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धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना

Category Archives: राष्ट्रीय

धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना

छत पर सौर ऊर्जा, कमरों में ठंडी हवा और बच्चों के सपनों को नई उड़ान

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में सुविधाओं का विस्तार, करीब 100 बच्चों को मिलेगा शिक्षा और संरक्षण का सहारा

देहरादून। किसी बच्चे के लिए घर सिर्फ चार दीवारें नहीं होता, बल्कि सुरक्षा, अपनापन और सपनों की पहली पाठशाला होता है। लेकिन जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका हो, जिनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हों या जिन्हें जीवन की परिस्थितियों ने सामान्य पारिवारिक वातावरण से दूर कर दिया हो, उनके लिए एक सुरक्षित छत किसी वरदान से कम नहीं। ऐसे ही बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने संवेदनशील पहल को धरातल पर उतारना शुरू किया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जरूरतमंद बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास को अब आधुनिक और सुविधाजनक स्वरूप दिया जा रहा है। इस काम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। छात्रावास में बच्चों को बेहतर वातावरण देने के साथ-साथ ऊर्जा और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

सूरज की रोशनी से रोशन होगा बच्चों का आशियाना
छात्रावास की छत पर 10 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर दिया गया है। यह पहल महज बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, बल्कि छात्रावास को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बच्चों के आवासीय परिसर में विद्युत सुविधा को मजबूती मिलेगी और भविष्य में ऊर्जा की बचत को भी बढ़ावा मिलेगा।

गर्मी से राहत, कमरों में पहुंचेंगे कूलर
बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रावास के कमरों के लिए करीब 10 कूलर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन्हें जल्द ही कमरों में स्थापित किया जाएगा। यानी छात्रावास में रहने वाले बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ मौसम के अनुरूप आरामदायक वातावरण देने की भी तैयारी है।

सामूहिक गतिविधियों के लिए बनेगा एक हॉल
छात्रावास में सामूहिक गतिविधियों और बच्चों की आवश्यकताओं के लिए एक नए हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह हॉल बच्चों की सामूहिक गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, बैठकों और अन्य आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा।

100 बच्चों के सपनों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना
इस आवासीय छात्रावास की क्षमता करीब 100 बच्चों की होगी। यहां पर छात्रों को भोजन रहने आदि की व्यवस्था की गई है। योजना का मूल उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है, जो सामाजिक अथवा आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं और जिन्हें सामान्य पारिवारिक एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता। यहां 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों को हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके दायरे में अनाथ बच्चे, जिनके एक या दोनों माता-पिता नहीं हैं, बेहद कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चे, अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे, दिव्यांग बच्चे, कूड़ा बीनने वाले, भिक्षावृत्ति में लगे तथा शहरी वंचित वर्ग के बच्चे शामिल होंगे। इसके अलावा ऐसे बच्चों को भी सुरक्षित आवास और संरक्षण देने का लक्ष्य है, जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

छात्रावास नहीं, भविष्य गढ़ने का प्लेटफॉर्म
इस पूरी पहल की खासियत यह है कि इसे केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके पीछे बड़ा उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर उपलब्ध कराना है। एक ओर जहां उन्हें रहने की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षा से जुड़कर वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। एमडीडीए की ओर से सोलर प्लांट, कूलर और हॉल जैसी सुविधाओं का विकास इस बात का संकेत है कि सरकारी परियोजनाओं को केवल निर्माण तक सीमित रखने के बजाय उनके वास्तविक उपयोग और लाभार्थियों की जरूरतों को भी केंद्र में रखा जा रहा है। यह पहल उन बच्चों के लिए एक ऐसी नई शुरुआत बन सकती है, जिनके जीवन में परिस्थितियों ने बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन अब सरकार की कोशिश उन्हें एक सुरक्षित छत के साथ शिक्षा, सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देने की है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में बच्चों की सुविधा के लिए 10 केवीए सोलर प्लांट स्थापित किया गया है और कमरों के लिए कूलर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 100 बच्चों की क्षमता वाला यह छात्रावास जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राधिकरण का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि छात्रावास में बच्चों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सोलर प्लांट की स्थापना के साथ कमरों में कूलर लगाए जा रहे हैं, जबकि एक हॉल के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हमारा प्रयास है कि यहां रहने वाले बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।


मुख्यमंत्री धामी ने महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना

प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद नैनीताल भ्रमण के दौरान बरेली रोड स्थित श्री महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर, बेरीपड़ाव में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने माँ महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति और जनकल्याण के लिए भी प्रार्थना की।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा,विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।


ग्रीन बिल्डिंग की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्था को लगाई फटकार

पर्याप्त धनराशि के बावजूद काम में तेजी न आने पर जांच के निर्देश, दोषियों से होगी वसूली

40.5 प्रतिशत ही हुआ निर्माण कार्य; हर 15 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड की पहली एकीकृत हरित इमारत के निर्माण में हो रही देरी को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। परियोजना की धीमी प्रगति पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी को लेकर उन्होंने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

निर्माण कार्य की अब तक केवल 40.5 प्रतिशत भौतिक प्रगति होने पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है और इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्था को सभी लंबित औपचारिकताएं तत्काल पूरी करने और निर्माण स्थल पर पर्याप्त मानव संसाधन, मशीनरी और सामग्री उपलब्ध कराकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि वह अब इस परियोजना की हर 15 दिन में स्वयं समीक्षा करेंगे। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

21 करोड़ रुपये रोकने पर मांगा जवाब

समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था द्वारा 21 करोड़ रुपये की धनराशि रोके जाने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी गंभीर लापरवाही है।

उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा करना कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। बजट उपलब्ध होने के बावजूद काम में देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लंबित कार्यों पर अधिकारियों को फटकार

जिलाधिकारी ने पाया कि बाहरी सीवरेज प्रणाली, टाइल कार्य, साइट पर संसाधनों की तैनाती और दरवाजों के शटर लगाने जैसे कई कार्य, जिन्हें जून तक शुरू हो जाना चाहिए था, अब तक शुरू नहीं किए गए हैं। इसके अलावा परियोजना के प्रगति चार्ट में भी गलत और भ्रामक जानकारी दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

डीएम ने संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना में लापरवाही या गलत जानकारी देने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी अधिकारियों से नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

ई-बसों के संचालन पर भी सख्ती

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत संचालित ई-बसों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित मार्गों पर ई-बसों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो बसें परिचालन में नहीं हैं, उनके बंद रहने का स्पष्ट कारण प्रस्तुत किया जाए।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता देवेंद्र प्रकाश, स्मार्ट सिटी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीर्थ पाल सिंह, एजीएम आईटी मनवीर जोशी और एजीएम वाटर वर्क केपी चमोला समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


ऋण फर्जीवाड़े पर डीएम सख्त, संदिग्ध मामलों की होगी एसआईटी जांच

फर्जी तरीके से लोन दिलाने वाले एजेंटों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर

देहरादून। जनपद में ऋण और ऋण बीमा के नाम पर लगातार मिल रही धोखाधड़ी की शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आमजन की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से ऋण दिलाने, अनावश्यक दस्तावेज तैयार कराने या एजेंटों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद में संचालित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों की भूमिका, वसूली और फर्जीवाड़े से जुड़ी शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि ऋण फर्जीवाड़े से संबंधित शिकायतों को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। प्रभावी निगरानी और समन्वित कार्रवाई के लिए उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक को संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति संदिग्ध ऋण प्रकरणों, शिकायतों और एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी।

उन्होंने हर माह संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। गंभीर और संदिग्ध मामलों की आवश्यकता पड़ने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जाएगी। जांच में किसी बैंक, वित्तीय संस्था, एजेंट या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ऋण लेने की क्षमता की जांच जरूरी

जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ मामलों में एजेंटों के माध्यम से ऋण लेने वाले लोगों की वास्तविक आर्थिक स्थिति और पुनर्भुगतान क्षमता का उचित आकलन किए बिना ऋण स्वीकृत किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने ऐसी अनियमितताओं पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। किसी संस्था के प्रबंधन या जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

सभी एनबीएफसी और एचएफसी से वितरित ऋणों तथा लंबित वसूली मामलों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रशासन इन सूचनाओं का परीक्षण कर संदिग्ध मामलों को चिन्हित करेगा और जरूरत के अनुसार जांच एवं कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम अपने क्षेत्रों में बनाएंगे टास्क फोर्स

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र में संचालित एनबीएफसी और एचएफसी की सूची तैयार करने के अलावा सक्रिय साहूकारों तथा ऋण उपलब्ध कराने के नाम पर काम कर रहे एजेंटों का विवरण जुटाने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि ऋण दिलाने के नाम पर लोगों को भ्रमित कर उनकी मजबूरी का फायदा उठाने वाले एजेंटों और फर्जी एजेंसियों के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर तोड़ा जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि को भी संदिग्ध और फर्जी तरीके से संचालित एजेंसियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी विभागों और वित्तीय संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए फर्जीवाड़े की रोकथाम और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भरत कुमार सहित विभिन्न एनबीएफसी और एचएफसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज

महाराज ने शिविर में अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिये निर्देश

चौबट्टाखाल विधानसभा में श्रम विभाग द्वारा आयोजित शिविर में हजारों श्रमिकों ने करवाया पंजीकरण

सतपुली (पौड़ी गढ़वाल)। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश में चल रहा श्रमिक पंजीकरण और नवीनीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) के तहत सबसे पहले प्रदेश में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में यह शिविर आयोजित किया गया है। पिछले चार दिनों में सभी विकासखण्डों में अभी तक 2779 से अधिक श्रमिक कार्ड बनाये गये हैं। कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक सभी श्रमिकों के कार्ड नहीं बन जाते तब तक आगे भी यह प्रक्रिया जारी रखी जाये।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने क्षेत्र भ्रमण के चौथे दिन बुधवार को न्याय पंचायत सतपुली स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए यह बात कही। उन्होंने श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में उपस्थित श्रमिक भाई-बहनों और स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जगह-जगह शिविर लगा रही है ताकि श्रमिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस समय मनरेगा के 9.5 लाख सक्रिय श्रमिकों को भी इसी बोर्ड में जोड़ा जा रहा है – 90 दिन काम करने वाले मनरेगा श्रमिक अब इन योजनाओं के पात्र होंगे। नियमित नवीनीकरण न कराने पर पंजीकरण निष्क्रिय हो जाता है। जिससे पात्र श्रमिक को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए श्रमिकों को पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति मानती है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “श्रमेव जयते” मंत्र पर यह अभियान चल रह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका सर्वोपरि है। कोई भी श्रम साध्य कार्य श्रमिकों के बिना संभव नहीं है। सरकार का ध्येय केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक उन योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। ब्लॉक स्तर पर आयोजित किये जा रहे शिविर इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं जहाँ जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।

महाराज ने इस मौके पर मौजूद श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर का समय बढ़ा कर प्रत्येक श्रमिक का पंजीकरण एवं नवीनीकरण अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पात्र श्रमिक को अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित कल्याणकारी योजनाओं जैसे-पुत्री विवाह अनुदान, पुत्र-पुत्री की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, मातृत्व लाभ, औजार सहायता और दुर्घटना की स्थिति में सहायता राशि आदि का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक को समयबद्ध रूप से मिलना चाहिए। उन्होंने सभी श्रमिकों के परिश्रम को नमन करते हुए कहा, “आपका श्रम ही हमारे प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। आपकी खुशहाली और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।” इस दौरान उन्होंने भाजपा संगठन को सशक्त बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी से विस्तृत चर्चा करते हुए सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए सम्बंधित अधिकारियों के समक्ष क्षेत्रीय जनता की समस्या के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के भी आदेश दिये।

कार्यक्रम के दौरान मण्डल अध्यक्ष सरवेन्द्र, जिला मंत्री वृजमोहन रावत, विधायक प्रतिनिधि सुरेन्द्र रावत, दिगम्बर रावत, वरिष्ठ भाजपा नेता वेद प्रकाश वर्मा, मनोनीत सदस्य अंकित कुमार, गंगा खन्तवाल, पूर्व चेयरमैन अंजना वर्मा, भागवन्ती देवी, जिला महामंत्री युवा मोर्चा पंकज कुमार, जिला महामंत्री महिपाल नेगी, मंडल अध्यक्ष महिला युवा मोर्चा पुष्पा असवाल, जिला मंत्री रेणु घिल्डियाल सहित सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।


12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण

लंबित शमनीय आपराधिक, चेक बाउंस, बैंक ऋण, पारिवारिक एवं दीवानी मामलों की होगी सुनवाई

देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशों के अनुपालन में उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा आगामी 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को माननीय उच्च न्यायालय परिसर, नैनीताल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित वादों एवं विवादों का आपसी सहमति, समझौते और सुलह के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी तथा शमनीय आपराधिक मामलों सहित विभिन्न प्रकार के ऐसे प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी, जिनका आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण संभव है। इनमें शमनीय आपराधिक मामले, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले, बैंक ऋण एवं वित्तीय विवाद, श्रम एवं रोजगार संबंधी मामले, बिजली एवं पानी के बिलों से संबंधित विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद तथा भूमि अधिग्रहण, प्रतिकर एवं अन्य दीवानी मामले प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त आपसी समझौते से निस्तारित किए जा सकने वाले अन्य दीवानी वाद भी लोक अदालत में रखे जाएंगे।

लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण से वादकारियों को समय एवं धन की बचत होती है तथा उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया और बार-बार होने वाली तारीखों से राहत मिलती है। दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होने के कारण आपसी सौहार्द भी कायम होता है। लोक अदालत में मामले के निस्तारण पर नियमानुसार जमा न्यायालय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है।

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अनुसार, जो पक्षकार अथवा अधिवक्ता शारीरिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, वे उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से वर्चुअल माध्यम से भी राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं।

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने अधिवक्ताओं एवं वादकारियों से अपील की है कि जो पक्षकार अपने मामलों का निस्तारण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में कराना चाहते हैं, वे 11 सितंबर 2026 अथवा उससे पूर्व अपने प्रकरणों को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करा लें, ताकि आवश्यक प्रक्रिया एवं तैयारियां समय से पूरी की जा सकें।

राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित अधिक जानकारी अथवा अपने मामले की सूची के संबंध में सहायता के लिए वादकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। समिति ने अधिक से अधिक वादकारियों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए आपसी सहमति से अपने मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने की अपील की है।


पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता

पौड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ जिले के 1,726 ग्रामीणों को मिला है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पशुपालन विभाग की योजनाओं के तहत लाभार्थियों को कुल 8 करोड़ 64 लाख 90 हजार 506 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पात्र परिवारों को पशुपालन आधारित स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आर्थिक सहायता के अलावा लाभार्थियों को पशुपालन इकाइयों के संचालन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और विभागीय सहयोग भी दिया जा रहा है।

पिछले पांच वर्षों में गौपालन योजना के तहत 361 लाभार्थियों को 1.30 करोड़ रुपये की सहायता मिली। वहीं सामान्य वर्ग बकरी पालन योजना के 162 लाभार्थियों को 1.02 करोड़ रुपये और एससीपी बकरी पालन योजना के 241 लाभार्थियों को 1.52 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।

इसी तरह महिला बकरी पालन योजना के तहत 82 लाभार्थियों को 28.70 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के अंतर्गत 305 लाभार्थियों को 1.92 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।

विभाग की ओर से गौपालन, बकरी पालन, महिला बकरी पालन, मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन, गोट वैली और ब्रायलर फार्म समेत कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनके जरिए ग्रामीणों को पशुपालन इकाइयां स्थापित करने और दूध, मांस व अंडा उत्पादन जैसी गतिविधियों से आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को इन योजनाओं से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।


15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

स्वच्छता, स्वास्थ्य, नवाचार और जनभागीदारी से जुड़ी होंगी विभिन्न गतिविधियां

देहरादून। आगामी 15 सितंबर से 18 अक्टूबर, 2026 तक व्यापक स्तर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मूल उदेश्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के साथ आम नागरिकों को सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी पर केंद्रित इस महत्वाकांक्षी अभियान की रूपरेखा तैयार कर रेखीय विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

विभिन्न थीमों के जरिए तय होंगे जनहित के लक्ष्य
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान ‘भारत 2047’, ‘सेवा और सपना’, ‘नमो 25 गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘25 साल-25 कहानियां’ और ‘जन कल्याण संवाद’ जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत शिक्षण संस्थानों में ‘विकसित भारत’ की थीम पर निबंध व चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि ‘नमो 25 गाथा’ के अंतर्गत प्रेरणादायी बहुभाषी नाटकों का मंचन किया जाएगा।

सार्वजनिक स्थलों पर चलेगा स्वच्छता का विशेष अभियान
अभियान के पहले चरण में सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, नगर निकायों, अस्पतालों, धार्मिक स्थलों और ग्राम पंचायतों में सघन स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन एवं कृतित्व से जुड़ी पुस्तकों का वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

युवाओं के लिए नवाचार और खेलकूद प्रतियोगिताएं
युवा वर्ग को तकनीकी और नवाचार से जोड़ने के लिए हैकाथॉन, इनोवेशन चौलेंज और शॉर्ट फिल्म निर्माण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति यात्रा दिवस’ के अवसर पर भव्य रिले मैराथन निकाली जाएगी, जिसमें आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड की विकास गाथा का होगा प्रदर्शन
रंगोली राष्ट्र (17 सितंबर)-विशाल रंगोलियों के जरिए भारत और उत्तराखंड की सांस्कृतिक व विकास यात्रा को जीवंत किया जाएगा।

प्रगति के 25 स्तंभ (7 से 17 अक्टूबर)-प्रोजेक्शन मैपिंग, लाइट शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्निर्माण, मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, लखवाड़ और जमरानी बांध जैसी प्रमुख परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

‘प्रोजेक्ट 25-25-25’ और स्वास्थ्य शिविरों पर रहेगा जोर
अभियान के तहत ‘प्रोजेक्ट 25-25-25’ के माध्यम से नागरिकों को हर दिन कम से कम 25 मिनट देश के नाम समर्पित करते हुए स्वच्छता, वृक्षारोपण और डिजिटल साक्षरता जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, बहुद्देशीय एवं चिकित्सा शिविरों में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग वितरित किए जाएंगे, रक्तदान शिविर लगेंगे और अस्पतालों में मरीजों को फल बांटे जाएंगे।

गांधी जयंती पर स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संकल्प
दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नागरिकों को स्वदेशी एवं खादी अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी। विद्यालयों में ‘फिट इंडिया’ गतिविधियों के साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’ के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों की समयबद्ध तैयारी करने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस आयोजन को एक सफल जन-अभियान का स्वरूप दिया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, जिला सूचना अधिकारी प्रियंका जोशी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व वसूली, लंबित राजस्व वाद, दैवीय आपदा प्रबंधन, भूलेख, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन समेत विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता से निस्तारण करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।

राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने को कहा। बड़े बकायेदारों से विविध देयकों की वसूली में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन अमीनों की वसूली 50 प्रतिशत से कम है, उनका वेतन रोका जाए।

राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक वर्ष और तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले एक माह में अधिक से अधिक पुराने मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। धारा 166 और 167 से संबंधित मामलों को भी प्राथमिकता देने तथा उनकी अद्यतन स्थिति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

दैवीय आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक उसी दिन मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करें और रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने ग्राम स्तर पर नुकसान का शीघ्र आकलन करने के लिए खंड विकास अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ साप्ताहिक बैठक करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने तहसीलों में वुडकटर समेत जरूरी उपकरण और संबंधित वाहनों में आपदा किट उपलब्ध रखने को कहा, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। बैठक में बताया गया कि जिले में क्षतिग्रस्त 63 पटवारी चौकियों में से अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर काम जारी है।

खातेदारों के अंश निर्धारण कार्य में सत्यापन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भूलेख एप्लिकेशन पर उत्तराधिकार और विरासत से संबंधित मामलों के निस्तारण में कम प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित भू-अनुमति पोर्टल के मामलों में भी तेजी लाने को कहा।

फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही खरीफ फसल के डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम जल्द शुरू कराने को कहा गया।

तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न हो, बल्कि संबंधित व्यक्ति की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य देयकों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे मामले लंबे समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए। सभी प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने, लंबित प्रकरणों का समय से निस्तारण करने और तहसीलों में डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी के साथ होटल और होमस्टे का सत्यापन कराने तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, चौबट्टाखाल रेखा आर्य, लैंसडाउन शालिनी मौर्य सहित तहसीलदार और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश

नशा मुक्त समाज के लिए विभागीय समन्वय से चलाएं व्यापक जनजागरूकता अभियान- एडीएम

देहरादून। जिले में बढ़ते नशे के प्रचलन और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक हुई। बैठक में नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर समाज और खासकर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है।

बैठक में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग को मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। स्कूलों और कॉलेजों में नियमित कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित करने को कहा गया, ताकि छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम और इससे बचाव के तरीकों की जानकारी मिल सके।

पुलिस विभाग को जिले के नशा प्रभावित और संवेदनशील हॉटस्पॉट क्षेत्रों की GIS मैपिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन इलाकों की नियमित निगरानी के साथ मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।

वहीं, पोस्त की खेती पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग को संबंधित क्षेत्रों में नियमित छापेमारी करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक पुनर्वास से जुड़ी आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की नियमित समीक्षा करने और कार्रवाई को लगातार प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से ठोस कार्ययोजना के तहत समन्वय के साथ काम करने को कहा।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, आबकारी निरीक्षक शिव प्रसाद व्यास समेत शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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