Sunday, June 14th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

गढ़ी कैंट स्थित गुचुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान

Daily Archives: 14/06/2026

गढ़ी कैंट स्थित गुचुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान

देहरादून : राजधानी देहरादून में गर्मी और वीकेंड की छुट्टियों के बीच गढ़ी कैंट क्षेत्र की पहाड़ियों के बीच स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुचुपानी (रॉबर्स केव) पर्यटको की पहली पसंद बनता जा रहा है। जहाँ गर्मी की छुट्टियों में राज्यों से बड़ी संख्या में पहुंचे रहे पर्यटक गुचुपानी के प्राकृतिक गुफाओं और ठंडे पानी का आनंद लेकर अपनी थकान मिटा रहे हैं।

वीकेंड के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी है। वही गुचुपानी में पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के चेहरे भी खिले हुए हैं। खाने-पीने की दुकानों, स्थानीय उत्पादों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अच्छी रौनक देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।

पर्यटन स्थल पर कई पर्यटक ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर प्राकृतिक सौंदर्य को कैमरे में कैद कर सुनहरी यादो के अनुभव को अपने साथ लेकर जा रहे हैं।

पर्यटक गुचुपानी की स्वच्छता, प्राकृतिक सुंदरता और सस्ती पर्यटन सुविधाओं की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण और साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश भी दे रहे हैं।

पटियाला से आए पर्यटक जतिन ने बताया कि वह देहरादून दूसरी बार आए हैं लेकिन गुचुपानी पहली बार अपनी फैमिली के साथ आए हैं। जतिन ने बताया उन्होंने गुचुपानी केवल वीडियो में देखा था, लेकिन आज गुचुपानी आकर यहां का सौंदर्य और यहां का वातावरण वाकई में बहुत सुंदर है। साथ ही उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं की शरण करते हुए कहा कि जो भी पर्यटक गुचुपानी आये तो साफ सफाई व स्वच्छता का ध्यान दें। गुचुपानी का ठंडा और स्वच्छ जल, प्राकृतिक गुफाएं तथा मनोरम वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, जिसके चलते गुचुपानी इन दिनों देहरादून के सहस्त्रधारा के बाद पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।


खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

देहरादून। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी चलाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक 13 जून की शाम बैरागीवाला क्षेत्र में खेत में पानी लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ मारपीट कर दी। मारपीट में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए लेहमन अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान विनोद कुमार की मौत हो गई।

घटना के बाद मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर कोतवाली सहसपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर अलग-अलग टीमों का गठन किया।

पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल चार आरोपियों रज्जाक पुत्र मासूम, सलमान पुत्र यूनुस, जावेद पुत्र मासूम और शहबाज पुत्र शहीद निवासी बैरागीवाला, थाना सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। एसएसपी देहरादून ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन

देहरादून। उत्तराखंड में लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने खोजबीन समिति (Search Committee) का गठन कर दिया है। सचिव कार्मिक एवं सतर्कता  शैलेश बगौली ने इस संबंध में जानकारी दी।

उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत गठित 5 सदस्यीय चयन समिति की 4 जून 2026 को हुई बैठक में हुए विचार-विमर्श और अधिनियम की धारा 4(3) के तहत मिली संस्तुति के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

गठित खोजबीन समिति का कार्य लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्य पदों के लिए योग्य व्यक्तियों के नामों का पैनल तैयार कर चयन समिति को उपलब्ध कराना होगा।

खोजबीन समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आलोक वर्मा, पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय नैनीताल को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सेवानिवृत्त मुख्य सचिव उत्तराखंड इन्दु कुमार पाण्डेय, सेवानिवृत्त मुख्य सचिव सुभाष कुमार, सेवानिवृत्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और दून विश्वविद्यालय देहरादून की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल को सदस्य बनाया गया है।

समिति उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 की धारा 4(4) के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए लोकायुक्त अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए उपयुक्त नामों का पैनल तैयार करेगी और इसे चयन समिति के अध्यक्ष को सौंपेगी।

लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद अब आगे की चयन प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।


उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी

देहरादून। उत्तराखंड में देवभूमि परिवार कानून लागू हो गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद देवभूमि परिवार अधिनियम-2026 अब प्रभावी हो गया है। इस कानून के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार का एकीकृत पारिवारिक डेटा तैयार किया जाएगा और हर परिवार को एक विशेष देवभूमि परिवार आईडी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के माध्यम से सरकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। परिवार आईडी के जरिए पात्र लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और अलग-अलग विभागों की योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
कानून के अनुसार उत्तराखंड में लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। इसमें राज्य के स्थायी कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ-साथ अन्य पात्र श्रेणियों को भी शामिल किया जा सकता है।

नई व्यवस्था के तहत परिवार की मुखिया के रूप में सामान्यतः 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला सदस्य को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य नहीं है तो अन्य वयस्क सदस्य को परिवार प्रमुख माना जाएगा।

देवभूमि परिवार प्राधिकरण का गठन भी किया जाएगा, जो परिवार आईडी से जुड़े कार्यों, डेटा प्रबंधन और विभागों के बीच समन्वय की निगरानी करेगा। इससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जरूरतमंद परिवारों तक सीधी पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

उत्तराखंड सरकार का मानना है कि यह पहल डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों को सरकारी सेवाओं का आसान और पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।


मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से उत्तराखण्ड बनेगा साहसिक खेलों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र- मुख्यमंत्री

ऊधम सिंह नगर।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से किया संवाद, आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान

रुद्रप्रयाग। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत विकासखंड जखोली के ग्राम मेदनपुर में कृषक गोष्ठी एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से सीधा संवाद कर आधुनिक, वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मिलेट्स और चौलाई से बने लड्डुओं को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में प्रसाद के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 हजार पॉलीहाउस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके प्रथम चरण में 16 हजार पॉलीहाउस लगाए जाएंगे। साथ ही मिलेट्स, ड्रैगन फ्रूट, कीवी एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। अरोमा मिशन के तहत 91 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मंत्री जोशी ने मेदनपुर के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कृषक नई तकनीकों को अपनाकर खेती में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेत किसान की आत्मा हैं और फसलों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से बचाने के लिए वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने महिला समूहों द्वारा मिलेट्स एवं चौलाई से तैयार किए जा रहे लड्डुओं का अवलोकन किया तथा समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा स्थापित फूलों की खेती, जियो टैंक एवं पॉलीहाउस का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग पूर्णतः जैविक जनपद है। यदि कोई व्यक्ति जिले में रासायनिक उर्वरकों की बिक्री करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


भ्रूण लिंग जांच मामले में चार दोषियों को सजा, डॉक्टर और दलाल को तीन-तीन साल की कैद

कुरुक्षेत्र। हरियाणा की कुरुक्षेत्र अदालत ने कोख में ही बेटियों को मारने वाली मानसिकता और अवैध लिंग जांच रैकेट के खिलाफ एक नजीर पेश करने वाला सख्त फैसला सुनाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवेंद्र की अदालत ने गर्भ में भ्रूण लिंग जांच  के मामले में एक एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर, एक दलाल और टेस्ट कराने आए दंपती समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों की दया याचिका को पूरी तरह खारिज करते हुए इस अपराध को महिलाओं की गरिमा और लैंगिक समानता पर सीधा प्रहार बताया है।

डॉक्टर और दलाल को 3-3 साल का कठोर कारावास

अदालत ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर (शांतिनगर) निवासी एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. कौशल कुमार और लाडवा (रविदास नगर) निवासी दलाल संदीप कुमार को पीसी-पीएनडीटी (PC-PNDT) एक्ट की विभिन्न धाराओं और आईपीसी की धारा 120-बी (साजिश रचने) के तहत दोषी पाया। दोनों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा और ₹5,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

जांच कराने पहुंचे माता-पिता को भी 1 साल की जेल

अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल रैकेट चलाने वालों, बल्कि अवैध जांच को बढ़ावा देने वाले माता-पिता को भी नहीं बख्शा। करनाल (इन्द्री) के गोदपुर निवासी दंपती रेखा और रिंकू, जो अपने गर्भस्थ शिशु की लिंग जांच कराने पहुंचे थे, उन्हें पीसी-पीएनडीटी एक्ट की धारा 6(सी) के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

‘सभ्य समाज के लिए गंभीर खतरा’ — अदालत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान दोषियों ने अपने छोटे बच्चों, बीमार माता-पिता और पहली बार अपराध में शामिल होने का हवाला देकर कोर्ट से रहम की गुहार लगाई थी। मगर सरकारी वकील ने इसका कड़ा विरोध किया। न्यायाधीश ने सजा का ऐलान करते हुए कहा कि यह मामला समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवता और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ एक गंभीर अपराध है, जिसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।


पटना के वीआईपी इलाके में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग, सरकारी कर्मचारी की पत्नी बनी शिकार

पटना। बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब वे वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला कदमकुआं थाना क्षेत्र के काजीपुर इलाके का है, जहां शुक्रवार की देर शाम बदमाशों ने दिनदहाड़े एक सरकारी आवास के मुख्य द्वार पर खड़ी महिला से सोने की चेन लूट ली और आसानी से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

डीएम कार्यालय के स्टेनो के घर को बनाया निशाना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, काजीपुर रोड नंबर 1 स्थित मकान संख्या 10 (सरकारी आवास) के बाहर शुक्रवार शाम करीब छह बजे अर्चना कुमारी अपने बच्चों के साथ खड़ी थीं। अर्चना कुमारी के पति राजेश कुमार त्रिवेदी पटना के जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत हैं। जब वह घर के मुख्य गेट पर ही मौजूद थीं, तभी एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन उड़ा ली।

₹3 लाख की थी चेन, CCTV में कैद हुए बदमाश

वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर अपराधी तेजी से दक्षिण दिशा की ओर रफूचक्कर हो गए। पीड़िता के मुताबिक लूटी गई सोने की चेन करीब 20 ग्राम की थी, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग तीन लाख रुपये आंकी जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही कदमकुआं थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दोनों बदमाशों की हरकतें और मोटरसाइकिल साफ नजर आ रही है, हालांकि हेलमेट पहनने के कारण उनके चेहरे स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस ने अर्चना कुमारी के लिखित बयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और बाइक नंबर के जरिए लुटेरों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।


‘राव बहादुर’ का दमदार टीजर रिलीज, रहस्य और रोमांच से भरपूर दिखी सत्यदेव की नई दुनिया

साउथ सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘राव बहादुर’ का टीजर रिलीज होते ही चर्चा का विषय बन गया है। निर्देशक वेंकटेश महा की इस फिल्म में अभिनेता सत्यदेव मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। रहस्य, मनोवैज्ञानिक तनाव और भव्य विजुअल्स से सजे टीजर ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि मेकर्स ने टीजर जारी करते हुए साफ कहा है कि यह फिल्म की दुनिया की सिर्फ एक छोटी सी झलक है।

फिल्म को लेकर उत्साह जाहिर करते हुए सुपरस्टार महेश बाबू ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने लिखा कि ‘राव बहादुर’ को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए पूरी टीम ने शानदार काम किया है। महेश बाबू ने दर्शकों से टीजर देखने की अपील करते हुए फिल्म की रिलीज का भी जिक्र किया। यह फिल्म 3 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

टीजर में सत्यदेव एक राजकुमार के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिनका लुक और स्क्रीन प्रेजेंस काफी प्रभावशाली दिखाई दे रहा है। उनके किरदार के इर्द-गिर्द रहस्य और भय का ऐसा माहौल रचा गया है, जो कहानी को अलग स्तर पर ले जाता है। फिल्म में ‘शक’ को सबसे बड़े दुश्मन और अदृश्य भय के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसकी कहानी मनोवैज्ञानिक ड्रामा और मिस्टिकल रियलिज्म की ओर बढ़ती दिखाई देती है।

फिल्म का सिनेमाई कैनवस बेहद भव्य और आकर्षक नजर आ रहा है। वेंकटेश महा ने इस परियोजना में लेखक, निर्देशक और संपादक की जिम्मेदारी संभाली है। सत्यदेव के अलावा फिल्म में विकास मुप्पला, दीपा थॉमस, बाला पराशर, आनंद भारती, प्रणय वाका और मास्टर किरण भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। टीजर को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

(साभार)


ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स सप्लाई रैकेट का खुलासा, दो नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की ईकोटेक वन कोतवाली पुलिस ने कॉलेज छात्रों और रिहायशी सोसायटियों को निशाना बनाने वाले एक हाई-टेक ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नाइजीरियाई मूल के दो विदेशी नागरिकों को प्रतिबंधित और बेहद नशीले मादक पदार्थों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर लेकर डिमांड के आधार पर छात्रों को सिंथेटिक ड्रग्स की होम डिलीवरी कर रहे थे।

₹5 लाख की हाई-ग्रेड एमडीएमए बरामद

डीसीपी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्मशान भूमि कट के पास चेकिंग के दौरान एक दिल्ली नंबर की स्कूटी को रोका। तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से 39.27 ग्राम क्रिस्टल एमडीएमए (MDMA) और मेथामफेटामाइन श्रेणी के प्रतिबंधित ड्रग्स बरामद हुए। इसके अलावा उनके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी गई है, जिसे ये आरोपी 5 हजार रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से बेचते थे।

छात्र वीजा पर आकर फैलाई नशे की जड़ें

पकड़े गए आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी एंथनी चिनवुबा उर्फ डेविड और अमोस मूसा उर्फ लकी के रूप में हुई है। ये दोनों वर्तमान में बिसरख की नेचर वैली सोसायटी और नॉलेज पार्क-3 की सोसायटियों में छिपकर रह रहे थे। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी साल 2018 में स्टूडेंट वीजा पर भारत आए थे और पिछले 3 साल से लगातार दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स तस्करी के काले कारोबार में लिप्त थे।

सप्लाई चेन खंगालने में जुटी पुलिस

पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे दिल्ली के एक सप्लायर से थोक में ड्रग्स खरीदकर लाते थे और फिर ग्रेटर नोएडा की सोसायटियों व कॉलेजों के छात्रों को व्हाट्सएप के जरिए जाल में फंसाकर बेचते थे। ईकोटेक वन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। अब पुलिस इनके पूरे नेटवर्क और दिल्ली के मुख्य सप्लायर की तलाश में जुट गई है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp