Saturday, June 27th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

हेमकुंड यात्रा मार्ग पर हुए विवाद में गिरफ्तार लोगों को न्यायालय से मिली जमानत

Daily Archives: 27/06/2026

हेमकुंड यात्रा मार्ग पर हुए विवाद में गिरफ्तार लोगों को न्यायालय से मिली जमानत

क़ानून व्यवस्था बनाये रखने और सरकार की निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई से सभी पक्ष संतुष्ट

चमोली/देहरादून – हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय लोगों और कुछ श्रद्धालुओं के बीच वाहन पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आईं, जिसके बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा हालात पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपितों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि हेमकुंड साहिब यात्रा और अन्य धार्मिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

इसी मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को शनिवार को न्यायालय से जमानत मिल गई। इसके साथ ही मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


पेंशन को तरसे 20 हजार बुजुर्ग

आयुषी

उत्तराखंड में हजारों बुजुर्ग पिछले तीन महीने से अपनी वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में, जब पेंशन ही उनके जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा होती है, तब उन्हें बार-बार बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि सरकार की ओर से बजट उपलब्ध होने के बावजूद करीब 20 हजार बुजुर्गों के बैंक खातों में अब तक पेंशन की राशि ट्रांसफर नहीं की गई है।जानकारी के अनुसार, जनपद में 20,427 बीपीएल श्रेणी के वृद्ध पेंशनधारक ऐसे हैं, जिन्हें अप्रैल और मई माह की पेंशन अब तक नहीं मिल सकी है। पहले केंद्र सरकार से बजट जारी नहीं होने के कारण भुगतान लंबित था, लेकिन अब बजट मिलने के बाद भी राशि लाभार्थियों के खातों तक नहीं पहुंच पाई है। इससे संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।पेंशन नहीं आने से बुजुर्ग लगातार अपने बैंक खातों की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।

कई लाभार्थी पिछले तीन महीनों में कई बार बैंक जाकर लौट चुके हैं, लेकिन खाते में राशि न आने के कारण उन्हें हर बार मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई बुजुर्गों को बैंक तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जनपद के 1 लाख 19 हजार से अधिक वृद्धजनों को हर महीने 1,500 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जाती है। वर्तमान व्यवस्था के तहत यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है।इन लाभार्थियों में से 20,427 बुजुर्ग बीपीएल श्रेणी के हैं।

इस श्रेणी के पेंशनधारकों के लिए केंद्र सरकार भी राज्य सरकार को बजट उपलब्ध कराती है, जबकि अन्य लाभार्थियों की पेंशन का खर्च राज्य सरकार वहन करती है।बताया जा रहा है कि बीपीएल श्रेणी के लाभार्थियों के लिए अप्रैल और मई की सहायता राशि का बजट केंद्र सरकार से समय पर जारी नहीं हुआ था। इसी वजह से पेंशन का भुगतान लंबित रहा। हालांकि अब बजट उपलब्ध हो चुका है, लेकिन विभागीय स्तर पर राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। नतीजतन हजारों बुजुर्गों को अब भी पेंशन का इंतजार है।अधिकांश बुजुर्ग अपनी मासिक जरूरतों, दवाइयों, इलाज और घरेलू खर्चों के लिए इसी पेंशन पर निर्भर रहते हैं। लगातार तीन महीने तक पेंशन नहीं मिलने से कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि महंगाई के दौर में पेंशन का समय पर मिलना उनके लिए बेहद जरूरी है।

लाभार्थियों और उनके परिजनों ने प्रशासन से लंबित पेंशन राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बजट उपलब्ध होने के बाद भी भुगतान में देरी होना गंभीर लापरवाही है। यदि जल्द राशि खातों में नहीं पहुंचती, तो हजारों बुजुर्गों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।अब सभी की निगाहें समाज कल्याण विभाग पर टिकी हैं कि आखिर तीन महीने से लंबित पेंशन का भुगतान कब तक पूरा किया जाएगा और हजारों बुजुर्गों |


भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ से मिले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

देहरादून/नई दिल्ली। नई दिल्ली में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर दोनों के बीच संगठनात्मक विषयों, उत्तराखंड के विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश में संचालित विकास कार्यों तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर बल दिया।

भेंट के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने तरुण चुघ का पौधा भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। दोनों नेताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में चल रहे एसआईआर के कार्य की जानकारी भी केन्द्रीय नेतृत्व को दी।


दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों का पीछा कर वीडियो बनाने का आरोप, सोशल मीडिया हैंडलर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल टीम ने सोशल मीडिया पर ‘रोड सेफ्टी वाला’ नाम से पेज चलाने वाले एक 32 वर्षीय इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुरमान सिंह के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि वह महज कुछ व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए सड़कों पर राह चलती महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को अपनी गाड़ी से जानबूझकर टक्कर मारता था, उनका पीछा करता था और उन पर अभद्र टिप्पणियां करता था। इसके बाद वह बिना उनकी अनुमति के इन घटनाओं का वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड कर देता था।

 यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब दिल्ली के राजा गार्डन निवासी सनी अरोड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनकी नाबालिग बेटियां जब स्कूटी से जा रही थीं, तभी दो बाइक सवार युवकों ने जानबूझकर उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपियों ने बच्चियों का दूर तक पीछा किया और उनके साथ गाली-गलौज व बदसलूकी की। बाद में पीड़ित परिवार को पता चला कि इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर यूट्यूब और फेसबुक पर अपलोड कर दिया गया है।

 पीड़ित पिता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली की साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी गुरमान सिंह को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल की प्रारंभिक जांच में ‘रोड सेफ्टी वाला’ के फेसबुक पेज और यूट्यूब अकाउंट का डायरेक्ट एक्सेस मिला है। इसके साथ ही आरोपी के फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं। पुलिस ने इन सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक और डिलीट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


टिहरी में दर्दनाक हादसा- गदेरे में मिला लापता हुए 5 वर्षीय मासूम का शव

खेलते-खेलते घर से निकला था मासूम, अगले दिन डेढ़ किलोमीटर दूर मिला शव

टिहरी। टिहरी गढ़वाल के बालगंगा क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खिरबेल गांव में घर से लापता हुआ पांच वर्षीय मासूम अगले दिन गांव के पास एक गदेरे में मृत मिला। आशंका है कि तेज बारिश के दौरान उफनाए गदेरे में बहने से बच्चे की मौत हुई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।

बालगंगा तहसील के खिरबेल गांव निवासी पूरण सिंह जुगत्वाण का पांच वर्षीय पुत्र अयांस उर्फ अंशु शुक्रवार दोपहर घर से अचानक लापता हो गया था। काफी देर तक बच्चे के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सूचना मिलते ही ग्रामीण भी खोजबीन में जुट गए और आसपास के जंगलों, खेतों तथा गदेरों में देर शाम तक तलाश जारी रही।

मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। संयुक्त टीमों ने देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। रातभर ग्रामीण भी खोज अभियान में लगे रहे। इस दौरान जंगली जानवर के हमले सहित कई तरह की आशंकाएं भी जताई गईं।

ग्राम प्रधान रामप्यारी देवी के अनुसार, बच्चे के घर से निकलने के कुछ ही देर बाद क्षेत्र में तेज बारिश और आंधी-तूफान शुरू हो गया था। लगातार बारिश से गांव के पास बहने वाला गदेरा उफान पर आ गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मासूम तेज बहाव की चपेट में आ गया।

शनिवार सुबह पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग ने दोबारा सर्च अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 12 बजे गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर सुनार्ती तौक के गदेरे में पानी और मिट्टी के बीच दबा मासूम का शव बरामद हुआ।

थानाध्यक्ष अजय जाटव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मासूम की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


