Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार, 65 रुपये किलो तक पहुंचे प्याज के दाम

आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार, 65 रुपये किलो तक पहुंचे प्याज के दाम

आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार, 65 रुपये किलो तक पहुंचे प्याज के दाम

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में दाम बढ़ने के बाद केंद्र सरकार अब अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल कर कीमतों को नियंत्रित करने की तैयारी में है। इसके तहत नासिक से देश के प्रमुख शहरों तक प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। सरकार सोमवार से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने जा रही है।

शनिवार को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यह कीमत पिछले साल के मुकाबले करीब 45 प्रतिशत और पिछले महीने की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। जिन इलाकों में प्याज के दाम राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं, वहां सरकारी स्टॉक से आपूर्ति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

दिल्ली में 65 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो हो गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 35 रुपये किलो था। चेन्नई में भी प्याज की कीमत बढ़कर लगभग 58 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि पिछले साल यहां यह करीब 33 रुपये किलो बिक रहा था। केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज के दाम में तेजी देखी जा रही है।

चीनी की कीमतों में भी तेजी

प्याज के साथ-साथ चीनी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को चीनी का औसत खुदरा भाव करीब 62.5 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि एक महीने पहले इसकी कीमत लगभग 46 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली में चीनी करीब 65 रुपये और मुंबई में लगभग 69 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

बफर स्टॉक से सस्ती आपूर्ति की तैयारी

सरकार का फोकस अब बाजार में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराने पर है। अधिकारियों के मुताबिक बफर स्टॉक को नियंत्रित तरीके से बाजार में उतारा जाएगा, ताकि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके। सरकार को आशंका है कि कुछ कारोबारी मांग और आपूर्ति की स्थिति का फायदा उठाकर कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी कर सकते हैं।

सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी एजेंसियों और किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इससे बाजार में आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पहले भी चलाई जा चुकी है ‘कांदा एक्सप्रेस’

प्याज की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने के लिए सरकार पहले भी रेल मार्ग के जरिए प्याज की आपूर्ति कर चुकी है। अक्टूबर 2024 में नासिक से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों तक प्याज पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाई गई थी। अब एक बार फिर इस व्यवस्था के जरिए उन शहरों में आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जहां प्याज महंगा बिक रहा है।

उत्पादन में गिरावट की खबरों से बढ़ी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में करीब 5 से 7 प्रतिशत की कमी की खबरों ने कीमतों को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है, इसलिए वहां उत्पादन और आवक में बदलाव का असर देशभर के बाजार पर पड़ता है।

NAFED और NCCF ने चालू वित्त वर्ष के लिए बफर स्टॉक के तौर पर करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है। खरीद को तेज करने के लिए इन एजेंसियों ने प्याज की खरीद कीमत भी बढ़ाई है। कृषि मंत्रालय के शुरुआती अनुमान के अनुसार 2025-26 फसल वर्ष में देश का प्याज उत्पादन करीब 307 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले फसल वर्ष के लगभग बराबर है।

अब सरकार की कोशिश है कि बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि प्याज की कीमतों में तेजी को जल्द नियंत्रित किया जा सके।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp