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सोना हुआ सस्ता, चांदी ने पकड़ी रफ्तार, खरीदारी से पहले जान लें ताजा भाव

Category Archives: बिजनेस

सोना हुआ सस्ता, चांदी ने पकड़ी रफ्तार, खरीदारी से पहले जान लें ताजा भाव

24, 22 और 18 कैरेट के ताजा रेट देखें

नई दिल्ली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 5 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। घरेलू बाजार में जहां सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। ऐसे में अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो ताजा भाव जानना आपके लिए जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कॉमेक्स सोने का भाव करीब 0.06 प्रतिशत बढ़कर 4,164.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह चांदी में 1.46 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 61.300 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती नजर आई।

घरेलू बाजार में सोने की कीमत घटी

घरेलू बुलियन बाजार में आज सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलने के बाद सोने की कीमत करीब 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई। इसके विपरीत चांदी की कीमत में अच्छी तेजी रही और इसका भाव करीब 2.26 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

एमसीएक्स पर सोना हुआ सस्ता, चांदी चढ़ी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी के भाव में विपरीत रुख देखने को मिला। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1,043 रुपये की गिरावट के साथ 1,49,347 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी 697 रुपये की बढ़त के साथ 2,26,393 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव

बाजार में अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमतों पर नजर डालें तो 24 कैरेट सोना करीब 1,49,540 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना लगभग 1,37,078 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 1,12,155 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी का भाव करीब 2,26,770 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहा।

सोने-चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए ज्वेलरी खरीदने से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव और लागू मेकिंग चार्ज जरूर जांच लें।


अदाणी पोर्ट्स की कार्गो हैंडलिंग में जोरदार उछाल, सितंबर में 11% बढ़ा कारोबार

छह महीने में 280 एमएमटी कार्गो संभाला

नई दिल्ली। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के साथ सितंबर 2026 के कारोबारी आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी के पोर्ट कारोबार में इस दौरान मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। सितंबर में कार्गो हैंडलिंग में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अप्रैल से सितंबर के बीच कंपनी ने कुल 280 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभाला।

सितंबर में 46 एमएमटी कार्गो हैंडलिंग

कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, सितंबर 2026 में एपीएसईजेड ने कुल 46 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो का संचालन किया। यह पिछले साल सितंबर की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि में कंटेनर कारोबार की अहम भूमिका रही, जिसमें सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पहली छमाही में 280 एमएमटी कार्गो

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी ने कुल 280 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभाला। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले यह आंकड़ा 15 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंटेनर वॉल्यूम में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ड्राई कार्गो के वॉल्यूम में भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

रेल लॉजिस्टिक्स कारोबार में मिला-जुला प्रदर्शन

एपीएसईजेड के रेल लॉजिस्टिक्स कारोबार के आंकड़ों में सितंबर के दौरान वृद्धि दर्ज हुई। सितंबर 2026 में लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 62,302 टीईयू रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।

हालांकि, वित्त वर्ष की पहली छमाही में रेल लॉजिस्टिक्स वॉल्यूम 312,763 टीईयू रहा। इस अवधि में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी के सितंबर और पहली छमाही के आंकड़ों में पोर्ट कारोबार के प्रमुख क्षेत्रों में लगातार वृद्धि दिखाई दी है। खास तौर पर कंटेनर और ड्राई कार्गो सेगमेंट में 15 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका, फिर महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलिंडर

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में 60 रुपये से लेकर 70 रुपये से अधिक तक की वृद्धि हुई है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में टैक्स के कारण इसकी कीमतों में अंतर रहेगा। राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली में 62.50 रुपये महंगा हुआ कमर्शियल सिलिंडर

तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत में 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 2,810 रुपये हो गई है। त्योहारी सीजन में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार में गैस की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में हुई इस वृद्धि से कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है। इससे पहले सितंबर में भी कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा असर

कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे भोजनालयों पर पड़ सकता है। इन कारोबारों में खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में सिलिंडर महंगा होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ना तय है।

खासकर छोटे कारोबारियों के लिए बढ़ी हुई लागत को संभालना चुनौती बन सकती है। वहीं, गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। कारोबारियों के सामने बढ़े हुए खर्च को खुद वहन करने या ग्राहकों से अधिक कीमत वसूलने का विकल्प रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में बाहर खाना खाने वाले लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ सकता है।


वेदांता एल्युमिनियम का ग्लोबल जलवा, वित्त वर्ष 2025-26 में किया 3.5 अरब डॉलर का निर्यात

एसईजेड से निर्यात में बनी देश की दूसरी बड़ी कंपनी

नई दिल्ली। वेदांता एल्युमिनियम ने वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए निर्यात के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) से माल निर्यात करने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। कंपनी के अनुसार, इस अवधि में करीब 3.5 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया गया।

60 से ज्यादा देशों तक पहुंचा कारोबार

वेदांता एल्युमिनियम के मुताबिक, मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित उसकी एसईजेड इकाई ने भारत के कुल एसईजेड माल निर्यात में करीब 6 प्रतिशत का योगदान दिया। कंपनी के उत्पाद दुनिया के 60 से अधिक देशों में पहुंच रहे हैं। यूरोप, अमेरिका, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया उसके प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल हैं।

कई तरह के एल्युमिनियम उत्पादों की मांग

कंपनी के निर्यात पोर्टफोलियो में प्राथमिक एल्युमिनियम के साथ-साथ कई वैल्यू-एडेड उत्पाद भी शामिल हैं। इनमें बिलेट्स, वायर रॉड्स, रोल्ड उत्पाद, प्राइमरी फाउंड्री अलॉय और इंगॉट्स प्रमुख हैं। इसके अलावा कंपनी की कम-कार्बन ‘रेस्टोरा’ एल्युमिनियम रेंज भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजी जाती है।

इन उत्पादों का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिकल, निर्माण और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एल्युमिनियम आधारित बुनियादी ढांचे और डेटा सेंटर जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में भी एल्युमिनियम की मांग बढ़ रही है।

एसईजेड से 134.4 अरब डॉलर का निर्यात

कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच भारत के एसईजेड से कुल करीब 134.4 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात हुआ। इसमें लगभग 84.5 अरब डॉलर यानी 63 प्रतिशत हिस्सा सेवाओं का रहा, जबकि करीब 49.9 अरब डॉलर यानी 37 प्रतिशत हिस्सा वस्तुओं के निर्यात का था।

वेदांता एल्युमिनियम का कहना है कि एसईजेड देश में विनिर्माण के साथ-साथ सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम कर रहे हैं। कंपनी के निर्यात प्रदर्शन को भी इसी व्यापक एसईजेड व्यवस्था और वैश्विक बाजारों में एल्युमिनियम उत्पादों की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।


चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 65 से घटकर 58.50 रुपये किलो हुई चीनी

बड़े खरीदार अब रख सकेंगे 30 दिन का स्टॉक

नई दिल्ली। चीनी की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। पिछले कुछ समय में खुदरा बाजार में चीनी के दाम अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 10 प्रतिशत नीचे आए हैं। वहीं, सरकार ने त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को देखते हुए बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा भी बढ़ा दी है। हालांकि, अतिरिक्त स्टॉक को लेकर सरकार ने कुछ शर्तें भी तय की हैं।

करीब 58.50 रुपये किलो पहुंची चीनी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। अब इसमें लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और कीमत घटकर करीब 58.50 रुपये प्रति किलो रह गई है। इस तरह उपभोक्ताओं को कुछ ही हफ्तों में प्रति किलो लगभग 6.50 रुपये की राहत मिली है।

मिल स्तर पर कीमतों में 25 प्रतिशत तक कमी

चीनी की एक्स-मिल कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार, मिल स्तर पर चीनी की कीमत करीब 25 प्रतिशत तक कम हुई है। हालांकि, एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट की तुलना में खुदरा बाजार में कमी सीमित रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से अपील की है कि कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाए।

बड़े उपभोक्ताओं को अब 30 दिन का स्टॉक रखने की अनुमति

त्योहारों के दौरान चीनी की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा में बदलाव किया है। पहले ऐसे उपभोक्ता अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक रख सकते थे। अब यह सीमा बढ़ाकर 30 दिनों की खपत तक कर दी गई है।

यह व्यवस्था उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू होगी, जो हर महीने कच्चे माल के तौर पर 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें मिठाई निर्माता, कन्फेक्शनरी कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां और अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने वाले कारोबारी शामिल हैं।

अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक के लिए जरूरी होगी आयातित चीनी

हालांकि, सरकार ने 30 दिन की पूरी स्टॉक सीमा के लिए घरेलू बाजार से चीनी खरीदने की खुली छूट नहीं दी है। 15 दिनों की सामान्य सीमा से ज्यादा स्टॉक रखने के लिए अतिरिक्त चीनी का आयात करना होगा।

सरकार के नियम के मुताबिक, अतिरिक्त 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम या टैरिफ रेट कोटा के तहत आयातित होनी चाहिए। घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में स्टॉक सीमा अब भी 15 दिनों की खपत तक ही रहेगी।

हर शुक्रवार देनी होगी स्टॉक की जानकारी

सरकार ने बड़े चीनी उपभोक्ताओं के स्टॉक पर निगरानी रखने की व्यवस्था भी की है। ऐसे उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, कीमतों पर निगरानी रखना और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है।


iPhone Duo भारत में इतना महंगा क्यों? अमेरिका के मुकाबले कीमत 63% तक ज्यादा

नई दिल्ली। एपल के नए फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo की कीमत को लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है। टेकआर्क के 14 देशों के बाजारों के तुलनात्मक विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिका जैसे विकसित देशों की तुलना में भारत, तुर्किये और फिलीपींस जैसे विकासशील देशों में iPhone Duo काफी महंगा बिक रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कम और मध्यम आय वाले देशों में इसकी औसत कीमत अमीर देशों की तुलना में करीब 63 प्रतिशत अधिक है।

टेकआर्क ने भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, केन्या, बांग्लादेश, फिलीपींस, वियतनाम और तुर्किये समेत आठ कम और मध्यम आय वाले देशों की तुलना अमेरिका, यूएई, हांगकांग, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी समेत छह अधिक आय वाले देशों से की।

आंकड़ों के मुताबिक, कम आय वाले देशों में iPhone Duo की औसत कीमत करीब 3,669 डॉलर है, जबकि अधिक आय वाले देशों में यह औसतन 2,248 डॉलर है।

रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किये में iPhone Duo की कीमत करीब 4,741 डॉलर है, जो अध्ययन में शामिल देशों में सबसे अधिक है। इसके बाद फिलीपींस में इसकी कीमत 4,519 डॉलर बताई गई है। रिपोर्ट में तुर्किये में स्थानीय मुद्रा की कमजोरी और आयातित या लग्जरी इलेक्ट्रॉनिक्स पर लगने वाले टैक्स को कीमत बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है।

भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम में फोन की कीमत करीब 2,950 से 3,590 डॉलर के बीच बताई गई है। वहीं अमेरिका में इसकी कीमत 1,999 डॉलर है, जो अध्ययन में शामिल देशों में सबसे कम है।

रिपोर्ट में भारत में iPhone Duo की ऊंची कीमत के पीछे आयात शुल्क, टैक्स, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कंपनी के मार्जिन जैसे कारणों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फोन भारत में पूरी तरह तैयार हालत में आयात किया जाता है, जिस पर कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्क लगते हैं। इसके अलावा स्मार्टफोन पर 18 प्रतिशत GST भी लागू होता है।

रुपये और डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए अतिरिक्त मार्जिन और बफर भी कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।

रिपोर्ट में यह संभावना भी जताई गई है कि ऊंची कीमत एपल की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी विकासशील देशों में सीमित संख्या में ऐसे ग्राहकों को लक्ष्य कर सकती है, जो प्रीमियम कीमत चुकाने में सक्षम हैं। इससे iPhone Duo को फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में एक प्रीमियम डिवाइस के तौर पर पेश करने की रणनीति जुड़ी हो सकती है।


Vi के शेयर में अचानक आई तेजी, 3% से ज्यादा चढ़ा स्टॉक

15.65 रुपये तक पहुंचा शेयर

नई दिल्ली। शेयर बाजार में सोमवार को दबाव के बीच टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 3 फीसदी से अधिक मजबूत होकर 15.65 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इससे निवेशकों का ध्यान एक बार फिर Vi के स्टॉक पर गया है।

वोडाफोन आइडिया का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 15.01 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 15.09 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करते हुए 15.65 रुपये तक पहुंच गया। बाजार के जानकारों के मुताबिक, तकनीकी चार्ट पर भी स्टॉक फिलहाल मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।

