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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी गढ़वाल के समस्त जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ जनपदीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में चल रही सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए। पेयजल, सीवर एवं जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित किए जाएं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल द्वारा जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसंख्या सहित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल ब्रिज तथा लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। ₹10 करोड़ से अधिक लागत की कुम्भ मेला से संबंधित सेक्शन रोड (नरेंद्रनगर– किनवानी– नीरगढ़) के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य, जिसकी निविदा जारी हो चुकी है, के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्य सचिव द्वारा कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई।
पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों एवं आपदा/बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई विभाग द्वारा खंडवार नहरों, नलकूपों एवं लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई तथा क्षतिग्रस्त नहरों के संबंध में विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव द्वारा प्राप्त की गई।
मुनि की रेती क्षेत्र में ₹40 करोड़ की वर्षा जल निकासी प्रणाली निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा की गई। चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा हेतु चैनलाइजेशन कार्य अस्थायी रूप से किए जाने के बावजूद नदी तल का स्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की आवश्यकता बताई गई।
राजकीय पॉलिटेक्निक, नई टिहरी के निर्माण कार्य (टेंडर प्रक्रिया पूर्ण) को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए। नई टिहरी मालरोड के सौंदर्यीकरण एवं फसाड कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं की प्रगति (हिंडोलखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर एवं मुनि की रेती पंपिंग योजना) पर चर्चा की गई। साथ ही ₹10 करोड़ से अधिक की पेयजल योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी द्वारा देवप्रयाग एवं कीर्तिनगर क्षेत्र में पेयजल पंपिंग योजना की आवश्यकता तथा मुख्य पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को भी रखा गया।
नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की बढ़ती मांग एवं रखरखाव हेतु बजट की कमी को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया। जनपद में एसटीपी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति के साथ-साथ होटलों हेतु पर्यावरण अनुकूल ग्रीन रेटिंग प्रणाली की जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फार्म बेस्ड एवं नॉन-फार्म एक्टिविटीज (ऋषिकेश, चम्बा आदि) के अंतर्गत फूड कार्ट एवं सड़क किनारे ईटरीज़ की योजनाओं से अवगत कराया गया। नॉन-फार्म सेक्टर में भिलंगना में प्रिंटिंग एवं लेबलिंग यूनिट, चम्बा में एग्री इनपुट एवं डेयरी फार्म, थौलधार में हर्बल ऑयल, देवप्रयाग में मशरूम यूनिट, कीर्तिनगर में मत्स्य उत्पादन, जौनपुर में प्लम एवं बकरी पालन, प्रतापनगर में पोल्ट्री एवं हर्बल गार्डन तथा नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल कलेक्शन (131 क्विंटल) की जानकारी दी गई। सीडीओ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यान, खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इससे बैठक से पूर्व टीएचडीसी गेस्ट हाउस, भागीरथीपुरम के सभागार में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव द्वारा की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु छह क्लस्टर – डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर — के संबंध में अवगत कराया गया।
इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
08 जून से शुरू होगा डोर-टू-डोर अभियान, गणना प्रपत्र वितरण और संकलन
अनुपस्थित, स्थानांतरित व मृत मतदाताओं की एएसडी सूची होगी सार्वजनिक
आयोग के निर्देश-मतदाता विवरण के सत्यापन हेतु अनुमन्य दस्तावेजों की प्रति आवश्यक
देहरादून में 80.38 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 14 जुलाई को प्रकाशित होगा प्रथम ड्राफ्ट
SIR को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने की राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठक
देहरादून। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे 7 जून से पूर्व प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त कर जिला निर्वाचन कार्यालय को इसकी सूचना उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न किया जा सके।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को गणना प्रपत्र की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने बताया कि जनपद की 10 विधानसभा क्षेत्रों के 1,882 मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1,839, कांग्रेस द्वारा 1,717 तथा सीपीआई(एम) द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मान्यता प्राप्त दलों ने अभी तक अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति नहीं की है।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। जिन घरों में पहली बार भ्रमण के दौरान ताला बंद मिलेगा, वहां बीएलओ तीन बार पुनः संपर्क करेंगे। इसके साथ ही 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र नागरिकों के फार्म-6 भी स्वीकार किए जाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत तथा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर एएसडी सूची तैयार की जाएगी, जिसे पंचायत भवनों, नगर निकायों तथा संबंधित वेबसाइटों पर प्रकाशित करने के साथ राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलए-2 पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर सत्यापन, संशोधन तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों में सहयोग करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रथम प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसआईआर के तहत जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमन्य दस्तावेजों में से किसी एक की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत जनपद के कुल 13,76,813 मतदाताओं में से 11,06,652 मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है, जो कुल मतदाताओं का 80.38 प्रतिशत है।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, बीएलए तथा आम नागरिक निर्वाचन आयोग के ईसीआई-नेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ‘‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’’ सुविधा के जरिए संबंधित बीएलओ से सीधे संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, भारतीय जनता पार्टी से नवीन रावत, संतोष रावत, धर्मेश रावत, सुशील गुप्ता, ऊषा कोठारी, आरएस परिहार, पंकज गुप्ता, उमा नरेश तिवारी, कांग्रेस पार्टी से सतेन्द्र, गोदावरी थपलियाल, कुलदीप कोहली, संजय किशोर सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद थे।
टोहाना- फतेहाबाद के भूना में युवक सचिन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निकिता खट्टर ने टोहाना CIA प्रभारी अशोक कुमार को निलंबित कर दिया है, जबकि भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह बिजेंद्र हुड्डा को भूना थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं CIA की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर कुलदीप मोर को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि मंगलवार रात भूना निवासी सचिन कुमार की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि बाइक पर जा रहे सचिन का पहले अपहरण किया गया और बाद में उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात के पीछे भांभू गैंग का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों और मृतक के बीच पहले से विवाद और रंजिश चली आ रही थी।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रवेश उर्फ मिचू, कार्तिक उर्फ कारु, दीपक उर्फ बिल्ला, संजय उर्फ चिड़ीमार और अमन शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि हत्या की साजिश और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा सके।
मृतक सचिन कुमार भूना के वार्ड नंबर 5 का रहने वाला था और पहले कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा था। पिछले वर्ष हुए एक विवाद के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था। वह परिवार के एक समारोह में शामिल होने के लिए कुछ दिन पहले ही घर लौटा था और अगले दिन वापस गुरुग्राम जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना घट गई।
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एसएसपी देहरादून को फोन पर दिए निर्देश, सत्यापन अभियान के साथ ‘पुलिस मित्र’ की सक्रियता बढ़ाने पर जोर
ऋषिकेश। ऋषिकेश के भट्टोवाला क्षेत्र में हुई गोलीबारी की दुस्साहसिक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने गहरा क्षोभ और चिंता व्यक्त की है। स्वयं ऋषिकेश की निवासी होने के नाते स्थानीय जनता और संपूर्ण देवभूमि की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने इस वारदात के तुरंत बाद संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश का दौरा किया। वहां उन्होंने गोलीबारी में घायल हुए दोनों युवकों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली तथा अस्पताल प्रशासन व वरिष्ठ चिकित्सकों को निर्देशित किया कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और उन्हें उच्च स्तरीय व त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में मौजूद पीड़ित परिवारों व तीमारदारों से विस्तृत भेंट कर उन्हें ढाँस बंधाया और कड़े शब्दों में आश्वासन दिया कि इस कायराना कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल कोतवाली प्रभारी (एसएचओ) ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट से घटना की पूरी जानकारी ली। मामले में लगातर उनसे संपर्क बनाये हुए है, इसके पश्चात उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को फोन के माध्यम से कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल तीनों आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले मुस्लिम समुदाय से हैं, जिनमें से एक आरोपी दिल्ली में कार्यरत है और दूसरा स्थानीय स्तर पर ऋषिकेश के ढालवाला क्षेत्र में यहाँ एक हिंदू परिवार में विवाह किया हुआ है। पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तमंचा और कारतूस बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अध्यक्ष ने एसएसपी को निर्देश दिए कि फरार अन्य आरोपियों की भी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना रहे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जो भी तत्व देवभूमि की कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करेंगे, उनके विरुद्ध प्रशासन द्वारा कठोरतम कार्रवाई होगी और किसी भी अपराधी को बचने का मौका नहीं मिलेगा।
इस घटना के गहरे विश्लेषण के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए बाहरी और अनजान व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए ‘पुलिस मित्र’ की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण और रिहायशी इलाकों के बीच अचानक पहुँचने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के वास्तविक उद्देश्य की गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि गांवों में घुसकर नशा करना और इस तरह की हिंसक वारदातों को अंजाम देना एक अत्यंत गंभीर विषय है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पुलिस मित्र की सक्रियता बढ़ाने से संदिग्ध गतिविधियों पर न सिर्फ पैनी नजर रखी जा सकेगी, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर पुलिस तंत्र तुरंत और त्वरित गंभीर कार्रवाई भी कर सकेगा।
टिहरी। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन टिहरी गढ़वाल के बौराड़ी क्षेत्र में स्थित राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय एवं बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्य सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूलभूत सुविधाओं का सतत अनुश्रवण कर आवश्यक सुधार समयबद्ध रूप से किए जाएं, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, अभिलेखों एवं पांडुलिपियों का समुचित संरक्षण करते हुए अध्ययन हेतु बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं तथा बौराड़ी स्टेडियम एवं प्रस्तावित खेल सुविधाओं के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार में बच्चों की संख्या, उपलब्ध खेल सामग्री तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य एवं पोषण पदार्थों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट वितरित की तथा केन्द्र में बच्चों का वजन भी माप करवाया। उन्होंने एएनएम एवं आशा कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा बच्चों के घरों तक पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित करें।
इसके उपरांत मुख्य सचिव ने राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना, बच्चों के लिए उपलब्ध फर्नीचर, उपस्थिति पंजिका एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य सचिव ने श्रीदेव सुमन पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय की व्यवस्थाओं, पुस्तकों के रखरखाव, अभिलेखों, पंजीकरण व्यवस्था तथा दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि उक्त पुस्तकालय को पुरानी टिहरी से विस्थापित कर वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया है। पुस्तकालय में राजशाही काल से लेकर आधुनिक विषयों तक की समृद्ध पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है, जिससे साहित्य प्रेमियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
इसके पश्चात मुख्य सचिव ने बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण किया तथा प्रस्तावित बैडमिंटन हॉल के निर्माण स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव, स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय, नगर पालिका परिषद टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने डाइजर क्षेत्र में जैकरेण्डा (Jacaranda) के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी वी.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पंकज तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जालंधर। शहर में एक 29 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान नीतू के रूप में हुई है। घटना को लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार नीतू ने करीब डेढ़ वर्ष पहले अवतार नगर निवासी मनी नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। गुरुवार को अचानक उसकी तबीयत खराब होने की सूचना पर आसपास के लोग सक्रिय हुए। पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि नीतू के गले पर चोट और दबाव के निशान दिखाई दिए हैं, जिससे उन्हें हत्या की आशंका है। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाना चाहिए। वहीं घटना के बाद ससुराल पक्ष के कुछ सदस्यों के घर से अनुपस्थित होने की भी चर्चा है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। दूसरी ओर, मृतका के परिजन इंसाफ की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तेलुगु सुपरस्टार राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ आखिरकार लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रिलीज से पहले फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और इसका असर पहले दिन की कमाई पर भी साफ नजर आया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने ओपनिंग डे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज की है।
पहले दिन की कमाई ने बढ़ाई उम्मीदें
फिल्म ‘पेद्दी’ को देशभर में बड़े पैमाने पर रिलीज किया गया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के पहले दिन लगभग 51 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। वहीं, रिलीज से पहले आयोजित पेड प्रीव्यू शो से भी फिल्म को अच्छी कमाई मिली। दोनों आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का कुल कलेक्शन 69.50 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।
राम चरण के करियर की बड़ी फिल्मों में शामिल होने की तैयारी
फिल्म की ओपनिंग को देखते हुए माना जा रहा है कि ‘पेद्दी’ राम चरण के करियर की सफल फिल्मों में जगह बना सकती है। हालांकि अभिनेता की अब तक की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म ‘आरआरआर’ रही है, जिसने पहले दिन रिकॉर्डतोड़ कमाई की थी। ऐसे में ‘पेद्दी’ के सामने उस उपलब्धि तक पहुंचना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
वहीं, राम चरण की हालिया रिलीज ‘गेम चेंजर’ ने भी पहले दिन शानदार कारोबार किया था। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘पेद्दी’ उस आंकड़े को पार कर पाती है या नहीं।
जान्हवी कपूर के लिए भी अहम साबित हो सकती है फिल्म
फिल्म में राम चरण के साथ बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। तेलुगु सिनेमा में यह उनकी चर्चित फिल्मों में से एक मानी जा रही है। इससे पहले जान्हवी को ‘देवरा: पार्ट 1’ के जरिए शानदार ओपनिंग मिली थी। ऐसे में ‘पेद्दी’ का प्रदर्शन उनके करियर के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गांव के संघर्ष और सम्मान की लड़ाई की कहानी
निर्देशक बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी ‘पेद्दी’ एक ऐसे युवक की कहानी है, जो समाज में अपनी पहचान और सम्मान हासिल करने के लिए संघर्ष करता है। पहाड़ी गांव में रहने वाला पेद्दी विपरीत परिस्थितियों और सामाजिक भेदभाव का सामना करते हुए अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करता है।
कहानी में क्रिकेट, खेल भावना, सामाजिक संघर्ष और आत्मसम्मान जैसे कई पहलुओं को जोड़ा गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण मजदूर अपने हौसले और मेहनत के दम पर समाज में अपनी अलग पहचान बनाने की जंग लड़ता है। दमदार एक्शन, भावनात्मक दृश्यों और प्रेरणादायक कहानी के चलते फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
(साभार)
काशीपुर। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश में अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ऊधमसिंह नगर पुलिस के संयुक्त अभियान में काशीपुर क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 कारतूस (.30 और .32 बोर) तथा तीन कूटरचित (फर्जी) शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक माह से इस मामले में गोपनीय जांच और सूचना संकलन का कार्य किया जा रहा था। जांच के दौरान सामने आया कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद से जारी दर्शाए गए फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित एक गन हाउस से हथियार खरीदे गए थे। इसके बाद कार्रवाई करते हुए काशीपुर कोतवाली में ऐसे 10 फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में हथियार खरीदने और बाद में इन लाइसेंसों को वैध दिखाकर इस्तेमाल करने का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। एसटीएफ इस पूरे गिरोह की तह तक पहुंचने के लिए लगातार छानबीन कर रही है।
गौरतलब है कि एसटीएफ इससे पहले भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस के दो अलग-अलग मामलों में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस और एसटीएफ की जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
अमृतसर – कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से संचालित अवैध हथियार, मादक पदार्थ और हवाला नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के कब्जे से 1.035 किलोग्राम हेरोइन, पांच अत्याधुनिक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित लगभग पांच लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे अपने सहयोगियों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध हथियारों तथा ड्रग्स की खेप मंगवाते थे। इसके बाद विदेशी संचालकों के निर्देश पर इनकी सप्लाई विभिन्न स्थानों पर की जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों में एक अफगान नागरिक भी शामिल है, जिससे मामले के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि हुई है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार किन-किन देशों और राज्यों तक फैले हुए हैं। मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट थाना में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच जारी है।