Wednesday, July 8th, 2026

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क्या पीरियड्स शुरू होने के बाद लड़कियों की हाइट बढ़ना बंद हो जाती है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Daily Archives: 08/07/2026

क्या पीरियड्स शुरू होने के बाद लड़कियों की हाइट बढ़ना बंद हो जाती है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

अक्सर माना जाता है कि लड़कियों की हाइट पीरियड्स शुरू होने के साथ ही बढ़ना बंद हो जाती है। अगर किसी लड़की की लंबाई कम हो और उसे जल्दी पीरियड्स आ जाएं, तो माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है कि अब उसकी हाइट बढ़ेगी या नहीं। हालांकि, यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। आइए जानते हैं कि पीरियड्स और हाइट के बीच क्या संबंध है और किन बातों का ध्यान रखकर बच्चों की बेहतर ग्रोथ सुनिश्चित की जा सकती है।

क्या पीरियड्स के बाद हाइट बढ़ना पूरी तरह रुक जाता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, लड़कियों की लंबाई आमतौर पर 15 से 16 वर्ष की उम्र तक बढ़ती रहती है। हालांकि, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि उनका पहला पीरियड (मेनार्की) किस उम्र में शुरू हुआ।

आमतौर पर लड़कियों में 8 से 13 वर्ष की उम्र के बीच प्यूबर्टी की शुरुआत होती है और 10 से 14 वर्ष के बीच पहला पीरियड आता है। इसके बाद भी हड्डियों की ग्रोथ प्लेट्स कुछ समय तक सक्रिय रहती हैं। इसलिए अधिकांश लड़कियों की हाइट पीरियड्स शुरू होने के बाद करीब 1 से 2 साल तक थोड़ी-बहुत बढ़ सकती है, लेकिन यह बढ़ोतरी आमतौर पर कुछ इंच तक ही सीमित रहती है।

लड़कों और लड़कियों की ग्रोथ में अंतर

लड़कों में प्यूबर्टी सामान्यतः 9 से 14 वर्ष के बीच शुरू होती है और उनकी ग्रोथ स्पर्ट 12 से 15 वर्ष की उम्र में देखने को मिलती है। यही वजह है कि लड़कों की लंबाई अक्सर 17 वर्ष या उससे अधिक उम्र तक बढ़ती रहती है, जबकि लड़कियों में यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत पहले पूरी हो जाती है।

लड़कियों की औसत हाइट कितनी होती है?

साल 2018 के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के आंकड़ों के अनुसार, 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं की औसत लंबाई लगभग 5 फुट 4 इंच (करीब 162 सेंटीमीटर) होती है।

ध्यान रहे कि यह केवल औसत आंकड़ा है। किसी व्यक्ति की हाइट पर आनुवंशिक (Genetics), पोषण, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य संबंधी कई अन्य कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।

किन कारणों से रुक सकती है हाइट?

पीरियड्स शुरू होना ही हाइट रुकने का एकमात्र कारण नहीं है। कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी बच्चों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे—

  • ग्रोथ हार्मोन की कमी
  • संतुलित और पौष्टिक आहार की कमी
  • डाउन सिंड्रोम
  • नूनन सिंड्रोम
  • मार्फन सिंड्रोम
  • लंबे समय तक रहने वाली कुछ गंभीर बीमारियां या पोषण संबंधी समस्याएं

हाइट बढ़ाने के लिए क्या करें?

बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-डी का सेवन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी है। यदि बच्चे की लंबाई उम्र के अनुसार सामान्य से काफी कम लग रही हो या ग्रोथ लंबे समय से रुकी हुई दिखाई दे, तो बाल रोग विशेषज्ञ या एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से सलाह लेना उचित रहेगा।

निष्कर्ष: पीरियड्स शुरू होने के बाद लड़कियों की हाइट अचानक पूरी तरह रुक नहीं जाती। अधिकांश मामलों में अगले 1-2 वर्षों तक कुछ ग्रोथ होती है, लेकिन इसकी गति धीमी हो जाती है। हाइट पर केवल पीरियड्स नहीं, बल्कि जेनेटिक्स, पोषण और समग्र स्वास्थ्य का भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।


Monsoon Footwear Tips: बारिश में जूतों को रखना है सुरक्षित, तो चुनें सही वाटरप्रूफ फुटवियर

