Wednesday, June 24th, 2026

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तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या

Daily Archives: 24/06/2026

तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या

मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए भी विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री ने विभागीय बैठक में की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा

देहरादून। 211 चयनित एकल महिलाओं को स्वरोजगार योजना के लिए धन बहुत जल्द जारी किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को विभागीय बैठक में यह निर्देश दिए।

यमुना कॉलोनी कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना के तहत 484 महिलाओं को पहले ही धनराशि की प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है और उनमें से ज्यादातर ने अपना स्वरोजगार शुरू भी कर लिया है। 211 अन्य महिलाओं को धनराशि जारी करने के लिए बहुत जल्द कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय देने का निवेदन किया गया है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन आमंत्रित करने हेतु विज्ञप्ति अगस्त तक जारी करने के निर्देश दिए। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 2000 महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ देने की तैयारी की गई है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 8 अगस्त को महिला दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी सम्मान पुरस्कार दिए जाने हैं । इन दोनों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।

आज जारी होंगे नंदा गौरा योजना के 19 करोड़

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद के 4000 से ज्यादा बालिकाएं समय से औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण अपनी धनराशि प्राप्त नहीं कर पाई थी। इन सभी को 19 करोड़ 22 लाख 78 हजार रुपए की धनराशि गुरुवार को बैंक खातों में डीबीटी की जाएगी।


मवेशियों के लिए चारा लेकर जा रहे युवक को 12 हमलावरों ने घेरा, लाठी-डंडों और चाकुओं से गोदकर की हत्या

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अंतर्गत आते भांवरकोल थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में बुधवार सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पुरानी रंजिश के चलते घात लगाए बैठे करीब 10 से 12 युवकों ने 20 वर्षीय अजय यादव उर्फ लंगा पर लाठी-डंडों और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। अजय अपने परिवार का बड़ा बेटा था और घर पर रहकर पिता के साथ कृषि व पशुपालन के काम में हाथ बंटाता था। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह लगभग 9:00 बजे अजय यादव हमेशा की तरह अपनी साइकिल से घर से निकला था। वह अपने डेरे पर रह रहे परिजनों के लिए खाना और मवेशियों के लिए चारा-जूठन लेकर जा रहा था। जैसे ही वह नहर से कुछ दूरी पर स्थित रामजी शर्मा के डेरे के पास पहुंचा, वहां पहले से ही हथियारों के साथ घात लगाए बैठे दर्जनों युवकों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने अजय पर लाठियों की बरसात कर दी और चाकू से गोद-गोद कर उसे लहूलुहान कर दिया।

अजय की चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, हमलावर फरार हो चुके थे। गंभीर रूप से घायल अजय को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) वीरपुर ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे सीएचसी मुहम्मदाबाद रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर उसे गाजीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अजय की मौत की खबर मिलते ही मां मीरा देवी, पिता श्रीकांत यादव और बहन बबली का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि अजय यादव की कुछ युवकों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। करीब एक साल पहले एक बारात में नाच देखने के दौरान आगे बैठने को लेकर अजय का कुछ लड़कों से विवाद और हाथापाई हुई थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 में भी इसी तरह डेरे पर जाते समय नहर की पुलिया के पास उस पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसका केस भी दर्ज कराया गया था।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP RA) अतुल कुमार सोनकर और क्षेत्राधिकारी (CO) सुधाकर पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश का है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय को आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि तहरीर मिलते ही विधिक कार्रवाई की जाएगी और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।


रिखणीखाल पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, विभिन्न क्षेत्रों का किया निरीक्षण

जन चौपाल में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, डीएम ने मौके पर दिए समाधान के निर्देश

पौड़ी। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति, जनसमस्याओं के समाधान एवं विभागीय व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने रिखणीखाल विकासखंड का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर, देवियोंखाल, ढाबखाल, मेंदणी सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं की समीक्षा की।

ताड़केश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के उपरांत जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर, धर्मशाला, पेयजल एवं अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के सुझावों पर उन्होंने मंदिर मार्ग को इंटरलॉकिंग टाइल्स से विकसित करने, शौचालय, बेंच एवं साइनेज स्थापित करने तथा श्रद्धालु सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

देवियोंखाल में ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन करते हुए उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। उत्पादों के बेहतर विपणन एवं आवश्यकता पड़ने पर कोल्ड स्टोरेज सुविधा विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

दुर्गम ग्राम मेंदणी में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क, पेंशन, संपर्क मार्ग, विद्यालय उच्चीकरण, सामुदायिक भवन एवं सोलर लाइट से संबंधित समस्याएं रखीं।

जिलाधिकारी ने गांव में ओपन जिम एवं प्रवेश द्वार की स्वीकृति देते हुए कृषि विभाग को घेरबाड़ का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। हर घर नल-हर घर जल योजना से संबंधित शिकायतों पर जल निगम को 10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने, डाबरी में 10 जुलाई तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा रेवा पंपिंग योजना के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। सड़क निर्माण से हुई क्षति की मरम्मत, स्पीड ब्रेकरों पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग एवं संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रिखणीखाल का निरीक्षण कर चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, दवा उपलब्धता, स्वच्छता एवं इमरजेंसी कक्ष की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया। सीएमओ ने एक्सरे सुविधा से संबंधित समस्या का समाधान एक सप्ताह में करने की जानकारी दी।

तहसील रिखणीखाल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र की इंटरनेट कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन तैयारियों, अभिलेखों के डिजिटलीकरण एवं मॉडर्न रिकॉर्ड रूम के विकास को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद आयोजित राजस्व उपनिरीक्षकों की बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फार्मर रजिस्ट्री, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए डिजिटाइजेशन कार्यों में तेजी लाने, जनसुनवाई को नियमित करने तथा शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भ्रमण के दौरान ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत, डीडीओ मनविंदर कौर, एसडीएम शालिनी मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, अर्थ एवं संख्या अधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान अभिषेक वर्मा, जल निगम के अजय बेलवाल, विद्युत विभाग के बेगराज सिंह, लोक निर्माण विभाग के विवेक कुमार, बीडीओ देवेश पंत, ग्रामोत्थान परियोजना अधिकारी कुलदीप बिष्ट, तहसीलदार विद्यादत्त सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


हल्द्वानी में जूते के शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ राख

दमकल ने एक घंटे में पाया काबू

हल्द्वानी। हल्द्वानी के व्यस्त मीरा मार्ग क्षेत्र में देर रात एक जूते के शोरूम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे दुकान में रखा बड़ी मात्रा में सामान जलकर नष्ट हो गया। सूचना मिलने पर दमकल और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

धुआं उठता देख लोगों ने दी सूचना

जानकारी के अनुसार मीरा बाजार स्थित जूते के शोरूम का संचालन उमेर सिद्दीकी द्वारा किया जाता है। रात को दुकान बंद होने के बाद स्थानीय लोगों ने अंदर से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना दुकान स्वामी और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही संबंधित लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया गया।

आसपास की दुकानों को कराया गया खाली

आग तेजी से फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आसपास की दुकानों को खाली करा दिया। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग एकत्र हो गए। बाजार क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बना रहा। दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास करते हुए करीब एक घंटे में आग पर नियंत्रण पाया।

नुकसान का आकलन जारी

अग्निकांड में शोरूम के भीतर रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


सेना में जाने का सपना संजोए इकलौते बेटे ने आधी रात को लगाया फंदा, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के पटलांदर इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र अनि उर्फ मिठ्ठू ने आधी रात को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अनि अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और परिवार उसे भारतीय सेना में भर्ती कराने के सपने संजोए हुए था। इस खौफनाक कदम के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात घर का माहौल पूरी तरह सामान्य था। अनि ने अपनी मां अनिता और पिता बंटी के साथ रात के खाने में उड़द की दाल और चावल खाए थे। खाना खाते समय उसने मुस्कुराते हुए अपने पिता से कहा था कि उड़द की दाल में मक्खन डालने से स्वाद और बढ़ जाता है। पिता को अंदाज़ा भी नहीं था कि बेटे की यह मुस्कराहट और बातें उनकी आखिरी याद बन जाएंगी। आधी रात को जब मां की आंख खुली तो बेटे को फंदे से लटका देख उनकी चीख निकल गई।

अनि के पिता बंटी एक निजी नौकरी में हैं। साल 2007 में शादी के बाद उन्होंने आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दूसरे बच्चे के बारे में नहीं सोचा था ताकि वे अपने इकलौते बेटे को एक बेहतर भविष्य दे सकें। बंटी का सपना था कि उनका बेटा अपने चचेरे भाई की तरह सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। पिता और पुत्र में गहरा लगाव था; दोनों रोज सुबह-शाम सैर करते हुए घंटों पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं बनाते थे। इस घटना ने हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।

इस दुखद घटना पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सक डॉ. संदीप कुमार ने अपनी राय साझा की है। उन्होंने कहा कि बच्चे इस तरह के आत्मघाती कदम अचानक नहीं उठाते, इसके पीछे कोई गहरा मानसिक तनाव हो सकता है। यदि बच्चों के व्यवहार में अचानक कोई बदलाव दिखे, तो अभिभावकों और शिक्षकों को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। बच्चों से खुलकर बात करना और उनकी समस्याओं को समझना बेहद जरूरी है। यदि कोई बच्चा स्कूल के माहौल में सामंजस्य नहीं बैठा पा रहा है, तो काउंसलर की मदद लेनी चाहिए या जरूरत पड़ने पर स्कूल बदलने का विकल्प भी सोचना चाहिए।


श्रद्धा कपूर की नई फिल्म ‘ईठा’ का टीजर रिलीज

फिल्म ‘छावा’ की सफलता के बाद निर्देशक लक्ष्मण उतेकर एक और दमदार कहानी लेकर दर्शकों के सामने आए हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘ईठा’ का आधिकारिक टीजर जारी कर दिया गया है, जिसमें महाराष्ट्र की प्रसिद्ध तमाशा और लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन की झलक देखने को मिलती है। फिल्म में श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका निभा रही हैं और उनका दमदार अंदाज दर्शकों को काफी प्रभावित कर रहा है।

टीजर लीक होने के बाद बढ़ी चर्चा

कुछ समय पहले ‘कॉकटेल 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघरों में ‘ईठा’ का टीजर दिखाया गया था। इसके बाद टीजर के कई दृश्य सोशल मीडिया पर लीक हो गए और तेजी से वायरल होने लगे। श्रद्धा कपूर के लुक और अभिनय को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई। अब निर्माताओं ने फिल्म का आधिकारिक टीजर रिलीज कर दिया है, जिसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

संघर्ष के बीच मंच पर पहुंची ईठा

टीजर में दिखाया गया है कि एक तमाशा कार्यक्रम में दर्शक ईठाबाई के मंच पर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, बैकस्टेज ईठाबाई गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में नजर आती हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका हौसला कमजोर नहीं पड़ता और वह मंच पर प्रस्तुति देने का फैसला करती हैं। यह दृश्य उनके कला के प्रति समर्पण और जुनून को दर्शाता है।

संवादों ने बढ़ाया प्रभाव

टीजर में कई प्रभावशाली संवाद सुनने को मिलते हैं, जो फिल्म की भावनात्मक गहराई को उजागर करते हैं। एक दृश्य में ईठा कहती हैं कि अगर जीवन खत्म भी हो जाए तो वह कला के मंच पर याद की जाना चाहेंगी। वहीं एक अन्य संवाद में उनकी प्रतिभा की तुलना तूफान की ताकत से की जाती है। फिल्म में संघर्ष, साहस और कला के प्रति समर्पण की कहानी को प्रमुखता से दिखाया गया है।

लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

(साभार)


जमीन विवाद में युवक ने चाची, दोस्त और 12 साल के चचेरे भाई को गोलियों से भूना, फिर खुद को भी मारी गोली

बटाला: पंजाब के पुलिस जिला बटाला के अंतर्गत आते थाना सेखवा के गांव मंडी कराल से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मंगलवार देर रात जमीन के विवाद को लेकर एक युवक ने अंधाधुंध फायरिंग कर अपनी चाची, चचेरे भाई और एक दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। तीन लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मनजीत सिंह का अपने ही परिवार के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। मंगलवार देर रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि मनजीत सिंह ने आपा खो दिया और घातक हथियार से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी की चपेट में आने से उसकी चाची हरदीप कौर, उसका दोस्त परगट सिंह और महज 12 साल का मासूम चचेरा भाई हर अमृत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मनजीत सिंह ने घर के रसोई घर (किचन) में जाकर खुद पर भी गोली चला दी, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। गांव में ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल भारी संख्या में मौके पर पहुंचा। पुलिस ने देर रात करीब 1:30 बजे चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए बटाला के सिविल अस्पताल भिजवा दिया। सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर कर्मबीर सिंह ने पुष्टि की है कि चारों को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था। फिलहाल पुलिस ने मौका-ए-वारदात को सील कर दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।


जमीन विवाद में समझौता कराने गए पूर्व सरपंच के भाई की सरेआम गोली मारकर हत्या

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के अंतर्गत आते थाना डेहलों क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक गांव में जमीन के पुराने विवाद में मध्यस्थता (समझौता) कराने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग की दूसरे पक्ष ने बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान सविंदर सिंह उर्फ बिंदर के रूप में हुई है, जो गांव के पूर्व सरपंच के भाई थे। पुलिस ने इस मामले में हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मुख्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मृतक की पत्नी परमजीत कौर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 23 जून को घटित हुई। गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सविंदर सिंह अपने परिचित केवल सिंह और उसके बेटे गोलू के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहां केवल सिंह का अपने भाई मेघ सिंह और उसके परिवार के साथ झगड़ा हो रहा था। सविंदर सिंह एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने और समझौता करवाने का प्रयास कर रहे थे।

परमजीत कौर का आरोप है कि बातचीत के दौरान ही मेघ सिंह, उसका बेटा गोलू, गोपी पंडित का बेटा और करीब चार अन्य अज्ञात लोग अचानक उग्र हो गए। इन लोगों ने जान से मारने की नीयत से घातक हथियारों के साथ सविंदर सिंह पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सविंदर सिंह को उठाकर बेरहमी से जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इसी बीच वहां मौजूद गोपी नामक शख्स ने पिस्तौल निकालकर सविंदर सिंह पर सीधी गोली दाग दी। गोली लगने के बाद सविंदर सिंह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जिसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

वारदात के बाद पुलिस ने सविंदर सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। इस मामले में पुलिस ने मेघ सिंह, गोलू, गोपी और चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। केस की जांच सब-इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


पुरानी रंजिश बनी जानलेवा, लोनी में युवक की चाकू मारकर हत्या

गाजियाबाद/लोनी: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत लोनी के अंकुर विहार थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ विजय विहार कॉलोनी में मंगलवार रात पुरानी रंजिश के चलते एक 24 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जीवन गेट कॉलोनी निवासी आफताब (पुत्र शकील) के रूप में हुई है, जो पेशे से ऑटो चालक था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आफताब का कुछ दिनों पहले विजय विहार कॉलोनी के रहने वाले कुछ युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मंगलवार रात जब आफताब किसी काम से विजय विहार कॉलोनी पहुंचा, तो वहां दूसरे पक्ष के लोग उसे मिल गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और गाली-गलौज होने लगी। विवाद इस कदर बढ़ा कि आरोपियों ने तैश में आकर आफताब पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर जब तक आसपास के लोग इकट्ठा होते, आरोपी मौके का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से खून से लथपथ आफताब को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आफताब की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अंकुर विहार के एसीपी अमरदीप मौर्य ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश सामने आई है। नामजद आरोपी फिलहाल अपने घरों से फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील

बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों पर सख्त कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुनियोजित विकास के लिए सख्त अभियान
भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण के अनुरूप एमडीडीए लगातार कार्रवाई कर रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत संचालित होते पाए गए, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई।

लक्कड़घाट रोड पर व्यावसायिक निर्माण सील
एमडीडीए की कार्रवाई के तहत सबसे पहले लक्कड़घाट रोड स्थित श्रीराम रेजीडेंसी के निकट निर्मल बाग क्षेत्र में अंकित रावत द्वारा कराए जा रहे व्यावसायिक निर्माण का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने मौके पर ही भवन को सील कर दिया।

निर्मल बाग ब्लॉक-बी में भी कार्रवाई
एमडीडीए की टीम ने इसके बाद निर्मल बाग ब्लॉक-बी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-10 में शशि कुमार गौड़ द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण कार्य अनधिकृत पाया गया। प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से उक्त निर्माण को भी सील कर दिया और संबंधित व्यक्ति को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

गुमानीवाला में तीसरा निर्माण हुआ सील
नागराजा मंदिर, गुमानीवाला ऋषिकेश क्षेत्र में साहाब सिंह रमोला द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण पर भी एमडीडीए की नजर पड़ी। निरीक्षण में यह निर्माण भी बिना अनुमति और स्वीकृति के पाया गया। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के तहत बिना स्वीकृत मानचित्र और विकास अनुमति के निर्माण कार्य करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

नागरिकों से नियमों के पालन की अपील
प्राधिकरण ने आम नागरिकों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। इससे न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होगी। एमडीडीए का कहना है कि सुनियोजित और व्यवस्थित शहरी विकास के लिए नियमों का पालन आवश्यक है।

पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, प्रमोद मेहरा, राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंताओं, एमडीडीए की प्रवर्तन टीम तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई। अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत विकास गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऋषिकेश में जिन तीन निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, वे बिना आवश्यक स्वीकृतियों के बनाए जा रहे थे। हमारा उद्देश्य नियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए कानून के दायरे में रहते हुए शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण के दौरान ऋषिकेश में तीन अवैध निर्माणों को चिन्हित कर सील किया गया है। बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि निर्माण शुरू करने से पूर्व नियमानुसार स्वीकृतियां प्राप्त करें। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


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