Wednesday, June 10th, 2026

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12वीं की छात्रा ने की खुदकुशी: कमरे से मिला संदिग्ध मोबाइल और गर्भनिरोधक गोलियां, पिता बोले- ‘मैंने कभी फोन नहीं दिलाया’

Daily Archives: 10/06/2026

12वीं की छात्रा ने की खुदकुशी: कमरे से मिला संदिग्ध मोबाइल और गर्भनिरोधक गोलियां, पिता बोले- ‘मैंने कभी फोन नहीं दिलाया’

भोपाल: पुराने शहर के बजरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और संदिग्ध मामला सामने आया है। यहाँ एक 17 वर्षीय किशोरी ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से पुलिस को एक मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता बरामद हुआ है, जिसने इस पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है। पुलिस ने इन साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

भाई-बहन बाहर खेल रहे थे, तभी हुई वारदात

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका ने हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की थी। वह अपने पिता और दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहती थी, जबकि उसकी मां साल 2017 से परिवार से अलग रह रही है। घटना के वक्त मृतका के छोटे भाई-बहन घर के बाहर खेल रहे थे। रात को जब वे वापस लौटे और काफी देर तक आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने अपने चाचा और पिता को सूचित किया। पिता ने जब दरवाजे के एक छेद से अंदर झांका तो अनहोनी का पता चला। दरवाजा तोड़े जाने पर किशोरी फंदे से लटकी मिली, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

कमरे से मिला मोबाइल और दवाइयां बनीं रहस्य

मौके पर पहुंची पुलिस टीम को मृतका के कमरे से एक मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक दवाइयों का पत्ता मिला। इस बरामदगी ने मृतका के पिता को भी हैरत में डाल दिया है। पिता का कहना है कि उन्होंने बेटी को कभी मोबाइल फोन नहीं दिलाया था, ऐसे में यह फोन किसका है और उसके पास कहाँ से आया, यह उनके लिए बड़ा रहस्य है। पिता ने कमरे में मिली दवाइयों के बारे में भी अनभिज्ञता जताई है और पुलिस से मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की मांग की है।

सुसाइड नोट नहीं मिला, तकनीकी जांच में जुटी पुलिस

बजरिया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के तात्कालिक कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (CDR) और तकनीकी डेटा की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और संदिग्ध मोबाइल की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।


‘अल्फा’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में छाई आलिया भट्ट

यशराज फिल्म्स की बहुप्रतीक्षित स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ का टीजर रिलीज होते ही चर्चा का विषय बन गया है। दमदार एक्शन, रहस्यमयी मिशन और आलिया भट्ट के नए अवतार ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-केंद्रित कहानी मानी जा रही है, जिसमें देश की सुरक्षा से जुड़े एक खास मिशन की झलक दिखाई गई है।

फिल्म के टीजर की शुरुआत एक भावनात्मक दृश्य से होती है, जहां बॉबी देओल अपनी बेटी के रूप में नजर आ रही आलिया भट्ट के 18वें जन्मदिन पर उन्हें एक विशेष जिम्मेदारी सौंपते दिखाई देते हैं। इसके बाद कहानी अचानक रोमांचक मोड़ लेती है और आलिया एक खतरनाक गुप्त मिशन का हिस्सा बनती नजर आती हैं।

टीजर में आलिया भट्ट का जबरदस्त एक्शन अवतार देखने को मिलता है। हाई-ऑक्टेन स्टंट, फाइट सीक्वेंस और मिशन से जुड़ी रहस्यमयी झलकियां फिल्म को एक बड़े स्पाई ड्रामा के रूप में पेश करती हैं। संवादों से संकेत मिलता है कि ‘अल्फा’ नाम उन चुनिंदा योद्धाओं को दिया जाता है, जिन्हें देश की सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाता है।

फिल्म में आलिया भट्ट के अलावा बॉबी देओल, शरवरी और अनिल कपूर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। YRF स्पाई यूनिवर्स की यह नई पेशकश 3 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टीजर को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

(साभार)


उत्तराखंड के धामों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, व्यवस्थाओं पर बढ़ा दबाव

पूजा भट्ट

उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों—केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब—में पीक सीजन के दौरान बढ़ती श्रद्धालु संख्या अब व्यवस्थाओं पर भारी पड़ने लगी है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि मौजूदा संसाधन कई जगहों पर बढ़ते दबाव को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। रिपोर्ट में भीड़ नियंत्रण, भूस्खलन जोखिम प्रबंधन, शुल्क आधारित पंजीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे कई सुझाव दिए गए हैं।

