Tuesday, June 30th, 2026

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टिहरी के सिंघटाली में डूबे दो व्यक्तियों की तलाश में SDRF का सर्च अभियान जारी

Monthly Archives: June 2026

टिहरी के सिंघटाली में डूबे दो व्यक्तियों की तलाश में SDRF का सर्च अभियान जारी

टिहरी गढ़वाल:  टिहरी गढ़वाल के सिंघटाली क्षेत्र में नदी में डूबे दो व्यक्तियों की तलाश के लिए SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू एवं सर्च ऑपरेशन चला रही है।

आज 30 जून 2026 को SDRF पोस्ट ब्यासी से मुख्य आरक्षी मोहन सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने सिंघटाली से लेकर ब्यासी तक नदी के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों, गहरे जल क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर व्यापक खोजबीन की।

अभियान के दौरान SDRF जवानों ने तकनीकी उपकरणों की मदद से नदी किनारे, तेज बहाव वाले हिस्सों और संभावित स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम द्वारा लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


यूएसडीएमए में टेबल टाॅप एक्सरसाइज का आयोजन, 02 जुलाई को सभी 13 जनपदों में होगी माॅक ड्रिल

देहरादून। आगामी 02 जुलाई को राज्यभर में आयोजित होने वाली व्यापक मॉक ड्रिल के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतिम चरण की तैयारियों का आकलन करने के लिए मंगलवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। इस दौरान राज्य के सभी 13 जनपदों एवं विभिन्न रेखीय विभागों की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली, आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा राहत एवं बचाव कार्यों की कार्ययोजना का विस्तृत परीक्षण किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में 02 जुलाई को राज्य में अब तक की सबसे व्यापक माॅक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। सभी 13 जनपदों में मानसून के दौरान आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए राज्य के अलग-अलग 66 स्थानों पर माॅक ड्रिल होगी। खास बात यह है कि जिन स्थानों पर यह माॅक ड्रिल आयोजित की जा रही है, उनमें से 95 प्रतिशत स्थान नए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी माॅक ड्रिल का निरीक्षण करेंगे।

इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विभिन्न रेखीय विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने, उपकरणों तथा संसाधनों का आपदा के समय बेहतर से बेहतर उपयोग करने तथा वास्तविक आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल एक अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित निर्णय क्षमता तथा समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी आपदा प्रबंधन की आधारशिला पूर्व तैयारी है। यदि सभी विभाग समय रहते अपनी व्यवस्थाओं का परीक्षण एवं सुधार कर लें, तो किसी भी आपदा के दौरान जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से संभावित कमियों एवं चुनौतियों की पहचान कर उनका समय रहते समाधान किया जाएगा, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी, समन्वित और त्वरित रूप से संचालित किए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन एक बहु-विभागीय दायित्व है, जिसमें सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों तथा स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

टेबल टाॅप एक्सरसाइज के दौरान विभिन्न रेखीय विभागों की तैयारियों को परखा गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से पूछा गया कि अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, मानव वन्य जीव संघर्ष की सूचना प्राप्त होने पर क्या किया गया। किस तरह राहत और बचाव कार्य संचालित किए गए। किन-किन उपकरणों का उपयोग किया गया। गोताखोर, जल पुलिस, जेसीबी, बोट, राफ्ट आदि के परिचालन पर भी विमर्श हुआ। राहत शिविरों में रेस्क्यू किए गए लोगों के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, इन सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने माॅक ड्रिल के लिए क्या-क्या तैयारियां करनी हैं, इसके बारे में विस्तार से जनपदों को बताया।

30 जून को उत्तराखण्ड में पहुंचा मानसून

टेबल टाॅप एक्सरसाइज के दौरान मौसम विज्ञान विभाग देहरादून के डाॅ. रोहित थपलियाल ने बताया कि मानसून ने 30 जून को उत्तराखण्ड में दस्तक दे दी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जून में उत्तराखण्ड में 83 मिमी बारिश हुई है, जबकि जून का औसत 132 मिमी है।

आधुनिक आपदा राहत उपकरणों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अग्निशमन विभाग द्वारा आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई, जो अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों ने उपकरणों का अवलोकन कर उनके संचालन, उपयोगिता एवं आपदा के दौरान उनकी भूमिका की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में विशेष रूप से एनडीआरएफ द्वारा सीबीआरएनई (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु) आपदाओं में उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक उपकरणों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा डीप डाइविंग सेट, नाइट विजन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा, विभिन्न प्रकार के हाइड्रोलिक कटर, अंडरवाटर कम्युनिकेशन सिस्टम, अंडरवाटर ड्रोन तथा सोनार सिस्टम सहित कई आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। 02 जुलाई को आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल के दौरान माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इन उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।

