Friday, June 5th, 2026

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राजपुर क्षेत्र में गिरी दीवार,चपेट में आयी वृद्ध महिला, SDRF की तत्परता से बची महिला की जान

Daily Archives: 05/06/2026

राजपुर क्षेत्र में गिरी दीवार,चपेट में आयी वृद्ध महिला, SDRF की तत्परता से बची महिला की जान

देहरादून : आज राजपुर क्षेत्र के साईं मंदिर के पास दीवार गिर गई। दीवार गिरने सेर एक महिला उसकी चपेट में आ गई।

सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सहस्त्रधारा से SDRF टीम को मुख्य आरक्षी दीपक पंत और उनकी टीम तत्काल घटनास्थल पर रवाना हुए और रेस्क्यू कार्य प्रारंभ किया गया।

रेस्क्यू टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मलबे में दबी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला घायल अवस्था में थी, जिसे प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए तत्काल कोरोनेशन अस्पताल भिजवाया गया।

घायल महिला का विवरण —

नाम – मनसा देवी
पति – घराहन सिंह
आयु – 85 वर्ष
निवासी – बिरगीर वाली, राजपुर रोड, देहरादून।


मुख्यमंत्री ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की योजनाओं की सौगात

नैनीताल : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शुक्रवार को जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। जिसमें 67 करोड़ लागत की 6 योजनाओं का लोकार्पण एवं 29.71 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा भीमताल क्षेत्र के विकास हेतु अनेक घोषणा की गई, जिसमें भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों हेतु एक बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण, भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में जोड़े जाने, रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखांन से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग, जीप मार्ग का मिलान, रामगढ़ उप तहसील का शीघ्र संचालन किये जाने के साथ क्षेत्र में प्राधिकरण की समस्या के समाधान हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समस्या का समाधान किया जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने सभी को दी विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यहां की सुंदर झील, चारों ओर फैली हरियाली, पर्वतों की अद्भुत श्रृंखला और प्रकृति की अनुपम छटा हमें केवल आनंद का अनुभव ही नहीं कराती, बल्कि हमें ये भी याद दिलाती है कि प्रकृति और पर्यावरण ही हमारा वर्तमान भी है और भविष्य भी है। इसलिए इस प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।

उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए है एक महत्वपूर्ण प्रश्न- मुख्यमंमत्री ,धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। क्योंकि अच्छा पर्यावरण न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि हम उस पवित्र भूमि के निवासी हैं जहाँ से माँ गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियाँ निकलती हैं। जहाँ हिमालय केवल पर्वत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता का प्रहरी है और हम उस संस्कृति के वाहक हैं जिसने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति को पूजनीय माना और पूरी दुनिया को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का किया काम – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। इसी सोच के साथ भारत प्रकृति भी और प्रगति भी के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने मिशन लाइफ के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। जब करोड़ों लोग अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने शुरू कर देते हैं, तब बड़े-बड़े परिवर्तन अपने आप संभव होने लग जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किया गया एक पेड़ माँ के नाम अभियान भी केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। बल्कि ये भावनाओं से जुड़ा हुआ एक जनआंदोलन है।


8 जून से घर-घर जाकर गणना फार्म बांटेंगे BLO

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर की दी विस्तृत जानकारी

देहरादून। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में मीडिया को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ का तीन चरणों में प्रशिक्षण, गणना फार्मों की शत प्रतिशत प्रिंटिंग पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना फार्म का वितरण एवं संकलन किया जाएगा। इसी एक माह के दौरान मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएओ एप्प के माध्यम से डिजिटिलाइज कर अपलोड किया जाएगा।

मतदाता पहली बार घर पर न मिलने पर BLO करेंगे तीन विजिट 

इस दौरान कोई मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं है तो बीएलओ तीन बार घर पर विजिट करेंगे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताय कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

प्रदेश में कराए जाएंगे 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि प्रदेश में 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं इसके बाद मतदाता इसे भरकर अपलोड कर सकते हैं। इस प्रकिया के दौरान अपर कोई भी पात्र व्यक्ति, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं तो वे अपने बीएलओ से संपर्क कर फार्म 6 भर सकते हैं। जिसके बाद दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय उनके फार्मों पर विचार किया जाएगा।

एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं फोनकॉल

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ के फीचर से मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-NET मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा।

आसानी से सर्च कर सकते हैं 2003 की मतदाता सूची में नाम

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।


कैश कि कमी होने से लड़खडा सकती है ATM सर्विसेज, इंडस्ट्री पर आ सकता है संकट

पूजा भट्ट

देशभर में एटीएम सेवाएं नई चुनौती का सामना कर रही हैं। हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कई इलाको में एटीएम मशीनों में नकदी की कमी देखी जा रही है जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