नई दिल्ली: देशभर में मानसून की बारिश के बीच जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मौसम में सामान्य जूते-चप्पल जल्दी खराब हो जाते हैं। खासकर चमड़े और कपड़े के जूते पानी में भीगने से बदबू, फंगस और नुकसान का शिकार हो सकते हैं।

ऐसे में विशेषज्ञ बारिश के मौसम में वाटरप्रूफ या वॉटर-रेजिस्टेंट मानसून फुटवियर पहनने की सलाह देते हैं। रबर सैंडल, वाटरप्रूफ चप्पल, स्लिप-रेजिस्टेंट सैंडल और हल्के मानसून शूज बारिश में बेहतर विकल्प माने जाते हैं। इनकी अच्छी ग्रिप फिसलन से बचाती है और ये जल्दी सूख भी जाते हैं।

मानसून फुटवियर का इस्तेमाल करने से रोजाना पहनने वाले जूतों की उम्र भी बढ़ती है। खरीदारी के समय केवल डिजाइन नहीं, बल्कि मटेरियल, साइज, आराम और ग्रिप पर भी ध्यान देना चाहिए। सही फुटवियर न सिर्फ पैरों को सुरक्षित रखता है, बल्कि बारिश में सफर को भी अधिक आरामदायक बनाता है।


Monsoon Makeup Tips: बारिश में नहीं फैलेगा काजल और आईलाइनर, अपनाएं ये आसान टिप्स

लाइफस्टाइल: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखना मुश्किल हो जाता है। खासकर काजल और आईलाइनर नमी, पसीने और बारिश के कारण जल्दी फैल जाते हैं। अगर आप मानसून में भी स्मज-फ्री आई मेकअप चाहती हैं, तो ये आसान टिप्स आपके काम आएंगे।

अपनाएं ये आसान टिप्स

  • वॉटरप्रूफ प्रोडक्ट चुनें: हमेशा वॉटरप्रूफ और लॉन्ग-लास्टिंग काजल व आईलाइनर का इस्तेमाल करें। ट्यूबिंग फॉर्मूला वाले प्रोडक्ट मानसून के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं।
  • पलकों को रखें साफ और सूखा: मेकअप लगाने से पहले आंखों के आसपास की त्वचा को अच्छी तरह साफ और सूखा लें। इससे मेकअप ज्यादा देर तक टिका रहता है।
  • पतली लेयर लगाएं: काजल या आईलाइनर की मोटी लाइन लगाने के बजाय पहले पतली लेयर लगाएं। जरूरत होने पर सूखने के बाद दूसरी लेयर लगाएं।
  • आई प्राइमर का करें इस्तेमाल: ऑयली स्किन या ऑयली पलकों वाले लोग आई प्राइमर या हल्का ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाएं। इससे मेकअप फैलने की संभावना कम होती है।
  • आंखों को बार-बार न रगड़ें: बारिश या पसीने की वजह से आंखों को रगड़ने से बचें। जरूरत पड़ने पर टिश्यू से हल्के हाथों से थपथपाकर नमी हटाएं।
  • दिन के अंत में मेकअप जरूर हटाएं: अच्छे मेकअप रिमूवर से काजल और आईलाइनर साफ करें, ताकि आंखों में जलन या संक्रमण का खतरा न रहे।

थोड़ी-सी सावधानी और सही मेकअप प्रोडक्ट के इस्तेमाल से आप मानसून में भी पूरे दिन फ्रेश और परफेक्ट आई मेकअप बनाए रख सकती हैं।


मानसून तैयारियों पर डीएम आशीष चौहान सख्त, जलभराव से लेकर जर्जर भवनों तक अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी विशेष निगरानी, सड़क पर गड्ढों से हादसा हुआ तो संबंधित अधिकारी होंगे जिम्मेदार

देहरादून। आगामी मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में जलभराव, सड़क सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, डेंगू नियंत्रण, पेयजल, जर्जर भवनों और नागरिक सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

डीएम ने रिस्पना और बिंदाल नदी किनारे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग से शहर की नहरों और अंडरग्राउंड नहरों का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा।

सड़क कटिंग के बाद मरम्मत कार्यों में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण एजेंसियां सड़क को तुरंत गड्ढामुक्त करें। यदि सड़क पर गड्ढों के कारण कोई दुर्घटना होती है या जानमाल का नुकसान होता है तो संबंधित अधिकारी एवं एजेंसी की जिम्मेदारी तय करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गेल के कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायत मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और दोबारा गलती होने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई।

बैठक में डेंगू और मलेरिया नियंत्रण की समीक्षा करते हुए डीएम ने नियमित फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में बच्चों के लिए फुल बाजू की ड्रेस पहनने की व्यवस्था लागू करने और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
मानसून के दौरान दुर्गम क्षेत्रों की हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए डीएम ने स्वयं दूरभाष पर उनका हालचाल जाना। मुख्य चिकित्साधिकारी को गर्भवती महिलाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने तथा प्रसव तिथि से एक सप्ताह पहले उन्हें सुरक्षित अस्पतालों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए।

डीएम ने नगर निकायों को खराब स्ट्रीट लाइटें तत्काल ठीक करने, जहां जरूरत हो वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने, रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और जर्जर भवनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर निगम ने बताया कि शहर में 23 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं।

बैठक में विद्युत विभाग को लटकते और असुरक्षित बिजली के तारों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने, भूमिगत केबलिंग में तेजी लाने तथा मानसून के दौरान विद्युत व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।


BEML Recruitment 2026: ग्रुप एग्जीक्यूटिव पदों पर सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, 10 जुलाई तक करें आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने अनुभवी उम्मीदवारों के लिए ग्रुप एग्जीक्यूटिव पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी में करियर बनाना चाहते हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 10 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी की जाएगी।

किन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कंपनी विभिन्न विभागों में ग्रुप एग्जीक्यूटिव पदों को भरेगी। चयनित उम्मीदवारों को उनकी योग्यता, अनुभव और विभागीय आवश्यकता के अनुसार नियुक्ति दी जाएगी। इन पदों पर नियुक्त अभ्यर्थी कंपनी की उत्पादन, इंजीनियरिंग, परियोजना प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, मार्केटिंग और अन्य तकनीकी इकाइयों में अपनी सेवाएं देंगे।

कौन कर सकता है आवेदन

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में BE/B.Tech, MBA, CA, ICWA या अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में कार्य अनुभव भी आवश्यक है। अलग-अलग पदों के लिए योग्यता और अनुभव की शर्तें भिन्न हो सकती हैं, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती विज्ञापन ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

आयु सीमा

भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा पद के अनुसार निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग के बाद इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो कंपनी लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन या अन्य चयन प्रक्रिया भी आयोजित कर सकती है। अंतिम चयन मेरिट और दस्तावेज सत्यापन के बाद किया जाएगा।

वेतन और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान के साथ कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। इसमें महंगाई भत्ता (DA), चिकित्सा सुविधा, भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी, अवकाश, बीमा और अन्य कॉर्पोरेट लाभ शामिल हो सकते हैं। वेतन पद और अनुभव के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।

आवेदन कैसे करें

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले BEML की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद Careers सेक्शन में जाकर Group Executive Recruitment 2026 लिंक खोलें। आवश्यक जानकारी भरें, मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन पत्र सबमिट कर दें। आवेदन जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

आवेदन से पहले रखें इन बातों का ध्यान

उम्मीदवार आवेदन पत्र भरते समय सभी जानकारी सही दर्ज करें। गलत जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। साथ ही अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर रहेगा ताकि तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।

BEML देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है और रक्षा, रेलवे, मेट्रो, खनन तथा भारी इंजीनियरिंग उपकरणों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में यहां नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को न केवल बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि लंबी अवधि के करियर विकास के अवसर भी प्राप्त होते हैं। सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले योग्य अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।


शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,677 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे बंद

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,677 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,900 के स्तर से नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के कारण अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली हावी रही। आईटी, बैंकिंग, ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जबकि विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

विशेषज्ञों ने निवेशकों को मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बाजार में अस्थिरता कुछ समय तक बनी रह सकती है, इसलिए दीर्घकालिक निवेशकों को रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।


खेल रत्न, द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए 24 जुलाई तक करें आवेदन- रेखा आर्या

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश के मूल निवासी पात्र खिलाड़ी और प्रशिक्षक 24 जुलाई, 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय रत्न खेल पुरस्कार, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

रेखा आर्या ने बताया कि खेल रत्न और हिमालय रत्न पुरस्कार खिलाड़ियों की कैलेंडर वर्ष 2025 की उपलब्धियों के आधार पर दिए जाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना अनिवार्य होगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों के लिए भी चयन से पूर्व उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया होना आवश्यक है।

आवेदन पत्र पर संबंधित मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघ की संस्तुति तथा खेल प्रमाण-पत्रों का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।

