Friday, July 31st, 2026

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उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां

Monthly Archives: July 2026

उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां

नौका से 314 दिन की समुद्री यात्रा कर 25,500 मील की दूरी तय की

 नौ महिला सैन्य अफसरों ने बनाया रिकार्ड, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी ले. कमांडर प्रियंका गुसाईं ने 25 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा कर एक नया कीर्तिमान बनाया है। ले. कमांडर प्रियंका नौ सैन्य महिला अफसरों की टीम का हिस्सा थी, जिसने स्वदेश में निर्मित नौका आईएवीएस त्रिवेणी में पूरे विश्व का भ्रमण किया। अभियान दल 22 जुलाई को मुंबई पहुंचा। अभियान दल ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अफसरों को यह इतिहास रचने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय बेटियों के सशक्त होने की एक मिसाल है।

थल, जल और नौ सेना की 9 सदस्यीय महिला अफसरों का एक दल मुंबई से 11 सितम्बर 2025 को विश्व भ्रमण के लिए रवाना हुआ था। भारतीय नौसेना की 15 मीटर लंबी नौका आईएवीएस-50 त्रिवेंणी में सवार इस दल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह नौका हवा के सहारे चलती है। मुंबई से शुरू हुई इस रोमांचक और साहसिक यात्रा के दौरान इस दल ने विश्व के सभी पांच महासागरों को पार किया और 314 दिन तक समुद्री यात्रा की। उत्तराखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष गौरव का विषय है क्योंकि इस साहसिक अभियान दल में राज्य की होनहार बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व किया।

महिला सैन्य अफसरों के इस दल को महासागरों में अनेक चुनौतियां का सामना करना पड़ा। तेज हवाएं, समुद्री तूफान और प्रियंका मूल रूप से ग्राम भटकोट, तहसील थलीसैंण, जनपद पौड़ी गढ़वाल की निवासी है। प्रियंका के पिता हर्ष गुसाई सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। उन्होंने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रियंका बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की है। उसे पहले से ही चुनौतियां पसंद रही हैं। देहरादून के डीआईटी से सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद वह नौ सेना में शामिल हुई।

विश्व भ्रमण से लौटने पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में मुंबई स्थित गेटवे ऑफ इंडिया पर रक्षा मंत्रालय तथा भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल राज सुब्रमणि, सैन्य अधिकारियों एवं जवानों, स्कूली विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने दल का स्वागत किया।

लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने अपने अद्वितीय साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, दक्षता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का परिचय देते हुए न केवल भारतीय नौसेना, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए साहस, आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणादायी मिसाल है।

स्वदेश में निर्मित आईएएसवी-50 त्रिवेणी द्वारा इस लंबी और कठिन समुद्री यात्रा का सफल संचालन और परीक्षण इस बात का प्रमाण है कि भारत नौसैनिक प्रौद्योगिकी एवं समुद्री अभियानों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर सशक्त कदम बढ़ा रहा है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति प्रदान करेगी तथा भविष्य में भारतीय नौकायन और समुद्री अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।


एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील

देहरादून और ऋषिकेश में बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों पर सख्ती, नियमों के उल्लंघन पर जारी रहेगी कार्रवाई

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून और ऋषिकेश में दो अलग-अलग स्थानों पर सख्त कदम उठाए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का भू-विकास या भवन निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

सोनिया विहार, नवादा रोड, देहरादून में बृजेश कुमार, नीलकंठ जोशी, दमयन्ती कण्डवाल, गिरिजा सेमवाल, सुनीता भट्ट तथा सुरेन्द्र सिंह पंवार द्वारा लगभग चार बीघा भूमि पर भू-विन्यास एवं डिमार्केशन का कार्य कराया गया था, लेकिन इसका तलपट मानचित्र एमडीडीए से स्वीकृत नहीं कराया गया। जांच में अनधिकृत प्लाटिंग की पुष्टि होने पर उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के प्रावधानों के तहत वाद दर्ज किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।

ऋषिकेश में बहुमंजिला अवैध भवन पर भी कार्रवाई
इसी क्रम में ऋषिकेश के नेगी मोहल्ला, गुमानीवाला क्षेत्र में भवन स्वामी भावेश जोशी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के भूतल, प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ तल तक बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर उत्तराखण्ड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के तहत कार्रवाई करते हुए पूरे बहुमंजिला अवैध भवन को सील कर दिया गया।

एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को अवैध कॉलोनियों तथा अनधिकृत निर्माण से होने वाली समस्याओं से बचाने के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद अथवा भवन निर्माण से पहले संबंधित मानचित्र एवं स्वीकृतियों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। बिना स्वीकृति की प्लाटिंग और भवन निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिक भी भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संपत्ति की खरीद या निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।


लगातार बारिश के चलते फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद, प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता

चमोली –  उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बारिश के कारण पैदा हुए जोखिम को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध धरोहर ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers National Park) को शुक्रवार से पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

पार्क प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते घाटी की ओर जाने वाले प्राकृतिक नालों का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया है। इससे पैदल रास्तों पर पर्यटकों के लिए खतरा पैदा हो गया था। यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पार्क प्रशासन ने यह फैसला लिया है।


जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन को लेकर जिला प्रबंधन समिति की बैठक

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में प्रस्तावों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श

पौड़ी- मख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के संचालन के संबंध में जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श एवं परीक्षण किया गया।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली एवं इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध करायी जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों को पुनर्वास, परामर्श, सहायक उपकरण, चिकित्सकीय सेवाएं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

बैठक के दौरान विभिन्न समितियों ने डीडीआरसी के संचालन की कार्ययोजना के संबंध में अपने-अपने प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया। संस्थाओं ने उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी क्षमता, आवश्यक उपकरणों, संचालित कार्यक्रमों तथा डीडीआरसी के माध्यम से प्रस्तावित सेवाओं की जानकारी साझा की। साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं एवं लाभों पर भी प्रस्तुति दी गयी।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रस्तावों का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण सहित निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण किया। बैठक में प्राप्त प्रस्तावों पर समिति द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति बनी।

बैठक में जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, डॉ. अमित मेहरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने शहीद ऊधम सिंह को दी श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कम्बोज धर्मशाला गदरपुर में शहीद शिरोमणि ऊधम सिंह की शहादत दिवस पर शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा आयोजित अखण्ड पाठ में प्रतिभाग किया व गुरूद्वारे में मत्था टेका प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि यह समागम वीरता और पवित्रता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा जब भी हम अमर शहीद ऊधम सिंह के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मरण करते हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और काला अध्याय था। शहीद ऊधम सिंह ने उस अन्याय का प्रतिकार किया और पूरी दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, साहस और अदम्य संकल्प का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा अमर शहीद ऊधम सिंह का जीवन हमें साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देता है। उनका त्याग प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना का संचार करता है तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रभक्ति, सेवा, त्याग और मानवता की यह प्रेरणा हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन वाणी से प्राप्त होती है। गुरु साहिब की शिक्षाएं मानवता, करुणा, सत्य, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा का मार्ग प्रशस्त करती हैं। ये शिक्षाएं पूरे राष्ट्र को प्रेरित करने वाली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि अमर शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को सदैव अपने हृदय में जीवित रखें तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविन्द पाण्डेय, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


सार्वजनिक स्थान पर विवाद कर शांति भंग करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

ठेली लगाने को लेकर दोनो पक्षो ले मध्य हुआ था विवाद

ऋषिकेश। पुराना रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ठेली लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद कोतवाली तक पहुंच गया। पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रही थी, लेकिन इसी दौरान दोनों पक्ष थाने के भीतर ही आपस में भिड़ गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को पुराना रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में ठेली लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। मामला सुलझाने के लिए दोनों पक्ष कोतवाली ऋषिकेश पहुंचे, जहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत कर आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का प्रयास किया।

बताया गया कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला थाने के भीतर ही मारपीट और हंगामे तक पहुंच गया। पुलिस द्वारा रोकने और समझाने के बावजूद संबंधित लोग शांत नहीं हुए और लगातार विवाद करते रहे।

स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए काजल (35 वर्ष), संगीता (30 वर्ष) और देव कुमार (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170/126/135 के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


SDRF ने कांगड़ा घाट पर डूब रहे दो युवकों का किया सकुशल रेस्क्यू

हरिद्वार। कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में तैनात राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया। शुक्रवार को कांगड़ा घाट पर अलग-अलग घटनाओं में गंगा नदी की तेज धारा में फंसे दो युवकों को SDRF की टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली। दोनों युवकों को प्राथमिक उपचार देने के बाद सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

पहली घटना में उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद के मदगुआं गांव निवासी 18 वर्षीय सुधीश ठाकुर गंगा में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगा। घाट पर तैनात SDRF जवानों ने बिना देरी किए नदी में छलांग लगाई और युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर ही उसे प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।

कुछ ही समय बाद दूसरी घटना भी कांगड़ा घाट पर हुई। बागपत जनपद के डोला गांव निवासी 28 वर्षीय राहुल स्नान करते समय गहरे पानी और तेज धारा में फंस गया। स्थिति को गंभीर होते देख मौके पर मौजूद SDRF टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की त्वरित कार्रवाई से एक और बड़ा हादसा टल गया।

