास नेगी, सुलेमान अंसारी, नानक चंद, डॉ. जसविंदर गोगी, संजय पालीवाल, गोदावरी थापली, इशिता सेडा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


वेनेजुएला में भूकंप का तांडव

आयुषी

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार को उस समय दहल उठा, जब महज एक मिनट के अंतराल में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। राजधानी काराकास समेत कई शहरों में इमारतें और मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण आपदा में अब तक 162 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, मलबे में अब भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।

भूकंप के सबसे ज्यादा असर वाले इलाकों में बचावकर्मी लगातार मलबा हटाने और जीवित लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि हजारों लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए हैं।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।वहीं, गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों और नागरिक सहायता संसाधनों को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतार दिया गया है।

इस बीच, अमेरिका ने भी वेनेजुएला को सहायता देने की पेशकश की है। अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला के संपर्क में हैं और राहत सहायता जुटाने का काम कर रहे हैं। काराकास स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी नागरिकों से क्षतिग्रस्त इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।मौसम और आपदा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भूकंप के बाद की स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरे देश की निगाहें राहत और बचाव अभियानों पर टिकी हैं, जबकि हजारों परिवार अपने प्रियजनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं।


मानसून सीजन को लेकर सजग रहें अधिकारी- महाराज

तैयारियों को लेकर मंत्री ने दिये आवश्यक निर्देश

देहरादून। प्रदेश में सभी मुख्य नदियों के जलस्तर की सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है जनपद मुख्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं।

मानसून के दौरान सड़कों के अवरुद्ध होने से बड़ी संख्या में लोग मार्ग खुलने की घंटों प्रतीक्षा करते हैं। ऐसे में हमें सजग रहना चाहिए और सड़कों को खोलने में तत्परता दिखाने के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यही लक्ष्य है कि हम पूरी तरह से समर्पित होकर कार्य करें और मानसून के दौरान यात्रा में जो अवरोध आते हैं उसका तत्काल समाधान हो।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को यमुना कालोनी, स्थित सिंचाई भवन सभागार में उपस्थित लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मानसून सीजन की तैयारीयों को लेकर हुई समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कही। उन्होंनेविभागीय अधिकारियों से कहा कि यदि हम सजगता के साथ काम करेंगे तो मानसून का सीजन बिना किसी अवरोध के ठीक से निकल जायेगा। समीक्षा बैठक के पश्चात मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि सभी जनपद मुख्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं तथा देहरादून में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ ही वह 24×7 क्रियाशील है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सभी जनपदों से प्रतिदिन नदियों के जलस्तर तथा वर्ष के आंकड़े प्राप्त किया जा रहे हैं संवेदनशील स्थानों पर निरंतर निगरानी की जा रही है।

सिंचाई मंत्री महाराज ने कहा कि राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पूर्व जिला प्रशासन के सहयोग से स्थापित कर ली गई हैं तथा मानसून में बाढ़ तथा जल भराव की दृष्टि से 304 संवेदनशील स्थलों का भी चिन्हिकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि मानसून से पूर्व नदियों में बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का चैनेलाइजेशन का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न शहरों में ड्रेनेज की समस्या के निदान हेतु GIS based Strom water master drainage plan तैयार किए गए हैं तथा जनपद हरिद्वार के भगवानपुर इंडस्ट्रियल एरिया में ड्रेनेज कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सिंचाई विभाग के नियंत्रणाधीन जलाशयों के बांधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है एवं उचित स्थलों पर बोल्डर, आर.बी.एम. एवं रेट की व्यवस्था आपात स्थिति हेतु सुनिश्चित की गई है तथा जलाशयों पर वॉयरलैस स्टेशन भी संचालित किया जा रहे हैं।

लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून के दौरान यदि कोई सड़क बंद होती है तो उसकी पूर्व सूचना लोगों को पहले ही पूर्ववर्ती स्टेशन पर मिल जानी चाहिए ताकि वह वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए प्रदेश में सभी सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश विभाग को दिए गए हैं सड़कों के पैच वर्क के तहत 3946 पैच वर्क में से विभाग ने लक्ष्य से अधिक 3968 पैच वर्क पूर्ण कर लिये हैं। 1199 ऐसी सड़के हैं जो हर सीजन में प्रभावित होती हैं उनके वैकल्पिक मार्गों को तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर जेसीबी की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

समीक्षा बैठक में लोनिवि के अपर सचिव विनीत कुमार, महावीर चौहान, अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, लोनिवि के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा एवं सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार पाण्डेय सहित दोनों विभागों के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर जनपद मुख्यालय पर स्थित लोनिवि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी भी बैठक में वर्चुअल शामिल हुए।


देहरादून में मोहर्रम जुलूस को लेकर ट्रैफिक डायवर्जन लागू, पुलिस ने जारी किया रूट प्लान

देहरादून। मोहर्रम के अवसर पर 26 जून 2026 को निकाले जाने वाले जुलूस को देखते हुए देहरादून यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया है। दोपहर 2 बजे से जुलूस मार्ग पर चरणबद्ध तरीके से यातायात को डायवर्ट किया जाएगा, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके ।

1. जुलूस के ईसी रोड़ से प्रस्थान करने पर ईसी रोड़ की ओर कोई ट्रैफिक नही आयेगा, यूकेलिप्टस चौक,बेनी बाजार,सर्वे चौक से यातायात डायवर्ट किया जायेगा ।

2. जुलूस के सर्वे चौक पास करने पर ईसी रोड़ का यातायात सामान्य किया जायेगा व सर्वे चौक से परेड ग्राउण्ड की ओर कोई यातायात नही भेजा जायेगा, यातायात क्रास रोड़ से बुद्धा चौक होते हुए जायेगा ।

