Wednesday, June 17th, 2026

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दिव्यांगजनों को व्हील चेयर एवं सहायक उपकरण वितरित

Daily Archives: 17/06/2026

दिव्यांगजनों को व्हील चेयर एवं सहायक उपकरण वितरित

कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज राजकीय प्राथमिक विद्यालय पदमपुर मोटाढांग, कोटद्वार में समाज कल्याण विभाग पौड़ी द्वारा आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), कोटद्वार द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिव्यांगजनों को 100 नॉर्मल व्हील चेयर तथा 10 इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान की गईं। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन लाभान्वित हुए। शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड संबंधी सेवाएं, छड़ी, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरण भी लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए।

मुख्य अतिथि ऋतु खण्डूडी भूषण ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा CSR के माध्यम से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सरकार एवं सामाजिक संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।

कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग पौड़ी के जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुब्रियाल, संजीव पाल, सक्षम संस्था से योगेम्बर सिंह, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के महाप्रबंधक अम्बरीश त्रिपाठी, मण्डल अध्यक्ष आशीष रावत, पार्षद सौरव नौडियाल, अमित नेगी, जे.पी. बहुखण्डी, विवेक भारती, आराधना द्विवेदी, राजेन्द्र जजेड़ी, महेश नेगी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


NEET परीक्षा विवादों के बीच 3 होनहारों ने तोड़ा दम; दिल्ली में पेपर रद्द होने की खबरों से तनाव में आई छात्रा ने किया सुसाइड

नई दिल्ली: देश भर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) को लेकर जारी भारी विवाद और अनिश्चितता के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से अभ्यर्थियों द्वारा आत्महत्या करने की बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। दिल्ली, राजस्थान और देहरादून में नीट की तैयारी कर रहे तीन होनहार छात्रों ने कथित तौर पर डिप्रेशन और मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया है।

 पहला मामला दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके का है, जहाँ रहने वाली रेणु ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले इस परिवार की बेटी रेणु ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी थी। परिजनों के अनुसार, परीक्षा रद्द होने की खबरों के बाद से वह लगातार गहरे डिप्रेशन में थी। 13 जून को जब उसके पिता अपने ससुर के निधन के कारण ससुराल गए हुए थे और रेणु घर पर अकेली थी, तब उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता से उनकी उम्मीदों पर खरा न उतर पाने के लिए माफी मांगी है।

इसी तरह राजस्थान के सीकर में नीट परीक्षा के अपने तीसरे प्रयास की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। झुंझुनूं निवासी उमेश परीक्षा के मद्देनजर अपनी मां और भाई-बहनों के साथ सीकर में एक फ्लैट में रह रहा था। सीकर में इस हफ्ते छात्र आत्महत्या का यह दूसरा मामला है। वहीं, देहरादून में भी 23 साल की एक युवती ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना टूटने और नीट परीक्षा पास न कर पाने के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे प्यार करती हूं।”

 इन दुखद घटनाओं के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने उम्मीदवारों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि 21 जून को दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया पर सक्रिय उन जालसाजों से सावधान रहने की अपील की है जो मोटी रकम के बदले नकली प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे हैं।

 दूसरी तरफ, 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के मद्देनजर केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है ताकि संवेदनशील सामग्री या पेपर लीक की अफवाहों को रोका जा सके। सरकार के इस फैसले के खिलाफ मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस याचिका पर आज ही सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है।


उत्तराखंड में एसआईआर अभियान तेज: 98 फीसदी गणना फार्म वितरित, 23 फीसदी डिजिटाइज

अल्मोड़ा, पौड़ी और पिथौरागढ़ डिजिटाइजेशन में सबसे आगे, सभी जिलों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। प्रदेश में अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि करीब 23 प्रतिशत फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसआईआर अभियान की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित हो चुके हैं। वहीं देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत और टिहरी में 97 प्रतिशत फार्म वितरण का कार्य पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया कि गणना फार्म डिजिटाइजेशन में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ आगे हैं। वहीं नैनीताल में 4 प्रतिशत, देहरादून में 7 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में करीब 8 प्रतिशत फार्म डिजिटाइज किए गए हैं।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों को एसआईआर प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की ओर से प्रदेश में 22 हजार 900 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए हैं। 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि 7 जुलाई तक गणना फार्म वितरण और संकलन का कार्य पूरा होने के बाद एक सप्ताह में बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

मतदाताओं की सुविधा के लिए ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन गणना फार्म भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा मतदाता वेबसाइट के माध्यम से ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा का लाभ लेकर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

2003 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, नाम, पिता/पति के नाम, बूथ संख्या और मतदाता क्रमांक की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्ले और क्षेत्र के नाम से भी सूची खोजने की सुविधा दी गई है।


राशन कार्ड बनवाने के आय मानकों की होगी समीक्षा- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री ने समिति बनाकर समीक्षा के निर्देश दिए

राशन विक्रेताओं का बकाया लाभांश एक सप्ताह में होगा जारी

देहरादून। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द ही संशोधित की जाएगी। इस बारे में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विभिन्न राशन कार्ड बनाने के लिए न्यूनतम आय के जो मानक हैं, वे काफी पुराने हो चुके हैं और इसके चलते लोगों को कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसमें संशोधन के लिए एक समिति बनाकर समीक्षा की जाए और सभी जिला पूर्ति अधिकारियों के भी सुझाव शामिल किए जाएं।

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राशन विक्रेताओं का नवंबर माह से जो लाभांश बकाया है, वह एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार से ₹39 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ है।

बैठक में शामिल राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश ₹50 से बढ़ाकर ₹180 करने की मांग उठाई। इस पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस बारे में कैबिनेट में जल्द ही प्रस्ताव लाया जाएगा। राशन विक्रेताओं की मांग पर कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन करके मैन्युअल रजिस्टर मेंटेन करने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाए।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राशन कार्ड बनाने के लिए अब एक नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी ना हो, इसके लिए जल्द ही सभी जिला पूर्ति अधिकारियों और निरीक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के लिए केंद्र से दो ट्रेनर बुलाए गए हैं।

चार धाम यात्रा को देखते हुए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगले तीन माह का राशन जल्द से जल्द दुकानों तक पहुंचा दें जिससे कि राशन वितरण में देरी न हो।

एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के बाद कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह से नियमित है और कहीं से भी गैस की कमी की शिकायत नहीं है।

बैठक में विभागीय सचिव एवं फैनई, खाद्य आयुक्त बंसीलाल राणा, अपर आयुक्त पीएस जंगपांगी, राशन विक्रेता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी शामिल हुए।

राशन विक्रेताओं का होगा इंश्योरेंस
राशन विक्रेताओं को आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उनका इंश्योरेंस करने पर विचार किया जा रहा है। बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि खाद्य आयुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी बनाकर विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों से इस बारे में बातचीत की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की अगली बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मृत्यु के बाद राशन लिया तो होगी कानूनी कार्रवाई
सिर्फ पात्र लोगों को राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब विभाग कुछ कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। लगातार यह शिकायत मिल रही है कि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने के बाद भी उसके नाम पर राशन लिया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए शासनादेश में बदलाव करने के लिए कैबिनेट मंत्री ने निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि अगर निश्चित समय के भीतर मृत्यु की सूचना देकर मृतक का नाम राशन कार्ड से नहीं कटवाया जाएगा, तो राशन की रिकवरी और कानूनी कार्रवाई के प्रावधान किए जाएंगे।


एक टक्कर, तलवारें और 4 घंटे का जाम कर्णप्रयाग में मचा बवाल!

आयुषी

उत्तराखंड में चल रही हेमकुंड साहिब यात्रा के बीच मंगलवार को कर्णप्रयाग में एक मामूली सड़क दुर्घटना ने हिंसक रूप ले लिया। हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ सिख युवकों और स्थानीय लोगों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और नाराज लोगों ने बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। जानकारी के अनुसार,मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कर्णप्रयाग के कर्ण मंदिर क्षेत्र में स्थानीय व्यापारी प्रकाश रावत सड़क पार कर रहे थे| इसी दौरान हेमकुंड साहिब से लौट रहे युवकों के दोपहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी|

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन चलाने को लेकर हुई सामान्य बहस जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गई।बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर कुछ युवकों ने धारदार हथियार निकाल लिए और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया| इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे अन्य लोग भी झड़प की चपेट में आ गए|घटना में कुल सात लोग घायल हुए , जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है| घटना में घायल प्रकाश रावत की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया। वहीं एक अन्य गंभीर घायल को श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस की हिरासत में लिए गए एक घायल युवक का भी उपचार चिकित्सकीय निगरानी में चल रहा है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए दो युवकों को घटनास्थल से तथा दो अन्य को गौचर की ओर जाते समय हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। नाराज लोगों ने पंचपुलिया चौराहे पर एकत्र होकर बदरीनाथ हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने यात्रा के दौरान हथियार लेकर आने वालों पर सख्त कार्रवाई, दोपहिया वाहनों के नियमन तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।जाम के चलते बदरीनाथ हाईवे के साथ-साथ नगर की आंतरिक सड़कें और अन्य संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए। दोपहर की तेज गर्मी में हजारों यात्री और स्थानीय लोग घंटों तक वाहनों में फंसे रहे।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एंबुलेंस को भी रास्ता दिलाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब चार घंटे बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, हथियारों के साथ आवाजाही और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी है।


उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव की अटकलें, जानिए क्या है बड़ी वजह

पूजा भट्ट

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व जनगणना 2027 के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए चुनावी कैलेंडर में बदलाव के विकल्पों पर विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी स्तर पर इस मुद्दे पर मंथन चल रहा है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पिछले तीन दिनों से मसूरी प्रवास पर हैं, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन को चुनावी तैयारियों के लिए सक्रिय रहने के निर्देश दिए।

सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव और जनगणना एक ही समय पर होने की स्थिति में प्रशासनिक और व्यवस्थागत चुनौतियां बढ़ सकती हैं। चुनावी प्रक्रिया और जनगणना दोनों में बड़ी संख्या में शिक्षक और सरकारी कर्मचारियों की तैनाती होती है, जिससे कार्यभार बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि उत्तराखंड के साथ-साथ गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी तरह की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है, जबकि जनगणना कार्यक्रम भी उसी समय प्रस्तावित है। वहीं, कुछ राज्यों में चुनाव बाद में कराने के विकल्पों पर भी विचार किए जाने की चर्चा है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव दिसंबर 2026 तक करा दिए जाते हैं, तो चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को जनगणना की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और चुनावी प्रक्रियाओं के तहत ही लिया जाएगा। मसूरी दौरे के दौरान नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें कीं और हर बूथ को मजबूत बनाने के साथ हर मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पिछले 20 दिनों में यह उनका उत्तराखंड का दूसरा दौरा माना जा रहा है। इसी बीच भाजपा ने राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए कोर कमेटियों का गठन भी कर लिया है और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।

दूसरी ओर, आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा 17 और 18 जून को राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। इस दौरान वह जिलाध्यक्षों और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगी। पार्टी संगठन को मजबूत करना और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारना उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है। उत्तराखंड की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह पहला अवसर माना जा रहा है जब कुमारी शैलजा राज्य में इतने सक्रिय कार्यक्रमों के साथ नजर आ रही हैं। पिछले कुछ समय में उन पर राज्य की राजनीति से दूरी बनाए रखने के आरोप भी लगते रहे, लेकिन हाल के महीनों में उनकी सक्रियता बढ़ी है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावी तैयारियों और कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।


फ्रिज में रखा गूंथा आटा कितना सुरक्षित? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लोग समय बचाने के लिए कई घरेलू उपाय अपनाते हैं। इनमें से एक आम आदत है पहले से आटा गूंथकर फ्रिज में रख लेना और बाद में उससे रोटियां बनाना। हालांकि यह तरीका सुविधाजनक जरूर है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक फ्रिज में रखा गूंथा आटा उसकी गुणवत्ता और पौष्टिकता को प्रभावित कर सकता है।

ताजा आटा क्यों माना जाता है बेहतर?

विशेषज्ञों के अनुसार ताजा गूंथे हुए आटे से बनी रोटियां स्वाद और पोषण दोनों के लिहाज से बेहतर होती हैं। लंबे समय तक स्टोर किए गए आटे में मौजूद कुछ पोषक तत्व धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। इसके अलावा आटे की ताजगी भी प्रभावित होती है, जिससे रोटी का स्वाद और बनावट बदल सकती है।

स्वाद और गुणवत्ता पर पड़ सकता है असर

गूंथे हुए आटे को कई घंटों तक फ्रिज में रखने पर उसमें ऑक्सीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे आटे का रंग, गंध और स्वाद प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे आटे से बनी रोटियां ताजे आटे की तुलना में कम स्वादिष्ट महसूस हो सकती हैं।

गलत तरीके से रखने पर बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

यदि आटे को खुला छोड़ दिया जाए या सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो उसमें बैक्टीरिया और फंगस पनपने की आशंका बढ़ जाती है। खासकर गर्म मौसम में या अत्यधिक नमी की स्थिति में यह जोखिम और बढ़ सकता है। ऐसे आटे का सेवन करने से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

पाचन पर भी पड़ सकता है प्रभाव

कई विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक रखा हुआ आटा अपनी मूल संरचना में बदलाव के कारण पचने में अपेक्षाकृत अधिक समय ले सकता है। इससे कुछ लोगों को गैस, अपच या पेट फूलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

आटा स्टोर करने का सही तरीका

आटे को हमेशा साफ और एयरटाइट कंटेनर में रखें।
फ्रिज में 8 से 12 घंटे से अधिक समय तक रखने से बचें।
जरूरत के अनुसार ही आटा गूंथें।
इस्तेमाल से पहले आटे को कुछ देर सामान्य तापमान पर रखें।
यदि आटे से खट्टी गंध आए या उसका रंग बदल जाए तो उसका उपयोग न करें।

विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर स्वाद और पोषण के लिए ताजा आटा इस्तेमाल करना सबसे अच्छा विकल्प है। यदि समय की कमी के कारण आटा स्टोर करना जरूरी हो, तो उसे सीमित समय तक और सही तरीके से सुरक्षित रखना चाहिए।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण विशेषज्ञों की सलाह और उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


पत्नी की हत्या कर सड़क हादसा दिखाने की कोशिश, पति गिरफ्तार

बेलगावी: कर्नाटक के बेलगावी जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक शख्स ने अपने अवैध संबंधों को बनाए रखने के लिए अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। गोकाक तालुक के शिंडिकुराबेट गांव की रहने वाली सक्कुबाई पटायात की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पति संतोष पटायात को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने हत्या को एक सड़क दुर्घटना का रूप देने की शातिराना कोशिश की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी पोल खोल दी।

 शुरुआती जांच के अनुसार, संतोष अपनी पत्नी सक्कुबाई को बेलहोंगल तालुक के मारकुम्बी गांव में स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर लेकर गया था। मंदिर से वापस लौटते समय, रास्ते में संतोष ने एक कोल्ड ड्रिंक (सॉफ्ट ड्रिंक) में चूहे मारने का जहर और चूड़ियों का महीन पाउडर मिला दिया। उसने अपनी पत्नी को यह कहकर वह ड्रिंक पिला दी कि यह मंदिर का पवित्र प्रसाद है। जैसे ही जहर के असर से सक्कुबाई बेहोश होने लगी, संतोष ने सड़क के किनारे ही उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

 वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को सड़क हादसा दिखाने के लिए अपनी पत्नी के शव पर अपनी ही मोटरसाइकिल फेंक दी। शातिर आरोपी खुद पुलिस को गुमराह करने के लिए कई घंटों तक लाश के पास सड़क किनारे बैठा रहा और बाद में उसने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर दुर्घटना की सूचना दी।

 सक्कुबाई की मौत के संदिग्ध हालात को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ‘बेलगावी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (BIMS) भेजा। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि गला घोंटकर की गई हत्या है। पुलिस ने जब संतोष को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

संतोष और धारवाड़ तालुका की रहने वाली सक्कुबाई की शादी 9 साल पहले हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि संतोष पिछले 4 साल से अपने ही गांव की एक विधवा महिला के साथ प्रेम संबंधों में था और अपनी पत्नी को रास्ते से हटाकर उसके साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहता था। पुलिस ने आरोपी संतोष को गिरफ्तार कर हिंडालगा जेल भेज दिया है और अब इस बात की जांच की जा रही है कि इस हत्याकांड में उसकी प्रेमिका की कोई भूमिका थी या नहीं।


थाना छप्पर क्षेत्र में महिला की संदिग्ध मौत: मायके पक्ष का आरोप— पति ने गला दबाकर की हत्या, फिसलकर गिरने की दी थी झूठी कहानी

यमुनानगर-  थाना छप्पर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव गधौला में बुधवार सुबह 50 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान महिंद्रो के रूप में हुई है, जो गांव निवासी दर्शन लाल की दूसरी पत्नी थी। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने आपसी विवाद के बाद गला दबाकर महिंद्रो की हत्या की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी भेज दिया है।

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात पति दर्शन लाल और पत्नी महिंद्रो के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान दर्शन लाल ने तैश में आकर महिंद्रो का गला घोंट दिया। वारदात को छुपाने के लिए आरोपी पति ने मृतका की बहन को फोन कर झूठी कहानी सुनाई कि महिंद्रो घर में फिसलकर गिर गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई है।

हादसे की खबर मिलते ही मृतका की गोद ली हुई बेटी और मायके पक्ष के अन्य लोग तुरंत गधौला गांव पहुंचे। जब परिजनों ने महिंद्रो के शव को देखा, तो उसके गले पर गहरे दबाव और चोट के निशान पाए गए। हत्या का पुख्ता शक होने पर परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

 सूचना मिलते ही थाना छप्पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में रखवा दिया है। मायके पक्ष ने पुलिस प्रशासन से आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना छप्पर पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


दुमका में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, तीन युवकों पर चाकू से हमला

दुमका: झारखंड के दुमका नगर थाना क्षेत्र के इंद्रानगर जरूवाडीह मोहल्ले में मंगलवार की रात एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ महज मामूली कहासुनी के बाद कुछ किशोरों ने तीन युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

 मिली जानकारी के मुताबिक, जरूवाडीह इलाके में पिछले तीन दिनों से साइकिल का खेल चल रहा था। मंगलवार की शाम बाबी अंसारी अपने दो दोस्तों—आदिल आलम और मोहम्मद हसनैन के साथ इस खेल को देखने गया था। रात करीब 9:00 बजे जरूवाडीह के ही रहने वाले तीन किशोर अपने चार अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुंचे। किसी बात को लेकर इन किशोरों की बाबी और उसके दोस्तों से कहासुनी हो गई। उस वक्त स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करा दिया था।

 विवाद शांत होने के बाद तीनों दोस्त वहाँ से हटकर तजमूल अंसारी के दरवाजे पर आकर बैठ गए। इसी बीच आरोपी किशोर अपने साथियों के साथ फिर वहाँ धमक पड़े और गाली-गलौज करने लगे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, किशोरों ने जान से मारने की नीयत से बाबी, हसनैन और आदिल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवकों की चीख-पुकार और शोर सुनकर जब तक आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, तब तक सभी हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।

 घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अशोक राम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। पुलिस ने घायल बाबी अंसारी के बयान के आधार पर तीन किशोरों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने रात में ही छापेमारी कर तीन मुख्य नाबालिग आरोपियों को धर दबोचा। बुधवार को पूछताछ के बाद तीनों को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह (रिमांड होम) भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।


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