एटीएम इंडस्ट्री से जुड़े संगठन से जुड़े सगठन CATMI ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को भेजे पत्र में इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि मशीनों में भरने के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं है, खासकर ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में स्थिती ज्यादा गभीर हो सकती है, जहां एटीएम ही नकदी का मुख्य स्रोत होते हैं।

रिपोर्टस के मुताबिक, इस समस्या की जानकारी रिजर्व बैंक के करेंसी मेनेजमेंट विभाग को भी दे दी गई है। एसे में आने वाले समय में एटीएम सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी तरफ एटीएम इंडस्ट्री पहले से ही कई दबावे में है। ट्रांजैक्शन की संख्या घट रही है। दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर लगने वाली फिस अभी नी इंडस्ट्री के खर्चे के मुकाबले कम मानी जा रही है। इसके अलावा बढती ईंधन कीमतें और कुछ राज्यों में सैलरी बदलाव जैसे कारक भी इस सेक्टर पर असर डाल रहे है। दिलचस्प बात ये है कि जहां

एक और एटीएम से होने वाले ट्रांजेक्शन में गिरावट आई है वही देश में कुल कैश सर्कुलेश्न बढ़ा है। इसका एक बड़ा कारण डिजिटल पेमेंट का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल भी माना जा रहा है, जिससे लोग नकदी पर पहले जितना निर्भर नहीं रहे।

कुल मिलाकर एटीएम इंडस्ट्री एक बदलाव के दौर से गुजर रही है जहा कैश की उपलब्धता बढ़ती लागत और डिजिटल विकल्प तीनों मिलकर नई चुनौतियों को खड़ी कर रहे है।


शिक्षा विभाग में शिक्षकों व कार्मिकों के अटैचमेंट होंगे समाप्त: डाॅ. धन सिंह रावत

देहरादून: विभिन्न विद्यालयों, विभागीय कार्यालयों व अन्य विभागों में सम्बद्ध सभी शिक्षकों को वापस अपने विद्यालयों में जाना होगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आगामी 30 जून तक सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा उन शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सम्बद्धीकरण आदेश भी निरस्त किये जायेंगे जो दूसरे कार्यालयों में तैनात हैं।

अधिकारियों को दिये 30 जून तक सभी अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार कड़े कदम उठाने से नहीं हिटकेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न स्कूलों, विभागीय कार्यालयों एवं अन्यत्र विभागों में सम्बद्ध अथवा प्रतिनियुक्ति पर गये शिक्षकों अपने मूल विद्यालय में जाकर बच्चों को पढ़ाना होगा। डाॅ. रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आगामी 30 जून तक सभी शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जो शिक्षक अपने मूल तैनाती स्थल पर नहीं लौटे उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी। डॉ. रावत ने कहा कि अधिकांश अटैचमेंट केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए किए गए थे, लेकिन कई शिक्षक और कर्मचारी वर्षों से अपने मूल विद्यालयों से दूर कार्यरत हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ा है और शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सभी सम्बद्धीकरण आदेश भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश

डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सभी सम्बद्धीकरण आदेश भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी विशेष प्रशासनिक अथवा शैक्षणिक आवश्यकता के तहत सम्बद्धीकरण की जरूरत पड़ती है तो उसे नए सिरे से निर्धारित अवधि के लिए किया जाएगा, जिसकी अधिकतम अवधि केवल एक शैक्षणिक सत्र होगी। डॉ. रावत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके।

मिड-डे मील योजना में हेराफेरी की होगी जांच- रावत

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने माध्यान भोजन योजना (मिड-डे मील) में हो रही फेराफेरी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुये इसके जांच के आदेश दे दिये हैं। डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जनपद के साथ ही नैनीताल जिले के रामनगर, हल्द्वानी, पौड़ी में कोटद्वार, देहरादून में डोईवाला, रायपुर, विकासनगर व सहसपुर ब्लाॅक के विद्यालयों में मिल-डे मील में हो रही गड़बड़ी की जांच करने को कहा। डॉ. रावत ने कहा कि उन्हें पिछले कुछ समय से विभिन्न माध्यमों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों के माध्यम से मिड-डे मील योजना में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं।


जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में 15 दिनों के भीतर मलबा हटाने, चैनलाइजेशन एवं पुनर्वास कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में 15 दिनों के भीतर मलबा हटाने, चैनलाइजेशन एवं पुनर्वास कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य

 

देहरादून: मुख्यमंत्री, पुष्कर सिंह धामी, द्वारा कार्लीगाड़ क्षेत्र के पुनर्वास एवं राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने के क्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा आपदाग्रस्त क्षेत्र कार्लीगाड़, सहस्त्रधारा में युद्धस्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में आपदा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, तथा मलबा निष्पादन के उद्देश्य से मशीनरी, मैनपॉवर एवं अन्य संसाधनों में व्यापक वृद्धि की गई है।

प्रशासन द्वारा क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा प्रत्येक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने किया था कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के अनुरूप विगत दिवस जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक, मसूरी विधानसभा क्षेत्र के साथ कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास एवं मलबा हटाने के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित विभागों को कार्यों में और अधिक तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कार्लीगाड़ क्षेत्र में जमा समस्त मलबे को आगामी 15 दिनों में हटाने के दिए हैं निर्देश

निरीक्षण के दौरान आपदा के कारण क्षेत्र में जमा हुए भारी मात्रा में मलबे को हटाने के कार्यों की समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्लीगाड़ क्षेत्र में जमा समस्त मलबे को आगामी 15 दिनों के भीतर हटाया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की क्षति से बचाव हेतु मलबे का वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइजेशन किया जाए। साथ ही, आपदा प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं स्थायी पुनर्वास के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

परिवारों को किया जायेगा प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में निवास कर रहे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, जिससे भविष्य में संभावित आपदाओं के दृष्टिगत जनहानि अथवा संपत्ति के नुकसान की आशंका को न्यून किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पुनर्वास कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।

खनन विभाग द्वारा की गई हैं 2 अतिरिक्त पोकलेन एवं जेसीबी मशीनें तैनात

आपदाग्रस्त क्षेत्र में मलबा हटाने के कार्यों में तेजी लाने हेतु खनन विभाग द्वारा 2 अतिरिक्त पोकलेन एवं जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि डंपरों की संख्या बढ़ाकर 7 कर दी गई है। वहीं, सिंचाई विभाग द्वारा नदी के चैनलाइजेशन कार्यों के लिए 2 अतिरिक्त पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। इससे मलबा निष्पादन एवं नदी प्रवाह को व्यवस्थित करने के कार्यों में उल्लेखनीय गति आई है।

 


हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण

नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का किया आह्वान

पौधारोपण नहीं, पौध संरक्षण भी जरूरी – बंशीधर तिवारी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “हरित उत्तराखंड-स्वच्छ उत्तराखंड” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तेजी से कदम बढ़ा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राधिकरण ने न केवल वृहद पौधारोपण अभियान चलाया, बल्कि राजधानी को अधिक हरित, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के अपने दीर्घकालिक विजन को भी सामने रखा। सहस्त्रधारा रोड रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित युवा कल्याण कार्यालय, नालापानी रोड के समीप नदी किनारे खाली पड़ी भूमि पर एमडीडीए द्वारा लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया। इनमें फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। कार्यक्रम में प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

एमडीडीए अब केवल भवन निर्माण और शहरी विकास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में नए हरित पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और मनोरंजन के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके साथ ही शहर की प्रमुख सड़कों के बीच स्थित डिवाइडरों पर फूलदार और सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे न केवल दून की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित आवरण बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।देहरादून की आवाम का भी कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्रों का संरक्षण और विस्तार भविष्य की बड़ी जरूरत है। ऐसे में एमडीडीए की पहल राजधानी को एक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पौधारोपण कार्यक्रम में एमडीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) एवं जवानों ने, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ के नाम से जाना जाता है, पौधारोपण अभियान में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।

पौधारोपण नहीं, पौध संरक्षण भी जरूरी – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण राजधानी में हरित क्षेत्रों के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी का अभियान है। विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि ये पौधे भविष्य में घने वृक्षों का रूप ले सकें। उन्होंने कहा कि जिस स्थल पर पौधारोपण किया गया है, उसे भविष्य में एक विकसित हरित पार्क के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नए पार्क, ग्रीन बेल्ट और डिवाइडर प्लांटेशन राजधानी की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

सचिव ने दिया जनभागीदारी पर जोर
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और रखरखाव की भी प्रभावी व्यवस्था की जा रही है। आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक हरित परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे दून घाटी का पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हो सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान इस बात का संकेत है कि राजधानी देहरादून को हरित, स्वच्छ और सतत विकास का मॉडल बनाने की दिशा में एमडीडीए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यदि ऐसे प्रयास जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में दून घाटी का हरित स्वरूप और अधिक मजबूत होकर सामने आएगा।


विकास संवाद में उभरे जनसरोकार: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ हुआ व्यापक मंथन

विकास संवाद में उभरे जनसरोकार: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ हुआ व्यापक मंथन

नई टिहरी: नई टिहरी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं को लेकर विस्तृत एवं संवादात्मक मंथन हुआ। बैठक ने जन अपेक्षाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच प्रस्तुत किया।

मुख्य सचिव ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जिला स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं एवं आरक्षित क्षेत्र विस्तार से जुड़े विषय उठाए, वहीं विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार एवं विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु संसाधनों एवं उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जनपद के विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्षों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। नगर पालिका चम्बा एवं देवप्रयाग द्वारा पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया गया, जबकि नगर पंचायत घनसाली एवं चमियाला के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन एवं कृषि को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई।

 


अजय भटेजा हत्याकांड का मास्टरमाइंड चढ़ा पुलिस के हत्थे

जिला न्यायालय के बाहर से पकड़ा गया इनामी आरोपी अमित भटेजा

देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के चर्चित अजय भटेजा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी एवं 50 हजार रुपये के इनामी अमित भटेजा को देहरादून पुलिस ने जिला न्यायालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने हत्या की साजिश से जुड़े पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया है।

गौरतलब है कि 26 मई 2025 को जाखन स्थित कृष्णा विहार निवासी अजय भटेजा की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के रिश्तेदार जतिन कुमार की शिकायत पर थाना राजपुर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहले मुजफ्फरनगर निवासी शातिर अपराधी राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपनी साथी हुमेरा उर्फ जोया के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार की थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश मृतक के सौतेले भाई अमित भटेजा ने रची थी। आरोप है कि संपत्ति विवाद को लेकर अमित अपने भाई अजय से नाराज था। उसने राजन उर्फ जैकी को संपत्ति में हिस्सा देने और अन्य मामलों में मदद का लालच देकर हत्या के लिए तैयार किया।

पुलिस के अनुसार, पूर्व नियोजित योजना के तहत 25 मई 2025 को राजन और हुमेरा ने जाखन स्थित घर में अजय भटेजा का तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। अगले दिन अमित भटेजा कथित रूप से मौके पर पहुंचा और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले गया।

घटना का खुलासा होने और सहआरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अमित लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार गुरुवार को उसे जिला न्यायालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुछ संपत्ति संबंधी दस्तावेज और वाहनों के कागजात भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


विश्व पर्यावरण दिवस पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने साझा की वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां

देहरादून-  विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “Inspired by Nature. For Climate. For Our Future.” के अवसर पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने उत्तराखंड में अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 की अपनी प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया।

संस्था ने वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न समुदाय आधारित कार्यक्रमों, सफाई अभियानों एवं पुनर्चक्रण पहलों के माध्यम से 1,081 मीट्रिक टन (10.81 लाख किलोग्राम) सूखे कचरे का संग्रहण तथा 364 मीट्रिक टन (3.64 लाख किलोग्राम)प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रसंस्करण किया। यह कार्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब हिमालयी क्षेत्र में कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की वार्षिक रिपोर्ट पर आधारित अनुमानों के अनुसार भारतीय हिमालयी क्षेत्र (IHR) में प्रतिवर्ष 19 लाख टन से अधिक कचरा उत्पन्न होता है, जो लगभग 9 लाख एशियाई हाथियों के कुल वजन के बराबर है।

वेस्ट वॉरियर्स वर्तमान में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनमें हर्रावाला (वार्ड 97), धनोला ग्राम पंचायत, गोविंद वन्यजीव विहार के आसपास के गांव एवं ट्रेकिंग मार्ग, कैम्पटी फॉल्स पर्यटन क्षेत्र, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांव, आसन वेटलैंड क्षेत्र तथा स्वच्छता एक्सप्रेस पहल शामिल हैं।

संस्था अपने अभिनव ‘पर्यावरण सखी मॉडल’ के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को कचरा संग्रहण, पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जोड़ रही है। यह मॉडल महिलाओं के लिए सम्मानजनक एवं सतत आजीविका के अवसर भी सृजित कर रहा है।

इस अवसर पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था के एसोसिएट डायरेक्टर नवीन कुमार सडाना ने कहा, “वर्ष 2025-26 के दौरान 10 लाख किलोग्राम से अधिक सूखे कचरे का संग्रहण और 3.5 लाख किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रसंस्करण सामुदायिक सहभागिता की शक्ति को दर्शाता है। बढ़ते कचरा संकट से निपटने के लिए स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण अवसंरचना और जन-जागरूकता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।”


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