Wednesday, June 24th, 2026

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पहाड़ों के लिए राशन सुरक्षा कवच

Daily Archives: 24/06/2026

पहाड़ों के लिए राशन सुरक्षा कवच

आयुषी

मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के दूरस्थ और दुर्गम पर्वतीय इलाकों में रहने वाले राशन कार्ड धारकों को 1 जुलाई से जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का तीन माह का राशन अग्रिम रूप से एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में भी किसी भी उपभोक्ता को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े।उत्तराखंड में हर वर्ष मानसून के दौरान कई पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें बंद होने और संपर्क मार्ग बाधित होने की घटनाएं सामने आती हैं।

कई गांवों का मुख्यालयों और बाजारों से संपर्क टूट जाता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस बार मानसून शुरू होने से पहले ही खाद्यान्न भंडारण और वितरण की व्यापक तैयारी पूरी कर ली है।विभागीय अधिकारियों के अनुसार पर्वतीय जनपदों के सुदूर और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में स्थित सरकारी गोदामों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का खाद्यान्न पहले ही पहुंचा दिया गया है।

इन गोदामों में पर्याप्त मात्रा में राशन का भंडारण सुनिश्चित किया गया है ताकि आपदा या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर खाद्यान्न की उपलब्धता बनी रहेराज्य सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े जनपदों को भी विशेष प्राथमिकता दी है। मानसून के दौरान इन क्षेत्रों में यात्रियों और स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए सभी संबंधित गोदामों में शत-प्रतिशत खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। विभाग का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।खाद्य विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अधिकारियों को राशन की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने को कहा गया है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि मानसून को देखते हुए पर्वतीय जनपदों के लिए खाद्यान्न की अग्रिम आपूर्ति की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी गोदामों में तीन माह का राशन पहुंच चुका है और 1 जुलाई से राशन डीलरों के माध्यम से इसका वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

जुलाई माह के भीतर ही पात्र उपभोक्ताओं को तीनों महीनों का राशन उपलब्ध करा दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि विभाग ने संभावित आपदा और आपूर्ति संकट की परिस्थितियों से निपटने के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न का बफर स्टॉक भी सुरक्षित रखा है। आवश्यकता पड़ने पर इस भंडार का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

इससे मानसून के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।सरकार का मानना है कि अग्रिम राशन वितरण की यह व्यवस्था पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए राहत साबित होगी। विशेषकर उन इलाकों में, जहां बरसात के मौसम में कई दिनों तक सड़क संपर्क बाधित रहता है। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार मानसून के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने का प्रयास कर रही है।


सम्मान और संघर्ष: पद्म भूषण के मंच से अलका याग्निक ने शेयर की हेल्थ जर्नी

पूजा भट्ट

भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका अलका याग्निक को उनके शानदार संगीत योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 23 जून को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

हालांकि इस सम्मान के साथ अलका याग्निक का एक और पहलू भी चर्चा में रहा— उनकी सेहत। समारोह के दौरान मंच तक पहुंचते हुए उनका वीडियो सामने आने के बाद फैंस ने उनकी हेल्थ को लेकर चिंता जताई। इसके बाद अलका ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति को लेकर खुलकर बात की।

अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अलका याग्निक ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही हैं, जिसके कारण उन्होंने खुद को सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की नजरों से दूर रखा। उन्होंने लिखा कि इस दौरान फैंस का प्यार, शुभकामनाएं और समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बने।

अलका ने कहा कि पद्म भूषण हासिल करना उनके लिए सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव रहा। उनके अनुसार, यह सम्मान उन सभी लोगों का भी है जिन्होंने उनकी आवाज को अपनाया, उनके गीतों को पीढ़ियों तक पहुंचाया और हर दौर में उनका साथ दिया।

उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन अब वह धीरे-धीरे बेहतर महसूस कर रही हैं और अपने सफर को फिर से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

गायिका ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस सम्मान को पूरे सम्मान और विनम्रता के साथ स्वीकार किया है।

अलका ने लिखा कि यह पल उन्हें याद दिलाता है कि मुश्किल समय में लोगों का प्रेम, विश्वास और साथ कितना मायने रखता है। उन्होंने कहा कि मंच पर पहुंचकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उन्होंने सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि लाखों लोगों का प्यार स्वीकार किया हो।गौरतलब है कि अलका याग्निक ने 2024 में पहली बार सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्हें वायरल संक्रमण के बाद सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस हुआ है। कुछ समय पहले दिए इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया था कि वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई हैं और इसका असर उनके पेशेवर काम पर भी पड़ा है।

अलका याग्निक हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय आवाज़ों में शामिल हैं। ‘टिप टिप बरसा पानी’, ‘ऐ मेरे हमसफ़र’, ‘चांद छुपा बादल में’ और ‘अगर तुम साथ हो’ जैसे कई यादगार गीत उनकी पहचान का हिस्सा हैं।


चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, श्रद्धालु अफवाहों पर न दें ध्यान- हेमंत द्विवेदी

विगत मंगलवार को सोशियल मीडिया तथा ई मेल धमकियों के बाद धामों की सुरक्षा व्यवस्था के बावत बीकेटीसी अध्यक्ष ने डीजीपी से की बातचीत

देहरादून। उत्तराखंड के चारधाम सहित अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की ई मेल तथा सोशियल मीडिया पर मंगलवार से प्रसारित हो धमकियों के बाद प्रदेश सरकार ने सुरक्षा के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ से दूरभाष पर वार्ता कर चारों धामों सहित श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था के बावत चर्चा की।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम एवं श्री केदारनाथ धाम में सुरक्षा के पर्याप्त एवं सुदृढ़ प्रबंध किए गए हैं। पुलिस, आईटीबीपी तथा एसडीआरएफ के जवान पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा भी प्रशासन से समन्वय कर तीर्थयात्रियों का ध्यान रखा जा रहा है। यात्रा मार्गों सहित मंदिर परिसरों की लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया एवं ई-मेल के माध्यम से बम की धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।हेमंत द्विवेदी ने कहा कि चारधाम श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री तथा श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सुचारु रूप से संचालित हो रही है। कहीं भी किसी प्रकार का व्यवधान नहीं है।

उन्होंने प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं यात्रियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन और अधिकृत स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें। कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार एवं प्रशासन तथा बीकेटीसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


एपीके फाइल भेजकर खाते खाली करने वाले साइबर ठग गिरफ्तार, लाखों रुपये और उपकरण बरामद

रामपुर: उत्तर प्रदेश की रामपुर पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पटवाई पुलिस ने सोहना पुल के पास चेकिंग के दौरान एक लग्जरी थार गाड़ी से तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल फोन में खतरनाक एपीके (APK) फाइल भेजकर लोगों का डेटा और बैंक खाता हैक कर लेते थे। पुलिस ने इनके पास से ₹7.5 लाख नकद, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात पटवाई थाना पुलिस को मुखबिर से गाड़ी में साइबर अपराधियों के घूमने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सोहना पुल पर घेराबंदी कर एक थार गाड़ी को रोका। गाड़ी में सवार आरोपियों की पहचान प्रहलाद सिंह (निवासी काशीराम नगर, मुरादाबाद), विवेक कुमार और हरविंदर सिंह (दोनों निवासी ग्राम बेनजीर, रामपुर) के रूप में हुई है।

आरोपियों की कार की तलाशी लेने पर पुलिस को ₹7,50,000 नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम स्वाइप मशीन, 6 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की 6 फर्जी मोहरें, 4 बिल बुक, अलग-अलग बैंकों के 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, 4 पासबुक सहित पासपोर्ट और अन्य जरूरी पहचान पत्र बरामद हुए हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के इस खेल का पूरा तरीका कबूला:

APK फाइल से हैकिंग: आरोपी आकर्षक बहानों और लालच भरे मैसेज के जरिए लोगों के मोबाइल पर एंड्रायड पैकेज किट (APK) फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित इसे डाउनलोड करता, उनका फोन हैक हो जाता था और आरोपी नेट बैंकिंग का एक्सेस हासिल कर लेते थे।

गरीबों के खातों का इस्तेमाल: ठगी की रकम को छिपाने के लिए ये आरोपी गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर करंट और बिजनेस अकाउंट खुलवाते थे।

टैक्स बचाने का बहाना: खाताधारकों को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताते थे और कहते थे कि वे टैक्स बचाने के लिए इन खातों का उपयोग कर रहे हैं। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन खातों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखते थे। यहां तक कि वे ओटीपी (OTP) के लिए संबंधित सिम कार्ड और हस्ताक्षरित चेकबुक भी अपने पास ही रखते थे।

पटवाई थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितने करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है।


शिक्षा विभाग में नये निदेशक के लिये जोर आजमाइश शुरू

30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे प्रभारी निदेशक, आधा दर्जन अपर निदेशकों में मची होड़

देहरादून- विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशालयों में नये निदेशकों की नियुक्ति को लेकर विभागीय स्तर पर कवायद तेज हो गई है। ऐसे में निदेशक पद हासिल करने के लिये विभाग के अंदर दावेदारों में जोर आजमाइश शुरू हो गई है। वर्तमान में दोनों निदेशालयों का संचालन प्रभारी व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। दोनों निदेशालयों का प्रभार अपर निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के पास है, जो आगामी 30 जून को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। ऐसे पांचों अपर निदेशकों की नजर निदेशक की कुर्सी पर है।

हालांकि विभाग के पास वंदना गब्र्याल एक मात्र नियमित निदेशक है, जिन्हें एससीईआरटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गब्र्याल के बाद उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सेमल्टी, अपर निदेशक गजेन्द्र सिंह सोन, कुंवर सिंह रावत, पदमेन्द्र सकलानी तथा परमेन्द्र कुमार वरिष्ठ अधिकारियों की सूची में शामिल हैं। इन पांचों अधिकारियों की निदेशक पद के लिये अभी डीपीसी नहीं हुई है, ऐसे में सरकार व विभागीय मंत्री पर निर्भर करता है वह वंदन गब्र्यालय को अथवा पांचों अपर निदेशक में से किसी दो को प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपेंगे। हालांकि देखा जाय तो लम्बे समय से प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालयों में नियमित निदेशक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। ऐसे में दोनों निदेशालय प्रभारी व्यवस्था के तहत संचालित होने की पूरी संभावना है। सूत्रों की माने तो निदेशक पद पाने के लिये अपर निदेशक पद पर कार्यरत अधिकारियों में लाॅबिंग शुरू हो गई है।

सती मांग रहे सेवा विस्तार, लेकिन विवादों से जुड़ा है नाता
सूत्रों की माने तो वर्तमान में प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ मुकुल सती अपने सेवा विस्तार के लिये पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, जिसके लिये मुख्यमंत्री, मंत्री और शासन से लेकर भाजपा के बड़े नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। हालांकि विभाग में सेवा विस्तार को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। सूत्रों की माने तो डाॅ. सती पर पूर्व में हल्द्वानी के एक अशासकीय विद्यालय में सेवा के दौरान संस्थागत छात्र के रूप में अल्मोड़ा कैम्पस से बीएड की डिग्री हासिल करने का आरोप है जिसकी शासन स्तर पर जांच चल रही है, जिस पर अभी तक शासन द्वारा कोई ठोस निर्णय न लेने का आरोप लगा है। जिसका एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है। लेकिन दूसरी तरफ प्रभारी निदेशक मुकुल सती अपने अधीनस्थों को पूरे आत्मविश्वास से कह रहे हैं कि उन्हें सेवा विस्तार मिलना तय है। यह बात वह किस आधार पर कर रहे हैं किसी के गले में नहीं उतर रही है। पते की बात यह कि कि उन्हें सेवा विस्तार मिले या न मिले लेकिन उनके अधिकतर अधीनस्थ कार्मिक उनकी एकला चलो कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर उनसे जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं।


जौनपुर के सरपतहां में 5 वर्षीय मासूम बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म,आरोपी गिरफ्तार

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपतहां थाना क्षेत्र अंतर्गत सदरुद्दीनपुर गांव से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ मंगलवार देर रात एक शादी समारोह से घर लौट रहे महज 5 साल के मासूम बच्चे को बंधक बनाकर गांव के ही एक व्यक्ति ने अप्राकृतिक दुष्कर्म (पॉक्सो एक्ट के तहत) की वारदात को अंजाम दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले विजय नामक व्यक्ति के घर बारात आई हुई थी। इस मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव का ही एक 5 वर्षीय बच्चा भी गया था। रात करीब 11 बजे तक जब बच्चा घर वापस नहीं लौटा, तो उसकी मां चिंतित होकर उसे ढूंढने निकली, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके कुछ देर बाद मासूम बच्चा रोते-बिलखते हुए अपने घर पहुंचा और आपबीती सुनाई।

पीड़ित बच्चे ने परिजनों को बताया कि जब वह बारात से अपने घर वापस आ रहा था, तभी रास्ते में आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया और उसे जबरन पास के जंगल में ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, किसी को इस बारे में न बताने की हिदायत देते हुए आरोपी ने बच्चे को लात-घूसों से बेरहमी से पीटा भी ताकि वह खामोश रहे।

मासूम की हालत देख परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। बुधवार को परिजनों ने सरपतहां थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी। सरपतहां के थाना प्रभारी कमल किशोर राय ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

स्व. जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में शामिल हुए राजनाथ सिंह और सीएम धामी

देहरादून। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मझौन में प्रसिद्ध निशानेबाज़ एवं पद्मश्री स्व. जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में शामिल होकर स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्गीय जसपाल राणा के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। साथ ही उन्होंने परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की तथा भगवान से इस दुःख की घड़ी में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, खजान दास , सांसद डॉ. महेश शर्मा, अजय भट्ट, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, विधायक पंकज सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


एआई से फर्जी अश्लील वीडियो बनाकर युवती को ब्लैकमेल करने वाला युवक गिरफ्तार

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए साइबर क्राइम और ब्लैकमेलिंग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने अपनी ही पुरानी सहेली की शादी तय होने पर उसे एआई जनित अश्लील (Deepfake) वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने पीड़िता से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रकम न मिलने पर वह वीडियो युवती के मंगेतर को फेसबुक पर भेज दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह दिल्ली-एनसीआर के नोएडा में रहकर पढ़ाई कर रही थी, जहां करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात विलास राज नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। हाल ही में जब युवती के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी, तो विलास राज की नीयत बिगड़ गई और उसने युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

आरोपी विलास राज ने अत्याधुनिक एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर युवती का एक फर्जी अश्लील वीडियो तैयार किया और उसे डराकर 5 लाख रुपये मांगे। डरी-सहमी पीड़िता ने मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी को 1 लाख रुपये दे भी दिए, लेकिन आरोपी बाकी के 4 लाख रुपये के लिए अड़ा रहा। जब युवती ने और पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी विलास राज ने वह डीपफेक वीडियो युवती के मंगेतर के फेसबुक मैसेंजर पर भेज दिया। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी विलास राज को नोएडा से दबोच लिया है।


मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना का असर, उत्तराखंड की सपना राणा को जर्मनी में मिली नर्स की नौकरी

मिलेगा 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को सपना राणा ने मुलाकात की। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने और भाषा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सपना राणा का चयन जर्मनी के हैमबर्ग स्थित शॉन क्लीनिक अस्पताल में नर्स के पद पर हुआ है। उन्हें 3060 यूरो (करीब 3.30 लाख रुपये) प्रतिमाह वेतन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत गठित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वर्तमान में प्रकोष्ठ द्वारा युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के लिए भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक लगभग 65 युवाओं को जापान में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।

कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की अच्छी संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी प्रशिक्षण के बाद टिहरी गढ़वाल की नर्सिंग प्रशिक्षित युवती सपना राणा का जर्मनी में नर्स के रूप में चयन हुआ है। सपना राणा ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, पोखाल (टिहरी गढ़वाल) से तथा नर्सिंग की पढ़ाई स्टेट नर्सिंग कॉलेज, देहरादून से पूरी की है। राज्य सरकार की योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें हैमबर्ग स्थित शॉन क्लीनिक अस्पताल में नियुक्ति मिली है।

इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर भी मौजूद रहे।


हाईवे पर साधु का भेष बनाकर डॉक्टरों और वाहन चालकों को लूटने वाला शातिर आरोपी यमुनानगर पुलिस की गिरफ्त में

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर में हाईवे पर लोगों की धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर ठगी और स्नेचिंग करने वाले एक शातिर अपराधी को स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी कोई असली साधु नहीं, बल्कि दढ़वा की डेहा बस्ती का रहने वाला अमीरचंद है। पुलिस के मुताबिक, यह आरोपी हाईवे पर साधु का भेष धारण कर खड़ा हो जाता था और पानी मांगने के बहाने आलीशान गाड़ियों को रुकवाकर स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देता था।

यह पूरा मामला 14 जून का है, जब पंचकूला के रहने वाले एक डॉक्टर अपनी कार से किसी निजी काम के लिए देहरादून जा रहे थे। जैसे ही वह करेड़ा खुर्द हाईवे के पास पहुंचे, उन्हें सड़क किनारे साधु के भेष में एक व्यक्ति दिखाई दिया। आरोपी ने प्यास लगने का नाटक कर डॉक्टर से पानी मांगा। डॉक्टर ने इंसानियत के नाते गाड़ी रोकी, लेकिन आरोपी ने उन्हें अपनी बातों के जाल में उलझा लिया। मौका मिलते ही आरोपी डॉक्टर के गले से सोने की चेन झपटकर हाईवे पार कर रफूचक्कर हो गया। डॉक्टर जब तक कुछ समझ पाते, आरोपी आंखों से ओझल हो चुका था।

पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। जांच के दौरान स्पेशल सेल की टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक बैंक कॉलोनी मोड़ के पास घूम रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाकर मौके से आरोपी को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में उसकी पहचान अमीरचंद (पुत्र तालाब नाथ) के रूप में हुई।

स्पेशल सेल के प्रभारी रमन चंदेल ने बताया कि आरोपी अमीरचंद ने डॉक्टर के साथ की गई स्नेचिंग की वारदात को कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने साधु के भेष में अब तक हाईवे पर और कितने वाहन चालकों को अपना शिकार बनाया है और छीनी गई चेन को कहाँ ठिकाने लगाया है।


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