Monday, June 29th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करें: जिलाधिकारी

Daily Archives: 29/06/2026

स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करें: जिलाधिकारी

एनडीपीएस तथा आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश

बागेश्वर : जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय एन-कोर्ड (NCORD) समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नशे की रोकथाम एवं अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों एवं कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू, गुटखा एवं पान मसाला सहित अन्य प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने पुलिस एवं आबकारी विभाग को एनडीपीएस एवं आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई में और तेजी लाने तथा अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जनपद में नशा मुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने बताया कि मई माह में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 02 अभियोग तथा आबकारी अधिनियम के तहत 07 अभियोग पंजीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त कोटपा (धूम्रपान निषेध) अधिनियम के अंतर्गत 75 व्यक्तियों के चालान किए गए। उन्होंने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा माह के दौरान 08 निरीक्षण भी किए गए।


व्यय वित्त समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार योजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज को जल्द से जल्द पूरी तरह क्रियाशील किया जाए और आवश्यक फैकल्टी की भर्ती शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही मेडिकल कॉलेज के रखरखाव के लिए भी उचित प्रावधान करने को कहा।

बैठक में हल्द्वानी में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) निर्माण कार्य को भी स्वीकृति मिली। इस परियोजना की कुल लागत 3569.28 लाख रुपये है। मुख्य सचिव ने पूर्व में स्वीकृत परियोजना को निरस्त कर इसे नए प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उरेडा के ऊर्जा पार्क परिसर में सुपर ई0सी0बी0सी0 ऑफिस बिल्डिंग निर्माण (कुल लागत 16.13 करोड़ रुपये) और सहस्रधारा रोड वाटर सप्लाई स्कीम (कुल लागत 113.16 करोड़ रुपये) को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में प्रमुख सचिव  आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, श्रीधर बाबू अद्धांकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


रोजगार मेले में 39 युवाओं को मिली नौकरी, 23 अभ्यर्थी दूसरे चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित

रोजगार मेले में 12 कम्पनियों ने लिया भाग, 282 अभ्यर्थियों में दिखा उत्साह

मेले में पहुंचे युवाओं ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार

देहरादून: प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सेवायोजन विभाग की पहल रंग लाई। सोमवार को क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून परिसर में आयोजित लघु रोजगार मेले में 39 अभ्यर्थियों का विभिन्न निजी कंपनियों में चयन हुआ, जबकि 23 अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया।

सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले रोजगार मेले में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक-युवतियों ने भाग लेकर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के समक्ष साक्षात्कार दिए। रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की 12 प्रतिष्ठित कंपनियों ने प्रतिभाग किया। इनमें विंडलास बायो मेडिसिन, आईपीसीए लेबोरेटरीज, एलआईसी, भारती एयरटेल, निर्माण ऑर्गेनाइजेशन सहित अन्य कंपनियां शामिल रहीं। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, कौशल एवं अनुभव के आधार पर साक्षात्कार लेकर चयन प्रक्रिया पूरी की।

मेले में देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे युवाओं ने अलग-अलग कंपनियों के स्टॉलों पर जाकर रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी योग्यता के अनुरूप आवेदन किए।

रोजगार मेले में उत्तरकाशी से आए अभ्यर्थी प्रमोद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिला प्रशासन एवं सेवायोजन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने का प्रभावी मंच साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उनके अनुसार ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं तथा उन्हें कंपनियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिल सके। उन्होंने बताया कि निर्धारित 14 कंपनियों में से 12 कंपनियां मेले में शामिल हुईं, जिससे अभ्यर्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।


मानसून से पहले सभी जनपदों में 2 जुलाई को मॉक ड्रिल

मानसून को लेकर गढ़वाल मंडल हाई अलर्ट पर, चारधाम यात्रा की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता

आयुक्त गढ़वाल के निर्देशन में मानसून को लेकर सभी जिलाधिकारी रहेंगे एक्शन मोड पर

देहरादून:आगामी मानसून सीजन को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देशन में मंडल के सभी जिलाधिकारी समन्वित रणनीति के तहत संभावित आपदा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों में जुटे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व सभी जनपदों में व्यापक स्तर पर अभ्यास सत्र (मॉक ड्रिल) आयोजित किए जा रहे हैं। इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (क्विक रिस्पांस) को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि जनपदवार आयोजित होने वाले इन अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र की कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

आयुक्त ने बताया कि पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल तथा अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी विभागों को आवश्यक संसाधनों, उपकरणों एवं मानव बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब न हो।

चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों से मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों एवं प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।

प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई की रणनीति के माध्यम से गढ़वाल मंडल को हर संभावित चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।


अतिक्रमण, अवैध निर्माण और आपदा से जुड़े मामलों पर डीएम का कड़ा रूख, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

समाधान दिवस पर डीएम ने सुनी 171 फरियादियों की समस्याएं, अधिकांश मामलों का ऑन द स्पॉट निस्तारण

प्रमाण पत्र के अभाव में 4 वर्षो से नहीं लगी दिव्यांग पेंशन, डीएम ने तत्काल दिलाई राहत, पेंशन स्वीकृत

