Wednesday, July 8th, 2026

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बंद मकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गेट और कार को बनाया निशाना; पुलिस जांच में जुटी

Daily Archives: 08/07/2026

बंद मकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गेट और कार को बनाया निशाना; पुलिस जांच में जुटी

पानीपत: किला थाना अंतर्गत आने वाले गांव राजाखेड़ी में देर रात मोटरसाइकिल सवार तीन नकाबपोश हमलावरों द्वारा एक बंद मकान को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हमलावरों ने मकान के मुख्य गेट और बाहर खड़ी एक ईको गाड़ी पर करीब पांच राउंड गोलियां चलाईं। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

पीड़ित संदीप शर्मा ने बताया कि वह पेशे से गाड़ी चालक हैं और गांव से थोड़ी दूर अपने खेत में एक नया मकान बनवा रहे हैं। मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे वह रोजाना की तरह नवनिर्मित मकान पर ताला लगाकर अपने पुराने घर चले गए थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर आए तीन हमलावरों ने उनके सूने मकान पर धावा बोल दिया और आते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

इस हमले में गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए और मकान की दीवारों पर भी गोलियों के गहरे निशान बन गए हैं। अगली सुबह घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल ने मौके का मुआयना किया। इस गहन निरीक्षण के दौरान पुलिस को घटनास्थल से चार खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर काली टी-शर्ट पहने हुए थे। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।

वहीं, पीड़ित संदीप शर्मा ने गांव के ही एक युवक पर इस पूरी वारदात को अंजाम देने का शक जताया है। संदीप के अनुसार, उक्त युवक के साथ उनका काफी समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा है और इसी रंजिश के चलते डराने के मकसद से यह फायरिंग की गई है। किला थाना प्रभारी दीवान सिंह ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


मकान विवाद बना बेटे की मौत की वजह, पिता और सौतेली मां समेत कई आरोपी गिरफ्तार

मजीठा: पंजाब के मजीठा क्षेत्र के एक गांव से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मकान के मामूली विवाद में एक कलयुगी पिता और सौतेली मां ने मिलकर अपने ही जवान बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। मजीठा थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी पिता मलकीत सिंह और सौतेली मां मंजीत कौर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि इस परिवार में मकान को लेकर काफी लंबे समय से मनमुटाव और झगड़ा चल रहा था। इसी विवाद ने उस वक्त खूनी रूप ले लिया जब आरोपियों ने मिलकर आकाशदीप सिंह के साथ बुरी तरह मारपीट की। गंभीर चोटें लगने के कारण आकाशदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबरा गए और हत्या को हादसे का रूप देने के लिए शव को पास ही की एक नहर में फेंककर फरार हो गए।

इस खौफनाक साजिश का खुलासा तब हुआ जब मृतक की पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पति की जान के दुश्मन कोई और नहीं बल्कि उनके अपने पिता, सौतेली मां और सौतेले भाई ही थे। इन सबने मिलकर पहले आकाशदीप को बेरहमी से पीटा और फिर शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए नहर में बहा दिया।

शिकायत मिलते ही जब पुलिस टीम जांच के लिए आरोपियों के घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर चौंक गई। घर की दीवारों पर खून के छींटे मौजूद थे, जिन्हें छिपाने के लिए आरोपियों ने जल्दबाजी में दीवारों पर नया पेंट तक करवा दिया था। पुलिस ने तुरंत फोरेंसिक टीम को बुलाकर मौके से खून के सैंपल और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए।

जांच अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक इनपुट और पत्नी के बयानों के आधार पर पिता मलकीत सिंह और सौतेली मां मंजीत कौर को दबोच लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्याकांड में और कौन-कौन शामिल था तथा शव को ठिकाने लगाने के लिए किस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी सख्त धाराएं जोड़ी जाएंगी।


देहरादून महायोजना-2041 पर बढ़ा जनसंवाद, दूसरे दिन सेक्टर-02 के लोगों ने रखी अपनी बात

ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित जनसुनवाई कैंप में पहुंचे स्थानीय नागरिक, आपत्तियों के साथ दिए महत्वपूर्ण सुझाव