उन्होंने बताया कि देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षक द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ियों की पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर दिया जाएगा, जबकि लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए प्रशिक्षक द्वारा तैयार किए गए श्रेष्ठ 10 खिलाड़ियों की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

प्रशिक्षकों के लिए मान्यता प्राप्त खेल संस्थान से एक वर्षीय डिप्लोमा, छह सप्ताह का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम अथवा संबंधित राष्ट्रीय खेल संघ से प्रमाणित होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रशिक्षक के अधीन खिलाड़ी द्वारा न्यूनतम 180 दिन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ₹10 के स्टाम्प पर नोटरी प्रमाणित प्रमाण-पत्र भी आवेदन के साथ देना होगा।

खेल मंत्री ने बताया कि पुरस्कारों के लिए केवल ओलंपिक, विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, एफ्रो-एशियन खेल, एशियन, राष्ट्रमंडल एवं एफ्रो-एशियन चैंपियनशिप, सैफ खेल तथा राष्ट्रीय खेलों में प्राप्त उपलब्धियों को ही मान्यता दी जाएगी। इच्छुक खिलाड़ी और प्रशिक्षक निर्धारित आवेदन-पत्र के साथ अपने शैक्षणिक एवं खेल प्रमाण-पत्र, उत्तराखंड का मूल अथवा स्थायी निवास प्रमाण-पत्र तथा संबंधित राज्य खेल संघ की संस्तुति संलग्न कर 24 जुलाई तक निदेशक खेल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

शपथ-पत्र देना होगा अनिवार्य

पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को ₹10 के नोटरी प्रमाणित स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र देना होगा कि उन्होंने कभी डोपिंग नहीं की है, किसी न्यायालय द्वारा दोषी नहीं ठहराए गए हैं, उनके विरुद्ध यौन उत्पीड़न का कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। साथ ही भविष्य में कोई तथ्य गलत पाए जाने पर पुरस्कार की धनराशि वापस करनी होगी और नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।


उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस की बड़ी पहल: अब मोबाइल एप से मिनटों में भर सकेंगे ई-चालान

पूजा भट्ट

देहरादून। उत्तराखंड में ट्रैफिक व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही वाहन चालकों को ई-चालान का भुगतान करने के लिए बैंक, कार्यालय या किसी अन्य माध्यम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस अपनी आधिकारिक मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन ई-चालान भुगतान की सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान, सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक मोबाइल एप पर लॉगिन कर अपने वाहन नंबर या चालान नंबर की मदद से संबंधित ई-चालान की जानकारी तुरंत देख सकेंगे। इसके बाद यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से कुछ ही मिनटों में भुगतान किया जा सकेगा।इस सुविधा के शुरू होने से लंबी प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी खत्म होगी।

मोबाइल एप केवल भुगतान तक सीमित नहीं होगी। इसमें वाहन मालिक अपने वाहन से जुड़े सभी लंबित और पहले से जमा किए गए चालानों का पूरा रिकॉर्ड भी देख सकेंगे। इससे चालान की स्थिति जानने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू होने से चालानों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। नकद लेनदेन की आवश्यकता समाप्त होने से भुगतान पूरी तरह डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगा, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और प्रशासनिक कार्यों में आसानी होगी।फिलहाल ऑनलाइन चालान के भुगतान के लिए ई-पे लिंक की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि कई बार तकनीकी समस्याओं के कारण भुगतान सफल नहीं हो पाता, जिससे लोगों को ट्रैफिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नई एप आधारित व्यवस्था इन समस्याओं को काफी हद तक समाप्त कर सकती है।

हाल के वर्षों में चालान के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। कई लोग ऐसे फर्जी संदेशों के झांसे में आकर आर्थिक नुकसान उठा चुके हैं। आधिकारिक मोबाइल एप शुरू होने के बाद नागरिकों को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही भुगतान करना होगा, जिससे इस तरह की साइबर धोखाधड़ी पर भी प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।

उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस की यह पहल राज्य की सड़क परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नई डिजिटल सुविधा से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि चालान भुगतान प्रक्रिया भी पहले से कहीं अधिक सरल और सुरक्षित बन जाएगी। साथ ही लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और अनुपालन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


नशे की लत ने बनाया चोर, चोरी की एक्टिवा स्कूटी समेत 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

एसएसपी दून के नेतृत्व में अपराधियों के हौसलें पस्त करती दून पुलिस

घटना को अंजाम देने वाले 01 वाहन चोर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्त के कब्जे से घटना में चोरी की गई स्कूटी हुई बरामद

