Monday, July 20th, 2026

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भारी बारिश से देहरादून-मसूरी रोड क्षतिग्रस्त, वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक

Daily Archives: 20/07/2026

भारी बारिश से देहरादून-मसूरी रोड क्षतिग्रस्त, वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक

देहरादून। लगातार बारिश के चलते देहरादून-मसूरी मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

जानकारी के अनुसार, कोल्हुखेत से करीब तीन किलोमीटर नीचे स्थित ‘पानी वाले बैंड’ के पास मुख्य सड़क पर कई जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं। सड़क के धंसने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्य पूरे होने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा। फिलहाल लोगों से अपील की गई है कि वे मसूरी जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।


सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण से प्रदेश में सरकारी एवं ग़ैर सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप मॉडिफाई किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अपना 5 वर्ष का प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालय को NAAC एवं NIRF एक्रेडिटेशन प्राप्त किए जाने पर फोकस किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालिक प्लान तैयार किए जाने की बात भी कही। उन्होंने अपनी सभी 11 यूनिवर्सिटी को मूल्यांकन एवं रैंकिंग के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी सरकारी एवं एडेड कॉलेज को अगले 8-10 दिन में स्टेट लेवल रैंकिंग पैरामीटर्स तैयार किए जाने का टास्क दिया।

मुख्य सचिव ने छात्र छात्राओं की ट्रेसिंग मैकेनिज्म भी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोर्सेस के साथ ही इंटर्नशिप पार्टिसिपेशन को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री, एनजीओ और सोसाइटीज को भी जोड़े जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को विदेशी भाषाओं सिखाने पर भी फोकस किए जाने बात कही। कहा कि स्वास्थ्य विभाग को भी इसमें प्रोएक्टिव होकर काम करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव श्री मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दीवान एस रावत, प्रो नवीन चंद्र लोहानी, प्रो एन के जोशी एवं प्रो सतपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान

पौड़ी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विभिन्न विभागों से संबंधित एक दर्जन से अधिक जनशिकायतों की सुनवाई की। अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन, ई-ऑफिस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीरोंखाल में भूमि रजिस्ट्री हेतु विशेष शिविर आयोजित करने, महिला मंगल दल के लिए टीन शेड निर्माण, गदेरे से हुए कृषि एवं बागवानी नुकसान तथा पौड़ी-कोटद्वार मार्ग पर सड़क क्षति संबंधी शिकायतों पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नीलकंठ श्रावण मेला-2026 के दृष्टिगत नीलकंठ पैदल यात्रा मार्ग पर 40 सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित की जा रही हैं। वहीं खड़ेत मल्ला एवं केवर्स गांव में पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायतों का निस्तारण करते हुए जलापूर्ति सुचारु कर दी गई है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण- महाराज

प्रदेश में वन भूमि के कारण लम्बित सड़कों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में लोनिवि मंत्री ने कसे अधिकारियों के पेंच

देहरादून। राज्य में वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के कारण लोक निर्माण विभाग के वृत्तों में लंबित विभिन्न सड़कों के जितने भी मामले हैं उनका ससमय निस्तारण किया जाए।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में लोनिवि और वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कही। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न वृत्तों में सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद भी वन भूमि हस्तांतरण के कारण कई सड़कों की विधिवत स्वीकृति नहीं मिली पा रही है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हस्तांतरण सभी प्रकरणों का ससमय निस्तारण किया जाये।

लोनिवि मंत्री सतपाल ने बताया कि प्रदेश के अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, उधम सिंह नगर, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून और पौड़ी जनपदों मे स्थित लोक निर्माण विभाग के विभिन्न वृत्तों में विधिवत स्वीकृति प्राप्त 312, सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त 327, सैद्धांतिक स्वीकृति की अपेक्षा में 347 और अपलोड हेतु लम्बित सड़कों सहित कुल 1141 प्रकरण वन भूमि हस्तांतरण के कारण लम्बित हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वन विभाग के साथ सामंजस्य बिठाकर सभी प्रकरणों का समय से तत्काल निस्तारण किया जाए।

इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा, मुख्य अभियंता दयानंद, राजेन्द्र स्याना, वन एवं पर्यावरण विभाग की अपर सचिव कल्याणी, नोडल अधिकारी मीनाक्षी जोशी सहित बीआरओ के अधिकारी भी मौजूद थे।


रायपुर क्षेत्र में हुई लूट की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में लूटी गई शत-प्रतिशत सम्पत्ति को किया बरामद

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारी बनकर एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी संपत्ति भी बरामद कर ली है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नशे की लत पूरी करने के लिए वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।

पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को गढ़वाली कॉलोनी, रायपुर निवासी गीता काला ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई कि दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच उनकी मां भुवनेश्वरी देवी घर में अकेली थीं। इसी दौरान दो युवक खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर जबरन घर में घुस गए। आरोपियों ने बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट की और उनके सोने के कुंडल, अंगूठी, तीन हजार रुपये नकद तथा मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और लगातार तलाश की गई।

पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर सीक्यूआई जंगल, रायपुर क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर सिंह रावत, निवासी अपर गढ़वाली कॉलोनी, रायपुर और अंकित गुप्ता, निवासी आदर्श कॉलोनी, रायपुर के रूप में हुई है। उनके कब्जे से लूटे गए सोने के कुंडल, अंगूठी, तीन हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे प्लंबर का काम करते हैं और नशे के आदी हैं। मुख्य आरोपी सागर सिंह पीड़िता के मोहल्ले में ही रहता था और उसे पता था कि बुजुर्ग महिला अक्सर घर में अकेली रहती हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथी के साथ लूट की योजना बनाई। दोनों ने नगर निगम कर्मचारी बनकर सफाई व्यवस्था की जांच का बहाना बनाया, घर में प्रवेश किया और महिला को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी लूट का सामान बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।


नहाते समय सबसे पहले शरीर के किस हिस्से पर डालना चाहिए पानी? जानें सही तरीका

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक दिनचर्या (दिनचर्या) का अहम हिस्सा बताया गया है और इसके सही तरीके पर भी विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, नहाने का क्रम और पानी का तापमान शरीर पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि स्नान की शुरुआत शरीर के किस हिस्से से करनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार कैसे करें स्नान की शुरुआत?

आयुर्वेद में सलाह दी जाती है कि स्नान करते समय सबसे पहले पैरों पर पानी डालना चाहिए। माना जाता है कि इससे शरीर धीरे-धीरे पानी के तापमान के अनुसार खुद को ढाल लेता है। इसके बाद घुटनों, हाथों, शरीर और अंत में सिर पर पानी डालना अधिक संतुलित तरीका माना जाता है।

पहले सिर पर पानी डालना क्यों सही नहीं माना जाता?

कई लोगों की आदत होती है कि वे सीधे सिर पर पानी डालकर नहाना शुरू कर देते हैं। आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करने से शरीर को अचानक तापमान में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर जिन लोगों को माइग्रेन, साइनस, हाई या लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें इस आदत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसका असर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और मौसम पर भी निर्भर करता है।

धीरे-धीरे पानी डालने के क्या हो सकते हैं फायदे?

पैरों से स्नान शुरू करने पर शरीर को पानी के तापमान के साथ तालमेल बैठाने का समय मिलता है। इससे अचानक ठंडे या गर्म पानी के संपर्क में आने से होने वाली असहजता कम हो सकती है। यह तरीका शरीर को आरामदायक महसूस कराने में भी मददगार माना जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार स्नान करते समय रखें इन बातों का ध्यान

सुबह के समय स्नान करना शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी माना गया है।
बहुत अधिक गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी कम कर सकता है, जबकि अत्यधिक ठंडा पानी हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसलिए मौसम और अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार पानी का चुनाव करें।
स्नान से पहले हल्की तेल मालिश (अभ्यंग) करने से त्वचा को पोषण और शरीर को आराम मिल सकता है।
लंबे समय तक पानी में रहने से त्वचा रूखी हो सकती है, इसलिए सीमित समय में स्नान करना बेहतर माना जाता है।
नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं, मॉइस्चराइजर लगाएं और हमेशा साफ व सूखे तौलिए का इस्तेमाल करें।

नोट: यह लेख आयुर्वेदिक मान्यताओं और उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या विशेष चिकित्सीय स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

(साभार)


मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ की बैठक

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अंतर्गत बनाए गए ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति एवं संचालित गतिदिवधियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रोथ सेंटर्स को स्थानीय स्तर पर आर्थिकी गतिविधियों के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। कहा कि ग्रोथ सेंटर्स को मार्केट लिंकेज के साथ ही प्राईवेट पार्टनर्स से जोड़े जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित हो रहे ग्रोथ सेंटर्स को लगातार रिव्यू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अच्छा कर रहे ग्रोथ सेंटर्स को तकनीकी एवं अन्य प्रकार का सपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के साथ ही नॉन-फंक्शनल ग्रोथ सेंटर्स को भी फंक्शनल किए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने अपने सभी उत्पादों को ट्रेसेबिलिटी, जीआई टैगिंग और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से जोड़े जाने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने शीप एंड वूल डेवेलपमेंट बोर्ड के अंतर्गत पशुपालकों की समस्याओं को समझने एवं उनके निस्तारण के लिए लगातार पशुपालकों के साथ संवाद एवं वर्कशॉप आयोजित किए जाने की बात कही। कहा कि यह बोर्ड की जिम्मेदारी है। यदि किसी अन्य राज्य में इस दिशा में अच्छा कार्य हो रहा है तो वहां अपनी टीम को भेजकर उनके मैकेनिज्म को समझने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स को मार्केट लिंकेज के साथ ही कोल्ड स्टोरेज चेन से जोड़े जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्टैण्ड अलोन माईक्रो स्टोरेज चेन विकसित की जा सकती है। इससे ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों को लम्बे समय तक संरक्षित रख कर आवश्यकता के अनुरूप मार्केट में उतारा जा सकेगा, ताकि उत्पाद की उचित कीमत मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज के साथ सभी ग्रोथ सेंटर्स से सम्बन्धित विभागों कॉर्डिनेशन मीटिंग करवा ली जाए। कहा कि पोटेंशियल वाले नॉन-फंक्शनल ग्रोथ सेंटर्स की हैंड होल्डिंग करायी जाए। उन्होंने नाबार्ड को भी गैप्स आइडेंटिफाई करते हुए ग्रोथ सेंटर्स को फंडिंग उपलब्ध कराए जाने की बात कही। साथ ही फॉरेस्ट (JICA) के ग्रोथ सेंटर्स के लिए बिजनेस प्लान तैयार कर उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, एपीसीसीएफ नरेश कुमार, अपर सचिव कहकशां नसीम, आनन्द श्रीवास्तव एवं सुश्री झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


अदालत का बड़ा फैसला- नेनमारा डबल मर्डर केस में दोषी को सुनाई फांसी की सजा

20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

पलक्कड़। केरल के चर्चित नेनमारा दोहरे हत्याकांड में अदालत ने दोषी को कड़ी सजा सुनाते हुए फांसी का आदेश दिया है। अदालत ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभतम) श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

पलक्कड़ की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 61 वर्षीय छेंटामारा को अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। यह सनसनीखेज वारदात 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के निकट पोथुंडी क्षेत्र में हुई थी।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने का दोष सिद्ध माना। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि एक ही परिवार के दो लोगों की निर्मम हत्या किए जाने के कारण यह मामला ‘दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है, इसलिए दोषी को मृत्युदंड दिया जाना उचित है।

जांच के अनुसार, आरोपी इससे पहले वर्ष 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजीता की हत्या के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका था। उस मामले में जमानत पर रिहा होने के कुछ समय बाद उसने कथित रूप से सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस ने विशेष तलाशी अभियान चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

बताया गया कि सजीता हत्याकांड में आरोपी को पहले ही दोहरे आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। वहीं, दोहरे हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 81 गवाहों के बयान और 28 भौतिक साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।


सैनिक सम्मान समारोह में वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की पुस्तक ‘कण्वाश्रम’ का विमोचन

​कोटद्वार: कोटद्वार में आयोजित एक भव्य सैनिक सम्मान समारोह के दौरान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की एक अनूठी कृति का विमोचन किया गया। समारोह में प्रदेश की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खण्डूड़ी,पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और मेयर शैलेन्द्र रावत, लेफ्टिनेंट जनरल जे एस नेगी ने संयुक्त रूप से वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल द्वारा लिखित शोधपरक पुस्तक “कण्वाश्रम- भरत से भारतवर्ष” का विमोचन किया।

समारोह के दौरान मंच पर मौजूद अतिथियों ने लेखक मनोज इष्टवाल के प्रयासों की जमकर सराहना की। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह पुस्तक देश के गौरवशाली इतिहास को सामने लाने में एक मील का पत्थर साबित होगी। कण्वाश्रम का इतिहास हमारे देश की पहचान ‘भारतवर्ष’ से सीधा जुड़ा हुआ है, और इस शोधपरक कार्य से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों को समझने का मौका मिलेगा।

​लोकार्पण के दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, “मनोज इष्टवाल जी ने इस शोध के माध्यम से हमारी आने वाली पीढ़ियों पर एक बड़ा उपकार किया है। कण्वाश्रम केवल उत्तराखंड की धरोहर नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की पहचान का उद्गम स्थल है। पर्यटन विभाग इस पुस्तक के साक्ष्यों के आधार पर कण्वाश्रम को एक वैश्विक सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

​विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि कोटद्वार और कण्वाश्रम का यह गौरवशाली इतिहास हर उत्तराखंडी को गौरवान्वित करता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कण्वाश्रम के विकास और इसके ऐतिहासिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने के लिए विधायी और धरातलीय स्तर पर हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की यह पुस्तक केवल एक ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह कण्वाश्रम के उस प्राचीन वैभव और इतिहास पर गहराई से प्रकाश डालती है, जहाँ चक्रवर्ती सम्राट भरत का जन्म हुआ था और जिनके नाम पर हमारे देश का नाम ‘भारत’ पड़ा। लेखक ने सालों के कड़े शोध और तथ्यों के आधार पर इस पुस्तक को तैयार किया है। इस विमोचन अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक और बुद्धिजीवी मौजूद रहे, जिन्होंने इस साहित्यिक योगदान को क्षेत्र के लिए एक बड़ा गौरव बताया।

वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल द्वारा लिखित यह पुस्तक केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि गहन शोध का परिणाम है। लेखक ने दशकों की मेहनत, प्राचीन ग्रंथों, पुरातात्विक साक्ष्यों और स्थानीय लोक कथाओं के आधार पर कण्वाश्रम के वैभव को उजागर किया है। पुस्तक में विस्तार से बताया गया है कि कैसे भरत की कहानी महाभारत काल से जुड़ी है और कैसे यह स्थल भारतवर्ष की सांस्कृतिक नींव बना।

समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट गढ़वाली, मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत, कर्नल जे पी ध्यानी, दर्जाधारी राज्य मंत्री राजेन्द्र अंथवाल, उमेश त्रिपाठी, सुमन कोटनाला, विपिन कैथोला, भाजपा मंडल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, प्रेम खंतवाल, आशीष रावत, प्रदीप बलूनी और विनोद चौधरी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


संसद परिसर में सपा का प्रदर्शन, NEET पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा

“NEET है या CHEAT है” के लगाए नारे 

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (सपा) ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसदों ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

संसद परिसर में सपा सांसदों ने हाथों में “प्रश्नपत्र लीक” लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और “NEET है या CHEAT है” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में सांसद डिंपल यादव, इकरा चौधरी, कृष्णा देवी, शिवशंकर पटेल, ज़िया उर रहमान सहित कई नेता शामिल रहे।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि देशभर के छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी आवाज़ सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, फिर भी दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो उनके साथ सख्ती बरती जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है तथा भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

वहीं सांसद डिंपल यादव ने कहा कि छात्र लगातार सरकार से संवाद की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की। सपा सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की।

सपा नेताओं ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान वे छात्रों से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाते रहेंगे।


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