3. परेड ग्राउंड से रोजगार तिराहा, कान्वेन्ट तिराहा,लैन्सडॉन चौक की ओर मोहर्रम का जुलूस जायेगा जिस दौरान जुलूस के सापेक्ष कोई भी यातायात नही भेजा जायेगा, यातायात सर्वे चौक की ओर भेजा जायेगा ।

4. जुलूस लैन्सडॉन चौक से दर्शनलाल चौक जाने पर सर्वे चौक का यातायात सामान्य कर दिया जायेगा, व लैन्सडॉन दर्शनलाल चौक की ओर कोई यातायात नही भेजा जायेगा ।

5. दर्शनलाल चौक,तहसील चौक,इनामुल्ला बिंल्डिंग की ओर जुलूस जाने पर जुलूस के पीछे कोई यातायात नही भेजा जायेगा, यातायात दर्शनलाल चौक,बुद्धा चौक,दून चौक, द्रोण होटल कट की ओर भेजा जायेगा ।

6. इनामुल्ला बिल्डिंग पर जुलूस समाप्त होने पर सम्पूर्ण यातायात सामान्य कर दिया जायेगा ।

विक्रम एवं सीटी बसों का डायर्वजन प्लान
जुलूस के सर्वे चौक पहुँचने से पहले 3, 5, 8, 2 न0 विक्रम, प्रेमनगर व कैन्ट से आने वाले विक्रमों को निम्न प्रकार से डायवर्ट किया जायेगा –

 3 न0 विक्रम, रेसकोर्स चौक से वापस – रेसकोर्स पीएनबी तिराहे – आराघर टी- जक्शन ।

 5 व 8 नं0 विक्रम – रेलवे गेट से वापस ।

2 न0 विक्रम, सिटी बस व व्यवसायिक वाहन – सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से वापस ।

प्रेमनगर व कैन्ट विक्रम – बिन्दाल पुल से वापस ।

 देहरादून की समस्त जनता से अपील है की यातायात पुलिस द्वारा दिये गये डायवर्ट रूटों का प्रयोग कर देहरादून पुलिस का सहयोग प्रदान करें।


भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था आपातकाल- मुख्यमंत्री धामी

लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, साहस और संघर्ष के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हो सकी- धामी 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जी. एम. एस. रोड स्थित एक होटल में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा सत्ता बचाने के लिए नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, साहस और संघर्ष के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हो सकी। उन्होंने सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष को सदैव स्मरण रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान इन मूल अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया, किंतु देश की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक माध्यमों से इसका जवाब देते हुए लोकतंत्र की पुनर्स्थापना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय, राष्ट्र प्रथम तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के आधार पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। साथ ही, आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान-पत्र भी जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आह्वान किया कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान तथा राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखते हुए विकसित भारत और श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण में सभी अपना योगदान दें। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया तथा उनके संघर्ष और योगदान का स्मरण करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट, भाजपा के प्रदेश महामंत्री  कुंदन परिहार, महानगर अध्यक्ष  सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।


ट्रेन के दरवाजे को लेकर हुई बहस बना जानलेवा, युवक की चाकू मारकर हत्या

मुंबई: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में मंगलवार रात एक खौफनाक वारदात सामने आई है। भारी बारिश के दौरान कोच का दरवाजा बंद रखने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक 30 वर्षीय यात्री ने 21 साल के युवक की चाकू मारकर सरेआम हत्या कर दी। घटना चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन की है।

पुलिस के अनुसार, विरार का रहने वाला मृतक मयंक लोहार (21) और मीरा-भयंदर का निवासी आरोपी रोशन सुवर्णा (30) रात करीब 10:42 बजे अंधेरी स्टेशन से ट्रेन में चढ़े थे। भारी बारिश के कारण यात्रियों ने कोच का दरवाजा बंद कर रखा था, लेकिन रोशन ने अचानक दरवाजा खोल दिया जिससे अंदर बैठे लोगों पर पानी आने लगा। मयंक ने जब दरवाजा दोबारा बंद किया, तो दोनों के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बाकी यात्रियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कर दिया।

पुलिस को संदेह है कि सहयात्रियों द्वारा मयंक का साथ दिए जाने से रोशन ने खुद को अपमानित महसूस किया। जब ट्रेन गोरेगांव और मलाड स्टेशनों के बीच पहुंची, तो रोशन ने अपने बैग से एक बड़ा चाकू निकाला और मयंक के सीने और पेट पर ताबड़तोड़ तीन-चार वार कर दिए। मयंक वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। वारदात के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें आरोपी खून से सना चाकू लहराकर यात्रियों को धमकाता दिख रहा है।

ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पहुंचते ही आरोपी कूदकर भाग निकला। मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां आधी रात को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बोरीवली जीआरपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए 7 टीमें बनाईं और 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी रोशन सुवर्णा को पनवेल से गिरफ्तार कर लिया। वह कर्नाटक भागने की फिराक में था।

इस जघन्य हत्याकांड ने मुंबई लोकल में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। कम्यूटर वेलफेयर ग्रुप ‘मुंबई रेल प्रवासी संघ’ ने स्टेशनों पर ढीली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं और मेट्रो की तर्ज पर:

मेटल डिटेक्टर और अनिवार्य सामान की स्क्रीनिंग

ऑटोमैटिक डोर-क्लोजिंग सिस्टम

एआई (AI) आधारित सीसीटीवी निगरानी की मांग की है।

रेलवे अधिकारियों का पक्ष: हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मुंबई लोकल में यात्रियों की भारी तादाद और स्टेशनों के खुले प्रवेश द्वारों (Access Control न होने) के कारण हर एक यात्री के सामान की अनिवार्य चेकिंग करना व्यावहारिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण काम है।


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