Wednesday, June 3rd, 2026

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उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन अब करेगा सोलर रूफटॉप परियोजनाओं का संचालन

Daily Archives: 03/06/2026

उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन अब करेगा सोलर रूफटॉप परियोजनाओं का संचालन

पीसीयू की बैठक में बड़े फैसले, सहकारिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (पीसीयू) की प्रबंध समिति की बैठक देहरादून स्थित पीसीयू कार्यालय सभागार में अध्यक्ष प्रदीप मेहरोत्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संघ के वर्तमान कार्यों, भविष्य की योजनाओं, नए व्यवसायिक अवसरों तथा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में संघ के लिए नए बिजनेस प्लान विकसित कर आय के स्रोतों में वृद्धि करने पर विशेष जोर दिया गया। सदस्यों ने विचार व्यक्त किया कि बदलते समय के अनुरूप नवाचार आधारित योजनाओं को अपनाकर संघ को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए। इसके साथ ही उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की सदस्यता प्राप्त करने हेतु विभिन्न सहकारी समितियों से प्राप्त आवेदनों पर विचार किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संघ अपनी सदस्यता का विस्तार करते हुए अधिकाधिक सहकारी संस्थाओं को अपने साथ जोड़ेगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहकारिता विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु वर्षभर का विस्तृत प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार कर निबंधक, सहकारी समितियां कार्यालय को प्रेषित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष विभिन्न स्तरों पर सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों के क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई की तर्ज पर उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की सदस्य समितियों के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क को ₹5,000 से घटाकर ₹2,000 किए जाने पर सहमति बनी। इस निर्णय का उद्देश्य अधिकाधिक समितियों को संघ से जोड़ना तथा सहकारिता आंदोलन को व्यापक आधार प्रदान करना है।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना रहा। उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन को राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी एवं परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) घोषित किया गया है। इसके अंतर्गत यूनियन राज्य की समस्त शीर्ष सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी बैंकों तथा अन्य सहकारी समितियों में सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य करेगी। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उपस्थित संचालक मंडल के सदस्यों ने तालियां बजाकर हर्ष व्यक्त किया।

बैठक में केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई के लिए प्रदीप चौधरी को नामित किए जाने पर भी सहमति प्रदान की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा ने कहा कि संघ को मजबूत बनाने के लिए नए बिजनेस मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहकारिता आधारित समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने तथा मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री द्वारा निर्धारित रोडमैप के अनुरूप कार्य करते हुए सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर इफ्को संस्था में डायरेक्टर बनाए जाने पर उमेश त्रिपाठी और प्रदीप चौधरी का अध्यक्ष महोदय प्रबंध निदेशक महोदय और संचालक मंडल द्वारा पुष्प कुछ भेंट कर शुभकामनाएं दी गई।

बैठक में उपाध्यक्षशैलेंद्र सिंह बिष्ट, प्रबंध निदेशक एम.पी. त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, श्रीमती शांति, ममता मेहरोत्रा, गोपाल सिंह बोरा, सुभाष चंद्र रमोला, श्रीमती सुप्रिया चौहान, राजेंद्र सिंह, मनोज सिंह सामंत, सार्थक त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह, करणवीर सिंह तथा चंद्र सिंह थापा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में STF की बड़ी कार्रवाई: 86 अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट्स को किया ब्लॉक

चेतावनी: ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाने वालों को होगी 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख का जुर्माना

देहरादून। उत्तराखंड में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 86 अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों (यूआरएल) को ब्लॉक कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए उत्तराखंड जुआ कानून-2026 के तहत सट्टा और जुए के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।

एसटीएफ के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्मों की पहचान कर उन्हें बंद कराया गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को आर्थिक नुकसान और साइबर ठगी से बचाना है।

नए कानून के तहत ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट चलाने वालों को 3 से 5 वर्ष तक के कारावास तथा 2 से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अवैध जुआ घर संचालित करने या उन्हें वित्तीय सहायता देने वालों के लिए 5 वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
कानून में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने या सट्टा लगाने-खिलाने वालों की बिना वारंट गिरफ्तारी की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा दोबारा अपराध करने वाले अभ्यस्त अपराधियों को दोगुनी सजा और जुर्माना भुगतना होगा।

एसटीएफ ने बताया कि जुए और सट्टेबाजी से अर्जित अवैध आय से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों को जब्त और कुर्क किया जा सकेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्वरित कमाई के लालच में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग ऐप्स के जाल में न फंसें तथा किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


देहरादून में कोबरा गैंग पर पुलिस का शिकंजा, तीन ड्रग तस्कर गिरफ्तार

एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति से नशे के सिंडिकेट को ध्वस्त करती दून पुलिस

हाई प्रोफाइल ड्रग्स के साथ कोबरा गैंग के 02 शातिर विदेशी पैडलरों सहित 03 नशा तस्करों को दून पुलिस ने 02 मामलों में अलग-अलग स्थानों से किया गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से 20 लाख रू0 अनुमानित मूल्य की 20.92 ग्राम अवैध कोकिन हुई बरामद

बरामद कोकिन को दिल्ली से तस्करी कर देहरादून लाये थे अभियुक्त

देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान और दून पुलिस के ऑपरेशन प्रहार के तहत राजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाई-प्रोफाइल पार्टियों में कोकीन की सप्लाई करने पहुंचे तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 20 लाख रुपये मूल्य की 20.92 ग्राम अवैध कोकीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन बरामद किए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत राजपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कोबरा गैंग से जुड़े कुछ ड्रग पैडलर राजपुर क्षेत्र में कोकीन की सप्लाई के लिए पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास स्कूटी सवार दो विदेशी नागरिकों को 9.15 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया। वहीं सीआईएसएफ तिराहा, ओल्ड मसूरी रोड के पास एक कार सवार आरोपी को 11.77 ग्राम कोकीन के साथ दबोच लिया गया। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों विदेशी नागरिक मूल रूप से सूडान के निवासी हैं और कोबरा गैंग के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे दिल्ली से कोकीन लाकर विभिन्न शहरों में अपने नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई करते थे। इस बार उनकी योजना राजपुर और आसपास के क्षेत्रों में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियों में कोकीन पहुंचाने की थी।

तीसरे आरोपी जावेद आलम ने भी पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली से मादक पदार्थ लाकर देहरादून में सक्रिय अन्य ड्रग पैडलरों के साथ इसकी सप्लाई करता था। पुलिस अब पूछताछ में सामने आए अन्य तस्करों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।

पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी और कार को भी सीज कर दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 2,500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

दून पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। इस दौरान 145 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।


मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 21 लोगों की मौत, कई घायल

आग में झुलसी बहुमंजिला इमारत, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग की चपेट में आने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, आग हौज रानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी, जो एक बहुमंजिला इमारत के निचले हिस्से में संचालित किया जा रहा था। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों की ओर दौड़े, जबकि कुछ ने ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं और लपटों ने पूरे भवन को घेर लिया था। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। आसपास के व्यापारियों और निवासियों ने फंसे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए। एक स्थानीय दुकानदार ने सड़क पर गद्दे बिछाकर ऊपरी मंजिलों से कूदने वाले लोगों की जान बचाने में मदद की।

प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में आग बेसमेंट या रेस्टोरेंट क्षेत्र से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना के बाद प्रशासन ने इमारत की फायर सेफ्टी व्यवस्था और आवश्यक अनुमति पत्रों की भी जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि भवन और रेस्टोरेंट के पास फायर एनओसी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, भाजपा सांसद मनोज तिवारी तथा अन्य नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना को दुखद बताते हुए सभी एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं विपक्षी नेताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, जबकि पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों का खुलासा हो सकेगा।


दयारा ट्रैक पर रहस्यमयी गुमशुदगी

आयुषी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित दयारा बुग्याल की खूबसूरत वादियां इन दिनों एक रहस्यमयी गुमशुदगी के कारण सुर्खियों में हैं। नैनीताल जिले की 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे पिछले कई दिनों से लापता हैं। उनके गायब होने की घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रदेश को चिंता में डाल दिया है। पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार खोज अभियान चला रहे हैं, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है।रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव निवासी बबीता पांडे अपने दो दोस्तों के साथ उत्तरकाशी घूमने निकली थीं। जानकारी के अनुसार तीनों ने पहले गंगोत्री क्षेत्र का भ्रमण किया और बाद में दयारा बुग्याल ट्रैक पर ट्रेकिंग के लिए पहुंचे। दयारा बुग्याल उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक्स में गिना जाता है, जहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।

29 मई की रात तीनों ट्रेकर्स ने घोई कैंपसाइट क्षेत्र में पड़ाव डाला। बताया जाता है कि देर रात बबीता कैंप से बाहर निकलीं, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो साथियों ने तलाश शुरू की और बाद में प्रशासन को सूचना दी गई।जांच एजेंसियों के अनुसार बबीता को आखिरी बार ट्रेक रूट के आसपास देखा गया था। मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि एक फुटेज में वह वाहन से उतरती दिखाई दीं और किसी को फोन करती नजर आईं। हालांकि पुलिस अभी इस फुटेज और कॉल रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि करने में जुटी हुई है।यही आखिरी ज्ञात गतिविधि मानी जा रही है, जिसके बाद उनका कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमों ने खोज अभियान शुरू किया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, घने जंगल, खाई और लगातार खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।खोज अभियान के दौरान ड्रोन कैमरों, डॉग स्क्वायड और आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया गया। टीमों ने घोई कैंपसाइट से लेकर दयारा बुग्याल के विभिन्न ट्रेल्स और जंगलों को खंगाला, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसियों को ट्रेकिंग परमिट से जुड़ी कुछ संदिग्ध जानकारियां भी मिलीं। रिपोर्टों के अनुसार बबीता और उनके साथियों के नाम एक कथित फर्जी या एक्सपायर्ड परमिट पर दर्ज पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने ट्रेकिंग परमिट व्यवस्था की भी जांच शुरू कर दी है।हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता बबीता को सुरक्षित ढूंढना है और परमिट संबंधी मामले की अलग से जांच की जा रही है।खोज अभियान के दौरान एक झील और उसके आसपास का क्षेत्र जांच एजेंसियों के फोकस में आया है। इसी कारण एसडीआरएफ की विशेष डीप-डाइव सर्च टीम को भी लगाया गया है।गोताखोरों और विशेषज्ञों की मदद से झील के भीतर और आसपास के क्षेत्रों की गहन तलाशी की जा रही है।अधिकारियों को उम्मीद है कि इस खोज से मामले में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

दिन बीतने के साथ परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है। बबीता के परिजन उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं और लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं। परिवार का कहना है कि बबीता अनुभवी और जिम्मेदार युवती थीं तथा बिना किसी कारण अचानक गायब होना कई सवाल खड़े करता है।दयारा बुग्याल की शांत वादियों में शुरू हुई यह ट्रेकिंग यात्रा अब एक रहस्यमयी गुमशुदगी में बदल चुकी है। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बीच परिवार, प्रशासन और आम लोग एक ही उम्मीद लगाए बैठे हैं—कि बबीता पांडे सुरक्षित मिल जाएं और इस रहस्य से पर्दा उठ सके।


उत्तराखंड में 8 जून से मेगा वोटर वेरिफिकेशन अभियान, 79 लाख मतदाताओं तक पहुंचेगा निर्वाचन विभाग

पूजा भट्ट

उत्तराखंड में मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाने के लिए निर्वाचन विभाग 8 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के करीब 79 लाख 76 हजार मतदाताओं को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी प्रपत्रों की छपाई पूरी कर उन्हें जिलों तक भेज दिया है।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म वापस एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन और आवश्यक संशोधन सुनिश्चित करना है।

अभियान के दौरान मतदाताओं को दिए जाने वाले गणना प्रपत्र में पहले से ही उनका ईपिक (EPIC) नंबर, नाम, पता, मतदान केंद्र संबंधी जानकारी और क्यूआर कोड अंकित होगा। मतदाताओं को इसमें आवश्यक जानकारियां भरकर अपनी नवीनतम फोटो लगानी होगी तथा हस्ताक्षर कर फॉर्म बीएलओ को सौंपना होगा।
इसके बाद 7 जुलाई को मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जाएगा और 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित किया जाएगा। ड्राफ्ट सूची पर 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

वहीं, जिन मामलों में दी गई जानकारी को लेकर निर्वाचन अधिकारियों को संतुष्टि नहीं होगी, उन्हें 10 जुलाई से 11 सितंबर के बीच नोटिस जारी किए जाएंगे और आवश्यक जांच के बाद उनका निस्तारण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 सितंबर 2026 को राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
गणना प्रपत्र में मतदाताओं को अपने संबंध में कई अहम विवरण दर्ज करने होंगे। इसमें जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, पिता, माता तथा पति या पत्नी का नाम और उनके ईपिक नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। आधार नंबर देना वैकल्पिक रखा गया है।

इसके अलावा फॉर्म में पूर्व मतदाता सूची से जुड़े विवरण भी मांगे जाएंगे। मतदाता को पुराने रिकॉर्ड या किसी पात्र संबंधी के आधार पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी, ताकि मतदाता सूची का सत्यापन किया जा सके।

निर्वाचन विभाग ने बताया कि गणना प्रपत्र केवल घर-घर वितरित ही नहीं किए जाएंगे, बल्कि इन्हें ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाल सकते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भरकर जमा कर सकते हैं।
राज्य निर्वाचन तंत्र का मानना है कि इस व्यापक अभियान से मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ेगी और आगामी चुनावों के लिए अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय मतदाता डेटाबेस तैयार हो सकेगा।


बीडीओ ग्राम पंचायतों की व्यवस्था को स्वयं जांचकर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने पर दें जोर- डीएम

महिलाओं, किसानों और युवाओं की आय बढ़ाने पर फोकस, विकास योजनाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

अनुपयोगी भवन बनेंगे रोजगार और आजीविका के नए केंद्र, बचेगा समय और धन

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समस्त खंड विकास अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास, वीबी जी राम जी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), उद्यान, पशुपालन तथा आंगनबाड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, ग्रामीण आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों के कई भवन वर्तमान में अनुपयोगी पड़े हैं। ऐसे भवनों की पहचान के लिए उपजिलाधिकारियों के माध्यम से सर्वेक्षण कर सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन भवनों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार कोल्ड स्टोरेज, संग्रहण केंद्र, ग्रोथ सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र, विपणन केंद्र एवं अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय ग्रोथ सेंटरों की समीक्षा कर उन्हें उपयुक्त स्थानों पर संचालित किया जाए तथा स्थानीय उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से समय और धन दोनों की बचत होगी।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को केवल उत्पादन गतिविधियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके उत्पादों के ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डेयरी, मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, फल संरक्षण, मसाला निर्माण, सुगंधित पौधों तथा पुष्प उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को ग्राम संगठनों का नियमित निरीक्षण करने तथा उनकी गतिविधियों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित हो रही हैं, वहां डेयरी क्लस्टर विकसित किए जाएं तथा पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने हेतु उपयुक्त भूमि का चिन्हीकरण कर चारा विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

बैठक में बीडीओ पौड़ी एवं खिर्सू को स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा उत्पादित सब्जियों की आपूर्ति पौड़ी, श्रीनगर एवं अन्य बाजारों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बीरोंखाल विकासखंड में जिन क्षेत्रों में अभी तक स्वयं सहायता समूह गठित नहीं हुए हैं, वहां 15 दिनों के भीतर समूह गठन, मैपिंग एवं पोर्टल अपडेट की कार्रवाई पूर्ण करने को कहा गया।

लखपति दीदी योजना एवं आजीविका पैकेज की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकाधिक महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना से जुड़ी महिलाओं की वास्तविक आय का आकलन कर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाए तथा विकासखंड स्तर पर संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं के अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो सकें।

उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कीवी एवं अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के संबंध में नियमित प्रशिक्षण देने, पॉलीहाउस आधारित खेती को बढ़ावा देने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों से नियमित फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाए और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

जिलाधिकारी ने हिलांस आउटलेट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की घर-घर आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को अचार, जूस, चटनी, मशरूम, मसाले, फल संरक्षण उत्पाद तथा अन्य स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान एनआरएलएम समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय संस्कृति, लोककला और पारंपरिक शिल्प पर आधारित स्मृति चिह्न एवं उपहार सामग्री तैयार कर यात्रियों के लिए उपलब्ध करायी जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिले और समूहों की आय में वृद्धि हो।

वीबी जी राम जी के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर उपजिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित ऐसे छोटे लेकिन आवश्यक कार्य, जो अभी तक किसी अन्य योजना अथवा मद से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा में शामिल किया जाए। साथ ही ऐसे कार्यों की सूची तैयार कर उन पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों को समयबद्ध राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें।

उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिमाह कम से कम 20 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करें, जनसमस्याओं को सुनें, विकास कार्यों का निरीक्षण करें तथा उसकी सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ऐसे पांच विकासखंड चिन्हित करने को कहा जहां फल एवं सब्जी उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हों तथा सड़क संपर्क बेहतर हो, ताकि वहां कोल्ड स्टोरेज स्थापित कर किसानों को फसल संरक्षण एवं बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध करायी जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार, बेहतर समन्वय एवं नियमित निगरानी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।


रेवाड़ी में महिला हत्याकांड का खुलासा, पति निकला पत्नी का कातिल

रेवाड़ी। जिले में महिला की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पति ने ही की थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी नशे का आदी बताया जा रहा है। घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी बढ़ने पर आरोपी ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की नीयत से शव को गांव धवाना की बणी क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया।  पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।


मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक

ऋषिकेश। देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक में कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया।
उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।


चारधाम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब- 29.85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

प्रतिदिन 70 से 80 हजार तक यात्री कर रहे चारधामों में दर्शन 

देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 29.85 लाख श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

19 अप्रैल से आरंभ हुई चारधाम यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा के शुरुआती 44 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष 29.85 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष इसी अवधि में पहुंचे लगभग 26.34 लाख श्रद्धालुओं से तीन लाख से अधिक है।

मौसम की चुनौतियों और पहाड़ी परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। प्रतिदिन 70 हजार से 80 हजार तक यात्री चारधामों में दर्शन कर रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े विभाग व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो इस वर्ष चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।


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