एसडीआरएफ के सभी कार्मिकों के पास सचेत और भूदेव एप

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) द्वारा संचालित सचेत एवं भूदेव ऐप डाउनलोड अभियान के तहत एसडीआरएफ के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों ऐप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर लिए हैं। इसके साथ ही विभाग ने शत-प्रतिशत डाउनलोड का लक्ष्य हासिल कर लिया है। टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान एसडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट शुभांक रतूड़ी ने इसकी जानकारी दी। इस उपलब्धि पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने एसडीआरएफ की सराहना करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में तकनीक आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का अधिकतम उपयोग अत्यंत आवश्यक है। यूएसडीएमए द्वारा यह अभियान राज्यभर में सभी विभागों एवं कर्मचारियों के बीच निरंतर चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर मौसम एवं आपदा संबंधी चेतावनी प्राप्त कर सकें।


उत्तराखंड रजत जयंती, इस बार ‘हरेला’ पर सजेगा धरा का श्रृंगार, देहरादून में लगेंगे 15.50 लाख पौधे!

ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे ‘क्वालिटी फॉरेस्ट’, मॉनिटरिंग के लिए बनेगा ‘हरित कंट्रोल रूम’

16 जुलाई से एक माह तक चलेगा हरेला पर्व, थीमैटिक पौधरोपण से ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा भरा बनाने को चलेगा व्यापक जन आंदोलन-डीएम

देहरादून- उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति और प्रकृति के जुड़ाव का प्रतीक ‘हरेला पर्व’ इस वर्ष ऐतिहासिक होने जा रहा है। राज्य की रजत जयंती (25वें वर्ष) के उपलक्ष्य में आगामी 16 जुलाई से शुरू होने वाला यह लोक पर्व पूरे एक माह तक बेहद खास और यादगार अंदाज में मनाया जाएगा। इस बार दून जनपद में थीमैटिक (विषय-आधारित) तरीके से विशेष प्रजातियों के पौधे लगाकर ईको-टूरिज्म को एक नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया गया है।

हरेला पर्व की भव्य तैयारियों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष का महा-अभियान केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा-भरा बनाने का एक जन-आंदोलन बनेगा।

माइक्रो लेवल पर होगी तैयारी, जुड़ेंगे नामचीन संस्थान
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अविलंब अपनी रोपण साइट्स का चयन कर लें। अभियान को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो ‘माइक्रो लेवल प्रबंधन’ के तहत कार्ययोजना तैयार करेगा। इस महा-अभियान में आम जनमानस के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला समूहों और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईएमए, सर्वे ऑफ इंडिया, ओएनजीसी और आईटीबीपी को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि जिले में क्षेत्र विशेष की मिट्टी के अनुकूल ‘क्वालिटी फॉरेस्ट’ (उच्च गुणवत्ता वाले वन) तैयार किए जा सकें।

’हरित कंट्रोल रूम’ रखेगा पल-पल की नजर
अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, इसके लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। महीने भर चलने वाले इस रोपण अभियान की नियमित और कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करने के लिए एक विशेष ‘हरित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

5 साल तक होगी पौधों की देखभाल
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में 15.50 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि लगाए जाने वाले पौधों में 50 प्रतिशत पौधे फलदार और चारा प्रजाति के होंगे। इन पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जाएगा, बल्कि अगले 5 वर्षों तक इनके रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

10 जुलाई तक पूरी करनी होंगी तैयारियां
सभी रेखीय विभागों को आगामी 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, जैविक खाद, ट्री-गार्ड और पौधों के परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के चार प्रभागोंकृमसूरी, कालसी, चकराता और देहरादून के माध्यम से सभी विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, वैभव सिंह, मयंक कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी सहित कृषि, उद्यान, उद्योग, शिक्षा, खेल, पेयजल और सड़क विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किए गए प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की

सभी 40 गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से ली जानकारी 

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी 40 गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित सचिवगणों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को प्रोजेक्ट्स निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं के कार्य पूर्ण होने की उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अपडेट करते समय प्रोजेक्ट के पूर्ण होने की तिथि का भी उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत में पूर्ण होने वाले कार्यों को मानसून सीजन के दृष्टिगत लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों को पूर्ण कराया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के अंतर्गत महासू देवता हनोल में समग्र बुनियादी ढांचे का निर्माण एवं जागेश्वर धाम मंदिर से सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए प्रतिदिन समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित देहरादून में जलापूर्ति, सीवरेज और जल निकासी प्रणाली का विकास कार्य को भी शीघ्र पूूर्ण कराए जाने हेतु नियमित मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना (300 मेगावाट), 220 केवी बनबसा सबस्टेशन (100 एमवीए) और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन; चमोली में 400 केवी पिपलकोटी स्विचिंग सबस्टेशन और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन सहित टिहरी ज़िले के घनसाली में 220 केवी घनसाली सबस्टेशन के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाईमलाइन के अनुरूप फॉरेस्ट क्लीयरेंस और भूमि हस्तांतरण आदि से सम्बन्धित मामलों की लगातार पैरवी करते हुए कार्यों की निगरानी की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य लगभग पूर्ण होने की कगार पर है, ऐसे प्रोजेक्ट्स को विभाग प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने 13 जनपदों के लिए 73 पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं, पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 133 सड़कों (96 प्रतिशत पूर्ण) और 151 पुलों के निर्माण कार्य (97 प्रतिशत पूर्ण) सहित नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत उधमसिंहनगर में नदी पुनर्जीवन कार्य (98 प्रतिशत) जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं राजेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।


यात्रा मार्गों के संवेदनशील स्थलों पर हो स्थायी सुरक्षा कार्य- आयुक्त

आयुक्त ने निर्माण कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित निगरानी पर दिया जोर

पौड़ी। आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने मंगलवार को आयुक्त सभागार में निर्माण एवं अवसंरचना से जुड़े 14 विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए विकास परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं जाममुक्त आवागमन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चिन्हित क्रिटिकल एवं डेंजर जोन का प्राथमिकता के आधार पर उपचार किया जाए। जिन स्थानों पर प्रतिवर्ष भूस्खलन की समस्या आती है, वहां स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाएं, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके। उन्होंने बाईपास, सुरंगों एवं प्रमुख सड़क परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने कहा कि जो परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं अथवा पूर्ण होने की स्थिति में हैं, उन्हें इसी वर्ष पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए। उन्होंने मंडल की सभी 41 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों का विधानसभावार विवरण, स्वीकृत धनराशि, कार्य प्रारंभ होने की तिथि एवं वर्तमान प्रगति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की पूर्ण एवं अपूर्ण स्थिति का अद्यतन विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा।

मंडलायुक्त ने मंडलीय अधिकारियों को नियमित रूप से जनपदों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान प्रतिदिन बंद एवं चालू सड़कों की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में विभागवार समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई को यात्रा मार्ग पर यातायात प्रबंधन, जाम वाले स्थलों के स्थायी समाधान तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को निर्माणाधीन सड़क एवं पुल परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा वर्षाकाल में त्वरित मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में सिंचाई विभाग को हर्षिल क्षेत्र में नदी कटाव रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों, सुरक्षा दीवारों की स्थिति एवं संभावित खतरे का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा कार्यशील एवं बंद नहरों का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं लघु सिंचाई विभाग को बंद नहरों को पुनः संचालित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को ग्रामीण क्षेत्रों की निर्माणाधीन परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। पेयजल निगम को वन स्वीकृति एवं अन्य एनओसी के कारण लंबित योजनाओं की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर कार्य प्रारंभ कराने तथा जल संस्थान को टैंकरों से पेयजल आपूर्ति वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा एवं क्षतिग्रस्त पेयजल परिसंपत्तियों के सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने ब्रिडकुल को सभी लंबित परियोजनाओं में गति लाने तथा श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन का निर्माण 15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित भुगतान संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने तथा वर्षाकाल में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

मंडलायुक्त ने अर्थ एवं संख्या अधिकारी (मंडलीय) को सभी विभागों से अद्यतन आंकड़े एकत्रित कर समेकित डाटा एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण तैयार करने, लंबित परियोजनाओं की पृथक सूची बनाकर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में अर्थ एवं संख्या अधिकारी (मंडलीय) शिल्पा भाटिया जोशी, मुख्य अभियंता स्तर-1 लोनिवि ओम प्रकाश, अधीक्षण अभियंता लोनिवि महिपाल सिंह रावत, जल संस्थान प्रवीण सैनी, प्रोजेक्ट मैनेजर ब्रिडकुल संजय कुमार जैन, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के आनंद सिंह, अपर अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


इंस्टाग्राम पर प्यार के बाद झारखंड से बुलाई गई 19 वर्षीय युवती की गला काटकर हत्या, प्रेमी सीटू यादव पर केस दर्ज

आरा (भोजपुर): बिहार के भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र स्थित पड़रिया गांव के एक खेत से बरामद हुई अज्ञात युवती की सड़ी-गली लाश के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतका की पहचान झारखंड के गोड्डा जिले की रहने वाली 19 वर्षीय अंजू कुमारी के रूप में की गई है। शव की शिनाख्त होने के बाद इस पूरे मामले ने अब प्रेम-प्रसंग और हत्या का नया मोड़ ले लिया है।

पुलिस के मुताबिक, सोमवार को पड़रिया गांव के एक खेत के आहर (water channel) से युवती का शव बेहद खराब स्थिति में मिला था, जिसे गहन जांच और पोस्टमार्टम के लिए पटना भेजा गया था। मृतका के पिता गुलाबी मंडल ने बताया कि अंजू बीते 26 जून की सुबह घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद झारखंड के हनवारा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि करीब दो महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ (Instagram) के जरिए अंजू की दोस्ती आरा के रहने वाले सीटू यादव नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी। आरोप है कि सीटू यादव ने ही अंजू को बहला-फुसलाकर आरा बुलाया और फिर वहां उसकी गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी और शव को खेत में फेंक दिया। मृतका के पिता ने चरपोखरी थाने में आरोपी सीटू यादव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

पुलिस को घटनास्थल की तफ्तीश के दौरान मृतका का एक टूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद हुआ है। मामले के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल का दौरा कर कई महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए हैं। पुलिस अब मोबाइल की तकनीकी जांच, कॉल डिटेल्स (CDR) और अन्य इनपुट्स के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

अंजू चार बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर पर थी। उसकी मौत की खबर जैसे ही गोड्डा स्थित उसके घर पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां लीला देवी और अन्य भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चरपोखरी थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी सीटू यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।


सेवा सप्ताह अभियान सुशासन और जनसेवा का सशक्त माध्यम- हेमंत द्विवेदी

पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी बधाई

देहरादून। भाजपा वरिष्ठ नेता/श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में 4 जुलाई से प्रारंभ हो रहे सेवा सप्ताह अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल सुशासन, जनकल्याण और उत्तरदायी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष का सफल कार्यकाल प्रदेश के लिए अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी रहा है। इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जन समस्याओं के समाधान के लिए जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले विशेष शिविर आमजन को बिना अनावश्यक भागदौड़ के सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराएंगे।

सेवा सप्ताह अभियान प्रदेश सरकार की संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनविश्वास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार ने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन व्यवस्था को सुदृढ़ किया है।

उन्होंने अपील की है आम जनमानस अपने क्षेत्र में आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सरकारी योजनाओ एवं रोजगार ,परिवहन, उद्योग, कृषि एवं बागवानी , महिला सशक्तिकरण, युवा सैनिक कल्याण, स्वास्थ्य शिक्षा संबंधित सेवाओं का लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राप्त करें।


‘ZERO’ रोड टैक्स और नई गाड़ी पर 8% तक छूट: पुराने ट्रक-बस मालिकों के लिए सरकार की बड़ी तैयारी

पूजा भट्ट

देश में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाने और पुराने कमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार वाहन स्क्रैपेज नीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पुराने ट्रक और बसों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर जमा करने वाले वाहन मालिकों को नई कमर्शियल गाड़ी खरीदते समय कई तरह के आर्थिक लाभ दिए जा सकते हैं।

इनमें रोड टैक्स में बड़ी राहत और कुछ मामलों में ‘ZERO’ रोड टैक्स के साथ नई गाड़ी की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की छूट शामिल हो सकती है। सरकार का मानना है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे कमर्शियल वाहन अब भी संचालित हो रहे हैं जो अपनी तय आयु पूरी कर चुके हैं या आधुनिक उत्सर्जन मानकों के मुकाबले अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। ऐसे वाहन न केवल पर्यावरण पर दबाव बढ़ाते हैं बल्कि ईंधन की अधिक खपत और बढ़ते रखरखाव खर्च के कारण परिवहन कारोबारियों के लिए आर्थिक बोझ भी बनते हैं।

नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन मालिकों को स्वेच्छा से पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि उनकी जगह अधिक सुरक्षित, बेहतर माइलेज वाले और कम उत्सर्जन करने वाले नए वाहन सड़क पर उतर सकें। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार, ईंधन दक्षता में वृद्धि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की लागत कम होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रोड टैक्स में छूट और वाहन खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो ट्रांसपोर्ट कंपनियों और छोटे वाहन मालिकों दोनों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही वाहन निर्माण उद्योग को भी नई मांग मिलने की संभावना है, जिससे उत्पादन और रोजगार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

हालांकि इस योजना से जुड़ी अंतिम पात्रता, छूट की सीमा, लागू होने की प्रक्रिया और राज्यों की भूमिका संबंधित सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन संकेत यही हैं कि आने वाले समय में पुराने कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए नई गाड़ी खरीदना पहले की तुलना में अधिक किफायती बनाया जा सकता है।


जौनपुर में उधार समोसा देने से किया इनकार, गुस्साए युवक ने महिला दुकानदार पर फेंका खौलता तेल, आरोपी गिरफ्तार

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बरसठी थाना क्षेत्र स्थित सुखलालगंज बाजार में मंगलवार दोपहर एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ महज उधार समोसा न देने के मामूली विवाद में एक युवक ने महिला दुकानदार पर कड़ाही का खौलता हुआ तेल फेंक दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से झुलस गई है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और एहतियातन बाजार में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, सुखलालगंज बाजार का रहने वाला अमीन उर्फ दत्तन दोपहर में पूनम नामक महिला की दुकान पर उधार समोसा मांगने पहुंचा था। महिला दुकानदार ने जब उधार देने से मना किया, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर गुस्से में आकर आरोपी अमीन ने कड़ाही में उबल रहा खौलता हुआ तेल पूनम पर फेंक दिया। महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को बचाने का प्रयास किया, जिससे तेल सीधे उनके चेहरे या धड़ पर न गिरकर दोनों पैरों और शरीर के कुछ हिस्सों पर गिरा।

 वारदात के बाद बाजार में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बरसठी थानाध्यक्ष जय प्रकाश यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी अमीन उर्फ दत्तन को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गंभीर रूप से झुलसी महिला को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।

 थानाध्यक्ष जय प्रकाश यादव ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बाजार में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में 244 नये पद सृजित

बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ परिसर को मिला स्थाई शैक्षणिक व प्रशासनिक ढांचा

छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा निर्णय

देहरादून। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नव सृजित तीनों कैम्पस के लिये शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 नये पद सृजित कर दिये गये हैं। जिसका शासन स्तर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। इन पदों के सृजन से तीनों परिसरों को पहली बार अपना स्थायी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचा मिल गया है। जिससे शिक्षण, शोध एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नई गति मिलेगी और छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर इसका लाभ प्राप्त होगा।

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नव सृजित तीन कैम्पस बागेश्वर, चम्पावत तथा पिथौरागढ़ में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के तहत 244 नये पद सृजित कर दिये हैं। जिसमें शैक्षणिक संवर्ग के तहत बागेश्वर परिसर में यूजीसी मानकों के तहत विभिन्न विषयों में 38 पद सृजित किये गये हैं। जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 29, एसोसिएट प्रोफेसर 8 तथा प्रोफेसर का 01 पद शामिल है। इसी प्रकार चम्पावत परिसर के लिये 31 पद सृजित किये गये हैं। जिसमें 30 पद असिस्टेंट प्रोफसर व एक पद एसोसिएट प्रोफेसर का है। जबकि पिथौरागढ़ परिसर में 95 पद सृजित किये गये हैं। जिसमें अस्टिेंट प्रोफेसर 59, एसोसिएट प्रोफेसर 20 तथा प्रोफेसर के 16 पद शामिल है। इसके अतिरिक्त तीनों कैम्पस के लिये शिक्षणेत्तर पदों का भी सृजन किया गया। प्रथम चरण में बागेश्वर परिसर में 22, चम्पावत 17 तथा पिथौरागढ़ परिसर के लिये 41 पद सृजित किये गये। जिनमें पुस्तकालयाध्यक्ष, सहायक पुस्तकालयध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सहायक लेखाकार, प्रधान सहायक, वैयक्तिक सहायक, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक, पर्यावरण मित्र, माली परिचर व अनुसेवक आदि के पद शामिल हैं। शासन स्तर से इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। जिसके तहत पूर्व में तीनों महाविद्यालयों के लिये सृजित शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर संवर्ग के कुल 329 पदों को उच्च शिक्षा विभाग को समर्पित कर दिये गये हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन पदों पर आउटसोर्स व्यवस्था लागू होगी, उन पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप अधिकृत एजेंसी के माध्यम से शीघ्र कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। स्थायी पदों के सृजन से तीनों परिसरों में शिक्षण कार्य, शोध गतिविधियों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

बयान-

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीनों कैम्पस बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ के लिये शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 पदों का सृजन कर दिया गया है। इन पदो ंके सापेक्ष तीनों परिसरों में शिक्षकों व कार्मिकों का समायोजन किया जायेगा, जबकि आउटसोर्स के पदों को भी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से शीघ्र भरा जायेगा। नये पदों के सृजन से विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियां अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।


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