Saturday, June 13th, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

Daily Archives: 13/06/2026

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में बनाई मजबूत पहचान : मुख्यमंत्री

खटीमा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


UKSSSC परीक्षा को लेकर दून पुलिस अलर्ट

देहरादून : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा-2026 को सकुशल और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए दून पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया है। 14 जून को होने वाली परीक्षा को लेकर सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी।

देहरादून पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस दौरान परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, जैमर, प्रवेश और निकास व्यवस्था के साथ-साथ सिटिंग प्लान की जांच की गई। अधिकारियों को परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी अभ्यर्थियों को सघन चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध और अवांछित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मोबाइल पुलिस टीमें तैनात की गई हैं।

इसके अलावा पुलिस टीमों ने परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में भी चेकिंग कर वहां ठहरे लोगों की जानकारी जुटाई है। दून पुलिस का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।


मानसून की आहट: 22 जून तक बदल जाएगा उत्तराखंड का मौसम

आयुषी

उत्तराखंड में चिलचिलाती धूप, बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्रदेश में 22 जून के आसपास मानसून दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही लंबे समय से जारी गर्मी का असर कम होने लगेगा और राज्यभर में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। वर्तमान मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए मानसून अपने निर्धारित समय के आसपास उत्तराखंड पहुंच सकता है। इससे पहले राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के रूप में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में गर्मी का असर लगातार बढ़ा है।

दोपहर के समय तेज धूप और लू जैसे हालात के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मानसून के आगमन की खबर लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की दस्तक के साथ ही तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश शुरू होने से वातावरण में नमी बढ़ेगी और गर्म हवाओं से राहत मिलेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां झमाझम बारिश की संभावना है, वहीं मैदानी जिलों में भी अच्छी वर्षा होने के आसार हैं।हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मानसून के शुरुआती चरण में कुछ स्थानों पर मौसम अचानक करवट ले सकता है। तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों एवं चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

मानसून की समय पर दस्तक कृषि क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य के किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में जुटे हुए हैं और अच्छी बारिश से कृषि कार्यों को गति मिलेगी। जल स्रोतों और नदियों के जलस्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे पेयजल और सिंचाई संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की शुरुआत सामान्य रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज हो सकती है।

यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो अगले कुछ दिनों में उत्तराखंड का मौसम पूरी तरह बदल जाएगा और तपती गर्मी की जगह ठंडी हवाएं और बारिश की फुहारें लोगों का स्वागत करेंगी।फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। हर कोई उस पहली बारिश का इंतजार कर रहा है, जो न केवल गर्मी से राहत देगी, बल्कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक प्रकृति को भी नई ताजगी से भर देगी।


सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ

गांव वासी बोले -दशकों पुराना सपना हुआ साकार

सोमेश्वर/ अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कंडारकुआं मंडल के अंतर्गत सुनियाकोट-मटीला मोटर मार्ग से ओलिया गांव तक प्रस्तावित 3 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग निर्माण कार्य का वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों एवं महिलाओं ने निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर खुशी व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से सड़क सुविधा के अभाव में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस मोटर मार्ग के निर्माण से आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ओलिया गांव के लिए मोटर मार्ग निर्माण ग्रामीणों का कई दशकों पुराना सपना था, जो आज साकार होने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ₹77 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क स्थानीय मातृशक्ति और ग्रामीणों के जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में कंडारकुआं मंडल अध्यक्ष हरीश परिहार, जिला मंत्री बिशन कंवल, मंडल महामंत्री गोपाल दत्त सती, भुवन फर्त्याल, दीवान नेगी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपाल परिहार, प्रताप सिंह, राजेंद्र परिहार, राजेंद्र नेगी, प्रकाश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


मानसून से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण रखें, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें- प्रभारी मंत्री मदन कौशिक

प्रभारी मंत्री ने की आपदा प्रबंधन कार्यों एवं नीलकंठ यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा

पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को जनपद मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जनपद में संचालित आपदा प्रबंधन कार्यों, आगामी मानसून की तैयारियों तथा नीलकंठ यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। जनपद मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद में आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों एवं विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अहेतुक सहायता वितरण, आपदा न्यूनीकरण योजनाओं तथा विभागीय स्तर पर की जाने वाली आवश्यक तैयारियों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जनपद के संवेदनशील गांवों एवं संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जा चुका है तथा राहत एवं पुनर्वास केंद्रों के लिए भवन भी निर्धारित कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर लैंडस्लाइड जोन चिन्हित किए गए हैं।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी स्थानों की पृथक सूची तैयार की जाए जहां जनहानि अथवा संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इन क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग अलर्ट मोड में रहते हुए पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

बैठक में प्रभारी मंत्री ने आगामी नीलकंठ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने पेयजल, शौचालय, सड़क मरम्मत, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण भी किया गया है तथा उनके सुझाव के आधार पर यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित प्रस्ताव जिला योजना में शामिल किए गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

नगर निकाय क्षेत्रों में मानसून एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिन कार्यों को पूर्व में आपदा मद में शामिल नहीं किया जा सका था, उन्हें जिला योजना में सम्मिलित किया गया है। साथ ही वर्षाकाल से पूर्व नालियों की सफाई एवं मरम्मत सहित जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार जोशी, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुल्क, अधीक्षण अभियंता जल निगम मो. मिशम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एएमए जिला पंचायत संजय खंडूरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


गर्ल्स हॉस्टल की महिला सुरक्षा गार्ड ने बिल्डिंग से कूदकर की आत्महत्या, पुलिस जांच जारी

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित एक निजी कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वहां कार्यरत एक 19 वर्षीय महिला सुरक्षा गार्ड ने हॉस्टल की बहुमंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महिला को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव बना वजह

ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी (ADCP) संतोष कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतका की पहचान पारुल (19 वर्ष) पत्नी सौरभ चौधरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जनपद मेरठ की रहने वाली थी। पारुल नॉलेज पार्क क्षेत्र के एक गर्ल्स हॉस्टल में बतौर सुरक्षा गार्ड ड्यूटी कर रही थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतका का अपने पति के साथ कुछ पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी घरेलू कलह और अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

घटना के समय जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे, जिनसे पुलिस ने पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और परिजनों से शिकायत मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


सफारी में लापरवाही या स्टंट? टाइगर की मांद तक पहुंचा वाहन, जांच के आदेश

पूजा भट्ट

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से जुड़े फाटो पर्यटन जोन में एक वायरल वीडियो ने जंगल सफारी की व्यवस्था और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। मामला तब सामने आया जब भाजपा नेता मदन जोशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक जिप्सी वाहन टाइगर के बेहद करीब तक जाता दिखाई दिया।

वीडियो के साथ उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देने की कोशिश में जंगल के नियमों और वन्यजीवों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार से न केवल जानवरों को खतरा हो सकता है बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा भी दांव पर लग सकती है।

मदन जोशी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कॉर्बेट के विभिन्न फाटो पर्यटन जोनों को विकसित करने में वर्षों का समय और प्रयास लगा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। लेकिन यदि कुछ चालक नियमों की अनदेखी करते हैं तो इससे पूरे इको-टूरिज्म मॉडल और संरक्षण की छवि प्रभावित हो सकती है।

वीडियो के सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच की। जांच के आधार पर तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने संबंधित जिप्सी चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे क्षेत्र के सभी फाटो पर्यटन जोनों में अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
वन विभाग ने साफ किया कि जंगल सफारी का उद्देश्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से देखना है, न कि उनके करीब जाकर जोखिम पैदा करना। विभाग के अनुसार किसी भी जानवर के अत्यधिक निकट जाना या उसके व्यवहार को प्रभावित करना नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद विभाग ने सभी जिप्सी चालकों और गाइडों को चेतावनी दी है कि तय मानकों का पालन अनिवार्य है। वहीं स्थानीय लोगों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने इसे एक जरूरी संदेश बताया है—जंगल में रोमांच जरूरी है, लेकिन संरक्षण उससे भी ज्यादा।


बच्ची के फूल तोड़ने पर भड़का विवाद, घर में घुसकर परिवार पर हमला; सात घायल

 गाजियाबाद। पड़ोसियों के बीच की आपसी रंजिश और गुस्सा किस कदर इंसान को अंधा कर सकता है, इसका एक खौफनाक मामला भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव नंगौला अमीपुर में सामने आया है। यहां महज दो साल की एक मासूम बच्ची द्वारा पड़ोसी के आंगन से फूल तोड़ लेने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि पड़ोसी पक्ष ने पूरे परिवार पर सरिये, फावड़े और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में दो साल की बच्ची समेत एक ही परिवार के 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल है।

बच्ची को पीटने का विरोध करने पर भड़का विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव नंगौला अमीपुर निवासी आसिफ और फुरकान के परिवार पास-पड़ोस में रहते हैं। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे आसिफ की दो वर्षीय पुत्री अनाया आंगन में खेलते हुए पड़ोसी के घर के पास चली गई और वहां लगा एक फूल तोड़ लिया। इस बात से नाराज होकर पड़ोसी की पत्नी ने मासूम बच्ची को धक्का देकर गिरा दिया और उसकी पिटाई कर दी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब उसकी बुआ सायदा और बहन रिजा विरोध दर्ज कराने पहुंचीं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी।

घर में घुसकर किया जानलेवा हमला, तोड़फोड़

मामला यहीं शांत नहीं हुआ; कुछ ही देर में आरोपी पक्ष के लोग हाथों में लोहे के सरिये, फावड़े और लाठी-डंडे लेकर आसिफ के घर में घुस गए। हमलावरों ने घर के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हद तो तब हो गई जब कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम के सामने भी आरोपी मारपीट करते रहे। आखिरकार पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां फटकार कर हमलावरों को मौके से खदेड़ा।

एक युवक की हालत नाजुक, पुलिस जांच में जुटी

इस बर्बर हमले में आसिफ पक्ष के सायदा, समरीन, आरिफ, अयाज, रिजा, सलमान और दो वर्षीय मासूम अनाया लहूलुहान हो गए। सभी घायलों को तुरंत मोदीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां से अयाज की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर (दिल्ली/मेरठ) के लिए रेफर कर दिया है।

पीड़ित पक्ष की ओर से भोजपुर थाने में नामजद तहरीर दी गई है। मामले की जानकारी देते हुए एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना का संज्ञान ले लिया है। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।


तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम में इन दिनों दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस प्रशासन ने सुगम दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। पुलिस ने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मंदिर परिसर में केवल पंक्तिबद्ध (लाइन में) होकर ही बाबा के दर्शन करें और दर्शन करने के तुरंत बाद अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाएं, ताकि परिसर में अनावश्यक भीड़ जमा न हो।

खराब मौसम के चलते दोपहर 12 बजे के बाद चंद्रशिला ट्रैक बंद

राहत और सुरक्षा के बीच मौसम विभाग ने तुंगनाथ और आसपास के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी (अलर्ट) जारी की है। इस मौसमी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बेहद कड़ा कदम उठाया है। अब दोपहर 12:00 बजे के बाद किसी भी श्रद्धालु या ट्रैकर को चंद्रशिला ट्रैक पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी और इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

पुलिस ने की प्रशासन का सहयोग करने की अपील

रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी यात्री या पर्यटक दोपहर 12 बजे के बाद चंद्रशिला ट्रैक पर जाने का जोखिम कतई न उठाए। हिमालयी क्षेत्रों में पल-पल बदलते मौसम के कारण कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सभी भक्तों से मौसम के अपडेट को देखकर ही यात्रा करने और स्थानीय प्रशासन व पुलिस टीम का पूरी तरह सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।


481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न

पहली बार 9 महिला कैडेट बनीं सैन्य अधिकारी

देहरादून। देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

वैश्विक रक्षा सहयोग का सशक्त प्रतीक

परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान

राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


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