ब्रांड में बड़े बदलाव की तैयारी

वोडाफोन आइडिया इन दिनों अपने ब्रांड को नए अंदाज में पेश करने की तैयारी में है। कंपनी ने हाल ही में अपने लोगो में बदलाव किया है। नए डिजाइन में लोगो के खास पीले डॉट को ‘i’ के नीचे से हटाकर ऊपर किया गया है और इसे 3D स्फीयर का रूप दिया गया है।

कंपनी ने संकेत दिया है कि लोगो में किया गया यह बदलाव महज डिजाइन परिवर्तन नहीं है, बल्कि Vi के बड़े ब्रांड ट्रांसफॉर्मेशन की शुरुआत है। कंपनी जल्द ही इस बदलाव को लेकर अपना नया कैंपेन भी सामने लाने वाली है।

कैंपेन में नजर आएंगे शाहरुख खान

Vi के आगामी कैंपेन ‘Vi बदल रहा है… तैयार रहिए’ में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान दिखाई देंगे। कंपनी का कहना है कि शाहरुख खान के साथ जुड़ाव उसके नए चरण की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

क्या 20 रुपये तक पहुंच सकता है शेयर?

वोडाफोन आइडिया के शेयर ने करीब तीन महीने पहले लगभग 21 महीने के अंतराल के बाद 15 रुपये का स्तर पार किया था। अब कुछ बाजार जानकारों की नजर इसके अगले संभावित लक्ष्य पर है और उनका अनुमान है कि स्टॉक आगे चलकर 20 रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है।

हालांकि, जानकार यह भी मानते हैं कि शेयर की तेजी लगातार एकतरफा रहने की संभावना कम है। बीच में मुनाफावसूली या अन्य कारोबारी दबाव के चलते उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को शेयर में तेजी के साथ जुड़े जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी।


दिल्ली-NCR में CNG के दाम बढ़े, जानिए नए रेट

CNG महंगी होने से बढ़ सकता है ऑटो-टैक्सी और माल ढुलाई का खर्च

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में CNG से वाहन चलाने वालों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नए दाम शनिवार से लागू हो गए हैं। कीमत बढ़ने के बाद राजधानी दिल्ली में CNG की कीमत अब 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है।

NCR के शहरों में भी बढ़े रेट

दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के दूसरे शहरों में भी CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और वैट की दरों के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।

दिल्ली: 86.98 रुपये प्रति किलो
नोएडा और गाजियाबाद: 95.59 रुपये प्रति किलो
मेरठ: 95.47 रुपये प्रति किलो
गुरुग्राम: 92.01 रुपये प्रति किलो

अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति बनी वजह

IGL के मुताबिक CNG की कीमत में बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण हैं। कंपनी के अनुसार CNG की आपूर्ति के लिए प्राकृतिक गैस का एक हिस्सा LNG के रूप में आयात किया जाता है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद स्पॉट मार्केट में LNG की कीमतों में तेजी आई है, जिससे गैस की लागत पर दबाव बढ़ा है।

कंपनी का कहना है कि बढ़ी हुई लागत के असर को देखते हुए CNG के दाम में संशोधन करना जरूरी हो गया था।

होर्मुज संकट का भी असर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी स्थिति ने तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। दुनिया के ऊर्जा कारोबार के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

इस साल कई बार बढ़ चुके हैं CNG के दाम

दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में यह बढ़ोतरी पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी गैस की लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों का हवाला देते हुए कीमतों में इजाफा किया जा चुका है। लगातार बढ़ती CNG कीमतों से वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र पर खर्च का दबाव बढ़ रहा है।

ऑटो-टैक्सी और माल ढुलाई पर पड़ सकता है असर

CNG के महंगे होने का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना ऑटो, कैब और टैक्सी से सफर करते हैं। दिल्ली-NCR में बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहन CNG पर संचालित होते हैं। ईंधन की लागत बढ़ने से आने वाले समय में ऑटो-टैक्सी किराये और माल ढुलाई की लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है।

यानी CNG के दाम बढ़ने का असर सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव आम लोगों के रोजमर्रा के सफर और सामान की परिवहन लागत पर भी दिखाई दे सकता है।


आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार, 65 रुपये किलो तक पहुंचे प्याज के दाम

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में दाम बढ़ने के बाद केंद्र सरकार अब अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल कर कीमतों को नियंत्रित करने की तैयारी में है। इसके तहत नासिक से देश के प्रमुख शहरों तक प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। सरकार सोमवार से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने जा रही है।

