Friday, June 26th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

धार्मिक शिक्षा का नया अध्याय

Daily Archives: 26/06/2026

धार्मिक शिक्षा का नया अध्याय

आयुषी

उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जल्द ही धार्मिक शिक्षा का एक नया और व्यवस्थित पाठ्यक्रम लागू किया जा सकता है। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने कक्षा 1 से 8 तक के लिए धार्मिक शिक्षा का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। हालांकि, इसे अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों, धर्मगुरुओं और शिक्षा विशेषज्ञों की राय ली जा रही है, ताकि पाठ्यक्रम को अधिक प्रभावी, संतुलित और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप बनाया जा सके।इसी कड़ी में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य ऐसा धार्मिक शिक्षा पाठ्यक्रम तैयार करना है, जो विद्यार्थियों को केवल धार्मिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराए।डॉ. गांधी ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने से पहले समुदाय के लोगों और धर्मगुरुओं के सुझाव लिए जा रहे हैं। उनका कहना था कि किसी भी पाठ्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज की भागीदारी बेहद जरूरी होती है। बैठक में मिले सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा और आवश्यक संशोधन के बाद ही अंतिम पाठ्यक्रम जारी किया जाएगा।प्राधिकरण ने इस पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के ढांचे के अनुरूप तैयार किया है।

इसके तहत कक्षा 1 से 2 तक के विद्यार्थियों को आधारभूत स्तर, कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों को प्रारंभिक स्तर और कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को मध्य स्तर में शामिल किया गया है। प्रत्येक स्तर पर बच्चों की आयु, मानसिक विकास और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए विषयवस्तु तैयार की गई है, ताकि धार्मिक शिक्षा उनके व्यक्तित्व विकास का भी माध्यम बन सके।इस प्रस्तावित पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मूल्यांकन प्रणाली होगी। विद्यार्थियों की पारंपरिक लिखित परीक्षा नहीं होगी। इसके बजाय मौखिक प्रश्नोत्तर, चित्र प्रस्तुति, विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से उनका मूल्यांकन किया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि इससे बच्चों में विषय के प्रति रुचि बढ़ेगी और परीक्षा का अनावश्यक दबाव भी कम होगा।बैठक के दौरान उपस्थित धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे।

कई प्रतिभागियों ने पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, सामाजिक समरसता, सेवा भावना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विशेष रूप से शामिल करने पर जोर दिया। प्राधिकरण ने सभी सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।बैठक में दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डीएस मान, डीएस बिंद्रा, जसवीर कौर, सुंदर सिंह चौहान, डॉ. दलजीत कौर, दयाल एम. लाल, अवतार सिंह चावला, मोहम्मद सलीम, मोहन सिंह सहित विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधि और धर्मगुरु मौजूद रहे।धार्मिक शिक्षा के इस प्रस्तावित पाठ्यक्रम को राज्य के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में लागू करने से पहले सभी प्राप्त सुझावों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद संशोधित ड्राफ्ट को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। यदि यह पाठ्यक्रम लागू होता है, तो उत्तराखंड में पहली बार कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए धार्मिक शिक्षा का एक मानकीकृत और संरचित पाठ्यक्रम उपलब्ध होगा, जो नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक शिक्षा और नैतिक मूल्यों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: जांच में सामने आए नए तथ्य, निगरानी व्यवस्था पर उठे

पूजा भट्ट

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। मामले की शुरुआती पड़ताल में कुछ ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिन्होंने मंदिर परिसर में चढ़ावे की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां चढ़ावे के संग्रह, रखरखाव और गिनती से जुड़े पूरे सिस्टम की समीक्षा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में लगे निगरानी तंत्र और आंतरिक प्रक्रियाओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किसी स्तर पर कोई लापरवाही या अनियमितता हुई या नहीं।

प्रारंभिक जानकारी के आधार पर संबंधित कर्मचारियों और व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि चढ़ावे की सुरक्षा के लिए तय प्रक्रिया का पालन किस हद तक किया गया और कहीं किसी स्तर पर रिकॉर्ड व वास्तविक संग्रह में अंतर तो नहीं आया।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी चर्चा तेज हो गई है। श्रद्धालुओं की ओर से भी मांग उठ रही है कि चढ़ावे के प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित तथा तकनीक आधारित बनाया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की आशंका को रोका जा सके।