एसटीएफ का बड़ा एक्शन, ट्रामाडोल तस्करी नेटवर्क का एक और आरोपी गिरफ्तार

 लगभग 77 पेटियों (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE (Tramadol) Capsules की अवैध सप्लाई का खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। हरिद्वार में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामले की जांच के दौरान एसटीएफ ने नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई कर रहा था।

मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों के तहत एसटीएफ प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 11 मई 2026 को एसटीएफ, एएनटीएफ और मंगलौर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे। इस मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना एसटीएफ देहरादून द्वारा की जा रही है।

जांच के दौरान पहले से गिरफ्तार आरोपी सचिन मनिहाल से मिले साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर मुजफ्फरनगर निवासी अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई। एसटीएफ के अनुसार आरोपी जनवरी 2026 से ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप लेकर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। बिक्री से मिलने वाली रकम में अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि सह-आरोपी को नकद और बैंक खातों के माध्यम से भेजी जाती थी।

विवेचना में यह भी सामने आया कि आरोपी को अब तक करीब 77 पेटियां, यानी लगभग 6,930 डिब्बे प्रतिबंधित SPASMORE (ट्रामाडोल) कैप्सूल विभिन्न खेपों में मिले थे। पुलिस के अनुसार बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी पता चला कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने सह-आरोपी के साथ हुई व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे, जिनके डिजिटल साक्ष्य एसटीएफ ने जुटा लिए हैं।

एसटीएफ ने आरोपी अंकित कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक जियो कीपैड मोबाइल फोन और एक वीवो V50e मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पूरे सप्लाई नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस या एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


ऑपरेशन प्रहार- देहरादून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो नशा तस्कर गिरफ्तार

गांजा और चरस के साथ दो आरोपी दबोचे गए

देहरादून। देहरादून पुलिस का नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांजा और चरस की तस्करी में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस टीमों ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान के दौरान ऋषिकेश और सेलाकुई थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध गांजा और चरस बरामद की है।

पहले मामले में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने 26 जून को शिवाजी नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान विकास साहनी नामक युवक को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से दो किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

वहीं, दूसरी कार्रवाई में थाना सेलाकुई पुलिस ने डिक्सन कंपनी के ग्राउंड के पास से सोमवीर सिंह नामक आरोपी को 180.16 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

देहरादून पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


गुरुग्राम में कैब बनाकर युवक से लूट, पिस्टल दिखाकर खाते से उड़ाए ₹36 हजार

गुरुग्राम: दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक बार फिर ‘कैब गैंग’ का खौफनाक चेहरा सामने आया है। गुरुग्राम के बिलासपुर थाना क्षेत्र में बदमाशों ने फ्लिपकार्ट कंपनी के एक शिफ्ट इंचार्ज को कार में लिफ्ट दी और फिर पिस्टल की नोक पर बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पीड़ित का मोबाइल छीनकर ऑनलाइन माध्यम से ₹36,000 ट्रांसफर करवा लिए और बाद में उन्हें साल्हावास के पास चलती गाड़ी से नीचे फेंककर फरार हो गए।

 मिली जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी के बिठवान गांव के रहने वाले 26 वर्षीय कुलदीप यादव बिनौला स्थित फ्लिपकार्ट कंपनी में शिफ्ट इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। गुरुवार रात करीब 11:00 बजे अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद वह अपने एक सहकर्मी के साथ घर जाने के लिए हाईवे पर सवारी (कैब) का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार आकर रुकी, जिसमें चालक समेत तीन लोग सवार थे।

कसोला चौक जाने की बात कहकर कुलदीप कार में बैठ गए, जबकि उनका सहकर्मी रास्ते में बिलासपुर चौक पर ही उतर गया। सहकर्मी के उतरते ही बदमाशों ने अपना असली रंग दिखा दिया।

आरोपी कुलदीप को सीधे धारूहेड़ा ले गए और वहां एक सुनसान सर्विस रोड पर कार खड़ी कर दी। इसके बाद बदमाशों ने कुलदीप पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी देकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया। बदमाशों ने डरा-धमकाकर पीड़ित के बैंक अकाउंट से तीन बार में कुल ₹36,000 ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। आरोपी इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने कुलदीप से ₹20,000 और ट्रांसफर करने का दबाव बनाया, लेकिन खाते में पैसे न होने के कारण वे कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद वे पीड़ित को साल्हावास बस स्टैंड के पास फेंककर चंपत हो गए।

 पीड़ित की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बदमाशों को पकड़ने के लिए टीमें लगा दी गई हैं।

गंभीर बात यह है कि गुरुग्राम में ठीक एक हफ्ते पहले भी इफको चौक से एक कंपनी एडवाइजर को इसी तरह कार में बिठाकर लूटा गया था। लगातार हो रही इन वारदातों से हाईवे पर रात में सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


Kedarnath Heli Service Update: यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट, फिलहाल बंद रहेंगी उड़ानें

पूजा भट्ट

केदारनाथ धाम की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अहम अपडेट सामने आया है। इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान संचालित की जा रही केदारनाथ हेली सेवा को मानसून शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 25 जून 2026 के बाद हेली संचालन को मंजूरी नहीं दी, जिसके चलते फिलहाल हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अब मौसम सामान्य होने के बाद सितंबर से सेवा दोबारा शुरू किए जाने की तैयारी है।

22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा की शुरुआत हुई थी। इस बार उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने नई टेंडर प्रक्रिया के तहत आठ हेली ऑपरेटर कंपनियों को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। श्रद्धालुओं के लिए गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलिपैड से केदारनाथ धाम तक हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

यात्रा के शुरुआती दो महीनों में हेली सेवा को अच्छा प्रतिसाद मिला। 22 अप्रैल से 25 जून 2026 तक कुल 11,800 से अधिक शटल उड़ानें संचालित की गईं, जिनके जरिए 1.37 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम तक हवाई यात्रा की।

इस दौरान राजस ऐरा स्पोर्ट्स, ट्रांस भारत एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विस, पिलिग्रिमेज एविएशन, एरो एयरक्राफ्ट, चिप्सन एविएशन और थंबी एविएशन जैसी कंपनियों ने सेवाएं संचालित कीं।

यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, डीजीसीए की ओर से हेली सेवा के लिए केवल 25 जून तक की अनुमति दी गई थी। केदारघाटी क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम, बढ़ती बारिश और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए सेवा अवधि को आगे नहीं बढ़ाया गया।

अधिकारियों का कहना है कि मानसून समाप्त होने और मौसम की स्थिति अनुकूल होने के बाद सितंबर 2026 से केदारनाथ हेली सेवा फिर शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को दोबारा हवाई यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।


मानसून से पहले गर्मी का कहर

आयुषी

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैदान से लेकर पहाड़ तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उमस और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून अभी तीन से चार दिन बाद दस्तक दे सकता है। इससे पहले गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।शुक्रवार को राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। देहरादून का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है।

तापमान बढ़ने के साथ ही उमस ने लोगों को पूरे दिन परेशान किया, जबकि मैदानी इलाकों में चल रही गर्म हवाओं ने भी राहत नहीं मिलने दी।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस वर्ष उत्तराखंड में मानसून सामान्य समय से करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंचने की संभावना है। हालांकि, आगामी तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की पहली बारिश हो सकती है।

इससे पहले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे वहां के लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं मैदानी जिलों में अभी गर्मी और उमस का असर बना रहेगा।इसी बीच मौसम विभाग ने 27 जून के लिए प्रदेश के पर्वतीय जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक कुछ स्थानों पर बिजली चमकने, गर्जन और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होते ही तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल उत्तराखंड में मानसून का इंतजार जितना बढ़ रहा है, उतनी ही गर्मी और उमस लोगों की परीक्षा ले रही है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp