Friday, July 31st, 2026

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उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां

उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां

उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां

नौका से 314 दिन की समुद्री यात्रा कर 25,500 मील की दूरी तय की

 नौ महिला सैन्य अफसरों ने बनाया रिकार्ड, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी ले. कमांडर प्रियंका गुसाईं ने 25 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा कर एक नया कीर्तिमान बनाया है। ले. कमांडर प्रियंका नौ सैन्य महिला अफसरों की टीम का हिस्सा थी, जिसने स्वदेश में निर्मित नौका आईएवीएस त्रिवेणी में पूरे विश्व का भ्रमण किया। अभियान दल 22 जुलाई को मुंबई पहुंचा। अभियान दल ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अफसरों को यह इतिहास रचने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय बेटियों के सशक्त होने की एक मिसाल है।

थल, जल और नौ सेना की 9 सदस्यीय महिला अफसरों का एक दल मुंबई से 11 सितम्बर 2025 को विश्व भ्रमण के लिए रवाना हुआ था। भारतीय नौसेना की 15 मीटर लंबी नौका आईएवीएस-50 त्रिवेंणी में सवार इस दल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह नौका हवा के सहारे चलती है। मुंबई से शुरू हुई इस रोमांचक और साहसिक यात्रा के दौरान इस दल ने विश्व के सभी पांच महासागरों को पार किया और 314 दिन तक समुद्री यात्रा की। उत्तराखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष गौरव का विषय है क्योंकि इस साहसिक अभियान दल में राज्य की होनहार बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व किया।

महिला सैन्य अफसरों के इस दल को महासागरों में अनेक चुनौतियां का सामना करना पड़ा। तेज हवाएं, समुद्री तूफान और प्रियंका मूल रूप से ग्राम भटकोट, तहसील थलीसैंण, जनपद पौड़ी गढ़वाल की निवासी है। प्रियंका के पिता हर्ष गुसाई सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। उन्होंने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रियंका बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की है। उसे पहले से ही चुनौतियां पसंद रही हैं। देहरादून के डीआईटी से सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद वह नौ सेना में शामिल हुई।

विश्व भ्रमण से लौटने पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में मुंबई स्थित गेटवे ऑफ इंडिया पर रक्षा मंत्रालय तथा भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल राज सुब्रमणि, सैन्य अधिकारियों एवं जवानों, स्कूली विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने दल का स्वागत किया।

लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने अपने अद्वितीय साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, दक्षता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का परिचय देते हुए न केवल भारतीय नौसेना, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए साहस, आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणादायी मिसाल है।

स्वदेश में निर्मित आईएएसवी-50 त्रिवेणी द्वारा इस लंबी और कठिन समुद्री यात्रा का सफल संचालन और परीक्षण इस बात का प्रमाण है कि भारत नौसैनिक प्रौद्योगिकी एवं समुद्री अभियानों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर सशक्त कदम बढ़ा रहा है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति प्रदान करेगी तथा भविष्य में भारतीय नौकायन और समुद्री अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।


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