रेस्क्यू के बाद दोनों युवकों ने SDRF के जवानों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी बहादुरी, तत्परता और मानवता की सराहना की।

SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने रेस्क्यू अभियान में शामिल जवानों की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से अपील की कि गंगा में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि तेज बहाव और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल ड्यूटी पर तैनात SDRF या पुलिस कर्मियों से संपर्क करें।


‘संत रविदास के विचार आज भी समाज को जोड़ने की प्रेरणा देते हैं’— ऋतु खण्डूडी भूषण

गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर कोटद्वार में भव्य आयोजन, ऋतु खण्डूडी भूषण ने की सहभागिता

कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के कौड़ियां चेक पोस्ट पर पहुंचकर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समरसता संकल्प अभियान की भव्य कलश यात्रा में सहभागिता की।

इस अवसर पर ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से समाज को समानता, सेवा, सद्भाव और मानवता का अमूल्य संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने तथा सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि समरसता संकल्प अभियान केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, समानता और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संत रविदास जी के सेवा, समर्पण एवं सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का यह अभियान राष्ट्र निर्माण को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर समतामूलक एवं समरस समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, जिला अध्यक्ष गुरु बचन सिंह, महापौर शैलेन्द्र रावत, मण्डल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, सुरेंद्र आर्य, हंसलता, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष शांता बमराड़ा, मण्डल अध्यक्ष कमल सैनी, लक्ष्मी रावत, सरदार सुभाष सिंह, भूपेंद्र सिंह, रजनी बिष्ट, राजबाला, आराधना द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य दिनेश बर्त्वाल को मिला प्रिंसिपल एक्सीलेंस अवार्ड-2026

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया प्रदान

देहरादून। दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य दिनेश बर्त्वाल को प्रिंसिपल एक्सीलेंस अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदान किया।

इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य दिनेश बर्त्वाल ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उनके विद्यार्थियों, डीआईएस टीम और विद्यालय प्रबंधन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने समारोह में सम्मानित अन्य शिक्षाविदों को भी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानाचार्य ने इस सम्मान को अपने विद्यार्थियों, विद्यालय परिवार और प्रबंधन को समर्पित करते हुए कहा कि सभी के विश्वास, सहयोग और निरंतर समर्थन ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने भविष्य में भी सभी के स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।


शिक्षिका सृष्टि की संदिग्ध मौत पर भड़कीं महिला आयोग की अध्यक्ष, दिए सख्त जांच के निर्देश

“किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा”

“मृतक शिक्षिका के दर्दनाक वीडियो पर राज्य महिला आयोग का बड़ा एक्शन; पीड़िता के परिवार को न्याय के लिए सख्त हुयी अध्यक्ष

डोईवाला शिक्षिका प्रताड़ना मामला: महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने लिया स्वत: संज्ञान, कहा- ‘मानसिक टॉर्चर करने वाले हर आरोपी पर हो कड़ी कार्रवाई’

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हर्रावाला (डोईवाला) क्षेत्र में नवविवाहिता एवं शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दुखद मृत्यु और उससे जुड़े प्रताड़ना के मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसएसपी देहरादून, प्रमेन्द्र डोभाल एवं क्षेत्राधिकारी (सीओ) डोईवाला वंदना वर्मा से दूरभाष पर सीधे वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।

वार्ता के दौरान आयोग अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को मामले के हर पहलू की बिना किसी ढिलाई के निष्पक्ष और गहनता से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोशल मीडिया पर आए वीडियो और अन्य साक्ष्यों से साफ जाहिर होता है कि पीड़िता को अत्यधिक मानसिक व शारीरिक टॉर्चर का सामना करना पड़ा। इस प्रताड़ना के कारण उसका मानसिक संतुलन इस हद तक प्रभावित हुआ, जो उसकी मौत का कारण बना। ऐसे में इस कृत्य में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए और उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयोग की अध्यक्ष ने पीड़िता के शोकाकुल परिजनों से भी फोन पर बात की और उन्हें सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि राज्य महिला आयोग इस कठिन घड़ी में पूरी तरह से पीड़िता के परिवार के साथ खड़ा है। एक बेटी के साथ हुआ यह मानसिक और शारीरिक अत्याचार अत्यंत हृदयविदारक है, इसलिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि परिवार को त्वरित और पूर्ण न्याय मिले।

राज्य महिला आयोग इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और पुलिस प्रशासन से समय-समय पर जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मैं उत्तराखंड की हर बेटी और महिला से कहना चाहती हूँ कि जुल्म सहना भी अपराध है। यदि आपके साथ घर में या बाहर किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न हो रहा है, तो चुप न रहें। राज्य महिला आयोग हर कदम पर आपके साथ खड़ा है। निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराएं, दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होगी, न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।


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