Saturday, June 6th, 2026

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ACC विंग के 73 कैडेट्स ने पूरी की ट्रेनिंग, चेतवुड हॉल में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह

Daily Archives: 06/06/2026

ACC विंग के 73 कैडेट्स ने पूरी की ट्रेनिंग, चेतवुड हॉल में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह

देहरादून- चेतवुड हॉल गर्व और जश्न से गूंज उठा, क्योंकि आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) विंग में 73 कैडेट्स ने अपनी कठिन एकेडमिक और मिलिट्री ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। इस खास मौके को एक शानदार और प्रेरणादायक ग्रेजुएशन सेरेमनी के ज़रिए मनाया गया, जिसमें गर्व से भरे माता-पिता, सम्मानित इंस्ट्रक्टर और खास मेहमान शामिल हुए।

इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने आर्मी कैडेट कॉलेज विंग के 127वें कोर्स के साइंस स्ट्रीम के 32 कैडेट्स और ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम के 42 कैडेट्स को प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली की बैचलर डिग्री प्रदान की।

आर्मी कैडेट कॉलेज इंडियन आर्मी का एक प्रमुख ट्रेनिंग संस्थान है, जो इंडियन मिलिट्री एकेडमी के लिए फीडर संस्थान के तौर पर काम करता है। ACC विंग का ट्रेनिंग करिकुलम कैडेट्स के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हर कैडेट एक ग्रेजुएशन प्रोग्राम से गुज़रता है, जिसमें इंडियन आर्मी में कमीशन ऑफिसर बनने के लिए ज़रूरी गुण सीखने के लिए कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग भी शामिल होती है। दीक्षांत समारोह ACC विंग में तीन साल के ट्रेनिंग करिकुलम के समापन का प्रतीक था। जुलाई 2026 में, पास होने वाले कोर्स के कैडेट्स प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के लिए ऑफिसर कैडेट्स के तौर पर इंडियन मिलिट्री एकेडमी में शामिल होंगे।

इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने अपने दीक्षांत भाषण में कैडेट्स को कठिन ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने और अपने प्रोफेशनल करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार करने के लिए बधाई दी। उन्होंने ज़ोर दिया कि चरित्र, आत्म-अनुशासन, साहस, प्रेरणा, सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रोफेशनल क्षमता एक सफल आर्मी ऑफिसर के स्तंभ हैं।

चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ (COAS) गोल्ड मेडल विंग कैडेट कैप्टन नवीन को, COAS सिल्वर मेडल कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा को और COAS ब्रॉन्ज़ मेडल विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर हर्षराज को दिया गया।

सर्विस सब्जेक्ट्स में पहला स्थान पाने के लिए कमांडेंट का सिल्वर मेडल कंपनी क्वार्टर मास्टर सार्जेंट अमनप्रीत सिंह को, ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम में पहला स्थान पाने के लिए कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा को और साइंस स्ट्रीम में पहला स्थान पाने के लिए विंग कैडेट कैप्टन नवीन को दिया गया। इस मौके पर, इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने आर्मी कैडेट कॉलेज की चैंपियन कंपनी बनने के लिए नुब्रा कंपनी को ‘कमांडेंट बैनर’ भी दिया। यह बैनर उस कंपनी को दिया जाता है जो स्पोर्ट्स, फिजिकल ट्रेनिंग, कैंप, डिबेट, इंटीरियर इकोनॉमी, हथियार चलाने की ट्रेनिंग, पढ़ाई-लिखाई और सर्विस ट्रेनिंग जैसी अलग-अलग प्रतियोगिताओं में सबसे अच्छा प्रदर्शन करती है।

आखिर में, कमांडेंट ने आर्मी कैडेट कॉलेज विंग के कमांडर ब्रिगेडियर पीयूष खुराना (SM) और उनकी इंस्ट्रक्टर और फैकल्टी टीम की तारीफ की, जिन्होंने कैडेट्स को काबिल ऑफिसर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। यह कार्यक्रम कैडेट्स के उस बदलाव भरे सफर की एक यादगार झलक थी, जिसे उन्होंने पूरा किया है। माता-पिता गर्व से भरे हुए थे, जबकि इंस्ट्रक्टर कैडेट्स की तरक्की और कामयाबियों को देखकर संतुष्ट महसूस कर रहे थे। पूरी सेरेमनी के दौरान आपसी भाईचारे और सेवा की भावना साफ झलक रही थी।


“निखण्यां जोग” की OTT पर एंट्री, वीडियोज अलार्म बना उत्तराखंडी सिनेमा का नया डिजिटल घर

देहरादून। उत्तराखंड की क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी क्रम में निर्देशक देबू रावत द्वारा निर्देशित चर्चित गढ़वाली फीचर फिल्म “निखण्यां जोग” अब उत्तराखंड के पहले समर्पित क्षेत्रीय OTT प्लेटफॉर्म वीडियोज अलार्म (Videos Alarm) पर रिलीज़ हो चुकी है।

फिल्म का निर्माण आशा मुनीन्द्र सकलानी ने किया है, जबकि निर्देशन देबू रावत द्वारा किया गया है। फिल्म के सह-निर्देशक एवं कोरियोग्राफर विजय भारती हैं। संगीत निर्देशन अमित वी कपूर द्वारा किया गया है। फिल्म में पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, अमित खरे, प्रतीक्षा बमराड़ा और लेखराज भंडारी ने अपनी मधुर आवाज़ दी है। प्रमुख कलाकारों में मोहित घिल्डियाल, प्राची पंवार, मानसी शर्मा, रवि ममगाईं, पुरुषोत्तम जेठुड़ी, सुषमा व्यास, डॉ. एम.आर. सकलानी, अजय सिंह बिष्ट, राजेश जोशी, हर्ष खत्री, विनीता नेगी, अंशिका भारती और पूनम नैथानी शामिल हैं।

“निखण्यां जोग” उत्तराखंड की सामाजिक वास्तविकताओं पर आधारित एक संवेदनशील कहानी है, जो पलायन, पारिवारिक जिम्मेदारियों, संघर्ष और भाग्य की अनिश्चितताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। फिल्म पहाड़ की संस्कृति, जीवनशैली और मानवीय भावनाओं को दर्शाते हुए दर्शकों से गहरा जुड़ाव स्थापित करती है।

“निखण्यां जोग” की डिजिटल रिलीज़ के साथ एक बार फिर चर्चा में आया है वीडियोज अलार्म, जिसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। Coloured Checkers Films & Entertainment Pvt. Ltd. द्वारा संचालित यह प्लेटफॉर्म गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं की फिल्मों, संगीत, लोक संस्कृति और वृत्तचित्रों को एक ही मंच पर उपलब्ध करा रहा है।

“अपनी बोली, अपना स्वैग” के नारे के साथ संचालित वीडियोज अलार्म आज दुनिया भर में बसे उत्तराखंडियों को अपनी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मात्र ₹99 वार्षिक सदस्यता के साथ उपलब्ध यह प्लेटफॉर्म Android, iOS और Android TV पर भी सुलभ है, जिससे दर्शक कहीं भी और कभी भी अपनी पसंदीदा क्षेत्रीय सामग्री का आनंद ले सकते हैं।

प्लेटफॉर्म पर “निखण्यां जोग” के अलावा शहीद, रतब्याण, धर्ती म्यार कुमाऊं की और मीठी मां कु आशीर्वाद जैसी चर्चित क्षेत्रीय फिल्में भी उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर गोपाल सिंह बिष्ट, सेल्स हेड, वीडियोज अलार्म ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और लोक पहचान को डिजिटल माध्यम से नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है। आज के व्यस्त जीवन में हर व्यक्ति के लिए सिनेमाघर तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वीडियोज अलार्म दर्शकों को घर बैठे, अपनी सुविधा और समय के अनुसार क्षेत्रीय फिल्मों और सांस्कृतिक सामग्री का आनंद लेने का अवसर प्रदान करता है। Android, iOS और Android TV पर उपलब्ध होने के कारण दर्शक कहीं भी और कभी भी अपनी पसंदीदा उत्तराखंडी फिल्में देख सकते हैं। ‘निखण्यां जोग’ जैसी फिल्मों की OTT रिलीज़ क्षेत्रीय सिनेमा को नई संभावनाएं प्रदान करेगी और स्थानीय कलाकारों व फिल्म निर्माताओं के लिए एक मजबूत डिजिटल मंच तैयार करेगी।


घर के बाहर पेशाब करने से रोका तो युवक पर हमला, दांत तोड़े, कई लोग घायल

बरेली –  प्रेमनगर क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घर के सामने पेशाब करने से मना करने पर युवक और उसके साथियों पर एक परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना में कई लोग घायल हो गए, जिनमें बीचबचाव करने पहुंचे स्थानीय निवासी भी शामिल हैं।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना चार जून की है। एक युवक घर के बाहर सार्वजनिक स्थान पर पेशाब कर रहा था। जब स्थानीय निवासी ने उसे ऐसा करने से रोका तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर युवक ने अपने परिचितों को मौके पर बुला लिया।

इसके बाद कई लोगों ने मिलकर पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। आरोप है कि हमले में पीड़ित युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके दांत भी टूट गए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे कुछ स्थानीय लोगों ने बीचबचाव का प्रयास किया, लेकिन उन्हें भी हमलावरों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

घटना में कई अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि महिलाओं के साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

मामले की शिकायत प्रेमनगर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक गतिविधियों और बढ़ती मारपीट की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।


देहरादून में बरसे बादल, तापमान में भारी गिरावट

आयुषी

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही रुक-रुक कर बारिश ने गर्मी के तेवरों को काफी हद तक शांत कर दिया है। खासकर राजधानी देहरादून में शुक्रवार सुबह करीब एक घंटे तक हुई लगातार बारिश का असर तापमान पर साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून में 27.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते अधिकतम तापमान में लगभग छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह 29.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

जून महीने की शुरुआत आमतौर पर उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस लेकर आती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। लगातार बदलते मौसम और समय-समय पर हो रही बारिश ने लोगों को तपती गर्मी से राहत दिलाई है। सुबह हुई बारिश के बाद देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया। तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों ने जून में भी हल्की ठंडक का एहसास किया।बारिश का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और तूफान के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ स्थानों पर सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क मार्गों को जल्द साफ कराया, जिससे यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान मौसम परिवर्तन के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता एक प्रमुख कारण है। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी मौसम के पैटर्न में बदलाव ला रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम की अनिश्चितता बढ़ी है, जिसके कारण कभी अत्यधिक गर्मी, कभी असामयिक बारिश और कभी तेज तूफान जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 11 जून तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा नीचे रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।शनिवार के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई है। विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले क्षेत्रों, कमजोर संरचनाओं और बड़े पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। किसानों को समय पर नमी मिलने से कई फसलों को लाभ होने की संभावना है। वहीं पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटकों ने भी सुहावने मौसम का आनंद लिया। मसूरी, नैनीताल और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और बादलों ने पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बना दिया।फिलहाल उत्तराखंड में मौसम राहत भरा बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों से लगातार जारी अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। आने वाले कुछ दिनों तक बारिश और ठंडी हवाओं का यह दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।


खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प

किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आय- मुख्यमंत्री

अल्मोड़ा के हवालबाग में हुआ भव्य कार्यक्रम, बड़ी संख्या में पहुंचे किसान

6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़, खेती होगी सुरक्षित- मुख्यमंत्री

अल्मोड़ा।  जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।


खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक

एफएसएसएआइ मानकों और हाइजीन रेटिंग पर दी जानकारी

कई होटलों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण पत्र भी प्रदान किए

देहरादून। शहर में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने होटल और रेस्टोरेंट पर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में राजपुर रोड स्थित होटल वेलकम में होटल एसोसिएशन के सहयोग से एक कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अपर आयुक्त ताजबर सिंह, संयुक्त आयुक्त डा. आरके सिंह और उपायुक्त गढ़वाल खाद्य सुरक्षा आरएस रावत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। खाद्य सुरक्षा आडिटर आशीष भार्गव ने होटल संचालकों को एफएसएसएआइ मानकों, हाइजीन रेटिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, निरीक्षण, नमूना संग्रह और दायर किए गए वादों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त गढ़वाल आरएस रावत ने एफएसएसएआइ के शेड्यूल-4 की जानकारी दी, जबकि संयुक्त आयुक्त डा. आरके सिंह ने होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने अपील की कि सभी होटल संचालक कार्यशाला में दी गई जानकारी को अपने प्रतिष्ठानों में लागू करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिल सके। कार्यशाला में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु कोचर, हेमंत कोचर, सुरेश गिलहोत्रा, अंबुज ओबराय सहित 44 होटलों के संचालक, जीएम, मुख्य शेफ और खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान कई होटलों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।


जीवनभर की जमा-पूंजी पर साइबर अपराधियों का वार, 12 ट्रांजैक्शन में खाते से पार किए लाखों रुपये

अलीगढ़- अलीगढ़ में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी के बैंक खाते से लाखों रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। पीड़ित ने अपनी पूरी जीवनभर की बचत गंवाने की बात कहते हुए पुलिस और बैंक अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित संतोष कुमार शर्मा जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते से अचानक कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से बड़ी रकम निकाली गई। कुछ ही समय में अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 10.85 लाख रुपये से अधिक की राशि खाते से गायब हो गई।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पीड़ित के अनुसार उन्होंने अपने खाते पर किसी प्रकार की यूपीआई सेवा सक्रिय नहीं कराई थी। इसके बावजूद साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर यूपीआई आधारित लेनदेन का इस्तेमाल करते हुए रकम निकाल ली।

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बैंक शाखा में शिकायत दर्ज कराई। बैंक अधिकारियों ने खाते को तत्काल सुरक्षित करते हुए संदिग्ध लेनदेन से जुड़े माध्यमों को ब्लॉक कर दिया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने रकम को ट्रैक करने और संभावित रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की।

साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच टीम ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की पड़ताल कर रही है, जिनके जरिए धनराशि ट्रांसफर की गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा और साइबर सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


होटल के कमरे में फंदे से लटकी मिली युवती, युवक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

गाजियाबाद – विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवती का शव होटल के कमरे में फंदे से लटका मिला, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

पुलिस के अनुसार, होटल कर्मचारियों की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलकर जांच की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवती दिन के समय होटल पहुंची थी, जहां एक युवक पहले से मौजूद था।

जांच के दौरान सामने आया कि शाम के समय युवक होटल से चला गया था, जबकि युवती कमरे में अकेली रह गई। कुछ घंटों बाद उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मामले में युवक को हिरासत में लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल कॉल डिटेल और संदेशों की जांच में दोनों के बीच लगातार बातचीत के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और किन परिस्थितियों में युवती ने यह कदम उठाया।

मृतका के परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं—आत्महत्या, उत्पीड़न और अन्य संभावित कारणों—को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी

मामा ने नशे की तथा भांजे ने आनलाइन गैम्बलिंग/गेमिंग की लत के चलते दिया था घटना को अंजाम

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किया गया माल हुआ बरामद

देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में एक घर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह रही कि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के ही सदस्य और रिश्तेदार ने मिलकर की थी। पुलिस ने महिला के बेटे और उसके भाई को चोरी किए गए जेवरात के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, रेशम माजरी निवासी मोनिका गोस्वामी ने कोतवाली डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ बद्रीनाथ धाम यात्रा पर गई थीं। वापस लौटने पर घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिले। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने फतेहपुर टांडा क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी महिला का पुत्र चिराग बोरा और उसका सगा भाई अमित सिंह नेगी हैं। दोनों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यात्रा पर न जाकर घर में रुकने का बहाना बनाया और रात के समय घर में रखे जेवरात व नकदी चोरी कर ली।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अमित सिंह नेगी नशे का आदी है, जबकि चिराग बोरा ऑनलाइन गेमिंग और गैम्बलिंग की लत से परेशान था। दोनों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी की योजना बनाई थी। चोरी की गई नकदी को उन्होंने आपस में बांटकर नशे और ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च कर दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और 2,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी की ज्वैलरी बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


डेटा में सेंधमारी से बढ़ रहे साइबर अपराध, लोगों के खाते बन रहे निशाना

पूजा भट्ट

डिजिटल दौर में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराध भी तेजी से पैर पसार रहे हैं। हाल के समय में साइबर अपराधियों द्वारा डेटा में सेंधमारी कर लोगों के बैंक खातों से ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये अपराधी सिर्फ हैकिंग ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों और संस्थानों के पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों की मदद से भी संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना रहे हैं।

साइबर ठग सरकारी विभागों, बैंकों, बीमा कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के डेटा को निशाना बना रहे हैं। सरकारी योजनाओं के आवेदकों, बीमा पॉलिसी धारकों और ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों की निजी जानकारी हासिल कर उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा रहा है। ठग खुद को संबंधित संस्था का कर्मचारी बताकर लोगों का विश्वास जीतते हैं और उनसे ओटीपी, पासवर्ड व बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते हैं।

क्षेत्र में सामने आए कुछ मामलों ने इस खतरे की गंभीरता को उजागर किया है।मुंडाखेड़ा खुर्द गांव में बाल विकास विभाग की योजना के आवेदकों का डेटा हासिल कर साइबर अपराधियों ने 15 से अधिक लोगों को झांसे में लेकर उनके खातों से डेढ़ लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली।एक अन्य मामले में नगर के एक व्यापारी की बीमा पॉलिसी की जानकारी का दुरुपयोग कर किस्त जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये की ठगी की गई।

इसी तरह, एक ऑनलाइन शॉपिंग ग्राहक को ऑर्डर कैंसिल कराने के बहाने फंसाकर उसके क्रेडिट कार्ड से 1.13 लाख रुपये निकाल लिए गए।खेड़ी गांव के एक ग्रामीण से खुद को बैंक कर्मचारी बताकर 1.72 लाख रुपये की ठगी का मामला भी सामने आया है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं डेटा सुरक्षा में सेंध और जागरूकता की कमी के कारण बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

सावधानी ही बचाव है बीमा और बैंकिंग से जुड़े कार्यों के लिए हमेशा अधिकृत कार्यालय या कर्मचारी से ही संपर्क करें।किसी भी लुभावनी योजना या ऑफर के झांसे में न आएं।नजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें।ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहें और केवल सुरक्षित व अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करें।
साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखें, तभी इस तरह की ठगी से बचाव संभव है।


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