Saturday, June 20th, 2026

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पीआईबी देहरादून द्वारा पिथौरागढ़ में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन

Daily Archives: 20/06/2026

पीआईबी देहरादून द्वारा पिथौरागढ़ में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन

“लोक सेवा ही संकल्प- 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” विषय पर केंद्रित पुस्तिका के अनावरण से शुरु हुई एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला

 पिछले 12 साल में केंद्र सरकार की उपलब्धियों (महिला, किसान सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवा) विषयों पर पत्रकारों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच हुआ संवाद

पिथौरागढ़- शनिवार को पिथौरागढ़ में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून द्वारा केंद्र सरकार के विगत 12 वर्षों की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “लोक सेवा ही संकल्प- 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” विषय पर एक दिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम पिथौरागढ़ की महापौर श्रीमती कल्पना देवलाल रहीं। गणेश भंडारी, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति और जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल ने सभी अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के–वार्तालाप” कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है।

सुंद्रियाल ने कहा कि विगत 12 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों, सामाजिक कल्याण योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज और सरकार के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं तथा योजनाओं की सही एवं तथ्यात्मक जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सुंद्रियाल ने कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे सभी अधिकारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि इस संवादात्मक कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों के संबंध में सार्थक विचार-विमर्श होगा तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विगत 12 वर्षों में देश में हुए विकास कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने जनपद पिथौरागढ़ में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा सीमांत क्षेत्र के समग्र विकास के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा, आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा के माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करने के लिए व्यापक स्तर पर सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्य किए गए हैं, जिससे स्थानीय जनता को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी क्षेत्र को मजबूती मिली है। साथ ही जनपद में हवाई सेवाओं एवं एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से पर्यटन, व्यापार एवं आवागमन को नई गति प्राप्त हुई है।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लखपति दीदी योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज एवं बेस अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

वक्ताओं ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने में मीडिया एक प्रभावी सेतु का कार्य करता है। कार्यशाला में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव भी साझा किए।

कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एस. नबियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह बसेड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) हिमांशु नौगाई, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजेश खेतवाल, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक कपिल भट्ट तथा माई भारत के निदेशक डॉ. शैलेश भट्ट द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नबियाल ने आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह बसेड़ा ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति तथा महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं पर प्रकाश डाला।

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) हिमांशु नौगाई ने नई शिक्षा नीति, समग्र शिक्षा अभियान तथा विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजेश खेतवाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती एवं कृषि क्षेत्र में किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। वहीं ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक कपिल भट्ट ने उद्यानिकी विकास, सेब, कीवी एवं अन्य उच्च मूल्य फसलों के प्रोत्साहन तथा किसानों की आय बढ़ाने हेतु संचालित योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

माई भारत के निदेशक डॉ. शैलेश भट्ट ने युवाओं के कौशल विकास, राष्ट्र निर्माण में उनकी सहभागिता, स्वयंसेवी गतिविधियों तथा माई भारत पोर्टल के माध्यम से युवाओं को उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसामान्य तक उनके लाभ पहुंचाने के लिए मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

कार्यशाला में केंद्र सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, किसान सशक्तिकरण तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी। कार्यक्रम का उद्देश्य मीडिया प्रतिनिधियों को विभिन्न योजनाओं की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराना तथा सरकार और आमजन के बीच प्रभावी संवाद को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ एवं मीडिया प्रतिनिधि द्वारा सहभागिता की गयी। कार्यशाला में केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न विकासात्मक पहलों पर प्रस्तुतीकरण भी दिए गए।

पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित इस क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला के माध्यम से पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई, जिससे आम नागरिकों तक तथ्यात्मक एवं प्रामाणिक सूचनाओं का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल ने उपस्थित प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद भी स्थापित किया। उन्होंने पत्रकारों से उनके कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याओं, चुनौतियों एवं सुझावों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मीडिया प्रतिनिधियों ने सीमांत जनपद में समाचार संकलन के दौरान आने वाली विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों, सूचना संप्रेषण व्यवस्था तथा पत्रकार हितों से जुड़े विषयों को उनके समक्ष रखा।

