Saturday, June 20th, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने 4,400 श्रमिकों के खाते में ट्रान्सफर किये 11 करोड़ रुपये

Daily Archives: 20/06/2026

मुख्यमंत्री धामी ने 4,400 श्रमिकों के खाते में ट्रान्सफर किये 11 करोड़ रुपये

पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपने शासकीय आवास से उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता राशि का डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 4,400 श्रमिकों को लगभग 11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कई श्रमिक जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं, इसलिए जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिक राज्य की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण सहभागी हैं और सरकार उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और त्वरित तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और उन्हें सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।


वजन घटाने के लिए चावल छोड़ना कितना सही? आइये जानते हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ

वजन घटाने और फिट रहने की चाह में कई लोग सबसे पहले अपनी डाइट से चावल को हटाने का फैसला करते हैं। आम धारणा है कि चावल खाने से वजन बढ़ता है, इसलिए इसे छोड़ना स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। हालांकि, पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ने से पहले उसके शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना जरूरी है। चावल शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ है और इसे छोड़ने से फायदे के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

चावल छोड़ने पर शरीर में क्या बदलाव हो सकते हैं?

वजन नियंत्रित करने में मिल सकती है मदद

चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में इसका सेवन कम करने से कुल कैलोरी इनटेक घट सकता है, जिससे कुछ लोगों को वजन कम करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इसका असर व्यक्ति की जीवनशैली और अन्य खानपान की आदतों पर भी निर्भर करता है।

ऊर्जा स्तर में आ सकती है गिरावट

कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। यदि अचानक चावल खाना बंद कर दिया जाए तो कई लोगों को थकान, कमजोरी और सुस्ती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ब्लड शुगर पर पड़ सकता है प्रभाव

कुछ मामलों में चावल का सेवन कम करने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका परिणाम व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, दवाओं और संपूर्ण आहार पर निर्भर करता है।

पाचन तंत्र पर भी दिख सकता है असर

यदि चावल की जगह पर्याप्त फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल नहीं किए जाते हैं तो कब्ज या अन्य पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। विशेषज्ञ संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हैं ताकि पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करता रहे।

क्या चावल को पूरी तरह छोड़ना सही है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि चावल को पूरी तरह त्यागने के बजाय उसकी मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देना अधिक फायदेमंद हो सकता है। सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस, रेड राइस या सीमित मात्रा में चावल का सेवन बेहतर विकल्प माना जाता है।

किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?

डायबिटीज के मरीज, खिलाड़ी, अधिक शारीरिक श्रम करने वाले लोग, बच्चे, किशोर और गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी अध्ययनों और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी प्रकार के आहार परिवर्तन से पहले विशेषज्ञ की राय लेना उचित रहेगा।

(साभार)


उज्जैन डबल मर्डर केस का खुलासा, दामाद ने भाई के साथ मिलकर की थी सास और उसके साथी की हत्या

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना राघवी पुलिस ने महुडीपुरा रोड पर मिले एक महिला और पुरुष के शवों की गुत्थी को सुलझाते हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी (मृतका के दामाद) और उसके सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

राघवी थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह बन्देवार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीते 18 जून को ग्राम महुडीपुरा रोड पर स्थित एक खेत की मेड़ से बैलाखेड़ा निवासी कालूराम वर्मा (40 वर्ष) और मंजुबाई शर्मा (42 वर्ष) के शव बरामद हुए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जब हत्या की पुष्टि हुई, तो पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी।

 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण किया, तो तीन संदिग्धों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरखेड़ा बुजुर्ग निवासी अनिल (24 वर्ष) और उसके भाई कालूराम (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, नवदुर्गा कॉलोनी निवासी उनका साथी रफीक (46 वर्ष) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

 पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली है। पुलिस के अनुसार, मृतका मंजुबाई के कालूराम वर्मा के साथ संबंध थे। मंजुबाई की बेटी की शादी आरोपी अनिल से हुई थी, लेकिन शादी के बाद अनिल की पत्नी बार-बार अपने मायके चली जाती थी। अनिल के बार-बार समझाने के बावजूद मंजुबाई और उसके परिवारवाले बेटी को ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से गहरा विवाद और तनाव चल रहा था।

इसी रंजिश के चलते अनिल ने अपने भाई कालूराम और साथी रफीक के साथ मिलकर दोनों को रास्ते से हटाने का खौफनाक षड्यंत्र रचा और मौका देखकर मंजुबाई व कालूराम वर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपी रफीक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रही लोगों की परेशानियां- मल्लिकार्जुन खरगे

महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, कहा- घट रही है लोगों की बचत

नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि महंगाई लगातार बढ़ने से लोगों की बचत घट रही है और परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि आम जनता रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि महंगाई की वजह से आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है और युवाओं में भी भविष्य को लेकर निराशा बढ़ रही है।

खरगे ने कहा कि खुदरा महंगाई दर पिछले कई महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती लागत, रुपये की कमजोरी और रोजगार के सीमित अवसरों को भी चिंता का विषय बताया। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि इन परिस्थितियों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आर्थिक समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। पार्टी का कहना है कि बढ़ती महंगाई और घटती क्रय शक्ति के कारण आम लोगों के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बनता जा रहा है।


मुजफ्फरनगर से चल रहे प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

देहरादून-  उत्तराखंड में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी और नशे के काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड में हो रही प्रतिबंधित ‘Mzकैप्सूल’ की तस्करी के मुख्य नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत मुजफ्फरनगर स्थित ‘श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर’ के संचालक सचिन मनिहाल को गिरफ्तार किया गया है।

 इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब बीते 11 मई को हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र से भारी मात्रा में यानी करीब 18 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस मामले में मंगलौर थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान मिले तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर एसटीएफ को पता चला कि इस तस्करी के तार मुजफ्फरनगर के एक मेडिकल स्टोर से जुड़े हुए हैं।

 जांच में सामने आया कि आरोपी फार्मा स्टोर संचालक सचिन मनिहाल विभिन्न दवा कंपनियों से प्रतिबंधित कैप्सूल मंगवाता था। इसके बाद वह देहरादून और हरिद्वार के स्थानीय तस्करों के नेटवर्क के जरिए इन्हें युवाओं और जरूरतमंदों को मूल कीमत से कई गुना ऊंचे दामों पर बेचता था।

एसटीएफ की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला वित्तीय रिकॉर्ड सामने आया है। जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच (मात्र पांच महीनों में) आरोपी ने केवल एक दवा कंपनी को कैप्सूल खरीदने के लिए करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया था। इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार करोड़ों रुपये का था।

 एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी सचिन मनिहाल ने प्रतिबंधित कैप्सूलों की अवैध खरीद-फरोख्त और सप्लाई की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने उसके पास से तस्करी में इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।

आरोपी द्वारा काली कमाई से बनाई गई अवैध संपत्ति की भी अब जांच की जा रही है, जिसे फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। एसटीएफ और एएनटीएफ की टीमें अब इस नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स को खंगाल रही हैं ताकि दवा कंपनियों से लेकर सप्लाई चेन में शामिल अन्य आरोपियों को भी बेनकाब किया जा सके।


बीमार बेटे और बुजुर्ग मां ने की आत्महत्या! आर्थिक तंगी और बीमारी को माना जा रहा कारण

बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला मुख्यालय के रौड़ा सेक्टर से एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किराये के मकान में रहने वाली बुजुर्ग महिला और उनके गंभीर रूप से बीमार बेटे की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 66 वर्षीय कुमुद शर्मा और उनके 36 वर्षीय बेटे अक्षांश के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से सोलन जिले के अर्की का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से बिलासपुर में रह रहा था।

 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुमुद शर्मा शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षिका थीं। उनका बेटा अक्षांश पिछले लंबे समय से एक गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित था। बीते दो-तीन सालों में उसकी तबीयत इस कदर बिगड़ चुकी थी कि वह पूरी तरह से बिस्तर पर आ गया था और उसका चलना-फिरना भी बंद हो गया था। बुजुर्ग मां ही उसकी देखभाल कर रही थीं।

 शुक्रवार दोपहर को जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। जब आसपास के लोग खिड़की-दरवाजे से घर के भीतर दाखिल हुए, तो मां और बेटे दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे। नजदीकी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 शुरुआती पुलिस जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बेटे की गंभीर बीमारी, लगातार बिगड़ती स्थिति और उससे पैदा हुए मानसिक व आर्थिक तनाव के कारण हताश होकर बुजुर्ग महिला ने बेटे के साथ यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, दोनों ने किस जहरीले पदार्थ का सेवन किया है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।


बहादुरगढ़ में बेखौफ बदमाश: आसंडा गांव में घर के बाहर युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गोली लगने से गंभीर घायल

बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ क्षेत्र के आसंडा गांव में शुक्रवार रात बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर के बाहर अपनी गाड़ी से उतरे एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए रोहतक के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

 हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त (Retired) इंस्पेक्टर दयानंद राठी ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उनका 33 वर्षीय बेटा मंजेश खेती-बाड़ी का काम करता है। 19 जून की रात करीब सवा नौ बजे मंजेश अपनी एंडेवर (Endeavour) गाड़ी से वापस घर लौटा था। वह जैसे ही गाड़ी से उतरा, पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

 हमलावरों ने मंजेश को निशाना बनाते हुए करीब चार से पांच राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली मंजेश की दाईं तरफ कमर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। गोलियों की आवाज सुनकर जब परिवारवाले और ग्रामीण बाहर दौड़े, तो आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।

परिजनों ने तुरंत घायल मंजेश को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल लेकर भागे। सूचना मिलते ही आसौदा थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


‘मां इंटी बंगारम’ ने सिनेमाघरों में दी दस्तक, फिल्म ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर किया इतना कलेक्शन 

साउथ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री सामंथा रूथ प्रभु की नई फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। एक्शन और फैमिली ड्रामा से भरपूर इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्साह था। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत करते हुए करोड़ों रुपये का कारोबार किया है।

फिल्म की रिलीज से पहले सामंथा ने इसका जोरदार प्रमोशन किया था, वहीं सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई थी। आंकड़ों के अनुसार, ‘मां इंटी बंगारम’ ने पहले दिन करीब 5.35 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया है।

फिल्म की कहानी स्वर्ण नाम की एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार सामंथा ने निभाया है। स्वर्ण एक संपन्न परिवार में शादी करके अपने ससुराल पहुंचती है। ननद की शादी के सिलसिले में गांव जाने के बाद उसके जीवन से जुड़े कई ऐसे राज सामने आते हैं, जो कहानी को रोमांचक मोड़ देते हैं। फिल्म में सामंथा का दमदार एक्शन अवतार दर्शकों को पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनके अभिनय और एक्शन सीक्वेंस की सराहना की जा रही है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘मां इंटी बंगारम’ का सामना रामचरण की फिल्म ‘पेद्दी’ से हो रहा है। हालांकि ‘पेद्दी’ रिलीज के तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है, फिर भी फिल्म टिकट खिड़की पर बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘पेद्दी’ ने अपने 16वें दिन करीब 1.51 करोड़ रुपये की कमाई की। वहीं शुक्रवार के कारोबार में सामंथा की फिल्म ने बढ़त हासिल करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है। अब आने वाले वीकेंड में दोनों फिल्मों की कमाई पर फिल्म कारोबारियों की नजर बनी रहेगी।

(साभार)


IGI एयरपोर्ट पर 34 करोड़ से अधिक की हेरोइन बरामद, कुआलालंपुर से आए यात्री को दबोचा

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर तैनात सीमा शुल्क (कस्टम) अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टर्मिनल-3 पर चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने कुआलालंपुर (मलेशिया) से आ रहे एक भारतीय यात्री के पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस हेरोइन की अनुमानित कीमत लगभग 34.67 करोड़ रुपये आंकी गई है।

 कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 16 जून को की गई। शक के आधार पर यात्री की प्रोफाइलिंग की गई और जैसे ही वह आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर ग्रीन चैनल पार करने की कोशिश कर रहा था, मुस्तैद अधिकारियों ने उसे रोक लिया।

 जब यात्री के पास मौजूद दो ट्रॉली बैग की एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई, तो उसमें कुछ संदिग्ध सामान दिखाई दिया। बैग की बारीकी से तलाशी लेने पर उसके भीतर से सफेद पाउडर वाले चार (04) पैकेट बरामद हुए। जब सुरक्षा एजेंसियों ने शुरुआती जांच और केमिकल टेस्टिंग की, तो उस पाउडर के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। जब्त की गई हेरोइन का कुल नेट वजन 6,934 ग्राम (करीब 7 किलोग्राम) मापा गया है।

कस्टम विभाग ने नशीले पदार्थ और उसे छुपाने के लिए इस्तेमाल किए गए पैकिंग मटीरियल को तुरंत जब्त कर लिया। इसके साथ ही आरोपी भारतीय यात्री को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। सीमा शुल्क विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और दिल्ली में यह खेप किसे डिलीवर की जानी थी। मामले की आगे की जांच जारी है।


उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है सरकार- सीएम

हरिद्वार में संतों ने कहा, सीएम धामी सनातन के रक्षक

विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक

लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद के विरोध की गूंज

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूपतवाला में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिन्दू परिषद पिछले छह दशकों से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश और विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में समाज को जागरूक, संगठित एवं अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता एवं राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्यों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

केदारखण्ड एवं मानसखण्ड क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास एवं सौन्दर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत एवं मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है।

समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान कानून सुनिश्चित किए गए हैं। सख्त भू-कानून लागू कर प्रदेश की भूमि, संस्कृति एवं जनहितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है तथा कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता से संबंधित विषयों पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है।

मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक मंडल से जुड़े संत-महात्माओं ने उन्हें धर्मरक्षक, सनातन सेवा के लिए समर्पित तथा देवभूमि के देवालयों का सेवक बताते हुए पूरे संत समाज की ओर से आशीर्वाद प्रदान किया।

महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वभर में सनातन संस्कृति की पताका फहरा रही है, उसी प्रकार उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन मूल्यों की रक्षा एवं संरक्षण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने जैसे निर्णयों ने उत्तराखण्ड को सनातन संरक्षण का एक आदर्श मॉडल बनाया है।

महामंडलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महाराज ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारते थे, वे आज भी राम मंदिर एवं उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को विवादित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व सनातन परंपरा के विरोधी हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में तेजी से बदल रही जनसांख्यिकी को लेकर धामी सरकार की गंभीरता तथा देवभूमि के पौराणिक स्वरूप एवं सांस्कृतिक मानबिंदुओं के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।

बैठक की अध्यक्षता अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज ने की। महाराष्ट्र से स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, साध्वी पूर्णप्रज्ञा जी, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की।

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं केन्द्रीय प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश , अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया, बलराम कपूर, सौरभ चौहान सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।


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