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कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की व्यापक समीक्षा

Daily Archives: 22/06/2026

कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की व्यापक समीक्षा

10 जुलाई तक स्थायी प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश

नीलकंठ क्षेत्र में पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विद्युत, यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विभागों को सौंपे दायित्व

पौड़ी। आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से जनपद मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र, यात्रा मार्गों, पार्किंग स्थलों तथा विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि 10 जुलाई तक यात्रा से संबंधित स्थायी प्रकृति के सभी आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें।

बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने नीलकंठ क्षेत्र में जिला योजना के अंतर्गत संचालित विकास एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए वहां मजबूत पुश्ता निर्माण, पुलिया की मरम्मत तथा मंदिर परिसर के ऊपरी हिस्से में स्थायी व्यू-कटर स्थापित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही गरुड़चट्टी से पीपलकोटी मोटर मार्ग पर चल रहे बीएम कार्य, इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने एवं अन्य मरम्मत कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए सभी संबंधित विभागों को 10 जुलाई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त उन्होंने नगर पंचायत जोंक को सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार हेतु शौचालय खरीदने के लिए 5.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत करते हुए मोबाइल टॉयलेटों की त्वरित स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपजिलाधिकारी को यात्रा मार्गों पर व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मोटर मार्गों एवं पैदल मार्गों का स्पष्ट चिन्हीकरण, आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग, दिशा सूचक साइन बोर्ड, सुरक्षा संकेतक तथा अन्य व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करने पर जोर दिया। स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने नीलकंठ क्षेत्र में लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का कार्य 15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा अवधि में एकत्रित होने वाले कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहे। उन्होंने यात्रा के दौरान नियमित सफाई, कूड़ा संग्रहण एवं स्वच्छता की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। वहीं वन विभाग को नीलकंठ मार्ग पर पुश्ता निर्माण, क्षतिग्रस्त हिस्सों की पैच मरम्मत, संभावित खतरे वाली चट्टानों को हटाने तथा झाड़ी कटान जैसे कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत करते हुए सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, जिससे यात्रा मार्ग सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

यात्रा के दौरान पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने पुण्डरासू पंपिंग योजना से नियमित जलापूर्ति बनाए रखने को कहा। उन्होंने शौचालयों में पानी की उपलब्धता की निरंतर निगरानी के लिए जिला पंचायत एवं जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंताओं को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वाटर एटीएम, पेयजल टंकियों तथा अन्य जलापूर्ति व्यवस्थाओं को समय से स्थापित एवं क्रियाशील रखने को कहा।

स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला पंचायत को पर्याप्त संख्या में कार्मिक एवं सुपरवाइजर तैनात करने, अधिक से अधिक कूड़ेदान स्थापित करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विद्युत व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने, बैकअप व्यवस्था तैयार रखने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने, संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ाने तथा पुलिस एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा राहत इकाइयों (एमआरपी) की स्थापना, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि नीलकंठ एवं पुण्डरासू में 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर संचालित रहेंगे, जबकि अन्य नौ चिन्हित स्थानों पर भी चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

जिलाधिकारी ने बीन नदी एवं घासीराम क्षेत्र में सोलर लाइट स्थापित करने, पार्किंग स्थलों का समतलीकरण करने तथा वहां विद्युत, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग स्थलों और पैदल मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बैरिकेडिंग के साथ सोलर लाइट लगाने पर भी बल दिया। साथ ही नगर पंचायत जोंक क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा शौचालयों की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखने, एम्स ऋषिकेश सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा आपात मार्गों को हर समय सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन विभाग को सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने तथा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वित एवं जिम्मेदार तरीके से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत एवं यातायात संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जाएं, जिससे यात्रा का संचालन सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज ठाकुर, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल, एएमए जिला पंचायत संजय खंडूरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कोटद्वार अभिषेक कुमार वर्मा, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


क्या किडनी स्टोन में टमाटर खाना नुकसानदायक है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

टमाटर लगभग हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। सब्जियों से लेकर सलाद और सूप तक, इसका इस्तेमाल कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है। लेकिन जब किसी व्यक्ति को किडनी स्टोन (पथरी) की समस्या होती है, तो अक्सर उसे टमाटर खाने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या टमाटर वास्तव में पथरी बढ़ाने का कारण बन सकता है या यह केवल एक आम धारणा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी स्टोन कई प्रकार के होते हैं, जिनमें कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन सबसे सामान्य माना जाता है। टमाटर में ऑक्सालेट नामक तत्व थोड़ी मात्रा में पाया जाता है, जो कुछ लोगों में पथरी बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से डॉक्टर कुछ मरीजों को टमाटर का सेवन सीमित करने की सलाह देते हैं, खासकर उन लोगों को जिन्हें बार-बार कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन की समस्या होती है।

टमाटर के बीजों को लेकर भी कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। आमतौर पर माना जाता है कि टमाटर के बीज पथरी बनने के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों में इस बात के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, जिन लोगों को बार-बार पथरी की शिकायत रहती है, उन्हें एहतियात के तौर पर बीज निकालकर टमाटर खाने की सलाह दी जा सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर पथरी के मरीज को टमाटर पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करता है कि पथरी किस प्रकार की है और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह आहार से हटाना उचित नहीं माना जाता।

किडनी स्टोन की समस्या से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नमक और प्रोसेस्ड फूड का सीमित सेवन करना, संतुलित आहार अपनाना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है। साथ ही डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ द्वारा सुझाए गए खानपान संबंधी निर्देशों का पालन करने से पथरी की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बदलाव से पहले विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।


अवैध संबंधों के विरोध पर पत्नी के प्रेमी ने की थी हत्या, मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की शाहपुर थाना पुलिस ने गांव शाहजुड्डी में हुए किसान रोहित हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। रोहित की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी के प्रेमी ने अवैध संबंधों का विरोध करने पर की थी। पुलिस ने रविवार देर रात एक मुठभेड़ के बाद आरोपी कथित पशु चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है।

एसएसपी (SSP) संजय कुमार वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गांव शाहजुड्डी निवासी रोहित कुमार (पुत्र मेहर सिंह) 20 जून की शाम से लापता था। उसे गांव का ही पशु चिकित्सक राहुल कुमार अपने साथ ले गया था। अगले दिन यानी 21 जून की शाम को रोहित का शव गांव के जंगल में एक खेत से बरामद हुआ। रोहित के चेहरे पर चोट के निशान थे और गले में फंदा कसने के संकेत मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच के लिए दो टीमों का गठन किया था।

पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल पशुओं का इलाज करने के बहाने रोहित के घर आता-जाता था। इसी दौरान रोहित की पत्नी के साथ उसके अवैध संबंध बन गए। जब रोहित को इस प्रेम-प्रसंग की भनक लगी, तो उसने राहुल का कड़ा विरोध किया। खुद को रास्ते से हटाए जाने के डर और अवैध संबंधों को जारी रखने के लिए राहुल ने रोहित को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

साजिश के तहत 20 जून को राहुल ने रोहित को अपने साथ जंगल में स्थित एक ट्यूबवेल पर ले जाकर शराब पिलाई। जब रोहित अत्यधिक नशे में आ गया, तो राहुल ने गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को खेत किनारे फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने रविवार देर रात सौरम पुलिया के पास चेकिंग के दौरान मुठभेड़ के बाद आरोपी को दबोच लिया। आरोपी के पास से मृतक रोहित का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।


पंचकूला में अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़: किराना दुकान की आड़ में शराब बेचने वाला आरोपी बोलेरो सहित गिरफ्तार

पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला जिले की रायपुररानी थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी किराना दुकान की आड़ में बिना लाइसेंस और परमिट के अवैध शराब बेचने का धंधा चला रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक सफेद बोलेरो गाड़ी और भारी मात्रा में देशी शराब जब्त की है।

डीसीपी (DCP) पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 21 जून की देर रात करीब 12:30 बजे पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, रायपुररानी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी कोटाहा का रहने वाला विजय कुमार अंबाला से अवैध शराब की खेप लेकर अपनी बोलेरो गाड़ी से गांव की तरफ आ रहा था।

सूचना मिलते ही रायपुररानी थाना प्रभारी पीएसआई प्रीतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव में घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद जब संदिग्ध बोलेरो गाड़ी मौके पर पहुंची, तो पुलिस ने उसे रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर से देशी शराब की 6 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें कुल 144 अद्धे शराब मौजूद थे।

पूछताछ के दौरान आरोपी विजय कुमार शराब से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज, लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हरियाणा आबकारी अधिनियम (Haryana Excise Act) की धारा 61(1)(A) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी ने साफ किया है कि जिले में नशे और अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।


भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई मजबूती, 48 करोड़ डॉलर के सैन्य सहायता पैकेज को मंजूरी

पूजा भट्ट

भारत और अमेरिका के बीच कई वैश्विक और रणनीतिक मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण देखने को मिलते रहे हैं, लेकिन रक्षा सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में अमेरिका ने भारत के लिए करीब 48.22 करोड़ अमेरिकी डॉलर के रक्षा सहायता पैकेज को मंजूरी दी है। यह पैकेज भारतीय सेना के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के रखरखाव और तकनीकी सहायता से जुड़ा है।

अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने 17 जून को संघीय रजिस्टर में इस प्रस्तावित रक्षा बिक्री की अधिसूचना जारी की। इससे पहले 18 मई को अमेरिकी विदेश विभाग ने इस संभावित सौदे की जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को दी थी।

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी सैन्य क्षमता को आधुनिक बनाने पर खास जोर दिया है। इसी रणनीति के तहत भारतीय सेना पहले ही अमेरिका से एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपें खरीद चुकी है। इन तोपों की खासियत यह है कि इन्हें कठिन और पर्वतीय इलाकों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की परिचालन क्षमता मजबूत होती है।

नए प्रस्ताव के तहत भारत ने एम777ए2 तोपों के लिए दीर्घकालिक रखरखाव और संचालन सहायता मांगी है। इस पैकेज में स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत सेवाएं, तकनीकी प्रशिक्षण, फील्ड सपोर्ट, लॉजिस्टिक सहायता, डिपो क्षमता विकास और अन्य परिचालन सेवाएं शामिल होंगी। इस हिस्से की अनुमानित लागत करीब 23 करोड़ डॉलर बताई गई है।

इसके अलावा भारतीय सेना के बेड़े में शामिल एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के लिए भी व्यापक सहायता पैकेज प्रस्तावित किया गया है। अपाचे हेलीकॉप्टरों को दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में माना जाता है और भारतीय सेना इन्हें सक्रिय रूप से संचालित कर रही है। इस सहायता पैकेज में इंजीनियरिंग सपोर्ट, तकनीकी दस्तावेज, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक सहायता और सरकारी व निजी ठेकेदारों की तकनीकी सेवाएं शामिल होंगी। इसकी अनुमानित लागत 19.82 करोड़ डॉलर रखी गई है।

इस कार्यक्रम में अपाचे हेलीकॉप्टर सहायता के लिए बोइंग और लॉकहीड मार्टिन प्रमुख भूमिका निभाएंगी, जबकि एम777 हॉवित्जर कार्यक्रम के लिए बीएई सिस्टम्स मुख्य ठेकेदार होगी।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि यह प्रस्तावित सहायता पैकेज उसकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के अनुरूप है। विभाग के मुताबिक, भारत हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में स्थिरता, शांति और आर्थिक विकास के लिए एक अहम रक्षा साझेदार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल भारत की मौजूदा सैन्य क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, घरेलू रक्षा तैयारियों को बेहतर बनाने और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


एसजीआरआरआईएमएचएस में आयोजित हुई 6वीं पीडी-टेम कार्यशाला

बाल किडनी आपात चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने पर विशेषज्ञों का जोर

देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआरआईएमएचएस), देहरादून के बाल रोग विभाग द्वारा 20 एवं 21 जून को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की 6वीं पीडियाट्रिक डायलिसिस एंड थेरेप्यूटिक एफेरेसिस मॉड्यूल फॉर इमरजेंसी (पीडी-टेम) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए बाल रोग विशेषज्ञों, नेफ्रोलॉजिस्टों और चिकित्सा शिक्षकों ने भाग लेकर बच्चों में किडनी संबंधी गंभीर एवं आपातकालीन बीमारियों के उपचार से जुड़े नवीनतम ज्ञान और तकनीकों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डाॅ उत्कर्ष शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ अनिल मलिक, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ वीरेन्द्र वर्मा, विभागाध्यक्ष शिशु रोग विभाग, डाॅ विशाल कौशिक, श्री मंहत इन्दिरेश अस्पताल की वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ रागिनी सिंह, शिशु रोग विभाग के पूर्व विभागध्यक्ष, इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज़, बीएचयू डाॅ ओपी मिश्रा एवम् निदेशक लेडी हार्डिंग मेडिकल काॅलेज, नई दिल्ली के डाॅ अभिजीत सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में तीव्र गुर्दा विकार (एक्यूट किडनी इंजरी), डायलिसिस तथा थेरेप्यूटिक एफेरेसिस जैसी जीवनरक्षक प्रक्रियाओं के प्रति चिकित्सकों की दक्षता बढ़ाना था। विशेषज्ञों ने हैंड्स-ऑन सिमुलेशन, मानकीकृत प्रोटोकॉल और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के कोर्स डायरेक्टर एवं बाल नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अभिजीत साहा ने कहा कि उत्तराखंड में बच्चों की डायलिसिस संबंधी यह पहला व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बाल रोग विशेषज्ञों को पेरिटोनियल डायलिसिस और हीमोडायलिसिस का प्रशिक्षण मिलने से बच्चों का समय पर उपचार संभव होगा और उन्हें महानगरों के अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) ओ. पी. मिश्रा ने हीमोडायलिसिस एवं थेरेप्यूटिक एफेरेसिस पर विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए कहा कि प्रत्येक पीडियाट्रिक्स स्नातकोत्तर चिकित्सक को इन जीवनरक्षक प्रक्रियाओं का मूलभूत ज्ञान होना चाहिए। गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार में ये कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

दिल्ली से आईं डॉ. प्रेरणा बत्रा ने गंभीर किडनी रोग से पीड़ित बच्चों में पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासोनोग्राफी (पीओकस) तथा मैकेनिकल वेंटिलेशन पर प्रशिक्षण दिया। वहीं, आधारशिला ट्रस्ट की ट्रस्टी नीना जॉली ने कहा कि देश के अनेक जिलों में बच्चों में एक्यूट किडनी इंजरी की समय पर पहचान और उपचार सुविधाओं का अभाव गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे का जीवन विशेषज्ञ की उपलब्धता पर नहीं, बल्कि पहले स्वास्थ्यकर्मी के प्रशिक्षण पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

आयोजकों के अनुसार पीडी-टेम पहल के अंतर्गत अब तक देशभर में 300 से अधिक चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस कार्यक्रम से बच्चों में किडनी रोगों के उपचार, अस्पतालों की आपातकालीन तैयारी तथा समय पर हस्तक्षेप की क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ के प्राचार्य प्रो. (डाॅ) उत्कर्ष शर्मा ने कार्यशाला में आए सभी फैकल्टी एवम् सभी आगन्तुकों को किडनी सम्बन्धित बीमारियों, उनके रोकथाम एवम् उनके सफल उपचार के बारे में ज्ञान सांझा किया।

इस कार्यशाला के लिए डाॅ विशाल कौशिक, विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने सभी जरूरी व्यवस्थाओं की देखरेख की एवम् सफल आयोजन हेतु आवश्यक समन्वय बनाया।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया सड़क का शिलान्यास

सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अंतर्गत कठपुड़िया से कलोड़िया (कतूनियां) तक बनने वाले 1.850 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया।

₹55.60 लाख की स्वीकृत लागत से बनने वाले इस मार्ग के शिलान्यास अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सड़कें केवल संपर्क का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे किसी भी क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि की जीवन रेखा होती हैं।

उन्होंने कहा कि सोमेश्वर की सम्मानित जनता को बेहतर कनेक्टिविटी देना और उनके जीवन को सुगम बनाना उनका मुख्य संकल्प है। इस नए मोटर मार्ग के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा, आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र में आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में एक आदर्श और सशक्त राज्य बनाने के लिए पूरी तरह काम कर रहे हैं।

विकास कार्यों की इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री ने बंगसर स्थल विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए ₹3.50 लाख और कलोड़िया में बारात घर के निर्माण के लिए ₹3 लाख विधायक निधि से देने की बड़ी घोषणाएं भी कीं।

इस कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, महामंत्री नरेंद्र बिष्ट, देवेंद्र मेहरा, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र नयाल, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष अशोक जलाल, वीरेंद्र चिलवाल, वीरेंद्र, महेंद्र बिष्ट, ललित तिवारी, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, भुवन चंद्र, पान सिंह, नवीन आर्य, विजय भंडारी, जगदीश तिवारी, तारा दत्त, राजू रावत, विपिन, हरीश रौतेला, हरीश बिष्ट, प्रकाश जीना, राजेंद्र जोशी और हीरा सिंह सहित कई विभागीय अधिकारी व स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


संभल में पुलिस मुठभेड़ के बाद दुष्कर्म का वांछित आरोपी गिरफ्तार, सिपाही घायल

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले की बबराला थाना पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ के बाद दुष्कर्म के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मुठभेड़ के दौरान आरोपी द्वारा की गई फायरिंग में एक पुलिस सिपाही घायल हो गया, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गुन्नौर भेजा गया है।

एएसपी (ASP) मनोज कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बबराला पुलिस क्षेत्र में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी बीच बबराला से रजपुरा मार्ग पर स्थित गांव नगरिया काजी के पास एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस पर सीधे फायरिंग कर दी।

आरोपी की तरफ से हुई फायरिंग में आरक्षी (सिपाही) भोलू घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जो आरोपी संदीप के पैर में लगी और उसे मौके से दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, बीती 18 जून को बबराला थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने बीएनएस (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान आरोपी संदीप का नाम सामने आया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। सोमवार को चेकिंग के दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


मानसून से पहले तैयारियों की समीक्षा, कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अधिकारियों को दिए निर्देश

राजपुर विधानसभा में सफाई, नालों और सड़कों के कार्यों में तेजी लाने के आदेश

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने राजपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आगामी वर्षाकाल में सम्भावित समस्याओं से निपटने की तैयारियों के संबंध में विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की।

मंत्री ने राजपुर विधानसभा के अन्तर्गत किये जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि आमामी वर्षाकाल सीजन से पूर्व किये जा रहे विकास कार्यों पर तेजी से कार्य किये जाए, जिससे आम जन-मानस को परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, नालों की साफ-सफाई तथा सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जरूरी कार्य ससमय पूर्ण कर लिए जाए। जिससे मानसून के दौरान जन-मानस को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।

कैबिनेट मंत्री ने एमडीडीए विभाग से किसी जिम्मेदार अधिकारी कि बैठक में उपस्थित न रहने पर रोष व्यक्त किया तथा अधिशासी अभियंता को निर्देश दिये कि आगामी बैठक में एमडीडीए के किसी उच्च अधिकारी को साथ बैठक में प्रतिभाग करें जिससे जनहित में कोई उचित निर्णय लिये जा सके। बैठक में एमडीडीए द्वारा अवगत कराया गया कि आढ़त बाजार की सिफ्टिंग ब्राह्नमणवाला में किए जाने सम्बन्धी निमार्ण कार्य लगभग 95 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रभावित आढ़तियों को मुआवजा देने का कार्य भी गतिमान है तथा अब तक लगभग 78 से अधिक रजिस्ट्रियां कराई जा चुकी हैं।

मंत्री ने राजपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत पेयजल सम्बन्धी समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने पलटन बाजार क्षेत्र की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा प्रिंस चोक  पर जलभराव को लेकर होने वाली परेशानियों के निवारण हेतु व्यवस्थाओं को सुधारने पर जोर दिया। इस सम्बन्ध में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि दर्शनलाल चैक से प्रिंस चैक तक स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज वाटर प्लान के लिए शासन द्वारा रूपये 29.14 करोड़ की ईएफसी हो चुकी है।

मंत्री ने लोनिवि विभाग से कांवली रोड़, सुभाष रोड़ तथा मार्डन काॅलोनी रोड़ की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए मानसून से पहले ही उक्त सड़कों को सुचारू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की हालात में सुधार हों इसके लिए सभी सम्बन्धित अधिकारी तत्परता दिखाएं तथा लम्बित कार्यों को पूर्ण करें। उन्होंने परेड ग्राउण्ड की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गांधी पार्क की तर्ज पर ही परेड ग्राउण्ड की व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की जाए।

मंत्री ने सभी कार्यदायी संस्थाओं से आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति प्रदान करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनकार्याें के प्रति संवेदनशीलता बनाये रखें तथा अपने अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी लें।

इस अवसर पर नगर निगम, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, एमडीडीए, यूपीसीएल तथा अन्य संम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


हरिद्वार गए परिवार के घर में चोरी, नकदी और लाखों के जेवर लेकर फरार हुए बदमाश

ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। यहाँ एक परिवार जब हरिद्वार गंगा स्नान के लिए गया हुआ था, तभी पीछे से बेखौफ बदमाशों ने बंद मकान का ताला तोड़कर नगदी समेत लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सूरजपुर कस्बे की महामेधा वाली गली की रहने वाली सिम्मी देवी ने पुलिस को बताया कि वह 7 जून की दोपहर करीब 3 बजे अपने पूरे परिवार के साथ हरिद्वार गई थीं। जब वे 9 जून की सुबह करीब 7 बजे वापस घर लौटीं, तो उनके होश उड़ गए। घर के मेन गेट, कमरों और अलमारी के ताले टूटे हुए थे और पूरे घर का सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था।

पीड़िता के अनुसार, बदमाश अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे 5 हजार रुपये कैश और लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने चोरी कर ले गए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने और चोरी का सामान बरामद करने की गुहार लगाई है।

सूरजपुर के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही बदमाशों की पहचान कर इस पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।


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