देहरादून। राजधानी देहरादून के सुनियोजित विकास और आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का जनसंवाद अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। सेक्टर-02 के लिए ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी परिसर में जनसुनवाई कैंप आयोजित किया गया, जहां स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों ने पहुंचकर महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने अपने क्षेत्र से जुड़े भू-उपयोग, सड़क व्यवस्था, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों, सार्वजनिक सुविधाओं और भविष्य की विकास आवश्यकताओं से संबंधित विषय अधिकारियों के समक्ष रखे। प्राधिकरण की टीम ने प्रत्येक आपत्ति और सुझाव को गंभीरता से सुना तथा उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया। प्राप्त प्रकरणों का नियमानुसार तकनीकी एवं विधिक परीक्षण किया जाएगा, ताकि आवश्यक और व्यवहारिक सुझावों को महायोजना की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके।

हर सेक्टर की जरूरत को समझने की कोशिश

एमडीडीए का उद्देश्य महायोजना-2041 को केवल कार्यालयों में तैयार दस्तावेज तक सीमित न रखकर शहर की वास्तविक परिस्थितियों और स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ना है। यही वजह है कि प्राधिकरण अलग-अलग सेक्टरों में पहुंचकर सीधे नागरिकों से संवाद कर रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी, वाहनों का दबाव, बदलता भू-उपयोग, आवासीय क्षेत्रों का विस्तार, व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच देहरादून के भविष्य की योजना तैयार करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। जनसुनवाई के माध्यम से प्राधिकरण यह जानने का प्रयास कर रहा है कि अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक अपने शहर और क्षेत्र के भविष्य को किस रूप में देखना चाहते हैं।

21 जुलाई तक जारी रहेगा जनसुनवाई

एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण क्षेत्र के 12 सेक्टरों में जनसुनवाई कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक सेक्टर के लिए निर्धारित स्थान पर नागरिक सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि स्थानीय स्तर से मिलने वाले सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जनता के सुझावों से अधिक व्यावहारिक बनेगी महायोजना- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 राजधानी के भविष्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। शहर के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी आवश्यकताएं और चुनौतियां हैं, जिन्हें समझने के लिए नागरिकों से सीधा संवाद बेहद जरूरी है। जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों को अपनी बात रखने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। प्राप्त प्रत्येक आपत्ति और सुझाव का गंभीरता से परीक्षण कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करते हुए ऐसी महायोजना तैयार हो, जो आने वाले वर्षों में देहरादून के सुनियोजित विकास का मजबूत आधार बने।

हर आपत्ति और सुझाव का होगा विधिवत परीक्षण- मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है। अलग-अलग सेक्टरों में कैंप आयोजित करने का उद्देश्य नागरिकों को उनके क्षेत्र के निकट अपनी बात रखने का अवसर देना है। प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का अभिलेखीकरण कर तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनसुनवाई अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और देहरादून के बेहतर, सुरक्षित एवं सुनियोजित भविष्य के निर्माण में अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्राधिकरण के समक्ष रखें।


छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद और पीड़िता को 10.5 लाख मुआवजा

नई दिल्ली: दिल्ली की रोहिणी अदालत ने बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2024 में एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में 67 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल सश्रम कारावास (कठोर कैद) की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय नागर ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए समाज को एक कड़ा संदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि समाज में इस तरह के जघन्य मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अदालत की यह जिम्मेदारी है कि वह समाज को एक मजबूत संदेश दे कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना जब हुई थी, तब पीड़िता की उम्र महज 6 साल थी और दोषी की उम्र 65 वर्ष थी। अदालत ने आरोपी को पहले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की बलात्कार से जुड़ी धाराओं और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 5(M) के तहत दोषी करार दे दिया था, जो 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची पर आक्रामक यौन हमले से संबंधित है।

अब अदालत ने पॉक्सो कानून की धारा 6 के तहत दोषी को 20 साल की जेल के साथ-साथ 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, कोर्ट ने पीड़िता के पुनर्वास, सामाजिक एकीकरण और भविष्य को मानसिक तनाव व आघात से मुक्त बनाने के लिए 10.5 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया है।


योगी सरकार बड़े पैमाने पर स्थापित करेगी बायोगैस संयंत्र, आईआईटी दिल्ली का लेगी सहयोग

सीएम योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज

गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस

झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम

लखनऊ-  सीएम योगी आदित्यनाथ के गो संरक्षण अभियान को आईआईटी दिल्ली की टेक्नोलॉजी से नई गति मिलने वाली है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और विशेषज्ञों की टीम यूपी में बड़े पैमाने पर बायोगैस संयंत्र स्थापित करने में तकनीकी सहयोग करेगी। इससे प्रदेश के हर जिले में मॉडल विलेज का सपना साकार होगा। गो सेवा और बायोगैस के जरिए यूपी की तस्वीर पूरी तरह बदलने का योगी सरकार का विजन अब धरातल पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित किए गए हैं। इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है।

आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।

झांसी का पलींदा गांव बनेगा मिसाल
झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।

किसानों को मिलेगी बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।

गो सेवा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।


मुख्यमंत्री के हाथों योजनाओं का लाभ पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे

प्रतापगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों विभिन्न योजनाओं का लाभ पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। सीएम के हाथों इन्हें मिली सौगात…

 श्रद्धा पांडेय- बिहार लोकसेवा आयोग की बीपीएससी परीक्षा की टॉपर को आईपैड
शिवम यादव- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
मीनू कुमारी- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
हेमलता सरोज- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
रीना देवी -मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
पूजा मिश्रा- रुक्मिणी सिंह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 26.53 करोड़ से अधिक का चेक
बिंदु सिंह- कस्टम हायरिंग केंद्र की चाबी
देवेश सिंह- फॉर्म मशीनरी बैंक के तहत कृषि यंत्र की चाबी
बालकृष्ण तिवारी- पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी को प्रमाण पत्र
पंकज भान सिंह- आयुष्मान कार्ड
मीना देवी- आयुष्मान कार्ड
मंजू देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र
सुमित्रा देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र
इंद्रावती देवी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक
राजेश कुमार- ओडीओपी ऋण योजना के तहत 10 लाख का चेक
अंशिका सिंह- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई मशीन
आशा देवी- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चाबी
राजेश कुमार- पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति पत्र
सावित्री मिश्रा- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 5.90 लाख का चेक व स्वीकृति पत्र।


अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, 170 बीघा से अधिक जमीन पर बड़ी कार्रवाई

मसूरी से थानों और शिमला बाईपास तक एक्शन मोड में प्राधिकरण, अवैध निर्माण सील- कॉलोनाइजरों को सख्त संदेश

देहरादून। सुनियोजित विकास, सुरक्षित निर्माण और शहर के भविष्य को अवैध प्लॉटिंग के जाल से बचाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए ने एक बार फिर व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

मसूरी, थानों, रानीपोखरी, प्रेमनगर और शिमला बाईपास रोड से जुड़े क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में करीब 170 बीघा से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक एवं अन्य निर्माणों को सील कर दिया गया।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तेजी से बढ़ते देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अनियोजित विकास, नियमविरुद्ध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।

रानीपोखरी में 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर

एमडीडीए की टीम ने ग्राम गडूल सूर्यधार, रानीपोखरी में विशाल मनवाल और कोठारी द्वारा लगभग 50 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। बिना आवश्यक स्वीकृति विकसित किए जा रहे इस क्षेत्र में सड़कों और प्लॉटों के लिए किए गए अवैध विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया।

एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध प्लॉटिंग रोकना ही नहीं, बल्कि आम लोगों को ऐसी परियोजनाओं में अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने से बचाना भी है, जिनके पास वैधानिक स्वीकृति नहीं है।

थानों में 02 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

थानों क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल के निकट प्रकाश पुरोहित और पूनम पुरोहित द्वारा लगभग 02 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने अवैध रूप से किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। तेजी से विकसित हो रहे थानों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की बढ़ती मांग के बीच अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में एमडीडीए की कार्रवाई को भविष्य के अनियोजित शहरीकरण को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण सील

प्रेमनगर के केहरी गांव में राजू चौधरी द्वारा हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को एमडीडीए ने सील कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया जा रहा था। इसी तरह मसूरी के आर.के. वर्मा रोड स्थित जायसवाल एस्टेट में विराट जायसवाल द्वारा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।

100 से 150 बीघा की प्लॉटिंग पर सबसे बड़ी कार्रवाई

अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई पेलियो गणेशपुर, देहरादून में सामने आई। यहां पुरुषोत्तम ममगाईं द्वारा लगभग 100 से 150 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ एमडीडीए ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इतने बड़े भू-भाग में बिना स्वीकृति प्लॉटिंग किया जाना सुनियोजित विकास और भविष्य की आधारभूत सुविधाओं के लिए गंभीर चुनौती बन सकता था। प्राधिकरण की कार्रवाई ने अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी कर बड़े स्तर पर किए जाने वाले भूमि विकास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

थानों-धारकोट मार्ग पर ग्राम ककोट में विशाल मनवाल द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया।

मैदानी टीमों की सक्रियता से तेज हुआ अभियान

पूरी कार्रवाई संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक, अवर अभियंताओं और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।
लगातार हो रही कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि एमडीडीए अब केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण की पहचान कर उनके खिलाफ अभियान के रूप में कार्रवाई कर रहा है।

साफ संदेश-नियमों के दायरे में ही होगा विकास

एमडीडीए की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने अवैध कॉलोनाइजरों और निर्माणकर्ताओं के सामने स्पष्ट संदेश रख दिया है, देहरादून और मसूरी का विस्तार मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि मास्टर प्लान और नियोजित विकास की अवधारणा के अनुरूप होगा। एक तरफ प्राधिकरण भविष्य के देहरादून को बेहतर सड़क, हरित क्षेत्र, सुरक्षित आवास और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर शहर के अनियोजित विस्तार पर लगाम लगाने की कोशिश भी तेज कर दी गई है।
एमडीडीए का यह अभियान बताता है कि विकास की रफ्तार तेज होगी, लेकिन नियमों की कीमत पर नहीं।

नियमों से समझौता नहीं, जनता के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता”- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा देहरादून, मसूरी और प्राधिकरण क्षेत्र का विकास सुनियोजित, सुरक्षित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध प्लॉटिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों की मेहनत की कमाई, शहर की आधारभूत सुविधाओं और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। आम जनता से भी अपील है कि भूमि या संपत्ति खरीदने से पहले उसकी स्वीकृति और वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

हर सेक्टर में निगरानी, अवैध निर्माण पर तत्काल कार्रवाई- मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित अभियंताओं को अपने-अपने सेक्टर में नियमविरुद्ध गतिविधियों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जहां बिना स्वीकृति प्लॉटिंग या निर्माण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील है कि किसी भी भूमि या भवन में निवेश करने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।


बीकेटीसी में अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई : व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल तत्काल प्रभाव से निलंबित, निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित

देहरादून : श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अनुशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

समिति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 03 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।

प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्री प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी तथा उन्हें जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग देना अनिवार्य होगा।

बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि समिति प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


घने जंगल में रास्ता भटकी पांच महिलाओं को SDRF ने बचाया, 12 किमी पैदल सर्च के बाद किया सुरक्षित रेस्क्यू

देहरादून:  लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के निकट घने जंगल में रास्ता भटक गई पांच महिलाओं का राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।

मंगलवार देर शाम डीसीआर देहरादून और चौकी हर्रावाला से SDRF को सूचना मिली कि लक्ष्मण सिद्ध मंदिर क्षेत्र के जंगल में पांच महिलाएं रास्ता भटक गई हैं और बाहर निकलने में असमर्थ हैं। सूचना मिलते ही SDRF मुख्यालय से मुख्य आरक्षी शैलेंद्र रावत के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF ने स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ संयुक्त सर्च अभियान शुरू किया। घने जंगल, दुर्गम रास्तों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम ने करीब 12 किलोमीटर पैदल जंगल के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाया।

लगातार प्रयासों के बाद SDRF टीम ने सभी पांच महिलाओं को जंगल के भीतर सकुशल खोज निकाला। इसके बाद टीम ने सभी महिलाओं को सुरक्षित पैदल जंगल से बाहर निकालकर रोड हेड तक पहुंचाया और उन्हें सकुशल चौकी हर्रावाला पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

SDRF की त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में किए गए इस सफल रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों ने सराहना की।


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