शनिवार को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यह कीमत पिछले साल के मुकाबले करीब 45 प्रतिशत और पिछले महीने की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। जिन इलाकों में प्याज के दाम राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं, वहां सरकारी स्टॉक से आपूर्ति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

दिल्ली में 65 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो हो गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 35 रुपये किलो था। चेन्नई में भी प्याज की कीमत बढ़कर लगभग 58 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि पिछले साल यहां यह करीब 33 रुपये किलो बिक रहा था। केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज के दाम में तेजी देखी जा रही है।

चीनी की कीमतों में भी तेजी

प्याज के साथ-साथ चीनी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को चीनी का औसत खुदरा भाव करीब 62.5 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि एक महीने पहले इसकी कीमत लगभग 46 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली में चीनी करीब 65 रुपये और मुंबई में लगभग 69 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

बफर स्टॉक से सस्ती आपूर्ति की तैयारी

सरकार का फोकस अब बाजार में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराने पर है। अधिकारियों के मुताबिक बफर स्टॉक को नियंत्रित तरीके से बाजार में उतारा जाएगा, ताकि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके। सरकार को आशंका है कि कुछ कारोबारी मांग और आपूर्ति की स्थिति का फायदा उठाकर कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी कर सकते हैं।

सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी एजेंसियों और किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इससे बाजार में आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पहले भी चलाई जा चुकी है ‘कांदा एक्सप्रेस’

प्याज की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने के लिए सरकार पहले भी रेल मार्ग के जरिए प्याज की आपूर्ति कर चुकी है। अक्टूबर 2024 में नासिक से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों तक प्याज पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाई गई थी। अब एक बार फिर इस व्यवस्था के जरिए उन शहरों में आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जहां प्याज महंगा बिक रहा है।

उत्पादन में गिरावट की खबरों से बढ़ी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में करीब 5 से 7 प्रतिशत की कमी की खबरों ने कीमतों को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है, इसलिए वहां उत्पादन और आवक में बदलाव का असर देशभर के बाजार पर पड़ता है।

NAFED और NCCF ने चालू वित्त वर्ष के लिए बफर स्टॉक के तौर पर करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है। खरीद को तेज करने के लिए इन एजेंसियों ने प्याज की खरीद कीमत भी बढ़ाई है। कृषि मंत्रालय के शुरुआती अनुमान के अनुसार 2025-26 फसल वर्ष में देश का प्याज उत्पादन करीब 307 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले फसल वर्ष के लगभग बराबर है।

अब सरकार की कोशिश है कि बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि प्याज की कीमतों में तेजी को जल्द नियंत्रित किया जा सके।


सोने-चांदी के भाव में फिर उछाल, MCX पर सोना ₹1.59 लाख के पार

जानें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 21 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव बढ़ने का असर घरेलू वायदा बाजार पर भी दिखाई दिया। MCX पर सोना 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया, जबकि चांदी भी 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार करती नजर आई। अगर आप आज सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो बाजार के ताजा भाव पर एक नजर डालना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी चमके

वैश्विक बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। Comex पर सोने का भाव 0.33 फीसदी बढ़कर 4586.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं चांदी में करीब 1.07 फीसदी की बढ़त देखने को मिली और इसका भाव 68.835 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया।

घरेलू बाजार में भी बढ़े भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। MCX पर सोने की कीमत में बढ़ोतरी हुई और यह करीब 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर चांदी का भाव भी मजबूत रहा और यह 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।

MCX पर सोने-चांदी का ताजा भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 9 बजे तक सोना 1,59,601 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी के भाव में सुबह करीब 9 बजे तक 1,251 रुपये की तेजी आई और इसकी कीमत 2,44,494 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

खरीदारी से पहले जानें कैरेट के हिसाब से भाव

गहने खरीदने वालों के लिए कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत भी महत्वपूर्ण है। 24 कैरेट सोना करीब 1,60,030 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना लगभग 1,46,694 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 1,20,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं चांदी का भाव लगभग 2,45,670 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहा।

नोट: सोने-चांदी के भाव बाजार में लगातार बदलते रहते हैं। गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और स्थानीय बाजार के रेट को भी ध्यान में रखें।


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