Thursday, June 11th, 2026

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प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु से ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने की शिष्टाचार भेंट

Daily Archives: 11/06/2026

प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु से ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने की शिष्टाचार भेंट

देहरादून। ओलंपिक पदक विजेता एवं भूतपूर्व राज्यसभा सदस्य मैरीकाम ने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कॉर्पाेरेट एवं गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से खेल क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने तथा उनकी प्रतिभाओं के विकास हेतु विभिन्न संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करने और राज्य में खेल संस्कृति को सुदृढ़ कर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के खिलाडियों को अवसर प्रदान करने हेतु संभावना पर विचार किया गया।

इस मौके पर सचिव रणवीर सिंह, खेल निदेशक दीप्ती सिंह एवं अपर सचिव मनमोहन मैनाली उपस्थित रहे।


उत्त्राखणड में अवैध कब्जों पर बड़ा वार करोड़ो की जमीन मुक्त

पूजा भट्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत पौड़ी गढ़वाल जिले मे सरकारी भूमी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाया है।जिलाधिकारी स्वाती एस.भदौरिया के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीमों ने विभिन्न तहसीलों में सरकारी भूमी पर किए गए अवैध कब्जोें के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कराया।

तहसील लैंसडाउन के तोल्यों तोक,ग्राम च्वरा में सरकारी भूमी पर अवैध रुप से लगाई गई अतिरिक्त तारबाड़ को हटाया गय,जबकी रिखणीखाल क्षेत्र के ग्राम गुर्ड़ेता,घेड़ी और कण्डिया तल्ला में अस्थायी अतिक्रमणों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई। वही कोटद्वार तहसील के गांव नंदपुर स्थित पटवारी चैक मोटाढ़ाक की भूमि को भी कब्जामुक्त कराया गया। इसके अलावा ग्राम खूनीबढ़ में बंजर श्रेणी की सरकारी भूमि

तारबाड़़,गमलों और नर्सरी के माध्यम से किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने चिन्हित किया,जिसके बाद संबंधित व्यक्ति ने स्वयं ही कब्जा हटा लिया। जिलाधिकारी स्वाती एस.भदौरिया ने कहा कि सरकारी भूमि,सार्वजनिक मार्गों,चारगाहों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी तहसीलों में नियमित निरीक्षण और निगरानी निरीक्षण और निगरानी जारी रहेगी।उन्हानें स्पष्ट किया कि जहंा भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी तत्काल प्रशासन कों दें। प्रशासन ने साफ किया है कि जनहीत मंे चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा।


र्चारधाम यात्रा में नए भक्तों का सैलाब, टूटे पुराने रिकॉर्ड

आयुषी

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक आंदोलनों में से एक बनती जा रही है। वर्ष 2025 में भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा चारधामों की धारण क्षमता) पर किए गए अध्ययन में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह है कि चारधामों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का बड़ा हिस्सा पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए आया।अध्ययन के अनुसार, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों में पहली बार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज की गई है। यह आंकड़ा न केवल बढ़ती धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड में विकसित हो रहे धार्मिक पर्यटन और बेहतर होती यात्रा सुविधाओं की सफलता को भी रेखांकित करता है।रिपोर्ट बताती है कि गंगोत्री में 81 प्रतिशत श्रद्धालु पहली बार पहुंचे थे। वहीं, केदारनाथ में यह आंकड़ा 79 प्रतिशत दर्ज किया गया। यमुनोत्री में लगभग 70 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने पहली बार यात्रा की है, जबकि हेमकुंड साहिब में यह संख्या सबसे अधिक 89 प्रतिशत रही।विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रवृत्ति बताती है कि चारधाम यात्रा अब केवल पारंपरिक श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रह गई है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में युवा, परिवार और नए यात्री भी इन तीर्थस्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

अध्ययन में यात्रियों द्वारा उपयोग किए गए परिवहन साधनों का भी विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, निजी टैक्सी और बसें श्रद्धालुओं की सबसे पसंदीदा यात्रा व्यवस्था बनकर उभरी हैं।केदारनाथ में 41 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने निजी टैक्सी या बस से यात्रा की, जबकि 34 प्रतिशत लोगों ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया। लगभग 15 प्रतिशत निजी कारों और 6 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने दोपहिया वाहनों से यात्रा पूरी की।गंगोत्री में निजी टैक्सी और बसों की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत रही। यहां 19 प्रतिशत लोग निजी कारों और 9 प्रतिशत दोपहिया वाहनों से पहुंचे।हेमकुंड साहिब में सार्वजनिक परिवहन सबसे लोकप्रिय माध्यम रहा, जबकि निजी टैक्सी और निजी कारों का उपयोग भी बड़ी संख्या में किया गया। यमुनोत्री में सार्वजनिक परिवहन और निजी टैक्सी के उपयोग का प्रतिशत लगभग समान पाया गया।पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच को आसान बनाने में हेलीकॉप्टर सेवाओं की भूमिका भी बढ़ती दिखाई दे रही है। अध्ययन के अनुसार, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में लगभग 7 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने हेलीकॉप्टर का उपयोग किया।

वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री में करीब 3 प्रतिशत यात्री हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से पहुंचे।विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग श्रद्धालुओं और सीमित समय वाले यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरी हैं।चारधाम यात्रा के दौरान ठहरने की व्यवस्था को लेकर भी दिलचस्प रुझान सामने आए हैं। अधिकांश श्रद्धालुओं ने होटल और होमस्टे को अपनी पहली पसंद बताया। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिल रहा है।हालांकि, धर्मशालाओं और टेंट कैंपों की लोकप्रियता भी बनी हुई है। यमुनोत्री में 10 प्रतिशत श्रद्धालु धर्मशालाओं में ठहरे, जो सभी धामों में सबसे अधिक है। दूसरी ओर, केदारनाथ में 18 प्रतिशत यात्रियों ने टेंट और कैंप में रुकना पसंद किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित आवासीय संसाधनों के बावजूद कैंपिंग का यह चलन तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के नए दौर की शुरुआत का संकेत है। बेहतर सड़क नेटवर्क, ऑल-वेदर रोड परियोजनाएं, डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था, मोबाइल कनेक्टिविटी, हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार और सोशल मीडिया के प्रभाव ने चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुलभ बना दिया है।हालांकि, बढ़ती भीड़ के साथ पर्यावरणीय संतुलन, यातायात प्रबंधन, कचरा निस्तारण और तीर्थस्थलों की धारण क्षमता जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान का यह अध्ययन भविष्य में यात्रा प्रबंधन, बुनियादी सुविधाओं के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान कर सकता है।


3 बच्चों की विधवा मां को शादी का झांसा देकर सहकर्मी ने किया दुष्कर्म; इस्तीफा देकर हुआ फरार

पलवल: हरियाणा के पलवल से एक बेहद ही संवेदनहीन और दिल दुखाने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन बच्चों की एक विधवा महिला को शादी का झांसा देकर उसकी ही कंपनी के एक सहकर्मी (साथ काम करने वाले) युवक द्वारा लंबे समय तक दुष्कर्म करने का संगीन आरोप लगा है। इतना ही नहीं, आरोपी महिला को बदनाम करने की नीयत से कंपनी से इस्तीफा देकर फरार हो गया है। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गदपुरी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली पीड़िता के पति की मृत्यु हो चुकी है। उस पर अपने दो बेटों और एक बेटी के लालन-पालन की पूरी जिम्मेदारी है। बच्चों के बेहतर भविष्य और घर के भरण-पोषण के लिए महिला एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। इसी कंपनी में नूंह (मेवात) जिले का रहने वाला अन्सार अली नामक युवक भी काम करता था, जो महिला के ही गांव में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। एक ही कंपनी में काम करने के कारण आरोपी ने महिला का पीछा करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उससे बातचीत बढ़ा ली।

शादी का झांसा देकर फंसाया, दबाव बनाने पर नौकरी छोड़ भागा

आरोपी अन्सार अली ने महिला को अपने झांसे में लेते हुए विश्वास दिलाया कि वह उससे शादी करेगा और उसके बच्चों को सहारा देगा। शादी का झांसा देकर आरोपी ने महिला को अपने चंगुल में फंसा लिया और उसके साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने उस पर शादी करने का कानूनी दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी बीमारी का बहाना बनाकर दो दिन की छुट्टी की बात कहकर वहां से निकल गया।

इसके बाद जब महिला कंपनी पहुंची, तो उसे पता चला कि आरोपी कंपनी से हमेशा के लिए इस्तीफा देकर जा चुका है। हद तो तब हो गई जब नौकरी छोड़ने के बाद आरोपी ने कंपनी के कई अन्य कर्मचारियों को फोन किया और पीड़िता को बदनाम करने की नीयत से झूठ फैलाया कि महिला उस पर जबरन शादी का दबाव बना रही थी। कंपनी में इस तरह से हुई बदनामी और धोखे से आहत होकर आखिरकार पीड़िता ने न्याय के लिए महिला थाना पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस आरोपी अन्सार अली की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


कोट और देवल में फूलों व सब्जियों की खेती से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- जिलाधिकारी

लिलियम उत्पादकों के लिए कोल्ड स्टोरेज, परिवहन एवं विपणन सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश

आधुनिक खेती, भंडारण और बाजार से जुड़ेंगे किसान, आय बढ़ाने पर प्रशासन का फोकस

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को विकासखंड कोट के अंतर्गत कोट एवं देवल गांव का भ्रमण कर पॉलीहाउस आधारित खेती, सब्जी उत्पादन तथा लिलियम पुष्प उत्पादन गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों, पुष्प उत्पादन और संरक्षित खेती (पॉलीहाउस) को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्पादन, भंडारण और विपणन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करके स्थानीय किसानों की आर्थिक रूप से अधिक सशक्त किया जा रहा हुआ, जिससे युवाओं के लिए भी स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कोट गांव में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पॉलीहाउस में उगायी जा रही विभिन्न सब्जियों एवं लिलियम पुष्प उत्पादन का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ मशरूम उत्पादन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा अन्य लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि में विविधीकरण से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

जिलाधिकारी ने किसानों से उनके उत्पादन, वार्षिक आय, बाजार व्यवस्था एवं खेती से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

जिलाधिकारी से संवाद में महिलाओं ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध होने से उनके फूल लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेंगे और उन्हें बाजार में उचित समय पर बेहतर कीमत पर बेचने का अवसर मिलेगा। इस पर जिलाधिकारी ने बीडीओ को निर्देश दिए कि लिलियम पुष्पों के सुरक्षित भंडारण के लिए क्षेत्र में उपलब्ध किसी अनुपयोगी सरकारी भवन का चिन्हीकरण किया जाए, ताकि वहां कोल्ड स्टोरेज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

किसानों ने बताया कि परिवहन के सीमित साधनों के कारण उत्पादों को समय पर बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि यदि समूह आधारित यूटिलिटी वाहन की व्यवस्था उपलब्ध हो जाती है तो उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बड़े व्यापारिक केंद्रों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे परिवहन लागत कम होगी, उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहेगी तथा किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय कृषि एवं पुष्प उत्पादों के विपणन को सुदृढ़ बनाने के लिए किसानों के उपयोग हेतु यूटिलिटी वाहन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ-साथ बाजार तक समय पर पहुंच भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसके उपरांत जिलाधिकारी देवल गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रगतिशील कृषक नरेश द्वारा संचालित पॉलीहाउस, सब्जी उत्पादन एवं लिलियम खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने खेती में अपनायी जा रही आधुनिक तकनीकों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी ऐसे नवाचारों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों को सब्जी उत्पादन के साथ-साथ पुष्प उत्पादन, मशरूम, फलोत्पादन एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी।

जिलाधिकारी ने उद्यान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के दस प्रमुख कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों की विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए, जिसमें उत्पादों की विशेषताएं, उत्पादन क्षमता, बाजार संभावनाएं एवं ब्रांडिंग संबंधी जानकारी शामिल हो। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान और प्रचार-प्रसार बढ़ने से किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में अन्य पॉलीहाउस भी विकसित करने के निर्देश दिए।

जल संरक्षण को कृषि विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए जिलाधिकारी ने वाटर हार्वेस्टिंग टैंक निर्माण के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संरक्षण से सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी तथा किसानों को वर्षभर खेती करने में सहायता मिलेगी। देवल गांव में जिलाधिकारी ने लिलियम उत्पादन से जुड़ी महिला कृषकों से भी संवाद किया। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं तथा सिंचाई, पेयजल और विपणन से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला कृषकों को कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि सब्जी, लहसुन, लिलियम तथा अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए बेहतर विपणन तंत्र विकसित किया जाए, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती, वैज्ञानिक भंडारण, प्रभावी विपणन व्यवस्था तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।

इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, बीडीओ अमित बिजल्वाण, नायब तहसीलदार झबर सिंह असवाल, सहायक कृषि अधिकारी अमित पंत, कानूनगो संजय सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।


अनिष्ट होने का भय दिखाकर पूजा पाठ के नाम पर आभूषण ठगने वाला ठग बाबा आया दून पुलिस की गिरफ्त में

अभियुक्त के कब्जे से घटना में ठगा गया लगभग 15 तोला सोना व 05 लाख की नकदी हुई बरामद

देहरादून। सेलाकुई क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और अनिष्ट का भय दिखाकर एक महिला से लाखों रुपये के आभूषण ठगने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कथित महंत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 150 ग्राम सोने का बिस्कुटनुमा बार और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, शहीद किशन थापा मार्ग निवासी ओशीन गुरंग ने 31 मई 2026 को थाना सेलाकुई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि करीब ढाई महीने पहले राहुल थापा नामक व्यक्ति ने तंत्र-मंत्र और अनिष्ट की आशंका का भय दिखाकर उनके घर में विशेष अनुष्ठान कराने की बात कही। इस दौरान पूजा-पाठ के नाम पर धोखाधड़ी कर उनके और उनकी मां के लगभग 65 तोला सोने के आभूषण गायब कर दिए गए।

मामले की जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर 9 जून 2026 को थाना सेलाकुई में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो विशेष टीमों का गठन किया गया।

जांच में जुटी पुलिस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर नामजद आरोपी राहुल थापा (34) निवासी तेलपुरा अटक फार्म, सेलाकुई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने महिला से धोखाधड़ी कर आभूषण हड़पने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर आभूषणों को गलाकर तैयार किया गया 150 ग्राम का सोने का बार और आभूषण बेचकर प्राप्त 5 लाख रुपये बरामद किए।

ऐसे रची गई थी साजिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2013 से पंडिताई और धार्मिक अनुष्ठानों का कार्य करता है। अधिक धन कमाने की लालच में उसने लोगों को तंत्र-मंत्र और जादू-टोने का डर दिखाकर ठगने की योजना बनाई थी।

आरोप है कि वह रात के समय अपने परिचित और संपन्न लोगों के घरों के बाहर जादू-टोने से जुड़ी सामग्री की पोटली फेंक देता था। अगले दिन फोन कर उन्हें किसी अनिष्ट या तंत्र-मंत्र का भय दिखाता और फिर पूजा-अनुष्ठान के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।

पुलिस के अनुसार, ओशीन गुरंग आरोपी की दूर की रिश्तेदार भी हैं। आरोपी को उनके परिवार और कीमती आभूषणों की जानकारी थी। इसी लालच में उसने योजना बनाकर उनके घर के बाहर कथित तांत्रिक सामग्री की पोटली फेंकी और फिर उसे आधार बनाकर परिवार को भयभीत किया।

इसके बाद आरोपी ने विशेष अनुष्ठान के नाम पर महिला और उसकी मां के सभी आभूषण एक संदूक में रखवाए। मौका मिलते ही उसने संदूक से आभूषण निकाल लिए और परिवार को 62 दिन तक संदूक न खोलने की सलाह देकर वहां से चला गया।

शेष आभूषणों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि घटना लगभग तीन महीने पुरानी होने के कारण बरामदगी में कई चुनौतियां सामने आईं। अब तक बरामद सोने और नकदी के अलावा शेष आभूषणों की तलाश के लिए आरोपी से आगे भी पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इसी तरह की अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं तथा उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

बरामदगी
150 ग्राम वजन का सोने का बिस्कुटनुमा बार
5 लाख रुपये नकद
गिरफ्तार आरोपी
राहुल थापा (34 वर्ष), निवासी तेलपुरा अटक फार्म, सेलाकुई, देहरादून

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और आरोपी के आपराधिक नेटवर्क तथा अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है।


बार-बार खाली पेट डकार आना कहीं किसी बीमारी का संकेत तो नहीं? जानिए इसके कारण

डकार आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पेट में मौजूद अतिरिक्त गैस बाहर निकलती है। हालांकि, यदि बिना कुछ खाए लगातार डकार आने लगे तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, खाली पेट बार-बार डकार आना पाचन तंत्र में गड़बड़ी, एसिडिटी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।

अक्सर लोग इस समस्या को मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यदि डकार के साथ पेट में जलन, भारीपन या दर्द जैसी शिकायतें भी होने लगें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कि खाली पेट डकार आने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

पेट में गैस जमा होना

पाचन प्रक्रिया के दौरान शरीर में गैस बनना सामान्य बात है। लेकिन जब लंबे समय तक भोजन नहीं किया जाता, तो पेट में गैस जमा होने लगती है। यही गैस डकार के रूप में बाहर निकलती है। कई लोगों को इसके साथ पेट फूलने और असहजता की समस्या भी महसूस होती है।

बचाव के उपाय

भोजन का समय नियमित रखें।
लंबे समय तक भूखे रहने से बचें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
गैस बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करें।
एसिड रिफ्लक्स की समस्या

जब पेट लंबे समय तक खाली रहता है, तो उसमें बनने वाला एसिड पेट और भोजन नली को प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति को एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। इसके कारण बार-बार डकार आना, सीने में जलन, खट्टे डकार और गले में जलन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

बचाव के उपाय

खाली पेट लंबे समय तक न रहें।
सुबह हल्का नाश्ता अवश्य करें।
खाली पेट चाय या कॉफी पीने से बचें।
अधिक मसालेदार और तैलीय भोजन कम खाएं।
भोजन के साथ ज्यादा हवा निगलना

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं या खाते समय लगातार बातें करते रहते हैं। इसके अलावा च्यूइंग गम चबाना और स्ट्रॉ से पेय पदार्थ पीना भी शरीर में अतिरिक्त हवा पहुंचा सकता है। यह हवा बाद में डकार के रूप में बाहर निकलती है। तनाव और चिंता की स्थिति में भी यह समस्या बढ़ सकती है।

बचाव के उपाय

भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर करें।
खाते समय जल्दबाजी न करें।
च्यूइंग गम और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन सीमित रखें।
स्ट्रॉ के बजाय सीधे गिलास से पानी पीने की आदत डालें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि बार-बार डकार आने के साथ पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, खून की उल्टी, निगलने में परेशानी या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। ये किसी गंभीर पाचन संबंधी समस्या के संकेत हो सकते हैं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

(साभार)


गाजियाबाद के फ्लोरा एनक्लेव में सनसनी: प्रेमिका से मिलने पहुंचे 23 वर्षीय युवक ने किराए के कमरे में लगाई फांसी

गाजियाबाद (मसूरी): गाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले फ्लोरा एनक्लेव (गंगापुरम इंद्रगढ़ी) में एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे एक 23 वर्षीय युवक ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बृहस्पतिवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान 23 वर्षीय अमन पुत्र धर्मेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमरोहा के कुआँ खेड़ा (थाना जोया) का रहने वाला था। पुलिस जांच में सामने आया कि अमन की प्रेमिका फ्लोरा एनक्लेव में एक कमरा किराए पर लेकर रहती है और यहां रहकर पढ़ाई कर रही है। अमन उससे मिलने के लिए विशेष रूप से अमरोहा से मसूरी आया हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और अनबन हो गई। इसी बहस के बाद तैश में आकर अमन ने कमरे के पंखे से लटककर अपनी जान दे दी।

घटना की जानकारी मिलते ही मसूरी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम व आगे की मेडिकल परीक्षण प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कमरे में मौजूद युवती से भी गहन पूछताछ की है ताकि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देगा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार- गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने  दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का किया शुभारंभ 

देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला की स्मारिका का भी विमोचन किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए महक क्रांति नीति 2026 लागू की गई है। इसके तहत 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगंध खेती से आच्छादित कर 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि चम्पावत और नैनीताल में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है, जिससे किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में एरोमा एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से किसानों को सगंध खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा उत्तराखण्ड को एरोमा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों एवं फॉरेस्ट लैंड में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि सगंध पौधा केंद्र ने पिछले दो दशकों में राज्य में सगंध खेती को नई पहचान दी है तथा यह सेमिनार दालचीनी की उन्नत खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेमिनार में प्रतिभाग कर रहे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स को सम्मानित किया तथा औषधीय पौधों से निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन भी किया।

दालचीनी: प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर आयोजित इस सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, किसान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड प्रताप सिंह पंवार, उपाध्यक्ष, जडी-बूटी सलाहकार समिति सोना सजवाण, सचिव कृषि डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे,अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक, संगध पौधा केन्द्र (कैप) डॉ. नृपेन्द्र चौहान, अध्यक्ष फफाई योगेश दूबे सहित विभिन्न देशों के रिसर्च एवं कृषकगण उपस्थित रहे।


सीलमपुर में घर में मृत मिली 35 वर्षीय महिला, पति पर हत्या का शक; वारदात के बाद फरार

नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर अंतर्गत आने वाले गौतमपुरी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आज यानी 11 जून 2026 की सुबह एक घर में 35 वर्षीय महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। स्थानीय पुलिस को घर में हमले की सूचना मिली थी, जिसके बाद सीलमपुर पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के अनुसार, मृतक महिला के सिर पर किसी भारी वस्तु से जोरदार वार किया गया था। सिर में आई गंभीर चोटों के कारण ही महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर आगे की जांच और पोस्टमार्टम के लिए जेपीसी (JPC) अस्पताल भेज दिया है। इस पूरे मामले में मृतका का पति ही मुख्य संदिग्ध बनकर सामने आया है, जो वारदात के बाद से लापता है।

दोस्त को फोन कर कहा- “थप्पड़ मारा था, वह बेहोश हो गई”

जांचकर्ताओं से मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति ने खुद को बचाने के लिए कहानी गढ़ने की कोशिश की। उसने अपने एक दोस्त को फोन कर बताया कि उसका पत्नी से विवाद हुआ था और उसने उसे बस एक थप्पड़ मारा था, जिससे वह बेहोश हो गई। आरोपी ने दोस्त से मिन्नतें कीं कि वह उसके घर जाकर पत्नी को डॉक्टर के पास ले जाए। हालांकि, इस कॉल के तुरंत बाद आरोपी ने अपना फोन बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया।

सीलमपुर पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, फरार संदिग्ध का पता लगाने और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई स्पेशल टीमें गठित की गई हैं। पुलिस जल्द ही आरोपी को दबोचने का दावा कर रही है।


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