Tuesday, June 16th, 2026

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घर पर अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन के लिए BLA को साथ लेकर जाएं BLO- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

Daily Archives: 16/06/2026

घर पर अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन के लिए BLA को साथ लेकर जाएं BLO- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सीईओ ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त  संजय कुमार ने मंगलवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

बैठक में मतदाता गणना फार्म के वितरण और उनके डिजिटाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि गणना फार्म वितरण का कार्य तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। जिन जनपदों में फार्म वितरण लगभग पूरा हो चुका है, वहां अब डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाई जाए।

डॉ. पुरुषोत्तम ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं बूथवार समीक्षा करें। जिन बूथों पर फार्म वितरण और डिजिटाइजेशन की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त कार्मिकों को हेल्पिंग हैंड के रूप में तैनात किया जाए।

उन्होंने कहा कि घर पर अनुपस्थित पाए जाने वाले मतदाताओं के सत्यापन के लिए बीएलओ (BLO) और बीएलए (BLA) संयुक्त रूप से मतदाताओं के घर जाएं और अनिवार्य रूप से तीन बार विजिट करें।

भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में फार्म वितरण पूरा हो चुका है और मतदाता उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे मामलों में डिजिटाइजेशन के बाद सूची संबंधित बूथ लेवल एजेंटों से भी साझा की जाए। उन्होंने कहा कि एबसेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट वोटरों के गणना फार्म पर बीएलओ द्वारा फील्ड रिपोर्ट दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिससे मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाया जा सके।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और ईआरओ मौजूद रहे।


रूस में बैठे गैंगस्टर सचिन के नेटवर्क पर STF का शिकंजा, पत्नी ममता रानी गिरफ्तार

अंबाला- विशेष कार्य बल (STF) की अंबाला यूनिट ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने रूस में बैठकर भारतीय सरजमीं पर आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे कुख्यात गैंगस्टर सचिन की पत्नी और गैंग की सक्रिय सदस्य ममता रानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला भारत में अपने पति के गैंग को वित्तीय (फाइनेंशियल) मदद और लॉजिस्टिक सहायता मुहैया करा रही थी।

डीएसपी अमन के अनुसार, जांच में सामने आया है कि करनाल के गांव धनौरा की रहने वाली ममता रानी का पति गैंगस्टर सचिन लंबे समय से रूस में छिपा हुआ है। वह विदेश में सुरक्षित बैठकर डिजिटल माध्यमों से भारत में मौजूद अपने शूटरों और गुर्गों को निर्देश देता है। गैंग द्वारा व्यापारियों से की जाने वाली रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से आने वाले काले धन का प्रबंधन भारत में ममता रानी ही संभाल रही थी। हथियार जुटाने से लेकर शूटरों तक पैसे पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी की थी।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एसटीएफ अंबाला ने बीते 15 मार्च को यमुनानगर के थाना छप्पर में संगठित अपराध धारा 111 और आर्म्स अमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस दौरान गैंग के कुछ गुर्गों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला था कि वे यमुनानगर के एक कार सेल-परचेज व्यवसायी की हत्या करने की फिराक में थे। इस साजिश की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच टीम सीधे मास्टरमाइंड सचिन की पत्नी ममता रानी तक पहुंच गई।

प्राथमिकी दर्ज होने और गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ममता रानी भी विदेश भाग गई थी। लेकिन एसटीएफ की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। पुख्ता खुफिया इनपुट और तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) के आधार पर एसटीएफ ने जाल बिछाकर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के अन्य मददगारों और बैंक खातों का पता लगाया जा सके।


अगस्त में जारी होगी आउट ऑफ टर्न जॉब की विज्ञप्ति : रेखा आर्या

देहरादून: राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न जॉब जल्द ही मिलने जा रही है। समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने अगस्त माह तक इसकी विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं।

खेल विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा के लिए मंगलवार को सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आउट ऑफ टर्न जॉब देने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस काम को विभाग सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करें।

इसके साथ ही खेल मंत्री ने बैठक में खेल विश्वविद्यालय का शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए जल्द से जल्द नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पहले सत्र में जिन विषयों में एडमिशन होंगे उनका चयन किया जा चुका है। खेल मंत्री ने बताया कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जुलाई माह से यहां भी पहला शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा।

बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेलों के ट्रायल किस तरह होंगे और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम क्या होगा, इसकी तैयारी के लिए जल्द से जल्द विभाग के अधिकारी उत्तराखंड ओलंपिक संघ के साथ बैठक आयोजित करें।

इसके अतिरिक्त खेल मंत्री रेखा आर्या ने नई खेल नीति बनाने और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम स्थापित करने के काम को भी तेजी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।


नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही 23 वर्षीय रिया ने लगाई फांसी, कमरे से सुसाइड नोट बरामद

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक 23 वर्षीय छात्रा ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रिया कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिया कुमारी पिछले कुछ समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही थी। शुरुआती जांच और सुसाइड नोट के आधार पर यह बात सामने आ रही है कि पढ़ाई में मनमुताबिक सफलता नहीं मिलने के कारण वह काफी समय से हताश और मानसिक तनाव में थी। इसी निराशा के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।


प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा की मां श्यामा देवी का निधन

78 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा की मां श्यामा देवी राणा का निधन हो गया है। उन्होंने 78 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, श्यामा देवी राणा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं। 12 जून को बेटे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज जसपाल राणा के निधन के बाद वह गहरे सदमे में थीं। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बेटे के असामयिक निधन का दुख उन्हें भीतर तक झकझोर गया था और वह इस आघात से उबर नहीं पाईं।

पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा के परिवार पर कुछ ही दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुखद घटना है। पहले जसपाल राणा के निधन और अब उनकी माता के देहावसान से परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है।

श्यामा देवी राणा के निधन पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और खेल जगत से जुड़े लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। क्षेत्र में भी शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।


शॉर्टकट के चक्कर में रास्ता भटके चार यात्री, SDRF ने रात के अंधेरे में किया सुरक्षित रेस्क्यू

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग पर शॉर्टकट के चक्कर में मुख्य रास्ते से भटके चार यात्रियों को SDRF की टीम ने देर रात कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। यात्री घने अंधेरे और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में नदी के दूसरे किनारे फंस गए थे, जहां से उन्होंने मदद के लिए गुहार लगाई।

जानकारी के अनुसार, 15 जून 2026 की रात करीब 10:35 बजे कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से SDRF पोस्ट लिनचोली को सूचना मिली कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार युवक यात्री रास्ता भटक गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट लिनचोली की टीम हेड कांस्टेबल भारत सिंह और हेड कांस्टेबल मोहन सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।

टीम ने मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से संपर्क कर उनकी लोकेशन प्राप्त की और उन्हें सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया। इसके बाद घने अंधेरे, झाड़ियों और कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच SDRF जवानों ने रात्रिकालीन सर्च ऑपरेशन चलाया।
काफी प्रयासों के बाद SDRF टीम ने चारों यात्रियों को खोज निकाला और उन्हें सुरक्षित मुख्य पैदल मार्ग तक पहुंचाया। रात अधिक होने और आगे का रास्ता जोखिमपूर्ण होने के कारण सभी यात्रियों को लिनचोली में सुरक्षित ठहराया गया।

रेस्क्यू किए गए यात्रियों में साहिल कुमार (20), सुजीत कुमार (18) और हिमांशु (24) निवासी वैशाली, बिहार तथा रूपेश (17) निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

SDRF के इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन से चारों यात्रियों की जान बच गई। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।


पॉक्सो मामले में कार्रवाई न होने से टूट गया परिवार, दंपति ने बेटी संग जहर खाकर दी जान देने की कोशिश

कुरुक्षेत्र- नाबालिग बेटी से जुड़े पॉक्सो (POCSO) मामले में पुलिस की कथित ढीली कार्रवाई और आरोपियों की धमकियों से तंग आकर एक न्याय-पीड़ित परिवार ने खौफनाक कदम उठा लिया। हताश माता-पिता ने अपनी मासूम बेटी के साथ जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया। इस आत्मघाती कदम से पहले दंपति ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपना दर्द बयां किया था। घटना के तुरंत बाद तीनों को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

पीड़ित दंपति ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी गंभीर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। लाइव वीडियो में भावुक और लाचार दिख रहे दंपति ने पुलिस को शाम 4 बजे तक का समय देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपनी बेटी के साथ जान दे देंगे।

दंपति ने फेसबुक लाइव के दौरान स्थानीय पुलिस और कुछ रसूखदार लोगों पर मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया। उनका कहना था कि शिकायत दर्ज होने के बाद से ही आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को लगातार गाली-गलौज और केस वापस लेने की धमकियां दे रहे हैं। पुलिस की निष्क्रियता और समाज से न्याय न मिलने के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।

जहर खाने से पहले दंपति ने एक विस्तृत सुसाइड नोट भी तैयार किया था, जिसे उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट किया। इस नोट में उन्होंने अपनी इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर फरार आरोपियों, कुछ स्थानीय मददगारों और लापरवाह पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।


ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कितना असरदार है करेला जूस? जानिए विशेषज्ञों की राय

ब्लड शुगर की समस्या आज तेजी से बढ़ रही है और यह केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। खराब जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कम उम्र के लोग भी डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाइयों के साथ स्वस्थ आहार और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन भी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।

इसी कड़ी में करेला जूस को एक लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है। कई अध्ययनों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में यह दावा किया गया है कि करेला में मौजूद पोषक तत्व शरीर में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह के साथ ही करना चाहिए।

शुगर कंट्रोल में कैसे मदद करता है करेला जूस?

करेला में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं। इसमें मौजूद चारेंटिन और पॉलीपेप्टाइड-पी जैसे यौगिक रक्त में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के बीच करेला जूस को काफी उपयोगी माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, करेला अग्न्याशय (पैंक्रियाज) के कार्य को भी समर्थन दे सकता है, जिससे शरीर में इंसुलिन उत्पादन की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन को कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।

सेवन से पहले बरतें सावधानी

हालांकि करेला जूस के कई संभावित लाभ बताए जाते हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने पर ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से काफी नीचे जा सकता है। खासतौर पर वे लोग जो पहले से डायबिटीज की दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें करेला जूस को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक उपाय को इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही डायबिटीज को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों और उपलब्ध शोध के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

(साभार)


देहरादून में बरसे बादल, मानसून करीब

आयुषी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इन दिनों बारिश की फुहारों से सराबोर है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। जहां कुछ दिन पहले तक लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं अब बादलों की गड़गड़ाहट, ठंडी हवाओं और रुक-रुककर हो रही बारिश ने पूरे प्रदेश को राहत का एहसास कराया है। इसी बीच मौसम विभाग की ओर से आया ताजा अपडेट राज्यवासियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 से 25 जून के बीच उत्तराखंड में प्रवेश कर सकता है।देहरादून की सड़कों पर बारिश की बूंदों की चमक, पहाड़ों पर छाए घने बादल और वातावरण में घुली ठंडक यह संकेत दे रही है कि मानसून अब ज्यादा दूर नहीं है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान में हो रही बारिश प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो मानसून के आगमन की भूमिका तैयार कर रही हैं।जून का पहला पखवाड़ा उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में गर्म और उमस भरा रहा। मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर महसूस किया गया। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था।हालांकि पिछले कुछ दिनों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और बारिश ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई है। शाम और सुबह के समय वातावरण सुहावना हो गया है। राजधानी देहरादून में बारिश के बाद तापमान में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है।स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद जून के महीने में मौसम इतना खुशनुमा महसूस हो रहा है। शहर के पार्कों, पर्यटन स्थलों और बाजारों में लोगों की आवाजाही भी बढ़ी है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और उत्तर भारत के कई हिस्सों की ओर बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। यदि मौजूदा मौसमीय स्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून 22 से 25 जून के बीच उत्तराखंड में प्रवेश कर सकता है।आमतौर पर मानसून का उत्तराखंड पहुंचना राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह केवल बारिश का मौसम नहीं बल्कि कृषि, पेयजल, जलविद्युत परियोजनाओं और पर्यटन उद्योग से जुड़ी गतिविधियों के लिए जीवनरेखा है। मानसून की अच्छी शुरुआत राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक दिशा देती है।विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी, पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति और हवाओं की दिशा मानसून की गति को प्रभावित करती है।

फिलहाल सभी संकेत मानसून के समय पर पहुंचने की ओर इशारा कर रहे हैं।उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून का इंतजार सबसे अधिक किसान करते हैं। राज्य के हजारों किसान खरीफ सीजन की बुवाई की तैयारियों में जुटे हुए हैं। धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य फसलों की खेती मानसून पर काफी हद तक निर्भर करती है।विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर मानसून पहुंचने से मिट्टी में पर्याप्त नमी उपलब्ध होगी और बुवाई कार्य सुचारु रूप से शुरू हो सकेगा। यदि शुरुआती दौर में अच्छी बारिश होती है तो फसलों की उत्पादकता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस वर्ष मानसून सामान्य रहने की संभावना किसानों के लिए शुभ संकेत है। इससे जल स्रोतों का स्तर भी बेहतर होगा और सिंचाई की समस्याओं में कमी आएगी।देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरती मानसून के मौसम में और निखर जाती है। मानसून के दौरान पहाड़ियां हरियाली से भर उठती हैं, झरनों का जलप्रवाह तेज हो जाता है और घाटियों में बादलों का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है।मसूरी, नैनीताल, रानीखेत, कौसानी और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर मानसून के दौरान विशेष आकर्षण देखने को मिलता है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि मानसून के आगमन के साथ पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी।हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान यात्रा करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

मानसून के आगमन को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, राहत एवं बचाव दलों की तैनाती, आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता और जिला प्रशासन के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल है जहां मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही सतर्कता बरत रहा है। नदी किनारे बसे इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिला है। कभी कम समय में अत्यधिक बारिश तो कभी लंबे समय तक शुष्क मौसम जैसी स्थितियां सामने आई हैं। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हिमालयी राज्यों पर अधिक दिखाई दे रहा है।ऐसे में मानसून की प्रत्येक गतिविधि पर वैज्ञानिकों और मौसम विभाग की विशेष नजर बनी रहती है। उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य के लिए मौसम का सटीक पूर्वानुमान न केवल जनजीवन बल्कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।देहरादून में हो रही झमाझम बारिश ने मानसून के स्वागत की तस्वीर लगभग तैयार कर दी है। किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है, पर्यटन उद्योग बेहतर सीजन की प्रतीक्षा कर रहा है और आम लोग भीषण गर्मी से राहत मिलने से खुश हैं।

अब पूरे उत्तराखंड की निगाहें मौसम विभाग के अनुमान पर टिकी हैं।यदि सब कुछ अनुमान के अनुसार रहा तो 22 से 25 जून के बीच मानसून राज्य में प्रवेश कर जाएगा और इसके साथ ही उत्तराखंड में बारिश का एक नया अध्याय शुरू होगा। बादलों की गड़गड़ाहट और बारिश की फुहारें फिलहाल यही संकेत दे रही हैं कि मानसून की दस्तक अब बस कुछ ही दिनों की दूरी पर है।


तनिष्क शोरूम में करोड़ों की चोरी का एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी नितिन वर्मा अभी भी फरार

गाजियाबाद: कविनगर थाना पुलिस ने राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) स्थित मशहूर तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी के मामले में एक आरोपी को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मुरादनगर निवासी चितरंजन उर्फ चींटू के रूप में हुई है। हालांकि, वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड और शोरूम का सेल्समैन नितिन वर्मा घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा ने करीब एक महीने पहले ही 5 मई को शोरूम में नौकरी शुरू की थी। चोरी की वारदात को अंजाम देने से ठीक एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार रात को नितिन ने अपना जन्मदिन होने का बहाना बनाकर आरडीसी के एक ढाबे पर पार्टी दी थी। इस पार्टी में शोरूम का पूरा स्टाफ और सुरक्षाकर्मी शामिल हुए थे।

आशंका जताई जा रही है कि इसी पार्टी के दौरान नितिन ने शोरूम के कैशियर गौतम राज के पास रहने वाली चाबियों को चालाकी से हासिल कर लिया। इतना ही नहीं, रात में ड्यूटी पर तैनात रहने वाला सुरक्षाकर्मी भी वारदात के समय मौके से गायब था, जिसके कारण उसकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

शोरूम के प्रबंधक रोहित अरोड़ा (निवासी कालकाजी, दिल्ली) ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे सुरक्षाकर्मी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि शोरूम का शटर खुला हुआ है। मौके पर पहुंचने पर सोने-चांदी के करोड़ों के आभूषण गायब मिले।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि सुबह करीब सात बजे दो युवक पैदल ही शोरूम पहुंचे थे। उन्होंने चाबी से शटर का ताला खोला और अंदर दाखिल हो गए। आरोपियों ने पहले सीसीटीवी कैमरों को बंद करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद वे पहली मंजिल पर गए और शोकेस में रखी महंगी ज्वेलरी बैग में भरकर मात्र 25 मिनट के भीतर फरार हो गए। फुटेज के आधार पर स्टाफ ने मुख्य आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा (निवासी मोदीनगर) की पहचान की।

एसीपी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी चितरंजन से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी के जेवरों की बरामदगी और फरार मुख्य आरोपी नितिन वर्मा के ठिकाने का पता लगाया जा सके। नितिन का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया गया था, जिसमें उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला था। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।


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