Saturday, June 20th, 2026

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा मासूम सकुशल बरामद, बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार

Daily Archives: 20/06/2026

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा मासूम सकुशल बरामद, बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार

नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDRS) थाना पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ तीन महिलाओं समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद भी कर लिया है। पकड़े गए आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, हरिद्वार और बदायूं के रहने वाले हैं।

 रेलवे यूनिट के डीसीपी बी. भरत रेड्डी ने बताया कि बीते 25 मई को एक महिला ने अपने डेढ़ वर्षीय बेटे के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित महिला अपने पति से अलग रहकर अक्सर स्टेशन के मुख्य हॉल में रात गुजारती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर याकूब खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने स्टेशन और आसपास के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें तीन संदिग्ध बच्चे को ले जाते हुए दिखे। टेक्निकल इनपुट और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस की टीम उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंची और बच्चे को बरामद कर लिया।

 पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बदायूं की रहने वाली आरती नामक महिला (जिसकी पहले से पांच बेटियां हैं) बेटे की चाहत में बच्चा खरीदना चाहती थी। उसकी बहन पूजा ने उसकी मुलाकात हरिद्वार की प्रीति से कराई, जहां बच्चे का सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ। प्रीति के इशारे पर उसके साथियों (जिया, विशाल और शिवा) ने नई दिल्ली स्टेशन से बच्चे को अगवा किया था। फिलहाल कोर्ट ने आरती और पूजा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य 6 आरोपियों से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है।

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस रैकेट के तार मेडिकल सेक्टर से जुड़ते चले गए। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि पिछले डेढ़ साल में इस गिरोह ने 30 से अधिक नवजात बच्चों का सौदा किया है। पुलिस ने अब तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के ऐसे 24 परिवारों की पहचान की है, जिन्होंने इस गिरोह से बच्चे खरीदे थे।

इस सिलसिले में पुलिस की एक टीम ने बेगमपुर स्थित ‘हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल’ पर छापेमारी की, जिसके संचालक डॉ. विवेकी पर बच्चों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड डॉ. विवेकी, साएबा भाई घमर उर्फ कालिया और प्रतिभा हैं। प्रतिभा और उसकी सहयोगी ओमवती पहले भी बच्चा चोरी के मामले में जेल जा चुकी हैं। पुलिस अब अन्य राज्यों में फैले इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है।


त्रिवेणी घाट से गंगा कॉरिडोर तक- अर्द्धकुंभ-2027 की परियोजनाओं पर डीएम ने की विस्तृत समीक्षा

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिकेश क्षेत्र की प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक 

त्रिवेणी घाट पुनर्विकास, चंद्रभागा पैदल पुल, आस्था पथ सौंदर्यीकरण एवं केएफडब्ल्यू वित्तपोषित परियोजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अर्द्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उत्तराखंड जल संस्थान, सिंचाई विभाग, नगर निगम ऋषिकेश, उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास अभिकरण (यूयूएसडीए) सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा प्रस्तावित एवं प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। नगर निगम ऋषिकेश द्वारा अर्द्धकुंभ मेला-2027 के लिए लगभग ₹156 करोड़ लागत के प्रस्तावित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया, जबकि उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा पेयजल एवं संबंधित अवसंरचना विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया।

बैठक के दौरान त्रिवेणी घाट पुनर्विकास, चंद्रभागा पैदल पुल तथा आस्था पथ के सौंदर्यीकरण संबंधी प्रस्तावों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में त्रिवेणी घाट को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक प्रदर्शन क्षेत्र (Ritual Performance Zone) विकसित करने, बाढ़ स्तर को ध्यान में रखते हुए संरचनात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा त्रिवेणी घाट से मां सरस्वती मंदिर तक के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित कार्यों में चरणबद्ध बैठक व्यवस्था, गतिविधि क्षेत्र तथा अतिरिक्त जनसुविधाओं के विकास को भी शामिल किया गया है।

बैठक में चंद्रभागा पैदल पुल परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे अधिक सुरक्षित, आकर्षक एवं जनोपयोगी स्वरूप प्रदान करने के संबंध में आवश्यक सुझावों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न घाटों के पुनर्विकास, नदी तट संरक्षण एवं पर्यटन अवसंरचना सुदृढ़ीकरण से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों को स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा अनुमोदन एवं निविदा प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में केएफडब्ल्यू (KfW) वित्तपोषित एकीकृत शहरी अवसंरचना विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन एवं स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, विद्युत बस अवसंरचना, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य शहरी सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।

अधिकारियों ने अवगत कराया कि कई परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है तथा विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन एवं निविदा प्रक्रियाएं प्रचलित हैं।

बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा अर्द्धकुंभ मेला-2027 के दृष्टिगत ऋषिकेश क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं सुधार कार्यों की प्रगति भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुविधा से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि अर्द्धकुंभ मेला-2027 से संबंधित सभी विकास परियोजनाएं श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऋषिकेश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन पहचान को और सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही त्रिवेणी घाट स्थित गंगा संग्रहालय के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला, सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश दीक्षांत गुप्ता, परियोजना प्रबंधक (पीआईयू) सिंचाई विभाग एस.के. सिंह, परियोजना प्रबंधक पेयजल निगम गंगा ऋषिकेश संजीव वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग भृगु द्विवेदी, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि, जिला पंचायत, वन विभाग, पर्यटन विभाग, परिवहन विभाग, यूरेडा, स्वास्थ्य विभाग, यूयूएसडीए, तथा जिला गंगा समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।


एमडीडीए की सख्ती- अतुल्यम रिजॉर्ट के पास 10 बीघा में अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश नाकाम, विकासनगर तहसील अंतर्गत रेतीवाला क्षेत्र में दोबारा की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लाटिंग एवं अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत सभी सेक्टरों में अलग-अलग टीमें गठित कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एमडीडीए की इस मुहिम का उद्देश्य सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना तथा अवैध निर्माण गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा विकासनगर तहसील अंतर्गत रेतीवाला क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार विपक्षी  अभिनव बंसल एवं अन्य द्वारा रेतीवाला स्थित अतुल्यम रिजॉर्ट के निकट लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति प्राप्त किए अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। उक्त भूमि पर प्लाटिंग हेतु सीसी सड़क का निर्माण भी कराया गया था, जो उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एमडीडीए द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था तथा अवैध निर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मौके पर नियमों की अनदेखी कर अवैध गतिविधियों को जारी रखने का प्रयास किया गया।

प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंताओं की रिपोर्ट के अनुसार उक्त अवैध प्लाटिंग को पूर्व में दिनांक 20 मई 2026 को ध्वस्त किया गया था। हालांकि इसके बाद भी संबंधित पक्ष द्वारा पुनः अवैध रूप से सड़क एवं प्लाटिंग संबंधी कार्य प्रारंभ करने का प्रयास किया गया। शिकायत एवं निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एमडीडीए की टीम ने पुनः मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित सीसी सड़क तथा प्लाटिंग से संबंधित संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल, अभियंत्रण शाखा तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लाटिंग अथवा निर्माण कार्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी
एमडीडीए ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। अवैध प्लाटिंग में निवेश करने से आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है। जो लोग बिना अनुमति के निर्माण अथवा प्लाटिंग कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न सेक्टरों में गठित टीमें नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अवैध निर्माण अथवा प्लाटिंग की सूचना तत्काल प्राधिकरण को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


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