Wednesday, July 29th, 2026

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लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

Daily Archives: 29/07/2026

लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की दिशा में ऐतिहासिक कदम- सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा में पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों मेहनती एवं प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य की सुरक्षा तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह कानून परीक्षा माफियाओं, पेपर लीक गिरोहों और संगठित नकल के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई को और अधिक सशक्त बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने का जो संकल्प लिया है, लोकसभा में इस संशोधन विधेयक का पारित होना उसी संकल्प का प्रमाण है। इससे देशभर में भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस संशोधित कानून के लागू होने से पूरे देश में परीक्षा प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी तथा योग्य एवं परिश्रमी अभ्यर्थियों का विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय “नकल मुक्त भारत” के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।


रैबार सांस्कृतिक समिति की अनूठी पहल, दून अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश

देहरादून। जन्मदिन को समाज सेवा से जोड़ने की प्रेरणादायी पहल करते हुए रैबार सांस्कृतिक समिति, नारायण बगड़ (चमोली) ने प्रसिद्ध लोक कलाकार के जन्मोत्सव पर दून अस्पताल में रक्तदान महादान अभियान आयोजित किया। समिति के अध्यक्ष सुनील कोठियाल की पहल पर आयोजित इस अभियान में कलाकारों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव जीवन बचाने का संकल्प दोहराया।

अभियान में पंकज डबराल, सुनील कोठियाल, प्रसिद्ध संगीतकार शैलेंद्र शालू (Shailu on the Music), संजय कोठियाल (संजू), मनदीप मेंडी, अनिल नौटियाल और नीरज जोशियाल ने रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं ने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि किसी अजनबी की जिंदगी बचाने से बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता।

दून अस्पताल के ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन दीपक राजसिंह जगवाण ने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “एक यूनिट रक्त तीन जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में सहायक होता है।” उन्होंने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी अभियान बताया।

रक्तदान शिविर को सफल बनाने में डॉ. सुनावार खान, लैब सहायक अमित कश्यप, एकता बिष्ट, काउंसलर अनीता सकलानी तथा नर्सिंग ऑफिसर सुचिता कोठारी सहित दून अस्पताल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समिति के अध्यक्ष सुनील कोठियाल ने कहा कि रैबार सांस्कृतिक समिति केवल सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा को भी अपनी प्राथमिकता मानती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्था रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े अभियान लगातार चलाती रहेगी।

समिति की इस पहल को अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों और आमजन ने सराहा तथा इसे समाज में सेवा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


खिर्सू के कठूड़ गांव पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश

पौड़ी गढ़वाल:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आज विकासखंड खिर्सू के निर्मल ग्राम कठूड़ में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों का निरीक्षण किया और शिक्षा, स्वास्थ्य व आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कठूड़ पहुंचने पर जिलाधिकारी का पारंपरिक ढोल-दमाऊँ के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने गांव के नवनिर्मित प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया तथा चौपाल के दौरान 94 वर्षीय धुपणी देवी को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद लिया।

चौपाल में ग्रामीणों ने कोटी-कमेड़ा-कठूली सड़क निर्माण, पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग से गांव तक सड़क, पशुओं के चारे की समस्या सहित अन्य स्थानीय मुद्दे उठाए। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एक सड़क का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी सड़क का निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाएगा।

डीएम ने नेपियर घास एवं अन्य चारा फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर उसे पुनः संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने की अपील भी की।

उन्होंने गांव में सीसीटीवी व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्र, कंपोस्ट पिट, पंचायत भवन सहित अन्य व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि कठूड़ में जनभागीदारी से हुआ विकास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत है और जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

चौपाल के बाद जिलाधिकारी ने जनता इंटरमीडिएट कॉलेज, जामणाखाल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए विद्यालय में सोलर संयंत्र का प्रस्ताव तैयार करने, नियमित करियर काउंसलिंग आयोजित करने और विज्ञान प्रयोगशाला को शीघ्र पूर्ण एवं सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, जामणाखाल का निरीक्षण किया और दवाओं के बेहतर रखरखाव, साफ-सफाई, ओपीडी बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा चिकित्सालय के स्थायी भवन के लिए भूमि प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपयोगी शासकीय भवन उपलब्ध होने पर उसके उपयोग का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा।

निरीक्षण एवं चौपाल के दौरान उप जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न

पौड़ी :  मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन स्थित वीसी कक्ष में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों की समीक्षा, पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र लाभार्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप समय पर आर्थिक एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंच सके।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण से जुड़े विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए। इसके अलावा कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने समिति के निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में समिति के सदस्य नरेंद्र प्रसाद टम्टा, गेंदा लाल टम्टा, उपनिरीक्षक पुलिस प्रवीण रावत, एडीएसटीओ रणजीत रावत, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा

नोटिस की सुनवाई के दौरान फील्ड विजिट करें जिलाधिकारी- सीईओ 

 ⁠दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सम्बंधित विभागों के नोडल करें तैनात- सीईओ

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दूसरे चरण में मतदाताओं को जारी नोटिस एवं सुनवाई के सम्बंध में विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों की नोटिस की सुनवाई के लिए बनाई गई कार्ययोजना की विस्तारपूर्वक जानकारी ली।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं उन्हें ससमय नोटिस प्राप्त हो और सुनवाई के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ईआरओ और एईआरओ की सहायता हेतु डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए शिक्षा, राजस्व, तहसील सहित सम्बंधित विभागों से नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधानसभा क्षेत्रों की फील्ड विजिट कर नियमित समीक्षा करें ।

बैठक के दौरान यह बताया गया कि सभी जनपदों में शतप्रतिशत नोटिस प्रिटिंग कर ईआरओ और बीएलओ स्तर पर पहुंचा दिए गए हैं। इसके अतरिक्तं सुनवाई का कार्य भी शुरु हो गया है।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


माल रोड पर 1 अगस्त से हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर ₹1000 जुर्माना

नैनीताल:  प्रशासन द्वारा पर्यटकों की सुविधा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से माल रोड क्षेत्र में 1अगस्त 2026 से हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

इस संबंध में आम नागरिकों,पर्यटकों, आगन्तुकों से अपील करते हुए कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने बताया कि माल रोड पर शोर-शराबा अधिक होने के कारण पर्यटक व आम नागरिक ठीक से घूम नहीं पाते हैं।

इसी को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है। स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी है और वे इसका पालन भी कर रहे हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों तक यह सूचना पहुंचे इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि माल रोड पर प्रवेश करते समय वाहन चालक विशेष रूप से ध्यान दें कि हॉर्न का प्रयोग न हो इसकी उन्होंने विशेष अपील करते हुए अनुरोध भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार के लिए दूर-दूर तक होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं और अनाउंसमेंट भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने पर *₹1000 का जुर्माना* लगाया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि शुरू के कुछ दिनों तक केवल प्रचार पर फोकस रहेगा, लेकिन लगातार उल्लंघन पाए जाने पर पेनल्टी लगाई जाएगी।

कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि यह कदम पर्यावरण प्रदूषण कम करने और लोगों को शांति से घूमने के लिए उठाया गया है। इसमें सभी से सहयोग की अपेक्षा है।


वैश्विक तनाव के बीच भी बढ़ा भारत का चावल निर्यात, पहली छमाही में 5% की बढ़ोतरी

चावल के साथ मक्का और गेहूं के निर्यात में भी उछाल

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के चावल निर्यात में मजबूती देखने को मिली है। साल 2026 की पहली छमाही में देश का कुल चावल निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में करीब पांच फीसदी बढ़ा है। खासतौर पर गैर-बासमती चावल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग ने निर्यात को नई रफ्तार दी है, जबकि बासमती चावल के निर्यात में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

साल 2026 के पहले छह महीनों में भारत ने कुल 12.27 मिलियन मीट्रिक टन चावल का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 11.68 मिलियन मीट्रिक टन की तुलना में लगभग पांच फीसदी अधिक है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने चावल निर्यात में अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है और वैश्विक बाजार में उसकी हिस्सेदारी 40 फीसदी से अधिक मानी जाती है। भारतीय चावल की प्रतिस्पर्धी कीमतों और पर्याप्त उपलब्धता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग लगातार बनी हुई है।

बासमती चावल के निर्यात में आई गिरावट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में बासमती चावल का निर्यात करीब 5.5 फीसदी घटकर 3.36 मिलियन मीट्रिक टन रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान सहित कुछ खाड़ी देशों में व्यापार प्रभावित होने से इसका असर बासमती निर्यात पर पड़ा।

हालांकि, गैर-बासमती चावल के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका निर्यात 9.6 फीसदी बढ़कर 8.9 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया। अफ्रीकी देशों से बढ़ती मांग ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।

भारत को क्यों मिला फायदा?

व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में चावल का पर्याप्त भंडार होने के कारण इसकी कीमतें अन्य प्रमुख निर्यातक देशों जैसे थाईलैंड, वियतनाम और म्यांमार की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई देशों ने भारतीय चावल की खरीद बढ़ाई है।

भारत मुख्य रूप से बांग्लादेश, बेनिन, आइवरी कोस्ट, गिनी और कैमरून जैसे देशों को गैर-बासमती चावल निर्यात करता है, जबकि प्रीमियम बासमती चावल की प्रमुख मांग सऊदी अरब, इराक, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से आती है।

मक्का और गेहूं के निर्यात में भी बढ़ोतरी

चावल के अलावा अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। पहले छह महीनों में मक्का का निर्यात 400 फीसदी बढ़कर 1.42 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया। रिकॉर्ड उत्पादन और घरेलू बाजार में कम कीमतों के कारण वियतनाम, बांग्लादेश और मलेशिया जैसे देशों से इसकी मांग बढ़ी।