सुंद्रियाल ने पत्रकारों के सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें संबंधित स्तर पर अवगत कराने तथा यथासंभव समाधान हेतु प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है तथा सरकार और जनता के मध्य प्रभावी संवाद स्थापित करने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से तथ्यपरक, सकारात्मक एवं जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पत्रकारों एवं अधिकारियों के मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों पर खुलकर चर्चा हुई, जिससे कार्यक्रम एक सार्थक संवाद मंच के रूप में सफल रहा।

कार्यक्रम में जनपद के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


बंजी जंपिंग पर सख्ती, बदले नियम

आयुषी

उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार जल्द ही बंजी जंपिंग से जुड़ी नई सुरक्षा नियमावली लागू करने जा रही है। प्रस्तावित गाइडलाइन के तहत अब 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बंजी जंपिंग करने से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार अगले एक महीने के भीतर इन नए नियमों को लागू कर सकती है।उत्तराखंड के ऋषिकेश, तपोवन और देवप्रयाग जैसे क्षेत्र एडवेंचर स्पोर्ट्स, खासकर बंजी जंपिंग के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। हर साल हजारों पर्यटक यहां रोमांचक गतिविधियों का अनुभव लेने पहुंचते हैं। हालांकि हाल के दिनों में सामने आए कुछ गंभीर हादसों ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का फैसला लिया है।पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा नई गाइडलाइंस और नियमावली तैयार की जा रही है। इसके लिए देश और विदेश के विशेषज्ञों के साथ-साथ एडवेंचर सेक्टर से जुड़े विभिन्न हितधारकों से भी सुझाव लिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य एडवेंचर गतिविधियों को सख्त कानूनी और सुरक्षा मानकों के दायरे में लाना है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।नई नियमावली की जरूरत हाल के कुछ हादसों के बाद और अधिक महसूस की गई।

पिछले वर्ष 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित एक एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूटने से गुरुग्राम का 24 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। युवक नीचे स्थित टिन की छत पर जा गिरा था। इस घटना ने बंजी कॉर्ड की गुणवत्ता और उसकी नियमित जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।वहीं, गत 15 जून को बंजी जंपिंग करने के कुछ समय बाद एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसे पेट में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के कारण मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बंजी जंपिंग के दौरान शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ जाता है और शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे कुछ मामलों में हृदय और अन्य आंतरिक अंग प्रभावित हो सकते हैं।

नई गाइडलाइन में स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। साथ ही 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के उन्हें जंपिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।इसके अलावा बंजी जंपिंग संचालित करने वाली कंपनियों के लिए भी कई सख्त सुरक्षा मानक तय किए जाएंगे। ऑपरेटरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली प्राकृतिक रबर बंजी कॉर्ड का उपयोग करना होगा और निर्धारित समयावधि के बाद उसे बदलना अनिवार्य होगा। प्रतिभागियों को पैरों के साथ पूरे शरीर पर डबल हार्नेस सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करानी होगी। जंप से पहले कम से कम दो से तीन प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा ट्रिपल-चेक प्रक्रिया अपनाना भी जरूरी होगा।सरकार का मानना है कि नई नियमावली लागू होने के बाद उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। इससे पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य का एडवेंचर सेक्टर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित हो सकेगा।


दिल्ली में घरेलू विवाद बना मासूम की मौत का कारण, पिता गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के जैतपुर इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पारिवारिक कलह के दौरान एक सिरफिरे पिता ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस दर्दनाक हमले में गंभीर रूप से घायल हुए दो वर्षीय मासूम बच्चे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना जैतपुर के मिथापुर स्थित लखपत कॉलोनी पार्ट-2 की है। 19 जून 2026 की दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस को पीसीआर (PCR) के जरिए घरेलू हिंसा की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पीड़िता और शिकायतकर्ता आरती ने पुलिस को बताया कि उसका पति चंदन शर्मा (34 वर्ष), जो पेशे से बढ़ई (Carpenter) है, अत्यधिक शराब और नशे का आदी है। वारदात के दिन घरेलू विवाद के बाद चंदन ने आपा खो दिया और अपनी पत्नी व दोनों नाबालिग बच्चों पर लात-घूंसों से अंधाधुंध हमला कर दिया।

आरोपी पिता की इस हैवानियत में दो साल का मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे आनन-फानन में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत से जूझते हुए मासूम ने 20 जून 2026 की सुबह दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद से ही पीड़ित मां और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

 दिल्ली पुलिस ने वारदात के दिन ही (19 जून) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली थी। बच्चे की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चंदन शर्मा को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य और गवाह जुटा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाकर पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जा सके।


शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संस्कृत विद्यालय ओड़लीनांदा में नव निर्मित भवन का किया लोकार्पण

34.74 लाख की लागत से बना भवन, विद्यार्थियों को मिलेंगी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं

पौड़ी। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को पाबौं क्षेत्र के अंतर्गत संस्कृत विद्यालय ओड़लीनांदा में नव निर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

करीब 34.74 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस भवन से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मंत्री ने कहा कि नए भवन के निर्माण से शिक्षण कार्य अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

डॉ. रावत ने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा की आधारशिला है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नव निर्मित भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं तथा संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने न्यू कैंट रोड के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं- गणेश जोशी

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए शनिवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के न्यू कैंट रोड पर निर्माणाधीन नाली एवं प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री जोशी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ किया जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव और अन्य समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि क्षेत्रवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सड़क और नाली निर्माण कार्य पूरे होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र में जल निकासी की समस्या का भी समाधान होगा। सरकार जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रयास कर रही है।


शिमला स्कूल संचालिका हत्याकांड में बड़ा खुलासा, गिरफ्तार शूटर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। पुलिस अदालत ने मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इसी बीच, वारदात के दौरान का एक बेहद खौफनाक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस फुटेज में नकाबपोश हमलावर अचानक मनीषा मित्तल पर अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शूटरों ने मनीषा मित्तल को बेहद करीब से निशाना बनाया और उनके सिर पर तीन गोलियां दागीं। इनमें से दो गोलियां सिर के आर-पार हो गईं, जबकि एक गोली पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के सिर के भीतर से बरामद की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खाली खोखे भी जब्त किए हैं।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बीते सोमवार को हरियाणा के रोहतक से दो शूटरों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22 वर्ष, निवासी झज्जर) और दीपक (25 वर्ष, निवासी रोहतक) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसे देखते हुए पुलिस इस पूरी वारदात को ‘सुपारी किलिंग’ (Contract Killing) और आपसी रंजिश के कोण से जोड़कर देख रही है।

 इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। बीती 13 जून को जिस दिन मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या की गई, ठीक उसी दिन स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) का तीन साल का कार्यकाल भी पूरा हुआ था। 14 जून 2023 को गठित इस समिति के चेयरमैन मनीषा के भाई हिमांक मित्तल थे। हालांकि, हिमांक मित्तल का दावा है कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और उन पर भी हमला हुआ था।

 वारदात के बाद अभिभावकों की भारी मांग और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल का नियंत्रण पूरी तरह से अपने हाथों में ले लिया है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को आगामी तीन दिनों के भीतर सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंपने के सख्त आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में स्कूल के संचालन के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया गया है, जिन्हें अगले छह महीनों के भीतर नई कार्यकारिणी का गठन करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस रिमांड के दौरान शूटरों से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड के मुख्य मास्टरमाइंड को बेनकाब किया जा सके।


कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पाबौ में प्रस्तावित मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

बूंगा-सिमल्थ मोटर मार्ग से प्राथमिक विद्यालय बूंगा तक बनेगा नया मोटर मार्ग

पाबौं। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को पाबौ क्षेत्र में बूंगा-सिमल्थ मोटर मार्ग से प्राथमिक विद्यालय बूंगा तक प्रस्तावित मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

डॉ. रावत ने कहा कि इस मोटर मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय आने-जाने वाले लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रहे इस मार्ग के बनने से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने मार्ग निर्माण कार्य शुरू होने पर खुशी जताई और इसके लिए सरकार तथा कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार जनहित और क्षेत्रीय विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।


नीट परीक्षा से ठीक पहले 22 वर्षीय छात्र ने किया सुसाइड, सोशल मीडिया पर साझा किया आखिरी वीडियो

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत प्रताप विहार क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय एक छात्र ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान प्रताप विहार के ए-ब्लॉक निवासी जतिन कुमार के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले छात्र ने अपने मोबाइल से एक मिनट चार सेकंड का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया था।

 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) उपासना पांडेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8:15 बजे पुलिस को कंट्रोल रूम (डायल-112) के माध्यम से सूचना मिली कि सेक्टर-9, प्रताप विहार में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। सूचना मिलते ही विजयनगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को जतिन का शव कमरे के फर्श पर पड़ा हुआ मिला और पंखे पर बंधा हुआ फंदा टूटा हुआ था, जिससे आशंका है कि वजन न सह पाने के कारण फंदा टूट गया।

 परिजनों के मुताबिक, जतिन पिछले काफी समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी में जुटा हुआ था और आगामी 21 जून को उसकी परीक्षा होनी थी। बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे तक परिजनों ने उसे कमरे में टहलते और पढ़ाई करते देखा था, जिसके बाद सभी सोने चले गए। सुबह जब उसे जगाने के लिए कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, तो वह मृत अवस्था में पाया गया।

 पुलिस को जांच के दौरान जतिन के मोबाइल से रात करीब 12 बजे रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला है। वीडियो में जतिन ने अपने स्टडी रूम को दिखाते हुए कहा, “हाय, मेरा नाम जतिन है। मैं आज कुछ अलग करने की सोच रहा हूं। मेरे ऊपर किसी भी चीज का कोई दबाव नहीं है। मैं परेशान नहीं हूं, बिल्कुल चिल हूं। हां, थोड़ा डिप्रेस्ड (अवसादग्रस्त) हूं। मुझे नीट परीक्षा की भी कोई टेंशन नहीं है। पापा ने कह दिया है कि टेंशन मत लो, नीट निकलता है तो ठीक है… मैं फिर भी इसका प्रयास करना चाहता हूं। अगर सफल होता हूं तो आप लोग यह वीडियो देखेंगे।”

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं और उसकी एक छोटी बहन है। पुलिस छात्र के दोस्तों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी जांच कर रही है ताकि अवसाद के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद से ही इलाके के छात्रों और अभिभावकों में शोक की लहर है।


शाहदरा रेलवे स्टेशन पर युवक की पीट-पीटकर हत्या, ट्रेन में चढ़ने को लेकर हुआ था विवाद

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सफर के दौरान मामूली विवाद में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाली घटना सामने आई है। प्लेटफार्म नंबर-3 पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए मामूली विवाद के बाद कुछ यात्रियों ने एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही पूरे रेलवे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया है।

 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना ऋषिकेश से अहमदाबाद जाने वाली ‘योग एक्सप्रेस’ ट्रेन में हुई। बागपत का रहने वाला पंकज धामा ट्रेन के जनरल कोच (सामान्य श्रेणी के डिब्बे) में चढ़ने का प्रयास कर रहा था। भीड़भाड़ के कारण डिब्बे के दरवाजे पर ही उसकी कुछ अन्य यात्रियों से बहस हो गई। देखते ही देखते बात धक्का-मुक्की से आगे बढ़कर हिंसक मारपीट में बदल गई।

 गुस्साए हमलावरों ने पंकज पर लात और घूंसों की बरसात कर दी। हमला इतना बर्बर था कि पंकज गंभीर चोटों के कारण प्लेटफार्म पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। प्लेटफार्म पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक कांस्टेबल ने तुरंत बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौके से भागने में सफल रहे। अचेत पंकज को तुरंत नजदीकी गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

 रेलवे पुलिस उपायुक्त (DCP) बी. भरत रेड्डी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि योग एक्सप्रेस में सीट या चढ़ने को लेकर हुई कहासुनी के बाद यह हिंसक वारदात हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। शाहदरा स्टेशन पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस घटना के वक्त मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


युवाओं को पसंद आ रही सनी स्किल की ‘नादानियां’

प्यार, जुदाई और रिश्तों की भावनाओं को छूता गीत बना युवाओं की पसंद

सनी स्किल बोले— दिल से निकले जज्बातों को संगीत में पिरोया

संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे युवा कलाकार सनी स्किल का नया गीत ‘नादानियां’ रिलीज हो गया है। Fame Mantra Studio के बैनर तले जारी इस गीत को श्रोताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। प्रेम, दर्द, बिछड़न और रिश्तों में होने वाली छोटी-छोटी गलतियों को बेहद भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करने वाला यह गीत युवाओं के दिलों को छू रहा है।

प्यार और जुदाई की भावनाओं को किया प्रस्तुत
‘नादानियां’ एक ऐसा गीत है जो रिश्तों में आने वाले उतार-चढ़ाव और भावनात्मक संघर्ष को दर्शाता है। गीत के बोल, संगीत और गायकी तीनों में संवेदनाओं की गहराई महसूस होती है। सनी स्किल ने इस गीत के माध्यम से उन एहसासों को आवाज देने का प्रयास किया है, जिनसे लगभग हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी गुजरता है।

सनी स्किल ने खुद लिखे बोल, खुद दी आवाज
इस गीत की खास बात यह है कि इसके गीतकार, संगीतकार और गायक स्वयं सनी स्किल हैं। वहीं म्यूजिक प्रोडक्शन, मिक्सिंग और मास्टरिंग का कार्य Fame Mantra Studio द्वारा किया गया है। गीत का आधिकारिक म्यूजिक वीडियो भी रिलीज कर दिया गया है, जिसे दर्शकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।

बचपन से रहा संगीत से गहरा लगाव : सनी स्किल
गीत के रिलीज होने के अवसर पर सनी स्किल ने कहा कि संगीत उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि बचपन में अपने पिता को संगीत सुनते हुए देखकर उनके भीतर भी संगीत के प्रति रुचि पैदा हुई। सनी स्किल ने कहा, “जब मैं छोटा था, तब अक्सर अपने पिता को संगीत सुनते हुए देखा करता था। उसी दौरान संगीत की धुनें मेरे मन में बसती चली गईं। धीरे-धीरे मुझे महसूस हुआ कि मेरी असली पहचान संगीत से ही बनेगी। आज जो कुछ भी हूं, वह संगीत की वजह से हूं।”

डिजाइनिंग से म्यूजिक इंडस्ट्री तक का सफर
सनी स्किल ने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत चंडीगढ़ में डिज़ाइनिंग के क्षेत्र से की थी और करीब पांच से छह वर्षों तक इस क्षेत्र में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने म्यूजिक प्रोडक्शन की ओर कदम बढ़ाया और फिर गीत लेखन तथा गायन को अपना मुख्य लक्ष्य बना लिया। उन्होंने कहा, “डिज़ाइनिंग ने मुझे रचनात्मक सोच दी, लेकिन मेरा दिल हमेशा संगीत में ही लगता था। इसलिए मैंने म्यूजिक प्रोडक्शन शुरू किया, गीत लिखे और बाद में खुद उन्हें गाना भी शुरू किया। यह सफर चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, लेकिन बेहद संतोष देने वाला है।”

संघर्षों ने मजबूत बनाया
सनी स्किल का कहना है कि संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सनी स्किल के अनुसार, “सपनों को पूरा करने के लिए कई बार बड़े फैसले लेने पड़ते हैं। मैंने भी अपने लक्ष्य के लिए बहुत कुछ छोड़ा, लेकिन मुझे हमेशा विश्वास था कि संगीत ही मेरा भविष्य है। मेहनत और समर्पण से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।”

युवाओं को पसंद आ रहा ‘नादानियां’
रिलीज के बाद ‘नादानियां’ को सोशल मीडिया और विभिन्न म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। सनी स्किल को उम्मीद है कि यह गीत लोगों के दिलों तक पहुंचेगा और उनकी भावनाओं से जुड़ पाएगा। उन्होंने कहा, “मेरे लिए संगीत सिर्फ पेशा नहीं है, बल्कि मेरी भावना और मेरी पहचान है। ‘नादानियां’ उन सभी लोगों के लिए है जिन्होंने कभी प्यार किया है, किसी को खोया है या अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां करने की कोशिश की है।” यही वजह है कि ‘नादानियां’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भावनाओं और जीवन के अनुभवों का ऐसा संगीतबद्ध सफर है, जो श्रोताओं को अपने साथ जोड़ने में सफल नजर आ रहा है।


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