Tuesday, June 16th, 2026

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मसूरी होम स्टे में महिला की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा जांच से खुलेगा मौत का राज

Daily Archives: 16/06/2026

मसूरी होम स्टे में महिला की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा जांच से खुलेगा मौत का राज

देहरादून। मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित एक होम स्टे में दिल्ली निवासी 27 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 15 जून की सुबह 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि टिपरीधार स्थित कियाना होम स्टे के एक कमरे में एक महिला अचेत अवस्था में पड़ी है। महिला अपने पति के साथ कमरे में ठहरी हुई थी। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस के फार्मासिस्ट ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान पी. राधा गायत्री (27) पत्नी सौम्या श्रीचरण, निवासी दिल्ली के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार दंपति 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचे थे और 14 जून की रात मसूरी स्थित होम स्टे पहुंचे थे।

मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि रात में दोनों ने शराब का सेवन किया था और करीब साढ़े तीन बजे सो गए थे। सुबह उठने पर पत्नी अचेत अवस्था में मिली।

पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाकर घटनास्थल की जांच कराई और साक्ष्य जुटाए। कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए कोरोनेशन अस्पताल देहरादून भेजा गया।

डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
मृतका के पिता की ओर से मामले की जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बिसरा जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के कारणों का अंतिम खुलासा हो सकेगा।


एक जागरूक मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है- गणेश जोशी

मतदाता सूची में नाम का सत्यापन कर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया गहन पुनरीक्षण अभियान में सहभागिता का आह्वान, बीएलओ को सौंपा एसआईआर प्रपत्र

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में बीएलओ को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची में अपने नाम का सत्यापन एवं आवश्यक विवरणों का अद्यतन कराया। इस अवसर पर निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें गणना प्रपत्र भी उपलब्ध कराया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील करते हुए कहा कि मताधिकार केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हमारी सक्रिय भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक जागरूक और जिम्मेदार मतदाता ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति होता है तथा प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि कर आवश्यक संशोधन समय रहते अवश्य कराए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। इसलिए सभी पात्र मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का लाभ उठाते हुए अपने विवरणों को अद्यतन करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने में योगदान दें।

कृषि मंत्री ने कहा कि एक जागरूक मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और प्रत्येक मत राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर एक सशक्त, समृद्ध और जागरूक भारत के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।


एसएसबी और वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, चंदन की लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़; तीन गिरफ्तार

बलरामपुर (उत्तर प्रदेश): भारत-नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 9वीं वाहिनी और वनकटवा वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदन की लकड़ी की तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। टीम ने चौधरीडीह गांव के पास से तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ बोटा (टुकड़े) चंदन की कीमती लकड़ी, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक लाल रंग की कार और एक मोटरसाइकिल को सीज कर दिया गया है।

वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) शत्रोहन लाल ने बताया कि एसएसबी के गंदेलानाका पोस्ट को पुख्ता सूचना मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 614(63) से करीब 10 किलोमीटर भीतर भारतीय क्षेत्र में एक लाल रंग की कार से चंदन की लकड़ी की अवैध तस्करी होने वाली है। सूचना मिलते ही एसएसबी की क्यूआरटी (QRT) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौधरीडीह गांव में जाल बिछाया।

सोमवार की रात सिरसिया की तरफ से एक लाल कार आती दिखी, जिसके आगे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक रास्ता साफ होने का इशारा (पायलटिंग) करते हुए चल रहे थे। टीम ने जब घेराबंदी की, तो आरोपी गाड़ियां छोड़कर भागने लगे, जिन्हें दौड़ाकर दबोच लिया गया।

कार की तलाशी लेने पर उसके अंदर से चंदन की लकड़ी के आठ बड़े बोटे बरामद हुए। परिवहन या कटान से जुड़े वैध दस्तावेज न होने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुशील पांडेय (निवासी नेवादा तारपत, कानपुर), सत्येंद्र सिंह (निवासी नदीह खुर्द, कानपुर) और महेश (निवासी मुबारकपुर टीला, कन्नौज) के रूप में हुई है। वन विभाग जब्त की गई लकड़ी की पैमाइश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत का आकलन करने में जुटा है।

सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग का वनकटवा रेंज कीमती लकड़ियों जैसे खैर, सागौन और साखू की अवैध कटान के लिए लंबे समय से संवेदनशील रहा है। पूर्व में इस रेंज के रेंजर राजेश पाठक को भी खैर की लकड़ी की तस्करी के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। 6 महीने पहले भी पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें कुछ सफेदपोशों के करीबियों के नाम सामने आए थे। पुलिस अब इस मामले में भी तस्करों के स्थानीय नेटवर्क और लकड़ी ग्रामीण क्षेत्र की है या वन्य क्षेत्र की, इसकी गहनता से जांच कर रही है।


ब्रेकिंग: NEET में सफलता नहीं मिलने से निराश युवती ने उठाया खौफनाक कदम, घर में मिला शव

देहरादून। राजधानी देहरादून के चंद्रमणि कॉलोनी क्षेत्र में एक 23 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार युवती मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए लंबे समय से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परीक्षा में लगातार सफलता नहीं मिलने के कारण वह तनाव और हताशा में बताई जा रही थी।

परिजनों के अनुसार युवती घर के कमरे में पंखे से लटकी हुई मिली। सूचना मिलने पर पटेल नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें युवती ने लिखा है— “मम्मी-पापा आई लव यू”। सीओ सदर अंकित कंडारी ने सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि की है।

पुलिस ने सुसाइड नोट और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।


कर्णप्रयाग में मामूली विवाद से मचा बवाल

आयुषी

चारधाम यात्रा सीजन के बीच चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। बाजार क्षेत्र में शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि कुछ यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई कहासुनी के बाद धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कर्णप्रयाग बाजार में सामान्य दिनों की तरह गतिविधियां चल रही थीं। दुकानदार अपने प्रतिष्ठान खोल चुके थे और स्थानीय लोग रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान एक स्थानीय व्यापारी और कुछ यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य विवाद जैसा लग रहा था, लेकिन कुछ ही मिनटों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

आरोप है कि इसी दौरान धारदार हथियार निकाला गया और हमला किया गया। घटना में एक स्थानीय युवक के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ अन्य लोगों के भी चोटिल होने की बात सामने आई है। हालांकि घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अचानक हुए घटनाक्रम से लोग घबरा गए और कई दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।घटना की सूचना तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बाजार पहुंच गए। लोगों में घटना को लेकर आक्रोश भी देखने को मिला। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले दोनों पक्षों को अलग किया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के संबंध में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। राज्य में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे हैं। कर्णप्रयाग भी यात्रा मार्ग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां बड़ी संख्या में यात्री और स्थानीय लोग प्रतिदिन संपर्क में आते हैं।ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर हुई हिंसक झड़प ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों का मानना है कि यात्रा सीजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को गंभीरता से लिया जाएगा।घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई व्यापारियों ने कहा कि बाजार क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कर्णप्रयाग हमेशा से शांतिपूर्ण क्षेत्र रहा है और यहां आने वाले यात्रियों का स्वागत किया जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना से क्षेत्र की छवि पर भी असर पड़ता है।घटना के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के दावे और संदेश प्रसारित होने लगे।

इसे देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। पुलिस का कहना है कि अपुष्ट जानकारी साझा करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही लोगों से कानून हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की भी अपील की गई है।फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, हिंसा तक मामला क्यों पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।कर्णप्रयाग में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों के बीच चिंता पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने की उम्मीद की जा रही है।


ओलम्पिक दिवस पर दून में खेलों का महाकुंभ

आयुषी

विश्व ओलम्पिक दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून में खेलों का उत्साह चरम पर रहने वाला है। 23 जून को मनाए जाने वाले विश्व ओलम्पिक दिवस के उपलक्ष्य में जिला खेल विभाग द्वारा चार दिवसीय ओलम्पिक दिवस कप प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। 20 जून से शुरू होकर 23 जून तक चलने वाले इस आयोजन में जिले भर के खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।खेल विभाग की ओर से इस बार प्रतियोगिता को व्यापक स्वरूप दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सके। आयोजन में बुसु, हॉकी, फुटबॉल, हैंडबॉल और बॉक्सिंग जैसे प्रमुख खेल शामिल किए गए हैं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को न केवल प्रतिस्पर्धात्मक मंच मिलेगा, बल्कि उन्हें खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

जिला क्रीड़ा अधिकारी रविंद्र भंडारी ने बताया कि विश्व ओलम्पिक दिवस केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आयोजित होने वाले ओलम्पिक दिवस कप में कई लोकप्रिय खेलों को शामिल किया गया है, जिससे विभिन्न खेल विधाओं से जुड़े खिलाड़ियों को भागीदारी का अवसर मिल सके।उन्होंने जानकारी दी कि प्रतियोगिताएं ओपन स्तर पर आयोजित की जाएंगी। इसका मतलब है कि पात्र खिलाड़ी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कर प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकेंगे।

खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 19 जून निर्धारित की गई है। विभाग को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में खिलाड़ी इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाएंगे।विश्व ओलम्पिक दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना है। ओलम्पिक आंदोलन के मूल सिद्धांत उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान पर आधारित हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ष विभिन्न देशों में खेल प्रतियोगिताओं, फिटनेस कार्यक्रमों और जनजागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाता है।देहरादून में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम भी इसी भावना को मजबूत करेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन स्थानीय स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। कई खिलाड़ी इसी तरह की प्रतियोगिताओं से आगे बढ़कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने में सफल होते हैं।उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान खेलों के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ा है।

राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। ऐसे में जिला स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती हैं।खेल विभाग की ओर से प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि खिलाड़ियों को समय-समय पर सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है और वे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं। यही कारण है कि इस आयोजन में विजेता और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए विशेष सम्मान की व्यवस्था की गई है।वहीं, प्रतियोगिताओं को लेकर खिलाड़ियों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

कई खिलाड़ी पहले से ही अभ्यास में जुट गए हैं और प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयारी कर रहे हैं। खेल मैदानों में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि ओलम्पिक दिवस कप को लेकर युवाओं में विशेष उत्सुकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि आज के दौर में खेल केवल करियर का विकल्प ही नहीं बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।

ऐसे में विश्व ओलम्पिक दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम समाज में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।20 जून से शुरू होने वाली इन प्रतियोगिताओं के साथ देहरादून एक बार फिर खेल गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाले मुकाबलों में जहां खिलाड़ियों का जोश और जुनून देखने को मिलेगा, वहीं दर्शकों को भी रोमांचक खेल प्रतियोगिताओं का आनंद लेने का अवसर प्राप्त होगा। विश्व ओलम्पिक दिवस के अवसर पर आयोजित यह खेल महोत्सव न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं को खेलों के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा भी देगा।


प्राणघातक हमले के मामले में जिला अदालत का बड़ा फैसला, दो दोषियों को 4-4 साल की जेल

बहराइच: बहराइच की जिला अदालत ने प्राणघातक हमले के एक बेहद गंभीर और पुराने मामले में त्वरित न्याय करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला जज राजेश कुमार सिंह ने दोनों दोषियों को चार-चार वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों पर 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न अदा करने की स्थिति में दोषियों को तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की मजबूत पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) गिरीश चंद्र शुक्ल ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसरगंज थाना क्षेत्र के सिदरखा कुंडासर निवासी राम सिंह ने 20 नवंबर, 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक, टेड़वा सरैया के रहने वाले बलराज और देशराज उनके बेटे पप्पू उर्फ धर्मेंद्र कुमार सिंह को मक्के की दवाई करवाने के बहाने अपने घर बुलाकर ले गए थे। वहां दोनों ने रंजिश के तहत पप्पू पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया और उसे जलती हुई आग में ढकेल दिया, जिससे उसका दाहिना पैर बुरी तरह जल गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।

अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी पाया। मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया। अदालत के आदेश के बाद दोषियों का सजायाबी वारंट तैयार कर उन्हें तत्काल कारावास भुगतने के लिए जेल रवाना कर दिया गया है।

एक अन्य मामले में, विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अरविंद कुमार गौतम ने नानपारा कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक (Sub-Inspector) मनीष यादव के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि उप निरीक्षक द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद न्यायालय के समक्ष आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत न करना बेहद आपत्तिजनक और आदेश की अवहेलना है। न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 19 जून के लिए नोटिस जारी कर उप निरीक्षक से व्यक्तिगत जवाब तलब किया है।


कर्णप्रयाग में एनएच-07 पर यातायात सुचारु, विवाद के बाद प्रशासन ने संभाला मोर्चा

चमोली:कर्णप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो गई है। कर्णप्रयाग के पंच पुलिया क्षेत्र में यात्रियों के एक समूह और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद कुछ समय के लिए मार्ग बाधित हो गया था।

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया और मार्ग को सुचारु कराया।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और घटना में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अराजकता या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने यात्रियों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी है।


कोटद्वार से गोपेश्वर और ऋषिकेश एम्स के लिए शुरू हुई रोडवेज बस सेवा, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने दिखाई हरी झंडी

कोटद्वार: कोटद्वार क्षेत्र के लोगों को परिवहन सुविधा की बड़ी सौगात मिली है। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने मंगलवार को उत्तराखंड परिवहन निगम की दो नई बस सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कोटद्वार से गोपेश्वर और कोटद्वार से ऋषिकेश एम्स के लिए संचालित होने वाली रोडवेज बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल रहा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनता की सुविधा और बेहतर यातायात व्यवस्था उनकी प्राथमिकता है। लंबे समय से कोटद्वार से ऋषिकेश एम्स के लिए सीधी बस सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है।

उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। सीधी बस सेवा शुरू होने से मरीजों और उनके परिजनों को वाहन बदलने की परेशानी से राहत मिलेगी और समय व धन की बचत होगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि कोटद्वार से गोपेश्वर बस सेवा शुरू होने से गढ़वाल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा। इसका लाभ यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और पर्यटकों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार नई सेवाएं शुरू की जा रही हैं।

इस अवसर पर उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी, जिला अध्यक्ष कोटद्वार राज गौरव, महापौर शैलेन्द्र रावत, मंडल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


दयालपुर में सरेआम फायरिंग से दहली राजधानी, बाइक सवार बदमाशों ने 40 वर्षीय राशिद को गोलियों से भूना

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए अज्ञात हमलावरों ने सरेआम गोलीबारी कर एक 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की पहचान राशिद (40) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दयालपुर में हमलावरों ने राशिद पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाईं, जिससे वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

वारदात से जुड़ा एक खौफनाक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन संदिग्ध व्यक्ति मौके पर पहुंचते हैं। इनमें से दो हमलावरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। बाइक रुकते ही आरोपी वाहन से उतरते हैं और राशिद पर बेहद करीब से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर देते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बड़ी आसानी से मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से रफूचक्कर हो जाते हैं।

 पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनके संभावित ठिकानों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। इलाके में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि बदमाशों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


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