Saturday, June 13th, 2026

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वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम

Daily Archives: 13/06/2026

वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम

नैनीताल – पर्यटन सीजन और सप्ताहांत के चलते नैनीताल में शनिवार को पर्यटकों की भारी आमद देखने को मिली। सुबह से ही शहर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी लंबी जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा।

शहर के मल्लीताल, तल्लीताल, मॉल रोड और बारापत्थर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई स्थानों पर वाहन लंबे समय तक कतारों में फंसे रहे, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।

पुलिस प्रशासन ने बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए विशेष व्यवस्था लागू की है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को जरूरत पड़ने पर अस्थायी पार्किंग स्थलों पर रोका जा रहा है और पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से शहर के भीतर भेजा जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन सीजन के दौरान हर सप्ताहांत पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है ताकि जाम की समस्या को नियंत्रित किया जा सके और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त 02 नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से 212 ग्राम अवैध चरस एवं 6.81 ग्राम अवैध स्मैक हुई बरामद

एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में नशा तस्करों के मंसूबों को नाकाम करती दून पुलिस

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान को सफल बनाने के लिए देहरादून पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत विकासनगर कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से स्मैक और चरस बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान विकासनगर पुलिस की टीमों ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आसन बैराज बस अड्डा क्षेत्र के ढालीपुर से नफीस नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 6.81 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।

वहीं दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने पीएचसी कुंजा के पास से मारुफ उर्फ काला को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 212 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मारुफ उर्फ काला पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी

मारुफ उर्फ काला (29 वर्ष), निवासी कुंजा ग्रांट, विकासनगर, देहरादून
नफीस (30 वर्ष), निवासी बड़ा रामपुर, थाना सहसपुर, देहरादून

बरामदगी

212 ग्राम अवैध चरस
6.81 ग्राम अवैध स्मैक

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


नारी शक्ति’ की गूंज: पहली बार 9 महिला कैडेट बनीं सेना की अफसर

आयुषी

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून ने शनिवार को अपने इतिहास का एक नया अध्याय लिख दिया। अकादमी की पासिंग आउट परेड (पीओपी) में पहली बार नौ महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनकर भारतीय सेना में शामिल हुईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में कुल 515 कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा।

आईएमए के चैटवुड ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित भव्य परेड में 481 भारतीय कैडेट्स और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स शामिल रहे। परेड का सबसे खास और भावनात्मक क्षण तब आया, जब पहली बार आईएमए से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स ने अंतिम पग पार कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

सुबह 6:40 बजे शुरू हुई परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नव नियुक्त अधिकारियों की सलामी ली|इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत)गुरमीत सिंह,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कैडेट्स के परिजन मौजूद रहे| कदमताल करते हुए कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन,नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का शानदार प्रदर्शन किया| परेड मैदान में गूंजते सैन्य बैंड और कैडेट्स की सटीक चाल ने पूरे वातावरण को गौरव और देशभक्ति से भर दिया| राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी से पहली बार महिला अधिकारीयों का कमीशन प्राप्त करना देश में महिलाओं की बढती भागीदारी और बदलते सामाजिक परिदृश्य का प्रतीक है|उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रही हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं|

उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करती,बल्कि राष्ट्र की एकता ,अखंडता और गौरव की भी प्रतीक है|ऐसे में युवा अधिकारियों पर देश की सुरक्षा और सम्मान को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी| परेड के बाद आयोजित पारंपरिक ‘पीपिंग समारोह’ में नव नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर सितारे सजाए गए|इस दौरान कई परिजन भावुक नज़र आए|अपने बच्चों को सेना की वर्दी में अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे|इससे भारत और मित्र देशों के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूती मिलेगी| गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ही देहरादून पहुँच गई थीं|जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया था|उल्लेखनीय है की किसी महिला राष्ट्रपति द्वारा आईएमए की पासिंग आउट परेड की सलामी लेने का यह दूसरा अवसर है|इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो चुकी हैं|

आईएमए से पहली बार 9 महिला अधिकारियों का पासआउट होना भारतीय सेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है|इसे महिला सशक्तिकरण,सामान अवसर और आधुनिक भारत की बदलती सोच का प्रतीक बताया जा रहा है|यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों की हजारों युवतियों को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी|


उत्तराखंड की ‘महक क्रांति’ को रफ्तार: दालचीनी वैली से एरोमा हब बनने की तैयारी

पूजा भट्ट

उत्तराखंड सरकार ने सगंध और औषधीय पौधों की खेती को कृषि की नई दिशा बनाने की पहल तेज कर दी है। राज्य अब पारंपरिक खेती के साथ ऐसे मॉडल पर काम कर रहा है, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा दे सके।
सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हिस्सा लिया और कार्यशाला की स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस ऐसी खेती पर है जो कम क्षेत्र में बेहतर आर्थिक लाभ दे सके।

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में ‘महक क्रांति नीति–2026’ लागू की गई है। इस नीति के तहत 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सगंध खेती का विस्तार और करीब 91 हजार किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार की रणनीति केवल खेती बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैल्यू चेन और स्थानीय उद्योगों से जोड़ने की भी है। इसी कड़ी में चंपावत और नैनीताल में करीब 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘सिनेमन वैली’ विकसित की जा रही है, जहां दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों के साथ स्थानीय उद्यमियों के लिए भी नए अवसर बनने की उम्मीद है।

कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु और भौगोलिक स्थितियां सगंध एवं औषधीय पौधों के लिए अनुकूल हैं और अब इस क्षमता को आर्थिक ताकत में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ एरोमा आधारित खेती को भी अपनाएं, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों तक भी इस मॉडल को पहुंचाया जाए और वन विभाग के साथ समन्वय कर वन क्षेत्रों से लगे इलाकों में भी संभावनाएं तलाश की जाएं। सरकार का मानना है कि इससे पहाड़ों में रोजगार बढ़ेगा और पलायन की चुनौती को कम करने में मदद मिलेगी

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को सम्मानित किया तथा औषधीय और सगंध पौधों से तैयार उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन कर उनके व्यावसायिक उपयोग और संभावनाओं की जानकारी ली।

राज्य सरकार का लक्ष्य साफ है— उत्तराखंड को केवल पर्यटन की पहचान तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे देश के प्रमुख ‘एरोमा हब’ के रूप में भी स्थापित करना।


मुंबई एयरपोर्ट पर ₹11.8 करोड़ का ड्रग्स बरामद: बैंकॉक से लौट रही केरल की पूर्व ‘ब्यूटी क्वीन’ ट्रॉली बैग में गांजा ले जाते गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े और हाई-प्रोफाइल मामले का भंडाफोड़ किया है। बैंकॉक से एयर इंडिया की उड़ान से लौटी केरल की एक पूर्व ब्यूटी पेजेंट रनर-अप को 11.8 करोड़ रुपये की कीमत के हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी महिला के पास से कुल 11.8 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ है, जिसे उसने अपने ट्रॉली बैग में बेहद शातिर तरीके से छुपाया था।

ब्यूटी कॉन्टेस्ट की रनर-अप और बैंक मैनेजर है आरोपी

गिरफ्तार की गई महिला की पहचान हर्षा सनी के रूप में हुई है। हर्षा एक प्रतिष्ठित निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत है और पिछले साल केरल में आयोजित एक राज्य स्तरीय ब्यूटी प्रतियोगिता में रनर-अप भी रह चुकी है। 10-11 जून की दरमियानी रात जब वह बैंकॉक से मुंबई एयरपोर्ट पहुंची, तो नियमित जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को उसका व्यवहार संदिग्ध लगा। गहन तलाशी लेने पर उसके ट्रॉली बैग से वैक्यूम-सील किए हुए 12 पैकेट बरामद हुए, जिनमें एनडीपीएस (NDPS) किट की जांच में हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा होने की पुष्टि हुई।

‘अजनबी दोस्त ने दिया था बैग’ — आरोपी का अजीब दावा

कस्टम की कड़ी पूछताछ में आरोपी हर्षा सनी ने खुद को बेकसूर बताते हुए एक अजीबोगरीब दलील दी। उसने दावा किया कि बैंकॉक यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे यह बैग भारत ले जाने के लिए सौंपा था। हर्षा के मुताबिक, उसे बैग के अंदर ड्रग्स होने की कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, जांच एजेंसियां इस दावे को महज एक बहाना मान रही हैं। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जांच शुरू

कस्टम और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि बैंकॉक से लेकर भारत तक फैले इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में और इतनी महंगी श्रेणी का हाइड्रोपोनिक गांजा भारत लाना किसी बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। हाल ही में भारत-नेपाल सीमा पर भी करोड़ों का हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया था, जिसके बाद से हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।


क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

चटपटे और कुरकुरे खाने का नाम आते ही समोसे, पकौड़े, कचौड़ी और फ्रेंच फ्राइज जैसे स्नैक्स सबसे पहले याद आते हैं। स्वाद के मामले में ये भले ही लोगों की पहली पसंद हों, लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तले हुए खाद्य पदार्थों में कैलोरी, ट्रांस फैट और संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है, जो समय के साथ कई बीमारियों को जन्म दे सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार गर्म किए गए तेल में बने खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) बढ़ाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं। हालांकि कभी-कभार सीमित मात्रा में इनका सेवन नुकसानदायक नहीं माना जाता, लेकिन यदि तली हुई चीजें रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा बन जाएं तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

बढ़ सकता है मोटापे का खतरा

तले हुए खाद्य पदार्थों में कैलोरी की मात्रा सामान्य भोजन की तुलना में अधिक होती है। नियमित रूप से ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है। मोटापा आगे चलकर कई अन्य गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।

दिल की सेहत पर पड़ता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार तली हुई चीजों में मौजूद ट्रांस फैट और संतृप्त वसा शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को बढ़ाते हैं। इससे धमनियों में वसा जमा होने लगती है और हृदय रोग, हार्ट अटैक तथा स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

अधिकांश तले हुए स्नैक्स में नमक की मात्रा भी ज्यादा होती है। जरूरत से ज्यादा सोडियम का सेवन रक्तचाप को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से हृदय, किडनी और मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ सकता है

कुछ शोधों में पाया गया है कि अत्यधिक तला हुआ भोजन खाने वालों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा अधिक हो सकता है। इसकी वजह वजन बढ़ना और शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव माना जाता है।

पाचन तंत्र को पहुंचता है नुकसान

तेल और मसालों से भरपूर भोजन को पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण गैस, अपच, एसिडिटी, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी है, उनके लिए तला-भुना खाना और भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल का स्तर हो सकता है असंतुलित

तली हुई चीजों का अधिक सेवन शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को कम और खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को बढ़ा सकता है। इससे रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

संतुलित आहार है बेहतर विकल्प

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए ताजे और कम तेल में बने भोजन को प्राथमिकता दें। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त आहार को नियमित भोजन में शामिल करना शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या आहार संबंधी बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

(साभार)


दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी के प्रतिष्ठित दून मेडिकल कॉलेज में करीब 80 लाख रुपये के बड़े मेस घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य निदेशालय की उच्च स्तरीय कमेटी ने इस मामले की गहन जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच में कई स्तरों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़ी गाज गिर सकती है।

करीब एक महीने पहले दून मेडिकल कॉलेज की मेस व्यवस्था में भारी वित्तीय गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय ने एक विशेष जांच कमेटी गठित की थी। जांच के दौरान मेस संचालन, भुगतान प्रक्रिया और बिलों की बारीकी से पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में न केवल निचले स्तर के कर्मचारियों ने हेरफेर की, बल्कि वित्तीय नियंत्रण और निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले उच्च अधिकारियों की भूमिका भी बेहद लापरवाह और संदिग्ध पाई गई है।

स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्य ने जांच पूरी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी तथ्यों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में कई स्तरों पर नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

फिलहाल शासन स्तर पर इस रिपोर्ट का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड (निलंबित) करने के साथ ही उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले के सामने आने के बाद सरकारी संस्थानों में बजट की पारदर्शिता और आंतरिक ऑडिट व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार

02 पिस्टल एवं 31 जिंदा कारतूस बरामद

ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में एसटीएफ राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच कर रही है। इसी क्रम में एसटीएफ की जांच के आधार पर 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मामले की विवेचना के दौरान एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में शुक्रवार देर रात दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह (35 वर्ष), निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश और वर्तमान में सितारगंज स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक, तथा विक्रमजीत सिंह तूर (36 वर्ष), निवासी सितारगंज, ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई है।

एसटीएफ के अनुसार आरोपियों के पास से एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल तथा 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

एसएसपी एसटीएफ ने क्या कहा?

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अवैध लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक माह से एसटीएफ की टीमें पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई थीं।

उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का कारोबार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक और सहयोगी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब तक की कार्रवाई

एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


रोहतक में तीन दिन से लापता किसान का तालाब में मिला शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

रोहतक (हरियाणा)। हरियाणा के रोहतक जिले के खिड़वाली गांव में पिछले तीन दिनों से लापता एक किसान का शव शनिवार सुबह गांव के ही ‘डोभी वाले जोहड़’ (तालाब) में कीचड़ के बीच तैरता हुआ मिला। मृतक की पहचान गांव के ही निवासी रोहताश के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने गांव के ही तीन युवकों पर शराब पीने के बाद हुए झगड़े में रोहताश की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।

बुधवार रात से लापता थे किसान

मृतक के भतीजे अशोक ने शुक्रवार को ही सदर थाने में रोहताश की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि बुधवार रात करीब 12 बजे रोहताश को गांव के ही बलराज, श्रीओम और रविंद्र उर्फ बदलू के साथ जोहड़ के पास देखा गया था, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू ही की थी कि शनिवार सुबह करीब 8 बजे तालाब में शव होने की सूचना मिली।

शव की स्थिति से हत्या का अंदेशा, FSL टीम ने की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक की जीभ बाहर निकली हुई थी, जिससे परिजनों का हत्या का शक और गहरा गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रोहतक पीजीआई (PGI) के डेड हाउस भेज दिया है।

सदर थाना पुलिस के अनुसार, रोहताश के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के विशेष बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। फिलहाल पुलिस नामजद तीनों युवकों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति -मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज जसपाल राणा के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन और समर्पण के बल पर देश और उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। खेलों में उनके योगदान को सदैव सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा केवल एक सफल निशानेबाज ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत भी थे। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिजनों और असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।


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