विदेश में नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं से लाखों की ठगी, लगेगा गैंगस्टर

बेटी ने धोखे से हड़पी बुजुर्ग मां की जमीन, सीओ को जांच

देहरादून:विदेशों में सुनहरे भविष्य का सपना संजोए उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं को जालसाजों ने अपनी ठगी का शिकार बना लिया। सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित ‘समाधान दिवस’ पर तब हड़कंप मच गया, जब ऋषिकेश क्षेत्र के करीब 15 पीड़ित युवा अपनी आपबीती लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे। पीड़ितों का आरोप है कि एक शातिर ठग ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये और पासपोर्ट हड़प लिए, और अब पैसे वापस मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से तत्काल वार्ता कर जालसाज के खिलाफ गैंगस्टर जैसी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान की अध्यक्षता में क्लेक्ट्रेट परिसर में समाधान दिवस आयोजित किया गया। दूर दराज क्षेत्रों से पहुंचे 171 फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिसमें से अधिकतर शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण किया और विभागों से संबंधित शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान फरियादियों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, बैंक ऋण माफी, मुआवजा, विधिक एवं आर्थिक सहायता, दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुर्ननिर्माण से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से रखी।

नेहरू ग्राम की निवासी संगीता देवी ने अपनी आर्थिक बदहाली बयां करते हुए बताया कि उनके पति पिछले 4 वर्षों से दिव्यांग हैं। घर की माली हालत बेहद खराब है, लेकिन दिव्यांग प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आज ही उनके पति की मेडिकल जांच सुनिश्चित करने और जिला समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर दिव्यांग पेंशन शुरू करने का सख्त अल्टीमेटम दिया।

ऋण और बैंक से जुड़ी एक अन्य समस्या में अर्चना देवी ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बैंक ऋण के पुनर्गठन की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बैंक प्रशासन द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है और जबरन ऋण वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए लीड बैंक अधिकारी को मामले की तुरंत जांच कर न्यायोचित निस्तारण के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में जनहित और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अन्य अहम मामले भी सामने आए, जिन पर जिलाधिकारी ने त्वरित एक्शन लिया।

ग्राम पंचायत रायवाला में सार्वजनिक मार्ग पर और नया गांव (सेवालाखुर्द) में सड़क पर किए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित एसडीएम और पुलिस को तत्काल अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही नया गांव क्षेत्र में किरायेदारों के सत्यापन की भी बात कही।

नथुवाला में पेड़ों के बीच से गुजर रहे बिजली के तारों से बने खतरे को देखते हुए वन और विद्युत विभाग को संयुक्त रूप से तुरंत समस्या सुलझाने को कहा।

चकराता के ग्राम म्यूंढा में आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई नहर व खेतों की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए लघु सिंचाई विभाग से तुरंत प्रस्ताव मांगा गया। वहीं ग्राम बनसार में भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त गूल की मरम्मत न होने से नकदी फसलों के हो रहे नुकसान पर भी शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

आईआरडीई सुंदरवाला में नालियां चोक होने से आवासीय भवनों के लिए पैदा हुए खतरे पर आपदा प्रबंधन अधिकारी को संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का बिना किसी देरी के निस्तारण करना है। विभागों से संबंधित मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेषकर युवाओं से ठगी और बुजुर्गों व महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों पर प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएगा।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डिायाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।


अल्मोड़ा में भीषण सड़क हादसा, खाई में गिरी कार; चार लोगों की मौत, दो घायल

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा क्षेत्र से दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। चायखान-बलिया बेगनिया मोटर मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि कार के खाई में गिरते ही वाहन के परखच्चे उड़ गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। इस दुर्घटना ने चार परिवारों से उनके अपनों को छीन लिया।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई,इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है।

मृतकों की पहचान:

राजेन्द्र सिंह बिलवाल पुत्र नारायण सिंह, निवासी ग्राम बलिया, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा (40 वर्ष)

जगदीश सिंह पुत्र लछम सिंह, निवासी ग्राम बलिया, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा (35 वर्ष)

लछम सिंह पुत्र प्रताप सिंह, निवासी ग्राम बलिया, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा (56 वर्ष)

पान सिंह पुत्र विशन सिंह, निवासी ग्राम बलिया, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा (55 वर्ष)

घायलों की पहचान:

गोपाल सिंह पुत्र खीम सिंह, निवासी ग्राम बलिया, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा (45 वर्ष)

सचिन सिंह बिलवाल पुत्र राजेन्द्र सिंह बिलवाल, निवासी ग्राम बलिया, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा (18 वर्ष)


हर पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रियः डॉ0 आशीष चौहान

लोकतंत्र की मजबूती के लिए राजनीतिक दलों का सहयोग जरूरी; विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में तेजी, बीएलओ-बीएलए समन्वय से होगा शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल

 

देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला कार्यालय स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों, प्रतिनिधियों तथा सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों, बीएलओ एवं बीएलए का समन्वित सहयोग आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 01 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए उत्तराखण्ड सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा उन्हें प्राप्त कर डिजिटाइजेशन की कार्यवाही भी की जा रही है।

