Friday, June 26th, 2026

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बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र आम जनता के लिए खोले जाने की तैयारी

Daily Archives: 26/06/2026

बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र आम जनता के लिए खोले जाने की तैयारी

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं सही इतिहास के दस्तावेजीकरण पर डीएम ने दिया जोर

बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बागनाथ संग्रहालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं अवशेष कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संग्रहालय में स्थापित प्रत्येक प्रतिमा के साथ उसका विस्तृत परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं धार्मिक महत्व स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए, ताकि आगंतुकों को सही एवं प्रामाणिक जानकारी प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों का संरक्षण तभी सार्थक है, जब उनका इतिहास भी सही स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचे। उन्होंने प्रतिमाओं एवं अन्य प्रदर्शित सामग्री से संबंधित तथ्यों का विशेषज्ञों के माध्यम से सत्यापन कर प्रामाणिक जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संग्रहालय की सराहना करते हुए इसे जनपद की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संग्रहालय से संबंधित सभी अवशेष कार्य एवं आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर संग्रहालय को जल्द से जल्द आम जनता के लिए खोला जाए।

ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत लगभग 66.90 लाख रुपये की लागत से संग्रहालय का निर्माण किया गया है। संग्रहालय में हिंदू धर्म के विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को प्रदर्शित करती हैं।


बीएलओ और फ़ील्ड स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

फ़ील्ड स्टाफ से अभद्रता करने वाले असमाजिक तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई करें जिलाधिकारी- सीईओ

देहरादून। जनपद देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में जुटे बूथ लेवल अधिकारी के साथ हुई अभद्रता पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सख्त रूख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर किसी BLO के साथ असमाजिक तत्वों द्वारा अभद्रता जैसे मामले सामने आते हैं तो उसपर कड़ा एक्शन लिया जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य गतिमान है। ऐसे में बूथ लेवल ऑफिसर कठिन परिश्रम के साथ इस कार्य को कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि BLO के साथ असमाजिक तत्वों द्वारा अभद्रता जैसे मामले फ़ील्ड स्टाफ के मनोबल को गिराने का कार्य करते है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि सभी नागरिक, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में तैनात बीएलओ और फ़ील्ड स्टाफ का सहयोग करें ।


मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 42 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में वाह्य एवं आन्तरिक मार्गाे के निर्माण कार्य, सौन्दर्यीकरण कार्य, आपदा राहत आदि विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ₹ 42 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ की विधानसभा धारचूला के अन्तर्गत ग्राम सभा बौन में श्री हयॉ गुरु देव व गैरेंग मंदिर सौन्दर्यीकरण व चार दीवारी निर्माण हेतु ₹ 85.00 लाख तथा विधानसभा सल्ट हेतु कुलान्टेश्वर महादेव के मेला स्थल के सौन्द्रर्यीकरण हेतु ₹ 50.08 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार की विधानसभा पिरान कलियर हेतु मेवड़ नागड़ के श्मशान घाट में बाउण्ड्रीवॉल के निर्माण हेतु ₹ 16.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून अन्तर्गत दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों को ग्राम मझाडा/कार्लीगाड के 14 प्रभावित परिवारों को सुरक्षा की दृष्टि से अन्यत्र किराये के भवन में रखे जाने का प्रतिमाह ₹ 4000 की दर से 06 माह के भुगतान हेतु ₹ 3.36 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधान सभा क्षेत्र किच्छा के नगला, लालपुर मोटर मार्ग से इंदर पुर (अम्बेडकर कालौनी) तक मार्ग का प्रीमिक्स कार्पेट द्वारा पुनः निर्माण हेतु ₹ 85.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय भवनों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट संयत्र (5.5 मेगावाट क्षमता) स्थापित किये जाने हेतु ₹ 35.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 14.10 करोड़ तथा विभिन्न जनपदों के सार्वजनिक स्थलों पर सोलर स्ट्रीट लाईट एवं सोलर हाई मास्ट संयत्रों की स्थापना हेतु ₹ 38.00 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 15.20 करोड स्वीकृत किये जाने के साथ ही उरेडा के अन्तर्गत शासकीय भवनों पर सोलर वाटर हीटर संयंत्रों की स्थापना हेतु ₹ 6.76 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 2.70 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला के आदि कैलाश मंदिर में वाह्य रास्ते एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹ 3.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधान सभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत टनकपुर एवं बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में 10-10 किमी. आन्तरिक मार्गाे के निर्माण हेतु ₹ 4.38 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


कांगड़ा में नशे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पंजाब के दो युवक 5.97 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार

धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश): जिला कांगड़ा पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गगल क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने यातायात जांच (ट्रैफिक चेकिंग) के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार पंजाब के रहने वाले दो युवकों को 5.97 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, 25 जून को गगल थाना पुलिस की एक टीम कुठमा के पास गश्त और रूटीन नाकाबंदी पर थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक मोटरसाइकिल को चेकिंग के लिए रोका गया। जब पुलिस टीम ने बाइक सवार दोनों युवकों की तलाशी ली, तो उनके कब्जे से 5.97 ग्राम प्रतिबंधित चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त कर दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय हरपाल सिंह और 34 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी पंजाब के गुरदासपुर जिले की डेरा बाबा नानक तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव चौड़ा वाजवा के निवासी हैं।

एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि आरोपी यह खेप कहां से लेकर आए थे और हिमाचल में इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे नशे की तस्करी से जुड़ा कोई बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है।


एक करोड़ की चोरी के दो फरार आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, दोनों भाइयों के पैर में लगी गोली

कैथल (हरियाणा): हरियाणा के कैथल जिले के चीका क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपये की बड़ी चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान पंजाब के बठिंडा जिले (मौड़ मंडी) निवासी सोहन और धर्मबीर के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डीएसपी सुशील कुमार के मुताबिक, पुलिस को इन मोस्ट वांटेड बदमाशों की क्षेत्र में मौजूदगी की सटीक इनपुट मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे मौके पर ही ढेर हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।

यह दोनों आरोपी चीका में हुई एक करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी की वारदात के बाद से ही लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे और फरार चल रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की हालत में सुधार होने के बाद उनसे गहनता से पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से न सिर्फ चीका चोरी का माल बरामद होगा, बल्कि अन्य कई अंतरराज्यीय आपराधिक मामलों का भी खुलासा हो सकता है।


​85 वर्षीय बुजुर्ग माता के उत्पीड़न पर सख्त हुआ राज्य महिला आयोग

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने ‘वीडियो’ का संज्ञान ले एसपी पौड़ी को दिए जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश

​देहरादून/कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक बुजुर्ग महिला के प्रताड़ना संबंधी वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। वीडियो में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला को रोते-बिलखते और अपने ही परिजनों द्वारा किए जा रहे अमानवीय व्यवहार की दास्ताँ सुनाते देख अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल पुलिस अधीक्षक पौड़ी को दूरभाष पर निर्देशित किया कि मामले की पूरी गंभीरता के साथ जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनन कठोर कार्रवाई की जाए और बुजुर्ग महिला को त्वरित न्याय दिलाया जाए।

​मामला कोटद्वार के पूर्वी झंडीचौड़ (जशोधरपुर चौकी क्षेत्र) का है, जहां 85 वर्षीय वृद्ध माता कुश्मा देवी अपने ही सगे छोटे बेटे और बहू द्वारा गंभीर रूप से प्रताड़ित की जा रही हैं। जिसमें उनके द्वारा उनके विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उनकी पेंशन की जमा पूंजी से खरीदी गई जमीन पर बने मकान में रहने के बावजूद, उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट की जा रही है, तथा उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। बुजुर्ग माता ने स्थानीय पुलिस पर भी पूर्व में शिकायत करने के बाद भी उचित सुनवाई न करने और अपराधियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।

​मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा ​”वृद्ध माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की नींव और धरोहर हैं। देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति में बुजुर्गों का स्थान सर्वोपरि है, और किसी भी बुजुर्ग माता के साथ इस प्रकार का अमानवीय और अमर्यादित व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माता-पिता अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी और स्नेह बच्चों पर न्यौछावर कर देते हैं, और बुढ़ापे के इस नाजुक मोड़ पर उन्हें इस तरह असहाय छोड़ना या प्रताड़ित करना एक अक्षम्य अपराध है।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले को महज ‘जमीन का आपसी विवाद’ बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता। आयोग पीड़ित महिला के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। आयोग के अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल को कहा है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जो समाज में एक कड़ा संदेश दे। मामले में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007′ के तहत त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की गई है ताकि बुजुर्ग माता को जीवन के इस पड़ाव में पूर्ण सुरक्षा, मानसिक शांति और सम्मान मिल सके।


चार हजार रुपये की लूट के लिए बुजुर्ग की हत्या, बेगमपुर में तीन नाबालिग गिरफ्तार

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली के बेगमपुर इलाके में सिर्फ चार हजार रुपये लूटने के लिए नाबालिगों के एक गुट द्वारा 60 साल के बुजुर्ग की चाकू से गोदकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान शाहबाद डेयरी निवासी राजेश के रूप में हुई है, जो प्रताप विहार की एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है और उनके पास से वारदात में इस्तेमाल दो चाकू बरामद किए हैं। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन चाकुओं को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से मंगवाया गया था।

रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) शशांक जायसवाल के मुताबिक, 23 जून की रात बेगमपुर थाना पुलिस को पंसाली रोड पर एक बुजुर्ग के लहूलुहान पड़े होने की सूचना मिली थी। पीसीआर कर्मियों ने तुरंत उन्हें आंबेडकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुजुर्ग की कमर के पास चाकू फंसा हुआ मिला था। राजेश रोज़ाना की तरह फैक्टरी से काम खत्म करके साइकिल से अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जब सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली, तो इलाके के ही तीन नाबालिगों के नाम सामने आए। पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में एक की उम्र 17 साल और दो की उम्र 15 साल है। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की लत को पूरा करने के लिए पैसों के इंतजाम के इरादे से उन्होंने लूटपाट की इस योजना को अंजाम दिया था। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि नाबालिगों तक ऑनलाइन माध्यम से हथियार कैसे डिलीवर हुए।


दिल्ली में घरेलू विवाद बना जानलेवा, पति ने पत्नी को गोली मारकर उतारा मौत के घाट

नई दिल्ली: राजधानी के दक्षिणी जिले के तिगड़ी थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है। संगम विहार इलाके में बृहस्पतिवार रात आर्थिक तंगी को लेकर हुए झगड़े के बाद एक पति ने अपनी 38 वर्षीय पत्नी कविता की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया।

पुलिस के मुताबिक, संगम विहार (अमृता पब्लिक स्कूल के पास) निवासी आरोपी शुभम गहलोत एक प्राइवेट कंपनी में फाइनेंस का काम करता है। कविता और शुभम की शादी महज डेढ़ साल पहले हुई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि घर में पैसों की किल्लत के कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बृहस्पतिवार शाम जब शुभम दफ्तर से घर लौटा, तो दोनों में एक बार फिर बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर शुभम ने अपनी पत्नी पर पिस्टल से दो-तीन राउंड फायरिंग कर दी, जिससे कविता की मौके पर ही मौत हो गई।

आसपास के पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची तिगड़ी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्राइम और फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का मुआयना कर वहां से दो-तीन खाली कारतूस समेत कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपी शुभम की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक के पास अवैध हथियार कहां से आया।


महिला चिकित्सकों के सशक्तिकरण की नई पहल, एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ CAR मॉड्यूल

देहरादून- इस पहल के लिए एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज उत्तराखंड में प्रथम स्थान पर आईएपी प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान के अंतर्गत एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, देहरादून में कार माॅडयूल पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा के मार्गदर्शन में तथा इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, देहरादून शाखा के सहयोग से आयोजित की गई।

इस कार मॉड्यूल की राज्य समन्वयक डॉ. अल्पा गुप्ता, प्रोफेसर, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज थीं। कार मॉड्यूल की राष्ट्रीय संकाय सदस्य डॉ. मधु रतूड़ी, डॉ. संगीता लोढ़ा, डॉ. गीता खन्ना एवं डॉ. अल्पा गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं जैसे सुरक्षा एवं आत्मरक्षा, सक्रिय जीवनशैली तथा मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

इस कार्यशाला में 45 एमबीबीएस छात्राओं ने भाग लिया। यह कार मॉड्यूल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के माध्यम से स्वयं की देखभाल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।

इस अवसर पर डॉ. अजय आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि औपचारिक चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ ऐसे प्रशिक्षण महिला चिकित्सकों में कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं आत्मविश्वास की भावना विकसित करने में सहायक होंगे।

डॉ. विशाल कौशिक, विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग, एसजीआरआरआईएमएचएस ने कार (किक स्टार्ट सेल्फ डिफेन्स, एक्टिव लाइफस्टाइल एंड रेजिलिएंट माइंडसेट) कार मॉड्यूल से जुड़े सभी गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. जी.डी.एस. बजाज, डॉ. नीरुल पंडिता, डॉ. बिंदु अग्रवाल, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. आशीष सेठी, डॉ. मोनिका, डॉ. श्रुति, डॉ. प्रेमिला तथा डॉ. तन्वी भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।


एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए अवैध निर्माण पर चली सीलिंग की कार्रवाई

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और नियमों के विपरीत विकसित की जा रही परियोजनाओं के खिलाफ अपना अभियान लगातार जारी रखते हुए गुरुवार को ऋषिकेश क्षेत्र में एक बड़े अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया और स्पष्ट किया कि भविष्य में भी विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एमडीडीए के अनुसार, उपेन्द्र कुमार, निवासी स्थल रूद्र ऑटोमोबाइल, निकट भरत विहार, मेन हरिद्वार रोड, ऋषिकेश, द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि निर्माण न केवल स्वीकृत नक्शे से विचलित था, बल्कि सेटबैक (Setback) क्षेत्र को भी प्रभावित करते हुए निर्माण किया गया था, जो भवन निर्माण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों ने संबंधित पक्ष को नियमों के पालन के लिए पूर्व में निर्देश भी दिए थे, लेकिन आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम, अभियंता और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

एमडीडीए ने दोहराया कि देहरादून और ऋषिकेश सहित पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना अनुमति के व्यावसायिक निर्माण और स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण कार्यों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर सीधी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुनियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। स्वीकृत मानचित्र से हटकर निर्माण करना और सेटबैक जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं का उल्लंघन करना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और शहर के संतुलित विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग और नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। सभी नागरिकों और भवन स्वामियों से अपील है कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र का पूर्ण पालन करें।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान

प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है। जहां भी स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेटबैक का अतिक्रमण या अन्य निर्माण नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार सीलिंग एवं अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। सभी निर्माणकर्ताओं से अनुरोध है कि नियमों का पालन कर अनावश्यक कार्रवाई से बचें।


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