गिरफ्तार अभियुक्त नशे का है आदि, नशे की लत के चलते दिया था वाहन चोरी की घटना को अंजाम

देहरादून- वादी तारीफ हुसैन पुत्र इरशाद अली निवासी म०न०- 385 वार्ड नम्बर 8 निकट आयशा मस्जिद हरवसवाला देहरादून द्वारा थाना पटेलनगर देहरादून पर एक लिखित तहरीर दी कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी स्कूटी संख्या UK07HH4860 एक्टिवा कप चोरी कर लिया है। तहरीर के आधार कोतवाली पटेलनगर पर मु0अ0सं0-427/2026 धारा-303(2) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।

वाहन चोरी की घटना के अनावरण व उसमें शामिल अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु एसएसपी द्वारा दिये गए निर्देशों पर तत्काल कोतवाली पटेलनगर पर पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चैक कर घटना कारित करने वाले संदिग्धों की तलाश हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा दिनाँक 07-07-2026 को घटना में शामिल अभियुक्त सावन पुत्र प्रमोद कुमार निवासी तेलपुर चौक, पटेलनगर देहरादून मूल पता खेलपुर, नसरुल्लापुर, भगवानपुर, हरिद्वार, उम्र 19 वर्ष को बलूनी पब्लिक स्कूल जाने वाले रास्ते पटेलनगर से गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से वादी की चौरी गयी स्कूटी एक्टिवा UK07HH4860 रंग ग्रे बरामद की गयी।

पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया की वह नशे का आदि है तथा अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिये उसके द्वारा उक्त स्कूटी चोरी की गयी थी, जिसे वह बेचने की फिराक में था।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त :-

सावन पुत्र प्रमोद कुमार निवासी तेलपुर चौक, पटेलनगर, देहरादून मूल पता खेलपुर नसरुल्लापुर, भगवानपुर, हरिद्वार, उम्र – 19 वर्ष

बरामदगी :-

एक्टिवा स्कूटी Uk07HH4860 रंग ग्रे

पुलिस टीम :-

1- अ0उ0नि0 सुभाष कुमार
2- हे0का0 मुकेश रावत
3- का0 विरेन्द्र ग्वाल


मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की टीम के साथ राज्य के विकास के विभिन्न विषयों पर की विस्तृत चर्चा

स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, आजीविका संवर्धन और जल संरक्षण पर प्रभावी नीति निर्माण पर दिया जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में नीति आयोग की टीम ने भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के समग्र एवं सतत विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसांख्यिकीय चुनौतियों तथा विकास की संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी एवं दूरदर्शी नीति निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में नीति आयोग का सदैव सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग का मार्गदर्शन एवं सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय, तीर्थाटन, पर्यटन प्रधान राज्य के लिए नीति निर्माण में केवल स्थायी आबादी ही नहीं, बल्कि राज्य की फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्थायी आबादी की तुलना में प्रतिवर्ष लगभग सात से आठ गुना अधिक लोग उत्तराखण्ड आते हैं, जिससे स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन तथा अन्य बुनियादी सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के आवंटन में इस तथ्य का समुचित समावेश आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ जनजागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्रभावी रूप से मिल सके।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास को राज्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर और परिणामोन्मुख प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने तथा महिलाओं में एनीमिया की समस्या के प्रभावी समाधान के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता, कौशल विकास तथा अन्य संभावनाओं वाले क्षेत्रों में विषय विशेषज्ञों के साथ नीति आयोग के सहयोग से नियमित सेमिनार एवं विचार-विमर्श आयोजित किए जाएं। इससे राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं नवाचार आधारित नीतियां तैयार करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक योजनाओं पर विशेष रूप से कार्य किया जाना चाहिए। साथ ही, प्रदेश के लोगों की आजीविका के संसाधनों में वृद्धि, स्थानीय रोजगार सृजन तथा सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहतर नीति निर्धारण एवं समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और नीति आयोग के बीच समन्वित प्रयासों से उत्तराखण्ड के सर्वांगीण एवं संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र भण्डारी, डॉ. संदीप तिवारी, एसीईओ सेतु मनोज पंत, सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक नीति आयोग डॉ. सोनिया पंत, उप सचिव नीति आयोग दीपक कुमार विशेष कार्याधिकारी नीति आयोग डॉ. शोभित कुमार मौजूद थे।


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