जनपद के 13,76,813 मतदाताओं में से 13,55,948 (98.48 प्रतिशत) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 10,98,179 (79.76 प्रतिशत) प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 1,42,485 (10.35 प्रतिशत) प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन शेष है। जनपद में वर्तमान में केवल 1,36,149 (9.89 प्रतिशत) मतदाता ऐसे हैं, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त होना शेष है।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त कराने एवं समयबद्ध रूप से जमा कराने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिन मतदाताओं तक किसी कारणवश गणना प्रपत्र नहीं पहुँच पाया है, उनके संबंध में बीएलओ स्थानीय जांच एवं पड़ताल के आधार पर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में पृथक सूची तैयार करेंगे। यह सूची पंचायत भवनों, नगर निकाय कार्यालयों एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी तथा राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों की सहभागिता लोकतंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाती है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में जिला प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग का पूर्ण सहयोग करें, जिससे प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो तथा निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली, बीजेपी से अरविन्द कुमार जैन, कांग्रेस से डॉ जसविन्दर, सुनील जायसवाल व सतेन्द्र, बीएसपी से सतेन्द्र सिंह व सतेन्द्र चोपड़ा, सीपीआई(एम) से अन्नत आकाश, आप से कमल राना उपस्थित रहे।


उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सुदृढ़ आधार

प्रधानमंत्री निधि के अंतर्गत प्रदेश को उपलब्ध होंगी 4 एमआरआई, 5 डिजिटल मैमोग्राफी एवं 75 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें

देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तराखंड सरकार के बीच सोमवार को कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते पर उत्तराखंड शासन की ओर से स्वास्थ्य सचिव श्री विनय शंकर पांडे तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव सुश्री आराधना पटनायक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते के अंतर्गत प्रधानमंत्री निधि के माध्यम से उत्तराखंड को 4 एमआरआई (MRI) मशीनें, 5 डिजिटल मैमोग्राफी (DBT) मशीनें तथा 75 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।

इन अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के उपलब्ध होने से प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में जांच सुविधाओं का विस्तार होगा तथा रोगों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निदान में उल्लेखनीय सहायता मिलेगी। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में एआई-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से मरीजों को उनके निकट ही बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना संभव होगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तराखंड के मिशन निदेशक श्री संदीप तिवारी सहित भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


बरसात से पहले एक्शन मोड में मेयर सौरभ थपलियाल, शहर को जलभराव और गंदगी से मुक्त रखने के दिए सख्त निर्देश

देहरादून।आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए मेयर सौरभ थपलियाल ने नगर निगम कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, नालों की सफाई, जलभराव की रोकथाम, गौशाला संचालन तथा अन्य जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस मौके पर मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए तथा जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

नालों की सफाई की प्रगति, कूड़ा उठान व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और नगर निगम की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करते हुए मेयर ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता, नागरिक सुरक्षा और बेहतर मूलभूत सुविधाएं नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं।

नगर आयुक्त आलोक पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों को गति देने, निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने तथा मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मेयर ने कहा कि देहरादूनवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है। जनहित सर्वोपरि है और विकास की गति निरंतर जारी रहेगी।

बैठक में नगर आयुक्त आलोक पांडेय, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे


जालंधर में युवक की संदिग्ध मौत का मामला: मां के आरोपों के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, आरोपी और उसकी पत्नी गिरफ्तार

जालंधर: पंजाब के जालंधर में थाना डिवीजन नंबर 5 के अंतर्गत आने वाली चौहान कालोनी में 28 वर्षीय युवक सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की मां द्वारा पहले ही हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है। फिलहाल पुलिस को युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 28 वर्षीय सोनू के रूप में हुई है, जो विवाहित था और उसका एक छोटा बच्चा भी है। परिजनों ने बताया कि सोनू सोमवार को रोजाना की तरह काम पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा तो परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस ने परिजनों को फोन कर चौहान कालोनी की गली नंबर 5 में बुलाया, जहां सोनू का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला था।

घटनास्थल पर पहुंची मृतक की मां बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई थीं। उन्होंने पुलिस के सामने शुरुआत से ही हत्या का आरोप लगाया था। मृतक की मां का कहना था कि तेजमोहन नगर की गली नंबर 6 के रहने वाले ‘बिट्टे’ नाम के व्यक्ति के साथ सोनू का पुराना विवाद चल रहा था। आरोपी ने पहले भी दो-तीन बार सोनू के साथ मारपीट की थी और उसका मोबाइल फोन तक छीन लिया था। मां ने इसी रंजिश के चलते बेटे की हत्या किए जाने का दावा करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी।

 एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बस्ती शेख स्थित तेजमोहन नगर और चौहान कालोनी क्षेत्र में शव मिलने की सूचना पर पुलिस तुरंत एक्टिव हुई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया और परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान मिले पुख्ता सुरागों के आधार पर नामजद आरोपी और उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, जांच प्रभावित न हो, इसलिए पुलिस ने अभी आरोपियों की पूरी प्रोफाइल और हत्या की सटीक वजह का खुलासा नहीं किया है। सिविल अस्पताल में होने वाले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा, जिसके आधार पर केस में आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp