Friday, June 12th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

अवैध संबंध का विरोध करने पर पति ने दुपट्टे से गला घोंटकर की पत्नी की निर्मम हत्या

Daily Archives: 12/06/2026

अवैध संबंध का विरोध करने पर पति ने दुपट्टे से गला घोंटकर की पत्नी की निर्मम हत्या

सहरसा (बिहार): बिहार के सहरसा जिले के पंचवटी चौक के पास से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक किराए के मकान में रह रही 35 वर्षीय महिला सोनी कुमारी की उसके ही पति सोनू शर्मा ने कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

अवैध संबंध के विरोध पर उपजा था विवाद

जानकारी के अनुसार, खगड़िया जिले की रहने वाली सोनी कुमारी की शादी करीब सात साल पहले सोनू शर्मा से हुई थी, जो पेशे से प्लंबर का काम करता है। दोनों के दो छोटे बेटे हैं। परिजनों के मुताबिक, दिल्ली में काम करने के दौरान सोनू का अपनी एक रिश्तेदार (चचेरी भाभी) के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध हो गया था। जब पत्नी सोनी को इसकी भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद वह अपने बच्चों को लेकर सहरसा आ गई और पंचवटी चौक के पास एक मकान में किराए पर रहकर, दूसरों के घरों में काम करके बच्चों का भरण-पोषण करने लगी।

तीन दिन पहले ही आया था पति, बहस के बाद की हत्या

बताया गया है कि आरोपी सोनू शर्मा तीन दिन पहले ही अपनी पत्नी और बच्चों के पास सहरसा आया था। गुरुवार की देर रात दोनों के बीच पुराने विवाद को लेकर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि गुस्साए सोनू ने अपनी पत्नी का दुपट्टे से गला घोंट दिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे सोनी की मौके पर ही मौत हो गई।

मासूम बच्चा बना गवाह: इस पूरी खौफनाक वारदात का गवाह दंपति का चार साल का मासूम बेटा विवान बना। बच्चे ने रोते हुए परिजनों को बताया कि उसके पापा ने ही उसकी मां के साथ मारपीट की और फिर उन्हें मार डाला।

FSL की टीम जांच में जुटी, आरोपी की तलाश तेज

घटना की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

सदर एसडीपीओ (SDPO) आलोक कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला पति-पत्नी के आपसी विवाद और हत्या का है। एफएसएल की टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पति फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को दबोच लिया जाएगा।


घर में मिली 4 साल की मासूम की बेसुध लाश, दुष्कर्म के प्रयास के बाद गला दबाकर हत्या की आशंका

शिवपुरी (मध्य प्रदेश): शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक गांव में चार साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती चिकित्सीय परीक्षण में बच्ची के साथ गलत काम की कोशिश और फिर गला दबाकर उसकी हत्या किए जाने की गंभीर आशंका जताई गई है। इस जघन्य वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है।

सूने घर में बेसुध मिली मासूम

जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे। पिता रोज की तरह मजदूरी पर गए थे और मां किसी जरूरी काम से भटनावर गई हुई थी। घर पर चार साल की मासूम अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। शाम करीब छह बजे जब पिता वापस लौटे, तो उन्हें बेटी घर के भीतर बेसुध हालत में मिली। घबराए पिता तुरंत उसे गोद में उठाकर पोहरी अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों ने जताई जघन्य कृत्य की आशंका

पोहरी अस्पताल के डॉक्टर जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि प्राथमिक जांच में बच्ची के शरीर पर कुछ बेहद संदिग्ध निशान मिले हैं।

डॉक्टर का बयान: “हालात को देखकर अंदेशा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की और पहचान उजागर होने के डर से गला दबाकर उसकी जान ले ली। मौत की असल और सटीक वजह डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए जाने वाले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी।”

एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर, जांच के लिए टीमें गठित

वारदात की गंभीरता को देखते हुए शिवपुरी पुलिस अधीक्षक (SP) यांगचेन डोलकर भूटिया, एसडीओपी पोहरी आनंद राय और स्थानीय थाना पुलिस तुरंत बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

पुलिस गांव के बच्चों, पड़ोसियों और परिजनों से लगातार पूछताछ कर रही है। एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है और हर संभावित एंगल से इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि आरोपी चाहे जो कोई भी हो, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है।


प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

देहरादून। देश के दिग्गज निशानेबाज, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले विदेश से लौटते समय विमान में उन्हें हृदयाघात आया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से खेल जगत, उत्तराखंड और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 28 जून 1976 को जन्मे जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। मूल रूप से नैनबाग क्षेत्र के निवासी जसपाल ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 1994 में जापान के हिरोशिमा में आयोजित एशियाई खेल 1994 में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। महज 18 वर्ष की आयु में हासिल की गई इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय शूटिंग का नया सितारा बना दिया था।

जसपाल राणा ने अपने करियर में एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और SAIF खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। वर्ष 1995 के चेन्नई और 1999 के काठमांडू SAIF खेलों में उन्होंने आठ-आठ स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा था। 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में उनकी दक्षता को आज भी भारतीय निशानेबाजी की मिसाल माना जाता है।

खेलों में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में पद्म श्री और 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जूनियर राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में उन्होंने कई प्रतिभाशाली निशानेबाज तैयार किए, जिनमें सौरभ चौधरी और अनीस भनवाला प्रमुख हैं। वह ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के भी कोच रहे। वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर द्वारा जीते गए दो ऐतिहासिक कांस्य पदकों के पीछे जसपाल राणा के मार्गदर्शन को अहम माना जाता है। राष्ट्रीय राइफल संघ ने उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।

जसपाल राणा के निधन से भारतीय निशानेबाजी ने अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया है। खेल जगत की कई हस्तियों, खिलाड़ियों और उनके शिष्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही है।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दो दिवसीय दून दौरा आज से: IMA पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दो दिवसीय दौरे के लिए उत्तराखंड की राजधानी पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रपति आज देहरादून पहुंचेंगी और शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड (POP) में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए दून पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

चप्पे-चप्पे पर पहरा, सीमाओं पर सघन चेकिंग

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए शहर में एक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। जिले की सीमाओं पर स्थापित चेक पोस्टों पर हर आने-जाने वाले वाहन की सघन जांच की जा रही है। इसके साथ ही, शहर के सभी होटलों, गेस्ट हाउसों, धर्मशालाओं और लॉजों में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।

यातायात व्यवस्था के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान

आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • ऋषिकेश से दून/मसूरी जाने वाले वाहन: ऋषिकेश और भानियावाला की ओर से आने वाले वाहनों को रानीपोखरी भोगपुर से थानों होते हुए 06 नंबर पुलिया, सहस्रधारा क्रासिंग और सर्वे चौक/आईटी पार्क के रास्ते भेजा जाएगा।

  • हरिद्वार से दून/मसूरी जाने वाले वाहन: इन वाहनों को भानियावाला फ्लाईओेवर सर्विस लेन से डोईवाला चौक, दूधली मार्ग और कारगी चौक होते हुए भेजा जाएगा। मसूरी जाने वाले वाहन कारगी चौक से आईएसबीटी, शिमला बाईपास और अनारवाला के रास्ते जाएंगे।

  • देहरादून शहर से हरिद्वार/ऋषिकेश जाने वाले वाहन: इन्हें कारगी चौक से दूधली मार्ग, डोईवाला चौक और भानियावाला सर्विस लेन होते हुए भेजा जाएगा।

  • प्रमुख बैरियर/चेक पॉइंट: भोगपुर तिराहा, कारगी चौक, सहस्रधारा क्रासिंग, भानियावाला फ्लाईओवर, शिमला बाईपास चौक, साईं मंदिर राजपुर रोड और दूधली रोड पर विशेष चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं।

शनिवार को IMA क्षेत्र रहेगा ‘जीरो जोन’

शनिवार को होने वाली पासिंग आउट परेड के दौरान सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आईएमए (IMA) की तरफ जाने वाले मार्ग पूरी तरह बंद रहेंगे और यह इलाका ‘जीरो जोन’ रहेगा।

बल्लूपुर से प्रेमनगर जाने वाले यातायात को रांघड़वाला तिराहा से मीठी बेरी की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। सेलाकुई/भाऊवाला से आने वाले भारी वाहनों को धूलकोट तिराहे से सिंघनीवाला होते हुए नया गांव की ओर भेजा जाएगा। वहीं, देहरादून से विकासनगर जाने वाले भारी वाहनों को शिमला बाईपास से डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से सुरक्षा जांच में सहयोग करने और नियमों का पालन करने की अपील की है।


जाबी सिंगर गुरु रंधावा के ब्रांड से जुड़े जिम पर ताबड़तोड़ फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पुष्कर एन्क्लेव स्थित पंजाबी गायक गुरु रंधावा के ब्रांड से जुड़े ’24 ऑवर फिटनेस जिम’ पर बृहस्पतिवार तड़के बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलीबारी की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन जिम के शीशे पूरी तरह टूट गए हैं।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, सलमान खान का नाम आया सामने

वारदात के कुछ ही देर बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य अनिल पंडित (जो फिलहाल अमेरिका में रह रहा है) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर इस हमले की जिम्मेदारी ली। अनिल पंडित ने अपनी पोस्ट में साफ तौर पर लिखा कि यह फायरिंग गुरु रंधावा की फिल्म अभिनेता सलमान खान से बढ़ती नजदीकियों के कारण की गई है।

गैंगस्टर की सोशल मीडिया पोस्ट: “गुरु रंधावा आजकल सलमान खान के कुछ ज्यादा ही करीबी हो रहे थे। हमने पहले भी समझाया था कि उससे दूर रहो, वह हमारा दुश्मन है, लेकिन इन्हें समझ नहीं आई। जितने भी हमारे दुश्मन हैं, वो दुनिया के किसी भी कोने में छुप जाएं, जल्द ही सबसे मुलाकात होगी।”

फ्रेंचाइजी मॉडल पर चल रहा था जिम, पुलिस जांच तेज

बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस जिम का गुरु रंधावा से सीधा मालिकाना हक नहीं है। यह जिम टैगोर गार्डन के एक कारोबारी द्वारा इसी साल फरवरी से चलाया जा रहा है, जो गुरु रंधावा से जुड़े फिटनेस ब्रांड की महज एक ‘फ्रेंचाइजी’ है।

पुलिस अब जिम मालिक से दस्तावेज मांगकर जांच कर रही है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि बिश्नोई गैंग द्वारा पहले भी गुरु रंधावा को सलमान खान से दूरी बनाने के लिए फोन और अन्य माध्यमों से धमकियां दी जा चुकी हैं।

स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अपराध शाखा (Crime Branch) की टीमों को भी जांच में लगा दिया गया है। हमलावरों की तलाश के लिए कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। बता दें कि अप्रैल 2024 में इसी गैंग ने सलमान खान के मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर भी फायरिंग की थी और तब से बॉलीवुड के कई कलाकार इनके निशाने पर हैं।


सराय रोहिल्ला में दिनदहाड़े डेढ़ करोड़ की लूट, पिस्टल के बल पर कैश लेकर फरार हुए बदमाश

नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में बुधवार दोपहर बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए एक रियल एस्टेट कंपनी के दो कर्मचारियों से दिनदहाड़े डेढ़ करोड़ रुपये लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी हवा में पिस्टल लहराते हुए पंजाबी बाग की तरफ फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए आधा दर्जन से अधिक टीमें गठित की हैं।

ओवरटेक कर रोका रास्ता, पिस्तौल तानकर लूटा बैग

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित नितिन और करण पश्चिम विहार स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी में कैशियर के रूप में काम करते हैं। बुधवार दोपहर वे अपने मालिक निशांत के कहने पर एक बैग में ₹1.5 करोड़ की नकदी लेकर स्कूटी से पुरानी दिल्ली के कूचा घासीराम स्थित एक फर्म के लिए निकले थे।

जैसे ही वे अशोक पार्क मेट्रो स्टेशन से इंद्रलोक के पास पहुंचे, लाल रंग की पल्सर बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उनकी स्कूटी को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया। एक बदमाश ने दोनों कैशियरों पर पिस्तौल तान दी, जबकि दूसरे ने रुपयों से भरा बैग छीन लिया। जब आस-पास के लोगों ने दखल देने की कोशिश की, तो बदमाशों ने गोली मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए।

आधा दर्जन टीमें जांच में जुटीं, अंदरूनी हाथ होने का शक

वारदात की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाश पश्चिम विहार स्थित कार्यालय से ही पीड़ितों का पीछा कर रहे थे। फिलहाल पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

पुलिस का बयान: “मामले की गंभीरता को देखते हुए सराय रोहिल्ला थाना पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ और एएटीएस (AATS) समेत कई टीमों को जांच में लगाया गया है। दोनों कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस बड़ी लूट के पीछे किसी करीबी या जानकार का हाथ (अंदरूनी सूत्र) हो सकता है।”


अवैध प्लॉटिंग और रियल एस्टेट अनियमितताओं पर कसेगा शिकंजा, रेरा में बड़े सुधारों की तैयारी

अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस अपनाएगा उत्तराखंड, परियोजनाओं की निगरानी और शिकायत निस्तारण होगा और मजबूत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में व्यापक सुधारों की तैयारी शुरू हो गई है। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में रेरा की कार्यप्रणाली, परियोजनाओं की निगरानी, शिकायत निस्तारण, बिल्डरों के पंजीकरण तथा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए गए।

रेरा से संबंधित समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, असम और हिमाचल प्रदेश में लागू रेरा व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए सर्वोत्तम व्यवस्थाएं अपनाई जाएं। इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य में लागू किए जाने वाले सुधारों का खाका तैयार किया जाएगा।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में रेरा के ऑनलाइन पोर्टल को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) से एकीकृत करने का सुझाव भी दिया गया, जिससे परियोजना पंजीकरण और अनुमोदन प्रक्रियाएं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें।

स्वीकृत नक्शे में बदलाव के लिए दो-तिहाई आवंटियों की सहमति जरूरी

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में यह भी प्रस्तावित किया गया कि रेरा पंजीकरण के बाद जारी प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया जाए कि स्वीकृत मानचित्र में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पहले संबंधित परियोजना के कम से कम दो-तिहाई आवंटियों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। इससे फ्लैट और प्लॉट खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा राज्य में बिल्डर और प्रमोटर पंजीकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रमोटरों द्वारा पूर्व में विकसित की गई परियोजनाओं का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे खरीदारों को डेवलपर के ट्रैक रिकॉर्ड की जानकारी मिल सके।

अवैध प्लॉटिंग पर रेरा की नजर, प्राधिकरणों के साथ साझा होगी कार्रवाई की सूचना

समीक्षा बैठक में राज्यभर में बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के निर्माण गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव आवास ने कहा कि विभिन्न विकास प्राधिकरणों से ऐसे मामलों की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस पर रेरा स्तर से किस प्रकार प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है, इसके लिए विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि जिन निर्माणों के विरुद्ध विकास प्राधिकरणों द्वारा सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य कार्रवाई की जाती है, उनकी सूचना रेरा को भी उपलब्ध कराई जाए। इससे खरीदारों को संभावित जोखिम वाली परियोजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।

बैठक में परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करने पर भी जोर दिया गया ताकि निवेशकों और खरीदारों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

रेरा के वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बैठक में बताया कि 500 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड क्षेत्रफल अथवा आठ से अधिक निर्मित इकाइयों वाली सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए विज्ञापन, बुकिंग, आवंटन तथा क्रय-विक्रय से पूर्व रेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि परियोजना और एजेंट पंजीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों के निस्तारण हेतु 30 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

रेरा की उपलब्धियों पर जानकारी देते हुए वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बताया गया कि वर्ष 2017 में गठन के बाद से अब तक राज्य में 689 रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। हिमालयी राज्यों में परियोजना पंजीकरण के मामले में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है। वहीं 510 पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों के साथ राज्य पहले स्थान पर है।

शिकायत निस्तारण के क्षेत्र में भी रेरा का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। प्राधिकरण को अब तक 1342 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 86 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। सीएम हेल्पलाइन और सीपीग्राम्स के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण भी किया गया है।

बैठक में बैंक अकाउंट डायरेक्शन-2025 के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। इसके तहत प्रत्येक रियल एस्टेट परियोजना के लिए तीन अलग-अलग बैंक खाते खोले जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे परियोजना निधियों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया जा सके। बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, अनु सचिव नरेंद्र सिंह रावत, अनुभाग अधिकारी राहुल सुन्दरियाल सहित सदस्य पंकज कुलश्रेष्ठ, सहायक अभियंता आनंद शंकर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध- डॉ. आर. राजेश कुमार

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। समीक्षा बैठक में हमने अन्य राज्यों की सफल व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने पर चर्चा की है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परियोजना नियमानुसार संचालित हो और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद निवेश का वातावरण मिले। अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही रेरा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, डिजिटल और समयबद्ध बनाया जाएगा ताकि निवेशकों, गृह खरीदारों और डेवलपर्स को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।


पित्थुवाला खुर्द में अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

लगभग एक बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत भूमि विकास के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सिमला बाईपास स्थित पित्थुवाला खुर्द क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।

पित्थुवाला खुर्द क्षेत्र में सुभाष कश्यप द्वारा लगभग एक बीघा भूमि पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति एवं स्वीकृत ले-आउट के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। निरीक्षण के उपरांत प्रकरण की जांच की गई, जिसमें भूमि विकास कार्य नियमों के विपरीत पाया गया। इसके बाद प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

अनधिकृत कॉलोनियों पर एमडीडीए की पैनी नजर
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, कॉलोनी विकास अथवा निर्माण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध विकास गतिविधियां न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करती हैं, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना के विकास में भी बाधा उत्पन्न करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा लगातार निगरानी एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेष राणा एवं प्राधिकरण के सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

नियमों के विरुद्ध भूमि विकास पर जारी रहेगा अभियान ;- बंशीधर तिवारी (उपाध्यक्ष एमडीडीए)

“ प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध हमारी कार्रवाई निरंतर जारी है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर भूमि विकास करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक विकास गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील है कि किसी भी भूखंड या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति एवं प्राधिकरण की स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें।”

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है :- मोहन सिंह बर्निया (सचिव एमडीडीए)
“प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। नागरिक किसी भी संपत्ति में निवेश से पूर्व उसकी वैधता अवश्य सुनिश्चित करें।”


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp