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5 जिलों पर मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

Daily Archives: 19/06/2026

5 जिलों पर मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

आयुषी

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। राज्य के मैदानी इलाकों में जहां उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।राजधानी देहरादून में गुरुवार को मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिला। सुबह तेज धूप खिली रही, लेकिन दोपहर बाद अचानक बादलों ने आसमान को घेर लिया और शहर के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। सहस्रधारा रोड, कैनाल रोड, मसूरी रोड और रायपुर क्षेत्र में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ाईं।

कैनाल रोड पर एक पेड़ गिरने से यातायात काफी देर तक बाधित रहा, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं देहरादून, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार बने हुए हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं।मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। खराब मौसम के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।फिलहाल उत्तराखंड में मौसम के तेवर बदले हुए हैं और आने वाले दिनों में भी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।


‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, पीटर पार्कर पर मंडराया नया खतरा

मार्वल यूनिवर्स के लोकप्रिय सुपरहीरो स्पाइडर-मैन की अगली फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का नया ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस के बीच उत्साह बढ़ गया है। इस बार कहानी में पीटर पार्कर एक ऐसे संकट से जूझते नजर आ रहे हैं, जो उनकी शक्तियों और मानसिक संतुलन दोनों को चुनौती देता है। खास बात यह है कि फिल्म में मार्क रफालो भी ब्रूस बैनर उर्फ हल्क के किरदार में नजर आने वाले हैं।

पीटर पार्कर के सामने नई मुश्किल

करीब ढाई मिनट लंबे ट्रेलर में टॉम हॉलैंड के पीटर पार्कर अपने अंदर हो रहे रहस्यमयी बदलावों से परेशान दिखाई देते हैं। वह खुद पर नियंत्रण खोने की बात कहते हैं और अपनी स्थिति को समझने के लिए ब्रूस बैनर की मदद लेते हैं। ट्रेलर से संकेत मिलता है कि इस बार कहानी सुपरहीरो एक्शन के साथ साइंस और जेनेटिक बदलावों के इर्द-गिर्द घूमेगी।

ब्रूस बैनर की मदद से तलाशेंगे समाधान

ट्रेलर में ब्रूस बैनर पीटर को बताते हैं कि उन्होंने डीएनए में हो रहे बदलावों को नियंत्रित करने का एक तरीका विकसित किया है। इसके लिए वह एक विशेष डिवाइस भी दिखाते हैं, जो पीटर की स्थिति को संभालने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके साथ कुछ खतरों के संकेत भी दिए गए हैं, जिससे कहानी में रोमांच और बढ़ जाता है।

हल्क और स्पाइडर-मैन पहली बार साथ

फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य में ब्रूस बैनर का हल्क में बदलना भी दिखाया गया है। यह पहली बार होगा जब टॉम हॉलैंड के स्पाइडर-मैन और मार्क रफालो के हल्क को इस फ्रेंचाइजी में एक साथ स्क्रीन शेयर करते देखा जाएगा। ट्रेलर में दोनों के बीच की केमिस्ट्री और एक्शन सीक्वेंस फैंस का ध्यान खींच रहे हैं।

31 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक

डेस्टिन डैनियल क्रेटन के निर्देशन में बनी ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ 31 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में टॉम हॉलैंड के साथ जेंडया भी एमजे के किरदार में वापसी कर रही हैं। इसके अलावा जॉन बर्नथल, सैडी सिंक और लिजा कोलोन-जायस भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

(साभार)


टेलीग्राम पर बैन बरकरार, दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका ठुकराई

पूजा भट्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसके तहत RE-NEET परीक्षा के दौरान प्लेटफॉर्म पर अस्थायी बैन लगाया गया है। भारत में RE-NEET परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी और यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा। अदालत ने कहा कि सरकार के पास ऐसे मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार है और इस आदेश को जारी करने की प्रक्रिया कानून के अनुसार अपनाई गई है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आदेश आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था और इसके पीछे पर्याप्त कारण मौजूद थे। अदालत ने यह भी माना कि केंद्र सरकार ने उपलब्ध सामग्री पर विचार करने के बाद फैसला लिया और इसमें प्रक्रिया या विचार-विमर्श की कोई कमी नहीं थी। हाई कोर्ट ने यह तर्क भी स्वीकार नहीं किया कि टेलीग्राम को पर्याप्त सूचना नहीं दी गई थी।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि टेलीग्राम को अपनी बात रखने का मौका दिया गया था और उसकी दलीलों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया। सरकार ने यह भी कहा कि इस मामले की समीक्षा एक उच्च स्तरीय समिति ने की थी, जिसकी अगुवाई कैबिनेट सचिव स्तर पर हुई थी। अदालत ने माना कि सरकार के पास संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जरूरत पड़ने पर पूरे प्लेटफॉर्म या ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की शक्ति हो सकती है।

का नाम पहले भी कई बार पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्रों के प्रसार और साइबर ठगी जैसी गतिविधियों से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आता रहा है। सरकार का तर्क था कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और गलत सूचना या लीक रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। टेलीग्राम के बड़े ग्रुप, भारी फाइल शेयरिंग और व्यापक कंटेंट प्रसार जैसे फीचर्स भी सरकार के तर्क का हिस्सा रहे।
फिलहाल, अदालत के फैसले के बाद टेलीग्राम पर लगा अस्थायी प्रतिबंध जारी रहेगा। यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन को लेकर नई चर्चा भी शुरू कर सकता है।


उत्तराखंड में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा फैसला

आयुषी

उत्तराखंड में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने सरकार और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चिंता बढ़ा दी है। बाल तस्करी, यौन शोषण, गुमशुदगी और हिंसा के मामलों को देखते हुए अब राज्य में बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने फैसला लिया है कि राज्य के प्रत्येक जिले में दो से चार ऐसे सुरक्षित आवास और संस्थाएं चिन्हित की जाएंगी, जहां रेस्क्यू किए गए बच्चों को तत्काल संरक्षण दिया जा सके।

इन संस्थाओं को आयोग की ओर से ‘फिट संस्था’ का दर्जा दिया जाएगा, ताकि संकट में फंसे बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।राज्य स्तरीय समन्वय बैठक में सामने आए आंकड़ों ने सभी को चिंता में डाल दिया। आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 82 बच्चे ऐसे हैं जो घर वापस नहीं लौट पाए हैं। इनमें से 40 मामलों में आपराधिक गतिविधियों की आशंका सामने आई है।हालांकि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार अधिकांश गुमशुदा बच्चे एक-दो दिन के भीतर अपने परिवारों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन दर्जनों बच्चों का अब तक कोई सुराग न मिलना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

बृहस्पतिवार को आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा, बाल तस्करी, यौन शोषण, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति और किशोर अपराध जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। आयोग ने माना कि इन अपराधों को रोकने के लिए केवल एक विभाग नहीं, बल्कि सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब राज्य के हर जिला अस्पताल में दो बेड विशेष रूप से उन बच्चों के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जो नशे की लत या नशे से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उद्देश्य है कि ऐसे बच्चों को समय पर इलाज और पुनर्वास मिल सके।आयोग ने पुलिस विभाग से पिछले तीन वर्षों में गुम हुए सभी बच्चों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

साथ ही बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, प्रभावी निगरानी और विभागों के बीच बेहतर सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।आयोग अध्यक्ष गीता खन्ना ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और विकास के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ठोस कदम उठाए जाएंगे।बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिए गए ये फैसले उत्तराखंड में बाल अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का कितना प्रभाव दिखाई देता है और कितने बच्चों को इसका वास्तविक लाभ मिल पाता है।


रॉयल सिटी में व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, पड़ोसी और उसके साथी पर कत्ल का शक

ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार (18 जून) को कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। यहां की रॉयल सिटी (गांव अच्छेजा छपरौला) में 50 वर्षीय एक व्यक्ति की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड से पूरी कॉलोनी और आसपास के इलाके में भारी दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान जीवन किशोर (50) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से फर्रुखाबाद के कायमगंज के रहने वाले थे और फिलहाल बादलपुर की रॉयल सिटी में रह रहे थे। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि जीवन किशोर को किसी ने गोली मार दी है। पुलिस उन्हें तुरंत लहूलुहान हालत में अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ में मृतक के पड़ोसी विशाल कश्यप और उसके साथी विक्की का नाम सामने आया है।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस खौफनाक कत्ल के पीछे कोई पुराना विवाद या आपसी रंजिश हो सकती है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बादलपुर थाना पुलिस ने इस संबंध में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।


पेंशन प्लान के नाम पर साइबर ठगी, APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 11 लाख रुपये

आगरा: डिजिटल दौर में साइबर ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए हर दिन नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला प्रतापनगर के माधवकुंज इलाके से सामने आया है, जहां खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले एक शातिर ठग ने बुजुर्ग किशनपाल खेत्रपाल के खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के 11 लाख रुपये उड़ा दिए। ठग ने पीड़ित को झांसे में लेकर मोबाइल पर एक खतरनाक APK (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भेजी थी, जिस पर क्लिक करते ही उनका पूरा फोन हैक हो गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित किशनपाल ने पुलिस को बताया कि 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकारी बताते हुए एक बेहतरीन पेंशन प्लान की जानकारी दी। झांसे में लेकर उसने प्लान का ब्रोशर होने का दावा करते हुए ‘पेंशन प्लान’ नाम की एक APK फाइल व्हाट्सएप पर भेज दी। किशनपाल ने जैसे ही उस फाइल पर क्लिक किया, उसमें कुछ नहीं खुला। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट के ₹11 लाख किसी दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर हो गए।

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि अपराधी आजकल एपीके फाइल के जरिए लोगों के फोन का पूरा रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते हैं। जैसे ही कोई इस फाइल पर क्लिक करता है, मोबाइल में एक बैकग्राउंड (हिडन) ऐप इंस्टॉल हो जाती है। इसके बाद ठगों को आपके मैसेज, ओटीपी (OTP), कॉल और स्क्रीन रिकॉर्डिंग का पूरा कंट्रोल मिल जाता है। वे आपके फोन में आने वाले बैंकिंग ओटीपी को खुद ही पढ़कर पलक झपकते ही खाता साफ कर देते हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित

प्ले स्टोर का ही करें इस्तेमाल: कभी भी किसी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या मैसेज से ऐप डाउनलोड न करें। हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर का ही उपयोग करें।

‘Unknown Sources’ रखें बंद: अपने एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘Install from Unknown Sources’ के ऑप्शन को हमेशा डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रखें।

अनुमतियां (Permissions) न दें: अगर कोई सामान्य ऐप आपसे एसएमएस (SMS) या बैंक डिटेल्स का एक्सेस मांगे, तो तुरंत मना कर दें।

तुरंत लें एक्शन: यदि आप किसी बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


संपत्ति विवाद और कर्ज के दबाव में युवक बना डबल मर्डर का आरोपी, चाचा और दोस्त की गोली मारकर हत्या

लालड़ू/मोहाली : हरियाणा और पंजाब के बॉर्डर इलाकों में बुधवार रात दोहरे हत्याकांड से सनसनी फैल गई। संपत्ति विवाद और कार लोन की किस्तों के दबाव में आकर 24 वर्षीय युवक साहिल मलिक ने पहले अपने सगे चाचा और फिर अपने एक दोस्त की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शवों को ठिकाने लगाकर दिल्ली भागने की फिराक में था, लेकिन सोनीपत पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर उसे दबोच लिया।

पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान डेराबस्सी निवासी प्रॉपर्टी डीलर राहुल मलिक (45) और पानीपत निवासी अंकुश अग्रवाल (25) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि करीब 20 साल पहले आरोपी साहिल के पिता ने एक होम लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर चाचा राहुल मलिक ने वह कर्ज भरा और साहिल के परिवार को घर से बेदखल कर दिया था। उस वक्त साहिल सिर्फ 4 साल का था, लेकिन तभी से उसके मन में चाचा के प्रति नफरत की चिंगारी सुलग रही थी। बुधवार रात करीब पौने आठ बजे साहिल ने घोलूमाजरा स्थित चाचा के दफ्तर में घुसकर उन्हें गोलियों से भून दिया।

 हत्या की यह खौफनाक दास्तान यहीं खत्म नहीं हुई। आरोपी साहिल चाचा के शव को घसीटकर अपनी कार में डालकर करीब 150 किलोमीटर दूर पानीपत ले गया। इसके बाद उसने कार लोन की किस्तों के लिए बार-बार टोकने वाले अपने दोस्त अंकुश अग्रवाल को फोन कर बुलाया और कार के अंदर ही उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने दोनों शवों को पानीपत की सिवाह नहर के पास फेंक दिया और दिल्ली की तरफ फरार हो गया।

वारदात के बाद जब आरोपी की गाड़ी अंबाला की तरफ बढ़ी, तो लालड़ू पुलिस ने हरियाणा पुलिस को मैसेज फ्लैश किया। सोनीपत पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपी साहिल को गाड़ी समेत दबोच लिया। समालखा थाना क्षेत्र में दोनों शव बरामद होने के बाद इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, चाचा राहुल के शरीर पर गर्दन, कमर और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। फिलहाल लालड़ू और समालखा थानों में हत्या के अलग-अलग मामले दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है- मुख्यमंत्री

रन फॉर योगा में सीएम के संग मंत्री, विधायक व अफसर भी दौड़े

देहरादून। पुलिस लाइन में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा में सीएम के संग मंत्री, विधायक व अफसर भी दौड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।


अजनाला सेक्टर में बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, हथियारों की खेप के साथ संदिग्ध तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर- भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अजनाला सेक्टर में बीएसएफ की 117 बटालियन ने गुरुवार देर रात एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक संदिग्ध तस्कर को दबोचा है। यह कार्रवाई भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांव हरड़ खुर्द के पास की गई। सुरक्षा बलों ने आरोपी के पास से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है, जिसे देखकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

 प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार तस्कर के पास से घातक 1 एके-47 राइफल, 25 आधुनिक पिस्तौल, 47 मैगजीन, 1 बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। बीएसएफ और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी खेप पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और आकाओं द्वारा भारतीय सीमा में भेजी गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक, बरामद हथियारों की भारी तादाद को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसका इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए होना था। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि कहीं स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले देश या पंजाब में अस्थिरता फैलाने और किसी बड़े वीआईपी को निशाना बनाने के लिए तो यह सप्लाई नहीं भेजी गई थी।

 फिलहाल बीएसएफ, पंजाब पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां पकड़े गए आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि सीमा पार से आ रहे हथियारों के इस नेटवर्क के तार देश के किन-किन राज्यों और स्थानीय मददगारों से जुड़े हैं। हाल के दिनों में ड्रोन के जरिए बढ़ती तस्करी को देखते हुए पूरी भारत-पाकिस्तान सीमा पर चौकसी और ज्यादा बढ़ा दी गई है।


दिल्ली में गवाहों को डराने की साजिश! शाहाबाद डेरी में ‘सनी हत्याकांड’ के पीड़ित परिवार के घर पर अंधाधुंध फायरिंग

नई दिल्ली: राजधानी के बाहरी दिल्ली स्थित शाहाबाद डेरी इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के सी-ब्लॉक में गुरुवार शाम को एक घर पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में जो बात सामने आ रही है, वो बेहद चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने दो साल पहले हुए चर्चित ‘सनी हत्याकांड’ के पीड़ित परिवार को निशाना बनाकर यह फायरिंग की है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है।

 चश्मदीदों के मुताबिक, गुरुवार शाम अचानक कुछ अज्ञात हमलावर सी-ब्लॉक पहुंचे और सीधे सनी के परिवार के घर पर गोलियां बरसा दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर आसपास के लोग सहम गए। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इसे पीड़ित परिवार को डराने या गवाही से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 फायरिंग की आवाज सुनते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किए हैं।


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