मंदिर प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर किसी तरह का असर न पड़े।

फिलहाल जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


फोन हैक कर किसान के खाते से उड़ाए 2.37 लाख रुपये, साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

जींद (हरियाणा): हरियाणा के जींद जिले में साइबर ठगों द्वारा एक किसान का फोन हैक कर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये उड़ाने का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मोहम्मद खेड़ा गांव के रहने वाले पीड़ित किसान सहदेव के खाते से ठगों ने बिना किसी ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण के 2 लाख 37 हजार रुपये साफ कर दिए। साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

साइबर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में किसान सहदेव ने बताया कि 6 जून को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। जैसे ही उन्होंने कॉल रिसीव की, उनका मोबाइल अचानक बंद (क्रैश) हो गया। कुछ देर बाद उन्होंने फोन को दोबारा रीस्टार्ट किया, लेकिन किसी बड़ी गड़बड़ी की आशंका न होने के कारण उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

मामले का खुलासा 10 जून को हुआ, जब सहदेव किसी काम से बैंक से पैसे निकालने पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 2,37,000 रुपये दूसरे अनजान बैंक खातों में ट्रांसफर हो चुके हैं। पीड़ित किसान का कहना है कि इस धोखाधड़ी के दौरान उनके फोन पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही उन्होंने किसी के साथ अपना पिन या खाता नंबर साझा किया था। साइबर थाना प्रभारी जगदीप ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन रूट व कॉल डेटा के आधार पर ठगों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।


पांवटा साहिब सीमा पर स्थिति सामान्य, प्रशासन और निहंग समुदाय के बीच सकारात्मक वार्ता जारी

देहरादून- पंजाब से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर आने का प्रयास कर रहे निहंग सिख समुदाय के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बीच शुक्रवार को पांवटा साहिब सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य बनी हुई है। प्रशासन एवं पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने शुक्रवार को उत्तराखंड की प्रवेश सीमा पांवटा साहिब पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

पांवटा साहिब सीमा पर पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। देहरादून आने-जाने वाले वाहनों की सघन निगरानी एवं जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ गुरुद्वारा पांवटा साहिब में सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता जारी है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है और प्रत्येक गतिविधि पर प्रशासन एवं पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी संवाद के माध्यम से स्थिति को पूर्णतः सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि सीमा क्षेत्र सहित सभी संभावित प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल की प्रभावी तैनाती कर नाकेबंदी की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।


20 साल का इंतजार खत्म: रामदयालपुर में इंटरलॉकिंग टाइल्स मार्ग का लोकार्पण

कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने वार्ड संख्या 35 त्रिलोकपुर के ग्राम रामदयालपुर में नवनिर्मित इंटरलॉकिंग टाइल्स मार्ग का क्षेत्रवासियों की मौजूदगी में लोकार्पण किया। करीब 20 वर्षों से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों का इंतजार अब समाप्त हो गया है।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जंगल से सटे क्षेत्र होने के कारण लंबे समय तक मार्ग निर्माण में बाधाएं आती रहीं, लेकिन लगातार प्रयासों और सरकार की जनहित की प्रतिबद्धता से यह बहुप्रतीक्षित कार्य पूरा हो सका है। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि इस मार्ग के बनने से ग्राम रामदयालपुर के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही सिडकुल ग्रोथ सेंटर आने-जाने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों को भी बेहतर एवं सुरक्षित संपर्क मार्ग मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में भी वर्षों से लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है।

लोकार्पण कार्यक्रम में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शशिबाला केष्टवाल, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, विधायक प्रतिनिधि प्रमोद केष्टवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


पंतनगर विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ, कृषि के भविष्य और नवाचार पर हुआ मंथन

पंतनगर : पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंतनगर को हरित क्रांति की पावन भूमि बताते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय ने देश को वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, कृषि उद्यमी और उत्कृष्ट मानव संसाधन दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज करीब 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है और कृषि क्षेत्र में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का संगम है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, घटते जलस्तर, मिट्टी के स्वास्थ्य और कृषि की नई चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को जरूरी बताया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से पौधरोपण करने की अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और विशेषज्ञता को उत्तराखंड के विकास से जोड़ें। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय सिर्फ एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि देश की हरित क्रांति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

मुख्यमंत्री ने कृषि, अनुसंधान, स्टार्टअप, नवाचार और युवाओं के मार्गदर्शन में पूर्व छात्रों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि एआई, ड्रोन तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि जैसे क्षेत्रों में युवाओं को नई दिशा देने की जरूरत है।

सीएम धामी ने पर्वतीय कृषि की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि छोटे खेत, पलायन, जंगली जानवरों से नुकसान और बाजार की सीमाओं जैसी समस्याओं का समाधान ज्ञान, अनुसंधान और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

उन्होंने पूर्व छात्रों से जैविक खेती, कृषि प्रसंस्करण और कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग देने की अपील की।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने पंतनगर संग्रहालय व स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया और धान की रोपाई में भी हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पूर्व छात्र मौजूद रहे।


अवैध संबंधों के विवाद का खौफनाक अंत, गला घोंटकर नौकरानी की हत्या, फिर जहर खाकर की आत्महत्या

पटियाला (पंजाब): पंजाब के पटियाला जिले में शंभू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सलेमपुर सेखां में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 35 वर्षीय नौकरानी की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान जगजीत सिंह उर्फ कौता (58) और अकी कौर (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी जगजीत सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले के जांच अधिकारी और थाना शंभू के एएसआई भान सिंह के मुताबिक, सलेमपुर सेखां निवासी जगजीत सिंह और अकी कौर का पति अंबर सिंह दोनों एक साथ भैंसों की खरीद-फरोख्त का कारोबार करते थे। इसी वजह से दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले करीब चार साल से जगजीत सिंह और अकी कौर के बीच प्रेम संबंध थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं और जगजीत को शक था कि अकी कौर का झुकाव अन्य पुरुषों की तरफ हो रहा है। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता रहता था।

रंजिश के चलते 23 जून को जगजीत सिंह ने अकी कौर को अपने घर के बाथरूम में ले जाकर गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद जगजीत ने खुद भी कोई जहरीली चीज खा ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब जगजीत की गोद ली हुई बेटी अपने ससुराल का एक विवाद सुलझाकर घर वापस लौटी। उसने बाथरूम में अकी कौर और बाहर अपने पिता का शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले के हर पहलू की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।


इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली

राज्य बनने के बाद पहली बार पांच मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली का निर्यात

पिथौरागढ़ की तीन सहकारी समितियों ने किया था प्रोडक्शन

आने वाले दिनों में 30 टन मछली सप्लाई करने की तैयारी

देहरादून। राज्य निर्माण के बाद पहली बार उत्तराखंड की मछली इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची हैं। पिथौरागढ़ जिले की तीन सहकारी समितियों ने राज्य सरकार के सहयोग से नेपाल को पांच मीट्रिक टन मछलियां सप्लाई की हैं। अच्छी खबर ये भी है कि उत्तराखंड आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछलियों के निर्यात की तैयारी कर रहा है।
राज्य सचिवालय के मीडिया सेंटर में शुक्रवार को मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रेस काॅफ्रेंस में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ के धारचूला एवं मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य जीवी सहकारी समितियों ने ये मछलियां तैयार की थीं। कोल्ड-चेन बनाए रखते हुए मछली को गुजरात के वेरावल भेजा गया, जहां प्रसंस्करण के बाद 23 जून 2026 को नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका सफलतापूर्वक निर्यात किया गया। इससे 33 मत्स्य पालकों को लगभग ₹23.50 लाख की आय प्राप्त हुई है।
कैबिनेेट मंत्री के अनुसार-उत्तराखंड के इस पहले निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग एवं परिवहन के लिए ₹5.40 लाख की गैप फंडिंग सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि दुबई में आयोजित गल्फ फूड एक्सपो के दौरान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों एवं हितधारकों से स्थापित संपर्को का यह सकारात्मक परिणाम है। विभाग अब यूरोप, मध्य-पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य बाजारों में भी निर्यात की संभावनाओं पर कार्य कर रहा है। इस क्रम में आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछली का निर्यात विदेशों में किए जाने की तैयारी की जा रही है।

धामी सरकार की नीति से सकारात्मक परिवर्तन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खोलने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस संबंध में धामी सरकार की नीति से सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं। मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के अनुसार-मत्स्य पालकों को विपणन सहायता उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2024 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ एमओयू किया गया, जिसके अंतर्गत अब तक ₹2.10 करोड़ मूल्य की 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है।

मत्स्य क्षेत्र का दायरा बढ़ा, निरंतर हो रही प्रगति

राज्य में मत्स्य क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है। विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि वर्ष 2022 तक जहां राज्य में मात्र 10,011 मत्स्य पालक थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 15,657 हो गई है। इनमें 3,584 महिला मत्स्य पालक शामिल हैं। मत्स्य उत्पादन वृद्धि दर वर्ष 2012-17 में जहां मात्र दो प्रतिशत थी, वह बढ़कर वर्ष 2022-26 में 11 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2026-27 में राज्य अंतर्गत 11,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य लगभग ₹165 करोड़ है।

विभाग का बजट भी बढ़ा, नौकरी के अवसर भी

बहुगुणा के अनुसार, मत्स्य विभाग का वार्षिक बजट वर्ष 2021-22 में ₹55.76 करोड़ से बढ़ कर वर्ष 2026-27 में ₹261.41 करोड़ हो गया है। पिछले चार वर्षों में मत्स्य पालन क्षेत्र में 5,646 मत्स्य पालकों हेतु स्वरोजगार के अवसर सृजित किए गए। विभाग में 33 नियमित नियुक्तियां की गई हैं।

सरकार की योजनाएं हो रहीं गेम चेंजर साबित

मत्स्य पालन मंत्री ने कहा कि सरकार के स्तर पर शुरू की गईं नवीन ट्राउट प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना आदि के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे है। मत्स्य क्षेत्र वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था के तीव्र गति से विकसित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक बन चुका है। साथ ही, ग्रामीण आजीविका, रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रेस काॅफ्रेंस में निदेशक मत्स्य चंद्र सिंह धर्मशक्तू भी उपस्थित रहे।


दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी सफलता, मकोका का फरार गैंगस्टर शब्बीर अली गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और यमुनापार इलाके में आतंक का पर्याय बन चुके एक बड़े संगठित अपराध गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका – MCOCA) के तहत वांछित गैंगस्टर शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी को दबोच लिया है। वह अप्रैल 2025 से ही मकोका के एक मामले में लगातार फरार चल रहा था।

विशेष प्रकोष्ठ के पुलिस उपायुक्त (DCP) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि खुफिया सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण (टेक्निकल सर्विलांस) की मदद से जाल बिछाकर आरोपी शब्बीर चौधरी को 14 जून को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से एक कार और एक स्कूटी भी बरामद की है। इस मकोका मामले में शामिल गिरोह के नौ अन्य सदस्यों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ‘शब्बीर चौधरी-हाशिम बाबा-अनवर चाचा गिरोह’ का मुख्य सरगना है। यह सिंडिकेट मुख्य रूप से दिल्ली के सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय है। गिरोह रंगदारी (उगाही), हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन जमीन कब्जाने जैसे दर्जनों जघन्य अपराधों को अंजाम दे चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह के तार नेपाल और दुबई से भी जुड़े हैं, जहां से इसकी अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला शब्बीर चौधरी 1990 के दशक के मध्य में अपराध की दुनिया में उतरा था। साल 2008 में अपने भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद वह और अधिक हिंसक हो गया। जेल में रहने के दौरान वह हाशिम बाबा और अनवर खान उर्फ चाचा जैसे खूंखार अपराधियों के संपर्क में आया और अपना खुद का मजबूत सिंडिकेट खड़ा कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और छिपे हुए ठिकानों का पता लगा रही है।


134 ग्राम चरस के साथ नशा तस्कर गिरफ्तार, दून पुलिस की कार्रवाई

देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को साकार करने और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

थाना सेलाकुई पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान सारना नदी के पुल के पास से एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से 134 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद लतीफ पुत्र तसलीम अहमद, निवासी कुंवरपुर, थाना किला, जनपद बरेली (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी छोटा रामपुर, थाना सहसपुर, देहरादून के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सेलाकुई में मुकदमा अपराध संख्या 83/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

बरामदगी:

134 ग्राम अवैध चरस

पुलिस टीम:

उपनिरीक्षक सुमेर सिंह

कांस्टेबल सुधीर कुमार

कांस्टेबल सोहन


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp