Tuesday, June 23rd, 2026

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समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास करने वालों के खिलाफ की जाएगी कानूनी कार्रवाई- सीएम

Daily Archives: 23/06/2026

समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास करने वालों के खिलाफ की जाएगी कानूनी कार्रवाई- सीएम

देहरादून। कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं के बाद उपजे विवाद और सिख समुदाय की नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने एक ओर चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही, वहीं सिख प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया।

सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है तथा यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई घटनाओं के संबंध में सरकार, प्रशासन और पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी तथ्यों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में स्थित हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब जैसे पवित्र स्थलों पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और सभी धर्मों तथा आस्थाओं का सम्मान करना राज्य की संस्कृति का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं प्रसारित करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और आपसी विश्वास के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान संभव है।

इस बीच दिल्ली से आए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर 16 जून की घटना और उसके बाद चमोली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सिख समुदाय की चिंताओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल में महासचिव जसदीप सिंह कालू, भूपिंदर सिंह पुन्ना, सुखविंदर सिंह बब्बर और इंदरजीत सिंह मोंटी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था तो कानून के अनुसार दोनों पक्षों पर समान और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की, युवकों के साथ लॉकअप में दुर्व्यवहार किया गया और सिख युवकों को बिना पगड़ी के अदालत में पेश किया गया, जिससे समुदाय में रोष है।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी यशवंत चौहान को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है और उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मामले की आगे की जांच चमोली से हटाकर हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह घुरल को सौंप दी गई है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके। दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग भी उठाई कि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी से चर्चा कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

बैठक में हेमंत द्विवेदी (अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति), नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा (अध्यक्ष, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट), आनंद बर्द्धन (मुख्य सचिव), आर.के. सुधांशु (अपर मुख्य सचिव), शैलेश बगौली (सचिव गृह), दीपम सेठ (पुलिस महानिदेशक), विनय शंकर पांडेय, अभिनव कुमार, रिद्धिम अग्रवाल, बंशीधर तिवारी तथा तृप्ति भट्ट भी उपस्थित रहे।

उधर, सिख प्रतिनिधमंडल से मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की परंपरा वाला राज्य है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी समुदाय को असुरक्षा या असुविधा महसूस न हो। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के आश्वासनों पर संतोष जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि सरकार शीघ्र ही अपने वादों को पूरा करेगी तथा सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।


प्रदेशभर के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में जनसुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए राज्यभर के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑडिट के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति, आपातकालीन निकासी मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने की स्थिति में त्वरित बचाव एवं निकासी की तैयारियों की गहन जांच की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर समयबद्ध तरीके से ऑडिट पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


अल्मोड़ा में विकास योजनाओं की समीक्षा, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने दिया जोर

अल्मोड़ा: उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) भरत सिंह चौधरी ने विकास भवन सभागार अल्मोड़ा में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की।

बैठक से पहले मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और इनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने जनपद में चल रही विकास योजनाओं, आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुंचाया जाए और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

बैठक में मंत्री ने बैम्बू ग्रास (बांस आधारित परियोजना) को अल्मोड़ा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग खेतों की सुरक्षा के लिए बाड़ के रूप में किया जा सकता है, जिससे जंगली जानवरों से फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही सड़क किनारे इसे क्रैश बैरियर के विकल्प के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मंत्री ने पर्यटन और होम स्टे योजना को पहाड़ी क्षेत्रों की आजीविका का मजबूत आधार बताते हुए लाभार्थियों को होटल और हॉस्पिटैलिटी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने जनपद में संचालित योजनाओं की प्रगति पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को जनहित में इसी गति से कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने मंत्री के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही।

बैठक में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


विदेश से सीधे मेडिकल उपकरण आयात पर विवाद, AiMeD ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल

पूजा भट्ट

भारत की दवा नियामक संस्था केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ओर से अस्पतालों को अत्याधुनिक और उच्च-स्तरीय चिकित्सा उपकरण सीधे विदेश से आयात करने की संभावित अनुमति देने के प्रस्ताव पर उद्योग जगत की प्रतिक्रिया सामने आई है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (AiMeD) ने इस प्रस्ताव को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं और इसे मरीजों की सुरक्षा तथा नियामकीय व्यवस्था के लिए चुनौती बताया है।

AiMeD के को-ऑर्डिनेटर राजीव नाथ ने कहा कि पहली नजर में यह व्यवस्था अस्पतालों के लिए खरीद प्रक्रिया को आसान बना सकती है, लेकिन लंबे समय में इसके कई नकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। उनके अनुसार, यदि अस्पताल सीधे विदेशी कंपनियों से उपकरण मंगाने लगते हैं, तो उपकरणों की गुणवत्ता, रखरखाव और जवाबदेही सुनिश्चित करना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने बताया कि मौजूदा व्यवस्था में मेडिकल उपकरण निर्माता कंपनियां और उनके अधिकृत प्रतिनिधि कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। इनमें उपकरण की बिक्री के बाद निगरानी, तकनीकी सहायता, खराबी दूर करना, नियमित सर्विसिंग, सुरक्षा मानकों की रिपोर्टिंग और डॉक्टरों को प्रशिक्षण देना शामिल होता है। उनका कहना है कि सीधे आयात की स्थिति में इन जिम्मेदारियों को निभाने वाला स्पष्ट तंत्र कमजोर पड़ सकता है।

AiMeD ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव भारत सरकार की उन नीतियों के विपरीत दिखाई देता है, जिनका उद्देश्य देश में मेडिकल उपकरण निर्माण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2023, मेक इन इंडिया अभियान और पीएलआई योजना के तहत घरेलू उत्पादन और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में आयात प्रक्रिया को आसान बनाना स्थानीय उद्योग और निवेशकों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।

राजीव नाथ ने सुझाव दिया कि आयात नियमों में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले यह आकलन किया जाना चाहिए कि संबंधित तकनीक या उपकरण भारत में विकसित या निर्मित किए जा सकते हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णयों से पहले उद्योग, अस्पतालों और अन्य हितधारकों से व्यापक स्तर पर चर्चा और पारदर्शी समीक्षा जरूरी है।

उनका कहना है कि मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना, नियामकीय व्यवस्था बनाए रखना और देश में उत्पादन को बढ़ावा देना—इन तीनों लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।


कैंप कॉलोनी में खूनी संघर्ष: गाली-गलौज का विरोध करने पर पड़ोसी ने दो सगे भाइयों पर कुल्हाड़ी से किया हमला

यमुनानगर (हरियाणा): हरियाणा के यमुनानगर की कैंप कॉलोनी में पड़ोसियों के बीच मामूली बात पर हुआ विवाद एक बड़े खूनी संघर्ष में बदल गया। यहाँ एक सिरफिरे पड़ोसी ने दो सगे भाइयों पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

गांधीनगर थाना पुलिस को दी शिकायत में कार सेल-परचेज (खरीद-बिक्री) का कारोबार करने वाले सुभाष ने बताया कि रविवार रात वह अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान उनका पड़ोसी अमित अचानक गली में आकर बिना किसी वजह के उनके भाई सुशील उर्फ सिल्ली को गालियां देने लगा। गली में शोर-शराबा और गाली-गलौज सुनकर जब सुशील घर से बाहर आया, तो आरोपी अमित ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उस वक्त सुभाष ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने की कोशिश की।

बीच-बचाव से गुस्साया आरोपी अमित तुरंत अपने घर गया और वहाँ से एक तेजधार कुल्हाड़ी उठा लाया। आरोपी ने आते ही सुशील के सिर पर कुल्हाड़ी से जोरदार हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। जब सुभाष अपने भाई को बचाने आगे आया, तो आरोपी अमित ने उस पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे वह भी चोटिल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अमित मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद घायल भाइयों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ सुशील की गंभीर हालत को देखते हुए उसका गहन उपचार किया जा रहा है। गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।


मानसून से पहले सरकार सतर्क, पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंचाया तीन माह का राशन

पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में 1 जुलाई से बंटेगा तीन महीने का एडवांस राशन

चारधाम मार्ग वाले जिलों को प्राथमिकता, खाद्यान्न भंडारण की तैयारी पूरी

देहरादून। आगामी मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति को लेकर अपनी कमर कस ली है। बरसात के मौसम में अक्सर रास्ते बंद होने और संपर्क टूटने की आशंका को देखते हुए प्रदेश के पर्वतीय जनपदों में जुलाई, अगस्त और सितंबर यानी पूरे तीन महीने का राशन एक साथ उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की गई है। आगामी 1 जुलाई से इस त्रैमासिक राशन का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

गोदामों में पहुंचा बफर स्टॉक, नहीं होगी किल्लत
शासन स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, पर्वतीय जनपदों के सुदूर और बेहद दुर्गम इलाकों के सरकारी गोदामों में तीन महीने का खाद्यान्न पहले ही सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि मानसून के दौरान सड़कें अवरुद्ध होती हैं या परिवहन व्यवस्था बाधित होती है, तब भी आम जनता को राशन के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

चारधाम रूट पर सर्वाेच्च प्राथमिकता
इस बार चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े जनपदों में खाद्यान्न आपूर्ति को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। इन रूटों पर स्थित गोदामों में निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत राशन की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही, विभाग ने सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे राशन की उपलब्धता और वितरण प्रणाली पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखें। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गोदामों में अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार (बफर स्टॉक) भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

1 जुलाई से उपभोक्ता उठा सकेंगे लाभ
अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि मानसून को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय जनपदों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन समय से भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि सभी खाद्यान्न गोदामों में तीन माह का राशन पहुंच चुका है तथा आगामी 1 जुलाई से राशन डीलरों के माध्यम से इसका वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलाई माह के दौरान ही तीनों महीनों का राशन उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से वितरित कर दिया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति पूरी तरह सुचारु बनी रहे।


नाबालिग बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी दोषी करार, 27 जून को सजा पर होगी सुनवाई

रांची: झारखंड की राजधानी रांची की विभिन्न अदालतों से सोमवार को कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले और आदेश सामने आए हैं। इनमें सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी और मुआवजा मामलों से जुड़ी अहम सुनवाइयां शामिल हैं।

पोक्सो (POCSO) के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्य अभियुक्त सुशील उरांव को दोषी करार दिया है. यह घटना 17 अप्रैल 2024 की है, जब चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार मेले से लौट रही दो नाबालिग बहनों को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया था. मामले में शामिल दो अन्य नाबालिग आरोपियों की सुनवाई जेजे बोर्ड (JJ Board) में चल रही है. अदालत इस मामले में दोषी सुशील उरांव को 27 जून को सजा सुनाएगी.

अपर न्यायायुक्त देवाशीष महापात्रा की अदालत ने अनगड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में पति की हत्या की आरोपी नीतू देवी की जमानत याचिका खारिज कर दी है. अभियोजन के अनुसार, नीतू देवी ने अपने कथित प्रेम प्रसंग के चलते सहयोगियों के साथ मिलकर अपने पति विजय लोहरा की हत्या करा दी थी, जिसका शव 13 फरवरी को बरामद हुआ था. पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

मादक पदार्थ मामला: एनडीपीएस (NDPS) के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से 2.05 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी अनिकेत कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.

तार चोरी मामला: दूसरी ओर, अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने बिजली विभाग के 15 क्विंटल एल्युमिनियम तार चोरी के मामले में आरोपी जियारत अंसारी को साक्ष्य और गवाहों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया.

अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के पीठासीन पदाधिकारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए साल 2017 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले सीसीएल (CCL) सुरक्षा गार्ड मथिया उरांव के छह आश्रित बच्चों को 28.62 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह राशि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दो महीने के भीतर भुगतान की जाएगी.


मुख्य सचिव ने दिए राज्य के सभी भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश

भवनों और संवेदनशील क्षेत्रों का जिलाधिकारी करेंगे सघन स्थलीय सर्वे

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राज्य के सभी सरकारी व गैर-सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी सचिवों व जिलाधिकारियों को विशेष रूप से अधिक ऊंचाई वाले भवनों, अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, असुरक्षित निकासी मार्ग वाले परिसरों और तंग गलियों व रास्तों में स्थित इमारतों का अनिवार्य रूप से स्थलीय सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना के खतरे को समय रहते पूरी तरह समाप्त करना है।

सभी विभागों में सेफ्टी ऑडिट और नियमों का कड़ाई से अनुपालन अनिवार्य
मुख्य सचिव ने शासन के सभी सचिवों को भी अपने-अपने विभागों और उनसे संबंधित क्षेत्रों (सेक्टर्स) का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सर्वे के बाद सभी जरूरी अग्नि सुरक्षा मानकों (फायर सेफ्टी नॉर्म्स) को सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमों का पालन (फॉलो-अप) करने और सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी गई है।


30 वर्षीय अंडा कारोबारी अमन शर्मा ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, पुलिस जांच में जुटी

हिसार (हरियाणा): हरियाणा के हिसार शहर के पॉश इलाके कृष्णा नगर में मंगलवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ रहने वाले 30 वर्षीय अंडा कारोबारी अमन शर्मा ने अपने ही घर पर पिस्टल से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दिनदहाड़े गोली चलने की आवाज से पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतक अमन शर्मा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे, लेकिन पिछले कुछ समय से वह हिसार के कृष्णा नगर में रह रहे थे। अमन का हिसार रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार (मेन गेट) के पास अंडों का बड़ा थोक व्यापार था। मंगलवार दोपहर को उन्होंने अज्ञात कारणों के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया और अपने ही घर में खुद की पिस्टल से सिर में गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात की जानकारी मिलते ही थाना प्रबंधक निरीक्षक (इंचार्ज) विकास कुमार और चौकी इंचार्ज उप-निरीक्षक राजेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है, पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।


28 से 30 जून तक चलेगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान

5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पिलाई जाएंगी पोलियो की दो बूंदें

अभियान के सफल संचालन को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

बागेश्वर।  राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत जनपद में 28 से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके तहत 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के सफल संचालन एवं व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने अभियान की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में 18,349 लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने तैनात कार्मिकों तथा अभियान हेतु उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष रखी।

जिलाधिकारी ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपलब्ध सामग्री एवं उपकरणों की पर्याप्तता के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य तभी सफल होगा जब 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके। उन्होंने सूचना विभाग सहित संबंधित विभागों को भी जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाएं तथा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करना सुनिश्चित करें।


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