Wednesday, June 10th, 2026

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सुनाम की अनाज मंडी में व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट से खुले कई राज

Daily Archives: 10/06/2026

सुनाम की अनाज मंडी में व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट से खुले कई राज

सुनाम (पंजाब): संगरूर जिले के सुनाम के पास चीमा कस्बे से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की अनाज मंडी में एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने एक पीटर रेहड़े (जुगाड़ वाहन) के अंदर खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की भयावहता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

अंतिम संस्कार की सामग्री लेकर घर से निकला था मृतक सुनाम के डीएसपी हरविंदर सिंह खैरा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सुबह चीमा अनाज मंडी में एक रेहड़े में भीषण आग लगने की सूचना मिली थी। जब तक पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब तक वाहन में सवार व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान गुरुद्वारा जन्म स्थान चीमा के पास रहने वाले गुरनैब सिंह उर्फ नैब सिंह (58) के रूप में हुई है।

जांच में सामने आया कि नैब सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और गुरुघर की सेवा से जुड़े थे। उन्होंने आत्महत्या की तैयारी पहले ही कर ली थी। वारदात से एक दिन पहले ही उन्होंने अपने रेहड़े में सूखी लकड़ियां इकट्ठा की थीं। सुबह तड़के वह साइकिल से घर से निकले, निहंग छावनी के पास साइकिल खड़ी की और वहां से लकड़ियों से लदा रेहड़ा लेकर अनाज मंडी पहुंचे, जहाँ सुबह करीब 4:30 से 4:45 बजे के बीच उन्होंने खुद को आग के हवाले कर दिया।

सुसाइड नोट में मिला पैसों का हिसाब-किताब पुलिस को तलाशी के दौरान मृतक के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पत्र में गुरनैब सिंह ने लिखा कि वह अपने अंतिम संस्कार के लिए जरूरी सामग्री—जैसे लकड़ियां, तेल, डीजल, पेट्रोल और घी आदि अपने साथ ही लेकर जा रहा है। इसके साथ ही, सुसाइड नोट में उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ पैसों के लेनदेन का पूरा ब्योरा भी लिखा है, जिसे सुसाइड की मुख्य वजह माना जा रहा है।

डीएसपी खैरा के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह झुलस गया है। शिनाख्त की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट के लिए सिविल अस्पताल सुनाम के शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर लेनदेन के विवाद और मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से कराटे चैंपियनशिप के विजेता खिलाड़ियों ने मुलाकात की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने खिलाड़ियों को सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ज्ञात हो कि देहरादून के मल्टीपरपज हॉल, परेड ग्राउंड में 4 से 7 जून तक आयोजित सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में देहरादून की शौकीन कराटे अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और चार पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।

प्रतियोगिता में शानवी बोरा ने 7 वर्ष आयु वर्ग (-25 किलोग्राम) में स्वर्ण पदक, वेदान्त राहुत ने 10 वर्ष आयु वर्ग (-40 किलोग्राम) में रजत पदक, निवेदिता गैरोला ने 10 वर्ष आयु वर्ग (-30 किलोग्राम) में कांस्य पदक तथा दिग्यांत सेठ ने कैडेट वर्ग (-52 किलोग्राम) में कांस्य पदक अर्जित किया।

इस अवसर पर अकादमी के कोच शौकीन लाल ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए शीघ्र आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर कोच शौकीन लाल भी उपस्थित रहे।


काला जठेड़ी गैंग बनकर मांगी 3 करोड़ की रंगदारी, दिल्ली पुलिस ने दो कारोबारियों को दबोचा

नई दिल्ली: उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रंगदारी के एक अनोखे मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक कारोबारी से कुख्यात गैंगस्टर ‘काला जठेड़ी गैंग’ का नाम लेकर 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में दो व्यवसायियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के यमुनानगर निवासी साहिल गर्ग और राजन कालरा के रूप में हुई है।

बिज़नेस विवाद में रची ‘कैलिफोर्निया’ वाली साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि मेडिकल उपकरणों का कारोबार करने वाले साहिल गर्ग का पीड़ित कारोबारी रोहित जैन के साथ 2.95 करोड़ रुपये का व्यावसायिक विवाद चल रहा था। अपने पैसे वसूलने के लिए साहिल ने अपने दोस्त राजन कालरा के साथ मिलकर एक खतरनाक साजिश रची। राजन का भाई अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहता है। आरोपियों ने दिल्ली में बैठकर काला जठेड़ी गैंग के नाम से एक धमकी भरा वॉयस मैसेज तैयार किया और उसे कैलिफोर्निया भेजा। वहां से राजन के भाई ने इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर के जरिए यह मैसेज पीड़ित रोहित जैन को फॉरवर्ड कर दिया, ताकि पीड़ित को लगे कि उसे सीधे विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से धमकी मिल रही है।

डीसीपी ने दी मामले की विस्तृत जानकारी

उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) आकांक्षा यादव ने बताया कि राणा प्रताप रोड निवासी रोहित जैन ने आदर्श नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आ रहे हैं, जिसमें खुद को काला जठेड़ी गैंग का बदमाश बताते हुए साहिल गर्ग का बकाया पैसा चुकाने को कहा जा रहा है। धमकी देने वाले ने यह भी दावा किया था कि इस वसूली के लिए उसने साहिल से 50 लाख रुपये की टोकन राशि एडवांस ली है और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।

लगातार लोकेशन बदल रहे थे आरोपी

शिकायत मिलने के बाद आदर्श नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली। पुलिस ने पाया कि धमकी के लिए एक भारतीय और एक इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल हुआ था। जब पुलिस ने नामजद आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू किया, तो वे लगातार हरियाणा के करनाल, जगाधरी, यमुनानगर और चंडीगढ़ में अपनी लोकेशन बदल रहे थे। आखिरकार पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पहले राजन कालरा को दबोचा और फिर उसकी निशानदेही पर मुख्य साजिशकर्ता साहिल गर्ग को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।


अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील

बिना स्वीकृत मानचित्र बन रहे फ्लैट और डुप्लैक्स भवनों पर कार्रवाई

नियमों से समझौता नहीं, अवैध निर्माणों पर जारी रहेगा सख्त अभियान- बंशीधर तिवारी

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। प्राधिकरण ने कुल्हान और चन्द्रवनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अवैध भवनों को सील कर दिया। इनमें फ्लैट और डुप्लैक्स भवन शामिल हैं, जिनका निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृतियों और नियमों के विपरीत किया जा रहा था। एमडीडीए की इस कार्रवाई को राजधानी में बढ़ते अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में माना जा रहा है।

शिकायतों और निरीक्षण के बाद चला प्राधिकरण का बुलडोजर
एमडीडीए को इन निर्माणों के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने क्षेत्रीय निरीक्षण किया, जिसमें कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कुल्हान में फ्लैट परियोजना पर कार्रवाई
प्राधिकरण की पहली कार्रवाई नागल हटनाल, कुल्हान क्षेत्र में की गई। यहां चिराग तलवार द्वारा दो बहुमंजिला भवनों को जोड़कर फ्लैट विकसित किए जा रहे थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद एमडीडीए की टीम ने दोनों भवनों में बनाए जा रहे फ्लैटों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और उनकी टीम मौजूद रही।

चन्द्रवनी में दो डुप्लैक्स भवनों पर लगा ताला
इसके बाद एमडीडीए की टीम ने चन्द्रवनी रोड स्थित द्वारिका पुरी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां सुभाष चौधरी द्वारा दो डुप्लैक्स भवनों का निर्माण कराया जा रहा था। जांच में निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। प्राधिकरण ने दोनों डुप्लैक्स भवनों को सील कर निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा तथा सुपरवाइजरों की टीम मौके पर मौजूद रही।

देहरादून में अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख
एमडीडीए का कहना है कि राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे भवन शहरी नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं और भविष्य में यातायात, पार्किंग, पेयजल, सीवरेज और आपदा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

नियमों का पालन नहीं किया तो होगी और सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां और मानचित्र अनुमोदन लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे भवन निर्माण से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करें ताकि बाद में किसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। लगातार हो रही सीलिंग कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि राजधानी में अवैध निर्माणों को लेकर अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। एमडीडीए सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। प्राधिकरण का मानना है कि नियमानुसार विकास ही देहरादून के भविष्य को सुरक्षित और व्यवस्थित बना सकता है।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ जारी है। कुल्हान और चन्द्रवनी में की गई सीलिंग कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। एमडीडीए का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि राजधानी में सुनियोजित, सुरक्षित और नियमसम्मत विकास सुनिश्चित करना है। सभी नागरिकों और भवन स्वामियों से अनुरोध है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करें। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध निर्माणों की लगातार की जा रही है निगरानी- मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को चाहिए कि वे किसी भी निर्माण कार्य से पहले स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें। एमडीडीए राजधानी के नियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।


मूलचंद मेट्रो स्टेशन के पास AATS ने 17 मामलों के वांटेड अपराधी सोनू को किया ढेर, पैर में लगी गोली

नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) टीम को बीती रात एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मूलचंद मेट्रो स्टेशन के पास, लेडी श्री राम कॉलेज के पीछे स्थित एक गली में पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस क्रॉस-फायरिंग में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अपराधी की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जो गोविंदपुरी थाने का एक घोषित ‘बैड कैरेक्टर’ (कुख्यात अपराधी) है। मुठभेड़ के वक्त जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो सोनू ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी गोलीबारी की, जिसमें सोनू घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

17 संगीन मामलों में था वांछित

पुलिस के अनुसार, सोनू पर चोरी, डकैती और लूटपाट जैसे कुल 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि सोनू की गिरफ्तारी से इलाके में चोरी और झपटमारी की वारदातों पर लगाम लगेगी। फिलहाल पुलिस अस्पताल में उसकी सेहत सुधरने का इंतजार कर रही है, ताकि पूछताछ के जरिए उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके। मामले की आगे की तफ्तीश जारी है।


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