Wednesday, July 29th, 2026

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उप निरीक्षक से निरीक्षक बने कुन्दन राम, SSP ने पिपिंग सेरेमनी में किया सम्मानित

Daily Archives: 29/07/2026

उप निरीक्षक से निरीक्षक बने कुन्दन राम, SSP ने पिपिंग सेरेमनी में किया सम्मानित

देहरादून। देहरादून पुलिस में तैनात उप निरीक्षक कुन्दन राम के निरीक्षक (नागरिक पुलिस) पद पर पदोन्नत होने के उपलक्ष्य में बुधवार को पुलिस कार्यालय में पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई।

समारोह के दौरान एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कुन्दन राम को निरीक्षक पद के बैज (रैंक) लगाकर सम्मानित किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

एसएसपी ने कहा कि पदोन्नति किसी भी पुलिस अधिकारी की मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान है। उन्होंने निरीक्षक कुन्दन राम के अब तक के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।

पिपिंग सेरेमनी के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी निरीक्षक कुन्दन राम को पदोन्नति पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


कोटद्वार में बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में फंसे 12 वर्षीय बालक को SDRF ने रोप रेस्क्यू से बचाया

कोटद्वार। जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र में बुधवार को अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंसे 12 वर्षीय बालक को एसडीआरएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार, गुरुपुर क्षेत्र में एक बालक के नदी के बीच फंसने की सूचना कोतवाली कोटद्वार के माध्यम से एसडीआरएफ पोस्ट कोटद्वार को मिली। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची।

मौके पर टीम ने देखा कि नदी का बहाव तेज होने और जलस्तर बढ़ जाने के कारण बालक चारों ओर से पानी से घिर गया था, जिससे उसका स्वयं बाहर निकलना संभव नहीं था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ ने रोप रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल कर बालक को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला।

रेस्क्यू किए गए बालक की पहचान प्रिंस (12 वर्ष), निवासी धुर्वेपुर, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल के रूप में हुई। प्राथमिक जांच के बाद बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों से अपील की है कि नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें तथा बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें।


देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी

दूसरे दिन 28 आपत्तियां और सुझाव दर्ज, शहर के सुनियोजित विकास के लिए नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कॉलोनीवासियों ने रखे अहम प्रस्ताव

देहरादून- देहरादून के भावी विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 (प्रारूप) को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा शुरू किए गए दूसरे चरण के जनसुनवाई अभियान को लगातार सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर 28 जुलाई से प्राधिकरण कार्यालय में प्रारम्भ हुई पुनः सुनवाई के दूसरे दिन भी विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक संगठन, कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन, व्यापारिक प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि पहुंचे और शहर के भविष्य से जुड़े अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। दूसरे दिन करीब 28 आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, भूमि उपयोग, सार्वजनिक सुविधाओं, पार्किंग, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था तथा आवासीय एवं व्यावसायिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रहे।

जनभागीदारी से तैयार होगा विकास का ब्लूप्रिंट

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार महायोजना-2041 केवल शहरी विकास का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में देहरादून की विकास यात्रा का व्यापक रोडमैप है। यही कारण है कि इसे अंतिम रूप देने से पहले प्रत्येक हितधारक और नागरिक की राय को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों एवं सुझावों का नियोजन विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों द्वारा विस्तृत परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव व्यवहारिक, नियमानुकूल और जनहित में होंगे, उन्हें महायोजना में समाहित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

हर वर्ग को मिल रहा अपनी बात रखने का अवसर

एमडीडीए का मानना है कि किसी भी महायोजना की सफलता तभी संभव है जब उसमें आमजन की अपेक्षाओं और स्थानीय जरूरतों का समुचित समावेश हो। इसी सोच के साथ पहले चरण की सेक्टरवार सुनवाई पूरी होने के बाद नागरिकों की सुविधा के लिए दूसरा चरण प्रारम्भ किया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत करने से वंचित न रहे। सुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें यातायात सुधार, आधारभूत ढांचे का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं का विकास, जल निकासी व्यवस्था और पार्किंग जैसी आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाया गया।

जनसंवाद से तैयार होगी भविष्य की आधुनिक महायोजना

प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आपत्तियां दर्ज करना नहीं, बल्कि नागरिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर ऐसी महायोजना तैयार करना है जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप, संतुलित और टिकाऊ विकास सुनिश्चित कर सके। सभी प्राप्त सुझावों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और तकनीकी परीक्षण के बाद उपयुक्त सुझावों को अंतिम प्रारूप में शामिल किया जाएगा। एमडीडीए का लक्ष्य देहरादून को सुव्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करना है।

“जनसहभागिता ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत” : बंशीधर तिवारी

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 को तैयार करने में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। हमारा उद्देश्य केवल विकास का खाका तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा विजन डॉक्यूमेंट बनाना है जो शहर की वर्तमान जरूरतों के साथ आने वाले दशकों की चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत करे। पहले चरण की सुनवाई में मिले सुझावों के बाद आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए दूसरे चरण की सुनवाई शुरू की गई है, ताकि प्रत्येक नागरिक सीधे प्राधिकरण के समक्ष अपनी बात रख सके। सभी आपत्तियों और सुझावों का तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव नियोजन की दृष्टि से उपयुक्त, व्यवहारिक और जनहित में होंगे, उन्हें महायोजना में शामिल किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि देहरादून का विकास पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और संतुलित शहरी नियोजन के साथ आगे बढ़े। जनसहयोग से तैयार होने वाली यह महायोजना आने वाले वर्षों में देहरादून के सुनियोजित विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।

“हर सुझाव का निष्पक्ष और तकनीकी परीक्षण होगा” : मोहन सिंह बर्निया

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि दूसरे चरण की सुनवाई में लगातार नागरिकों और विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों एवं सुझावों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत विधिवत अभिलेखित किया जा रहा है। प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव महायोजना के उद्देश्यों और जनहित के अनुरूप होंगे, उन्हें अंतिम प्रारूप में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हमारा प्रयास है कि देहरादून महायोजना-2041 व्यापक जनभागीदारी और गुणवत्तापूर्ण शहरी नियोजन का आदर्श दस्तावेज बने।


चमोली में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर तैयारी तेज, 63,347 नोटिसों का होगा वितरण

चमोली:  विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद नोटिस वितरण और सुनवाई की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने समीक्षा बैठक की। बैठक में नोटिस वितरण की प्रगति, सुनवाई की कार्ययोजना और कार्मिकों की तैनाती की विस्तार से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नोटिसों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्धारित अवधि में सुनवाई की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी की जा सके। जनपद में कुल 63,347 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में 21,900, थराली में 19,935 तथा कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में 21,512 नोटिस शामिल हैं।

सुनवाई की कार्ययोजना के अनुसार प्रत्येक मतदेय स्थल के लिए सहायक एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा जनपद में कार्यरत 633 बीएलओ के सहयोग के लिए 633 अतिरिक्त कार्मिकों को भी लगाया गया है, जिससे सुनवाई और अभिलेखों के निस्तारण की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।

बैठक में बताया गया कि बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में 3 से 28 अगस्त, थराली में 3 से 31 अगस्त तथा कर्णप्रयाग में 3 से 22 अगस्त तक सुनवाई आयोजित की जाएगी।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिस वितरण अभियान में और तेजी लाई जाए। साथ ही दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार विशेष शिविर आयोजित कर सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेन्द्र सती सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


श्री दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का दिव्य संदेश

गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मांगा आशीर्वाद

दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को दिए पावन दर्शन एवं आशीर्वाद

विशेष पूजा-अर्चना, अरदास एवं श्री झंडे जी पर मत्था टेककर व्यक्त की अटूट आस्था

गुरु पूर्णिमा पर विशेष लंगर प्रसाद में हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण

देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बुधवार को अपार श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही देश-विदेश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं एवं संगतों का श्री दरबार साहिब में तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने श्री गुरु राम राय जी महाराज के श्रीचरणों में शीश नवाकर अपनी अटूट आस्था अर्पित की तथा गुरु कृपा की कामना की। सम्पूर्ण दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भावविभोर दिखाई दिया।

गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना एवं अरदास संपन्न की। उन्होंने श्री गुरु राम राय जी महाराज का भावपूर्ण सिमरन करते हुए संगतों को पावन दर्शन दिए तथा सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्री झंडे जी के समक्ष नतमस्तक होकर अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्री गुरु राम राय जी महाराज का विशष रूप से सिमरन करते हुए अरदास पढ़ी। उन्होंने ब्रह्मलीन गुरु श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि आत्मा को सत्य, सेवा, करुणा और धर्म के पथ पर अग्रसर करने वाले दिव्य प्रकाश हैं। गुरु का सानिध्य मनुष्य के जीवन को संस्कार, सदाचार और आत्मविश्वास से आलोकित करता है।

उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल पूजन का पर्व नहीं, बल्कि गुरु के आदर्शों को जीवन में उतारने, विनम्रता, सेवा और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लेने का भी अवसर है। जब शिष्य गुरु के बताए मार्ग पर श्रद्धा, समर्पण और निष्ठा के साथ चलता है, तभी उसका जीवन वास्तविक अर्थों में सफल और सार्थक बनता है।
श्री महाराज जी ने संगतों का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को प्रेम, सद्भाव, संयम और आध्यात्मिक चेतना की सर्वाधिक आवश्यकता है। गुरु की शिक्षाएं हमें स्वयं को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गुरु वचनों को अपने आचरण में उतारकर सेवा, परोपकार और मानवीय मूल्यों के संवर्धन का संकल्प लेने का आग्रह किया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूरे श्री दरबार साहिब परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम वातावरण बना रहा। भजन-कीर्तन, अरदास और गुरु स्मरण से वातावरण आध्यात्मिक रस में सराबोर रहा। कार्यक्रम के उपरांत विशेष लंगर प्रसाद की भव्य व्यवस्था की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण कर गुरु कृपा का पुण्य लाभ अर्जित किया।


राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, रेलवे ने दी कवच 4.0 की प्रगति रिपोर्ट

देहरादून- भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने सदन मे सरकार अतारांकित प्रश्न संख्या-746 के माध्यम से रेलवे मे कवच 4.0 को आरंभ करना से संबंधित प्रश्न किया।

डा. नरेश बंसल ने प्रश्न किया कि क्या रेल मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

क- कवच 4.0 को लागू करने में कितनी प्रगति हुई जिसमें अब तक कवर किए गए किलोमीटर में मार्ग और लोकोमोटिव शामिल है
ख- वर्ष 2026-27 के दौरान उत्तर प्रदेश सहित इसे लागू करने के लिए पहचान किए गए रेलवे जोन आौर अधिक यातायात वाले राज्य-वार और जिला-वार गलियारे कौन-कौन से हैं
ग- क्या कवच को नेटवर्क बार लागू करने के लिए कोई समय-सीमा तय की गई है, यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और
घ- भारतीय रेल नेटवर्क पर कवच की संस्थापना और संचालन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?

इस महत्वपूर्ण जनहित के प्रश्न के उत्तर मे रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब दिया कि-

क से घ- कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित रेलगाडी सुरक्षा प्रणाली (एटीपी) है। कवच अत्यधिक प्रौद्योगिकी प्रधान प्रणाली है, जिसके लिए सर्वोच्च स्तर के संरक्षा प्रमाणन (एसआईएल-4) की आवश्यकता होती है।

2- यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो कवच स्वचालित ब्रेक लगाकर लोको पायलट को निर्दिष्ट गति सीमा के भीतर रेलगाडी चलाने में सहायता प्रदान करता है और यह खराब मौसम के दौरान रेलगाडी को संरक्षित ढ़ंग से चलाने में भी सहायता करता है।

3- यात्री गाडियों पर पहला फील्ड परीक्षण फरवरी, 2016 में शुरू किया गया था। इस प्रकार प्राप्त अनुभव और निष्पक्ष संरक्षा मूल्यांकनकर्ता (आईएसए) द्वारा प्रणाली के निष्पक्ष संरक्षा मूल्यांकन के आधार पर कवच संस्करण 3.2 की आपूर्ति के लिए 2018-19 में तीन फर्मों को अनुमोदित किया गया था।

4- कवच को जुलाई, 2020 में राष्ट्रीय एटीपी प्रणाली के रूप में अपनाया गया।

5- कवच प्रणाली के कार्यान्वयन में निम्नलिखित कार्यकलाप शामिल हैं।
क- प्रत्येक स्टेशन, ब्लाॅक खण्ड पर स्टेशन कचव का संस्थापन
ख- पूरे रेलपथ की लंबाई में आरएफआईडी टैग का संस्थापन
ग- समग्र खंड में दूरसंचार टावरों का संस्थापन।
घ- रेलपथ के बगल में आॅप्टिकल फाइबर केवल बिछाना
ड- भारतीय रेल पर चल रहे प्रत्येक रेल इंजन पर लोको कवच का प्रावधान

6- दक्षिण मध्य रेल के 1465 मार्ग किलोमीटर पर कवच संस्करण 3.2 के संस्थापन और प्राप्त अनुभव के आधार पर आगे और सुधार किए गए थे। अंततः आरडीएओ द्वारा दिनांक 16.07.2024 को कवच विशिष्ट संस्करण 4.0 अनुमोदित किया गया था।

7- कवच 4.0 संस्करण में विविध रेल नेटवर्क के लिए आवश्यक सभी प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं। यह भारतीय रेल की संरक्षा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अल्प अवधि के भीतर, भारतीय रेल ने स्वचालित रेलगाडी सुरक्षा प्रणाली को विकसित, परीक्षित और संस्थापित करना शुरू कर दिया है।

8- कवच संस्करण 4.0 में किए गए प्रमुख सुधारों में अवस्थिति सटीकता में वृद्धि, बडे यार्डों में सिग्नल संबंधी पहलुओं की बेहतर जानकारी, ओएफसी पर स्टेशन से स्टेशन कवच इंटरफेस और मौजूदा इलेक्ट्रोनिक इंटरलाॅकिंग प्रणाली से सीधा इंटरफेस शामिल है। इन सुधारों के साथ, कवच संस्करण 4.0 को भारतीय रेल में बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना है।

9- व्यापक और विस्तृत परीक्षणों के उपरांत, कवच संस्करण 4.0 को 13.07.2026 तक 2490 मार्ग किलोमीटर पर सफलतापूर्वक चालू किया गया है, जिनमें उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले खंडो सहित नीचे दिए अनुसार उच्च घनत्व वाले दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावडा मार्ग शामिल हैं
1- दिल्ली-मुंबई मार्गः 1344
2- दिल्ली-हावडा मार्गः 1146

10- इसके अलावा, उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले भारतीय रेल के सभी जीक्यू, जीडी, एचडीएन और चिन्हित खंडों को कवर करते हुए 21937 मार्ग किलोमीटर पर रेलपथ साइड कवच कार्यों का कार्यान्वयन किया जा रहा है।

11- भारतीय रेलखंडों पर कवच की प्रमुख मदों की कुल प्रगति निम्नानुसार है-
1- मद- आॅप्टिकल फाइबर केवल बिछाना प्रगति- 11253 कि.मी.
2- मद- दूरसंचार टावरों का संस्थापन प्रगति- 1668 अदद
3- मद- स्टेशन डेटा संेटर प्रगति- 958 स्टेशन
4- रेलपथ साइड उपकरणों का संस्थापन 7721 मार्ग कि0मी0
5- रेलइंजनों में कवच का प्रावधान 6045 अदद

12-इसके अतिरिक्त 7435 रेल इंजनों और 1200 ईएमयू/एमईएमयू में कवच की संस्थापना कार्य शुरू किया गया है।

13- सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए भारतीय रेल के केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थानों में कवच पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 94000 से अधिक तकनीशियनों, आॅपरेटरों और इंजीनियरों को कवच प्रौद्योगिकी पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसमें लगभग 57,000 लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट सम्मिलित है। यह पाठ्यक्रम इरिसेट के सहयोग से तैयार किया गया है।

14- जून, 26 तक कवच प्रणाली से संबंधित कार्यों पर कुल 3874.9 करोड़ रूपए की राशि व्यय की गई है। वर्ष 2026-27 के दौरान 2066.24 करोड़ की धनराशि का आवंटन हुआ है। उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी भागों में कवच का कार्य तेज गति से चल रहा है। कार्यों की प्रगति के अनुरूप अपेक्षित पूंजी उपलब्ध कराई गई है।


कांवड़ यात्रा 2026: ढालवाला में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का एक्शन, सड़क किनारे हटाए गए कब्जे

नई टिहरी:  कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में ढालवाला क्षेत्र में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अवैध एवं अस्थायी अतिक्रमण को हटाया।

अभियान के दौरान सड़क मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात को सुचारु बनाया गया। पुलिस ने ढाबा, होटल एवं भोजनालय संचालकों को अपनी प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्धारित दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

व्यापारियों से कांवड़ यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने तथा प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई। टिहरी पुलिस ने आमजन और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में प्रशासन का साथ दें।


लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पारित

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच बुधवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इस दौरान सदन में छात्रों के आंदोलन, जंतर-मंतर की कथित घटना और राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन कोई गुस्सा या हिंसा नहीं, बल्कि देश के युवाओं की चिंताओं की निष्पक्ष आवाज है। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर कथित गोलीबारी का मुद्दा उठाया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी गंभीर आरोप लगाए। अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी द्वारा ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा एतराज जताया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाएगा।

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने साफ किया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 2024 में एंटी-पेपर लीक कानून बनने के बाद से अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कड़े कानून के कारण पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं के मामलों में भी कमी आई है।

सरकार का कहना है कि यह संशोधन कानून केवल सजा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा माफिया और धांधली करने वालों के खिलाफ एक कड़ा और प्रभावी ढांचा तैयार करता है। तीखी नोकझोंक और विपक्ष के वॉकआउट/हंगामे के बीच विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जिसके तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।


देहरादून पुलिस का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में बुलेट चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। देहरादून पुलिस ने बुलेट मोटरसाइकिल चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने नशे की लत के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

देहरादून के बल्लूपुर चौक से चोरी हुई बुलेट मोटरसाइकिल के मामले में बसंत विहार थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई बुलेट मोटरसाइकिल बरामद कर ली।

पुलिस के अनुसार, शांति विहार लाइन नंबर-2, कोलागढ़ निवासी गौरव कुमार बाबरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बुलेट मोटरसाइकिल (UK-07-AU-3540) बल्लूपुर चौक से अज्ञात चोर चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर थाना बसंत विहार में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर इंदिरा नगर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां से दो संदिग्धों को चोरी की गई बुलेट के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिंगारा सिंह (50) निवासी फाजिल्का, पंजाब और अमित कोरी (27) निवासी मुरादनगर, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि बाइक में चाबी लगी होने का फायदा उठाकर उसे चोरी किया और हरिद्वार ले गए थे। इसके बाद वे एक और वारदात को अंजाम देने की नीयत से दोबारा देहरादून पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई थंडरबोल्ट बुलेट मोटरसाइकिल (UK-07-AU-3540) बरामद कर ली है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सुनील नेगी (चौकी प्रभारी इंदिरानगर), हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, कांस्टेबल हेमंती नंदन बहुगुणा और कांस्टेबल अनुज शामिल रहे।


जमरानी बांध परियोजना में लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पांडे सख्त, धीमी प्रगति और मलबा निस्तारण पर जताई नाराजगी

हल्द्वानी : जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशानुसार, बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति, मलबा निस्तारण, पुनर्वास, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक दायित्व से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को सभी कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में पाया गया कि मलबा निस्तारण के लिए तीन डंपिंग साइटों का चयन किया गया है, लेकिन वर्तमान में केवल एक ही साइट का उपयोग किया जा रहा है। उक्त स्थल पर भी वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से मलबे का निस्तारण नहीं हो रहा है। नदी किनारे डाले गए मलबे का हिस्सा बारिश के दौरान नदी में बह रहा है, जबकि अन्य चयनित डंपिंग साइटों पर अब तक कार्य शुरू नहीं किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी डंपिंग साइटों को शीघ्र विकसित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप मलबा निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) नीति के अंतर्गत लगभग 408 करोड़ रुपये के मुआवजे की भी समीक्षा की गई।

परियोजना केअधिकारियों ने बताया कि अभी लगभग 68 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित होना शेष है, जबकि लगभग 12 करोड़ रुपये से जुड़े 14 परिवारों के मामले मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) में लंबित हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने इन मामलों का शीघ्र निस्तारण कर प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली थर्ड पार्टी एजेंसी पिछले चार-पांच महीनों से साइट का निरीक्षण नहीं कर रही है, जबकि नियमानुसार प्रत्येक तीन माह में निरीक्षण किया जाना आवश्यक है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में परियोजना पर मैनपावर एवं मशीनरी क्षमता से कम कार्यरत है, जिसके कारण निर्माण कार्यों की कम प्रगति हो रही है। वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले परियोजना पीछे चल रही है।मुख्य विकास अधिकारी ने संसाधनों में वृद्धि कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए पराग फार्म में विकसित की जा रही कॉलोनी की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कॉर्पोरेट पर्यावरणीय जिम्मेदारी (CER) नीति के तहत 13 करोड़ रुपये की लागत से प्रभावित क्षेत्र के 19 गांवों में 1,175 सोलर लाइटें लगाए जाने की योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि स्थापना कार्य जिला प्रशासन की निगरानी में कराया जाए। पिछले वर्ष लगाई गई सोलर लाइटों का एसडीएम एवं पीओ उरेडा की संयुक्त समिति द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा तथा नई सोलर लाइटों की खरीद भी जिला प्रशासन के पर्यवेक्षण में होगी।

सामाजिक दायित्व के तहत शिक्षा, शौचालय, स्मार्ट क्लास सहित अन्य विकास कार्यों के लिए निर्धारित 13 करोड़ रुपये (पांच वर्ष) की राशि में अब तक केवल 40 लाख रुपये खर्च किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने वर्षवार बजट का स्पष्ट विभाजन कर प्रभावित गांवों के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक ललित कुमार, हिमांशु पंत सहित परियोजना से जुड़े अधिकारी तथा जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी डॉ. मुकेश नेगी,यूयूएसडीए के परियोजना प्रबंधक कुलदीप कुमार सहित जमरानी बांध परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान परियोजना के महाप्रबंधक मौके पर उपस्थित नहीं पाए गए इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।


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