वहीं, गेहूं का निर्यात भी पिछले वर्ष के मुकाबले कई गुना बढ़कर 1,61,187 टन तक पहुंच गया। नेपाल द्वारा भारतीय गेहूं की खरीद शुरू किए जाने और निर्यात संबंधी प्रतिबंधों में राहत मिलने से इस क्षेत्र को भी मजबूती मिली।

वैश्विक बाजार में बनी रहेगी भारत की मजबूत पकड़

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में मौसम संबंधी चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जरूर असर डाल सकती हैं, लेकिन पर्याप्त उत्पादन और मजबूत निर्यात क्षमता के चलते भारत वैश्विक चावल बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने में सक्षम रहेगा। गैर-बासमती चावल की लगातार बढ़ती मांग भारतीय कृषि निर्यात को और मजबूती दे सकती है।


दून पुलिस फिर बनी मददगार, ऑटो में छूटे महिला के लैपटॉप व शोध सम्बन्धी महत्वपूर्ण डाटा को कम समय में ढूंढ़कर सौंपा महिला को 

देहरादून : आज रिया अरोड़ा पत्नी एच0एस0 अरोड़ा निवासी- पनास वैली, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून द्वारा चौकी आराघर पर आकर बताया कि वे परेड ग्राउण्ड से एक ऑटो में बैठकर मोहिनी रोड तक आयीं थी तथा जल्दबाजी में उनका बैग उस ऑटो में छूट गया, जिसमें उनका लैपटॉप व शोध से सम्बन्धित 03 वर्ष का महत्वपूर्ण डाटा है।

सूचना पर चौकी प्रभारी आराघर द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सीसीटीवी कैमरों की सहायता से ऑटो के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी करते हुए ऑटो की पहचान कर ऑटो चालक को चौकी आराघर पर बुलवाया गया, जिससे महिला के उक्त लैपटॉप को प्राप्त कर लैपटॉप को श्रीमती रिया अरोड़ा के सुपुर्द किया गया। अपने खोये हुये लैपटॉप को वापस पाकर रिया अरोड़ा द्वारा दून पुलिस की त्वरित कार्यवाही व कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए आभार प्रकट किया गया।


कांवड़ यात्रा के दौरान SDRF की त्वरित कार्रवाई, कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे कांवड़िये को सकुशल बचाया

हरिद्वार। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान एसडीआरएफ की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे एक कांवड़िये को ड्यूटी पर तैनात जवान ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से श्रद्धालु की जान बच गई।

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार के संवेदनशील घाटों पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। इसी क्रम में कांगड़ा घाट पर तैनात टीम ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक कांवड़िये को डूबने से बचा लिया।

बचाए गए कांवड़िये की पहचान मनीष (23 वर्ष) पुत्र ठाकुर, निवासी सूरजकुंड, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह गंगा में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गया और डूबने लगा। घाट पर मौजूद एसडीआरएफ टीम ने स्थिति को तुरंत भांप लिया।

टीम में तैनात कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी और प्रशिक्षित रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल करते हुए युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी हालत सामान्य हो गई।

इस रेस्क्यू अभियान में एएसआई पवेंद्र धस्माना, एएसआई आशिक अली, कांस्टेबल अजीत सिंह और कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने समन्वय और सूझबूझ के साथ कार्रवाई को सफल बनाया।

एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम के साहस, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी टीमें पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्व निभा रही हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा में केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और गहरे पानी में जाने से बचें तथा पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

एसडीआरएफ की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू टीम की तत्परता और बहादुरी की सराहना की।


सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान- मुख्यमंत्री

इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से ही साकार होगा सतत विकास का लक्ष्य

विश्व बाघ दिवस पर बाघ आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का किया विमोचन

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को किया सम्मानित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी, जन-जागरूकता तथा प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देकर उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के संकल्प को साकार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को विश्व बाघ दिवस के अवसर पर जाखन स्थित एक होटल में आयोजित “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कदम उठाने तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बाघ दिवस के अवसर पर इस विषय पर आयोजित कार्यशाला अत्यंत सार्थक है। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। यदि हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो बाघ सुरक्षित रहेंगे और प्रकृति का संतुलन भी सुरक्षित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है। देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध जैव विविधता, वन संपदा और वन्यजीव संरक्षण के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व सहित प्रदेश के वन क्षेत्र इस विरासत के सशक्त प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। वन क्षेत्रों में छोड़ा गया प्लास्टिक अनेक बार वन्यजीवों के भोजन में मिल जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जंगलों, नदियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध प्रभावी और निर्णायक अभियान चलाना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ माँ के नाम, नमामि गंगे तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसी पहलों ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। राज्य सरकार भी पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही है। चारधाम यात्रा मार्गों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से कपड़े के थैले, जूट तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक अथवा अन्य प्रकार का कचरा न छोड़ने की अपील की। उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों को अपनाने तथा युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा राज्य को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सुश्री इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव सुश्री नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं विषय विशेषज्ञ मौजूद थे।


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