यह अध्ययन उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की ओर से वर्ष 2024 में सौंपे गए कार्य के तहत किया गया। संस्थान ने करीब एक वर्ष तक चारों धामों में यात्रियों की संख्या, ठहरने की क्षमता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन पार्किंग, आवाजाही, घोड़े-खच्चरों की संख्या और उनके प्रबंधन समेत विभिन्न पहलुओं का आकलन किया। अध्ययन के बाद तैयार रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पीक सीजन में धामों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या उपलब्ध सुविधाओं से अधिक हो रही है। कई स्थानों पर ठहरने की क्षमता सीमित है और वाहन पार्किंग पर अतिरिक्त दबाव देखा गया। भीड़ बढ़ने के कारण शौचालय और कूड़ा प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

अध्ययन में केदारनाथ क्षेत्र में हेलिकॉप्टर गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पीक अवधि में हर घंटे 20 से 30 हेलिकॉप्टर उड़ान भरते हैं और इनसे उत्पन्न ध्वनि स्तर 50 डेसीबल से अधिक दर्ज किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 40 डेसीबल से अधिक ध्वनि वन्यजीवों को प्रभावित कर सकती है। इसी तरह गंगोत्री क्षेत्र में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही को भी चिंता का विषय बताया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चारधाम क्षेत्रों में कुल 24 प्रकार के अपशिष्ट उत्पन्न हो रहे हैं। गंगोत्री और हेमकुंड साहिब में कूड़ा संग्रहण व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई, लेकिन अपशिष्ट प्रसंस्करण व्यवस्था पर्याप्त नहीं मिली। वहीं केदारनाथ और यमुनोत्री में संग्रहण और प्रसंस्करण दोनों स्तरों पर कमियां दर्ज की गईं।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि गंगोत्री और यमुनोत्री में कुछ स्थानों पर कचरा जलाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। गंगोत्री में स्थापित कचरा दहन संयंत्र भागीरथी ईको-सेंसिटिव जोन में होने के कारण जुलाई 2025 के बाद उसका संचालन बंद कराया गया। यमुनोत्री क्षेत्र में भी हिमनद के निकट इंसीनरेटर होने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और यमुनोत्री के कचरा निस्तारण स्थल वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और यमुनोत्री में स्थिति सबसे कमजोर दर्ज हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, रुद्र प्वाइंट से केदारनाथ मार्ग के बीच सार्वजनिक शौचालयों की क्षमता रोटेशन के आधार पर लगभग 2460 लोगों की है, लेकिन बढ़ती संख्या के कारण खुले में शौच की स्थिति भी सामने आई है।

वाहन पार्किंग को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है। केदारनाथ धाम क्षेत्र में 1054 वाहनों की पार्किंग क्षमता बताई गई है, जबकि व्यस्त दिनों में कई किलोमीटर तक सड़क किनारे वाहन खड़े होने की स्थिति बनती है।

इसके अलावा, रात में खच्चरों के जरिए यात्रा संचालन और पशुओं के साथ व्यवहार से जुड़े मुद्दों का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि चारधाम क्षेत्रों में वाइल्ड लाइफ प्रूफ डस्टबिन की व्यवस्था मौजूद नहीं है।

शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें अध्ययन की ड्राफ्ट रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और सुझावों की समीक्षा की जा रही है।


हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: 72 घंटे में बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

हरिद्वार: उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस और सीआईयू (CIU) टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महज 72 घंटों के भीतर अंतर्राज्यीय बच्चा चोरी और मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो महिलाओं सहित गिरोह के छह शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के तहत कनखल क्षेत्र से अपहृत की गई तीन वर्षीय मासूम बच्ची राधिका को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बच्चों की चोरी कर उन्हें 2 से 5 लाख रुपये में निसंतान दंपतियों को बेच देता था।

मासूम राधिका के साथ एक और बच्चा बरामद

 सुबह मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 6 जून को बैरागी कैंप निवासी विनोद सोलंकी ने अपनी तीन वर्षीय बेटी राधिका के अपहरण की रिपोर्ट कनखल कोतवाली में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन किया।

चूंकि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए फिरौती की संभावना न के बराबर थी। पुलिस ने बच्चा चोरी और मानव तस्करी के एंगल पर काम शुरू किया। सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने और मुखबिरों को सक्रिय करने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाया। पुलिस की घेराबंदी से घबराकर आरोपी बच्ची राधिका को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग निकले, जहाँ से पुलिस ने उसे सकुशल रिकवर किया।

पूछताछ में खुला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी हुए बच्चे का राज

पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। गिरोह ने स्वीकार किया कि उन्होंने बीते 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से भी एक डेढ़ वर्षीय बच्चे (कार्तिक) का अपहरण किया था और उसे उत्तर प्रदेश के बदायूं में डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। हरिद्वार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बदायूं से मासूम कार्तिक को भी सकुशल बरामद कर लिया है और इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी है।

कॉरपोरेट स्टाइल में बंटी थी गिरोह की जिम्मेदारियां

एसएसपी भुल्लर ने बताया कि इस गिरोह में सभी सदस्यों का काम तय था। कुछ सदस्य गरीब बस्तियों और रेलवे स्टेशनों पर रेकी करके बच्चों को चुराते थे, तो कुछ उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर निसंतान दंपतियों को अपना या अनाथ बताकर बेचते थे। मोहम्मद आकिल और प्रीति शर्मा नाम के आरोपी बच्चों की कीमत तय करने और डील फाइनल करने का मुख्य काम करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

  1. मो. आकिल (निवासी अमरोहा/मुरादाबाद, यूपी)

  2. नसीमा (आकिल की पत्नी)

  3. जुल्फेकार (निवासी अमरोहा, यूपी)

  4. धर्मेंद्र कुमार (निवासी मुजफ्फरनगर/लक्सर, यूपी)

  5. प्रीति शर्मा (निवासी जालौन/मुजफ्फरनगर, यूपी)

  6. शिवा सिंह उर्फ गौरव (निवासी सिवान, बिहार/ज्वालापुर)


काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद

काशीपुर। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने काशीपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।

एसटीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार में अवैध हथियारों का जखीरा मौजूद है। सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर वाहन को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान कार से एक 12 बोर पम्प एक्शन गन, एक .22 बोर सेमी ऑटोमैटिक राइफल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर रिवॉल्वर, 237 जिंदा कारतूस, चार मैगजीन तथा सात फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।

एसटीएफ के अनुसार बरामद हथियार, कारतूस और फर्जी लाइसेंस काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल से संबंधित पाए गए हैं। मामले में काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के दौरान अब तक तीन अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं और पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही पांच अवैध हथियार और कई फर्जी लाइसेंस भी बरामद किए गए हैं।

एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की सूचना तत्काल एसटीएफ को दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

बरामदगी में शामिल:

01 पम्प एक्शन गन (12 बोर)
01 सेमी ऑटोमैटिक राइफल (.22 बोर)
01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर)
01 रिवॉल्वर (.32 बोर)
237 जिंदा कारतूस
04 मैगजीन
07 फर्जी शस्त्र लाइसेंस
01 स्विफ्ट कार (UK18P-5046)

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस या अवैध हथियार की जानकारी मिलने पर तत्काल एसटीएफ के हेल्पलाइन नंबर 9412029536 पर संपर्क करें।


मसूरी रोड पर दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत

SDRF ने खाई से निकाले शव

देहरादून। मसूरी रोड के झड़ीपानी क्षेत्र में बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), फायर सर्विस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

SDRF की सहस्त्रधारा पोस्ट से अपर उपनिरीक्षक मनोज जोशी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। खाई की गहराई और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के कारण बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद बचाव दलों ने समन्वित प्रयास करते हुए खाई में उतरकर राहत कार्य संचालित किया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार में सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद SDRF, पुलिस और फायर सर्विस की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी शवों को खाई से बाहर निकालकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान सत्यप्रकाश निवासी सोनीपत (हरियाणा), मानित (19 वर्ष) निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), सविता (48 वर्ष) पत्नी धर्मवीर निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) तथा संगीता (46 वर्ष) पत्नी टीटू निवासी करोलबाग (दिल्ली) के रूप में हुई है।

फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।


केदारनाथ में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, खुद को IRCTC एजेंट बताने वाला आरोपी गिरफ्तार

 न्यायालय के समक्ष पेश करने के उपरान्त भेजा गया पुरसाड़ी जेल

​रुद्रप्रयाग– श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम दर्शन हेतु रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा व्यवस्थाओं में खलल डालने तथा यात्रियों से धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा निरन्तर सख्त कार्यवाही की जा रही है।

​इसी क्रम में गत दिवस को चौकी केदारनाथ पर सूचना दी गई कि चिराग नाम के व्यक्ति द्वारा किसी स्थानीय व्यक्ति एवं होटल मालिक के साथ मिलकर यात्रियों को वीआईपी दर्शन कराने का झांसा दे रहा है। उक्त व्यक्ति द्वारा एक ग्रुप के 10 लोगों से 3,000-3,000 हजार रुपये (कुल 30,000 रुपये) की धोखाधड़ी की गई है। इस गंभीर शिकायत पर चौकी केदारनाथ पुलिस द्वारा तत्काल त्वरित कार्यवाही की गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए अभियुक्त चिराग को श्री केदारनाथ धाम परिसर से हिरासत में लेकर उसके कब्जे से धोखाधड़ी के 5,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ​पूछताछ के दौरान उसने द्वारा स्वीकार किया गया कि वह इस अवैध और धोखाधड़ी के कार्य को एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मिलकर अंजाम दे रहा था।

इस मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली सोनप्रयाग पर मुकदमा अपराध संख्या 26/2026, धारा 318(4), 319(2) व 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को वैधानिक कार्यवाही के उपरान्त माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार चमोली भेज दिया गया है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

अभियुक्त का विवरण – चिराग पुत्र चुन्नी लाल, निवासी- ग्राम बतल, पोस्ट भामला, थाना बल्दवाड़ा, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश।

​रुद्रप्रयाग पुलिस समस्त श्रद्धालुओं से अपील करती है कि वे केदारनाथ धाम में किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और दर्शन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का प्रयास करता है, तो तुरन्त नजदीकी पुलिस चौकी या आपातकालीन नम्बर 112 पर सूचित करें।


प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन के लिए 500 नए वाहन दिए जाएंगे

निकायों की समस्याओं के समाधान को सरकार प्रतिबद्ध, विकास कार्यों में नहीं आने दी जाएगी कोई बाधा -मंत्री राम सिंह कैड़ा

राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय में प्रदेशभर के निकायों की विकास योजनाओं की समीक्षा

देहरादून।  उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता मै प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में प्रदेश के सभी नगर निगमो में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगमों के महापौर, नगर आयुक्तों सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए शहरी विकास मंत्री कैड़ा ने कहा कि राज्य सरकार जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व मै हमारी सरकार नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।

उन्होंने कहा कि नगर निकायों के जनप्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। इसलिए उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निकायों से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

शहरी विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 500 अतिरिक्त कूड़ा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं साथ ही इन वाहनों की निगरानी और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में  63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि निकायों में लंबे समय से रिक्त चल रहे अधिशासी अधिकारी, अपर अभियंता तथा राजस्व निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

मंत्री कैड़ा ने सभी नगर निकायों से अपनी आय के स्रोत बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से सशक्त निकाय ही बेहतर जनसेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा राजस्व वृद्धि के नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार, विद्युत, पेयजल एवं गैस पाइपलाइन को भूमिगत करने, डंपिंग जोन विकसित करने, गौशालाओं के निर्माण तथा अन्य विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। इसके साथ ही आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त संख्या में शेल्टर होम विकसित करने पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि निकायों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी गंभीरता से प्रयास करेगी तथा उनके सुझावों को भी योजनाओं में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संवाद और समन्वय किसी भी समस्या के समाधान की सबसे प्रभावी कुंजी है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार की समीक्षा बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा सके और जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे हो सकें।

बैठक में विभिन्न निकायों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, स्वच्छता प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा शहरी विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस दौरान बैठक मै सभी नगर निगमो के महापौर गण, सचिव नितेश झा, अपर सचिव विनोद गिरी गोस्वामी, नगर निगमो के नगर आयुक्त, उच्च अधिकारी मौजूद रहे!


शिमला के सरकारी स्कूल में चोरों का अनोखा कारनामा, पहले खिचड़ी खाई फिर बर्तन लेकर फरार

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सरकारी स्कूलों में चोरों के हौसले बुलंद हैं। शिमला के शिवपुरी स्थित एक सरकारी स्कूल से चोरी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ चोरों ने न केवल स्कूल के भीतर घुसपैठ की, बल्कि बच्चों के मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) के राशन से आराम से पतीले में खिचड़ी पकाई, उसे खाया और उसके बाद स्कूल रसोई के कीमती बर्तन और अन्य सामान समेटकर फरार हो गए।

छुट्टी का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सरकारी अवकाश के दौरान हुई जब स्कूल परिसर पूरी तरह बंद था। चोरों ने इसी सूनेपन का फायदा उठाया। स्कूल के भीतर दाखिल होकर चोरों ने बच्चों के राशन का इस्तेमाल किया। पेट पूजा करने के बाद चोरों ने स्कूल की रसोई से तीन थालियां, दो पतीले, एक डिनर सेट, गैस बर्नर और एक कढ़ाई पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब स्कूल स्टाफ ड्यूटी पर पहुंचा, तब बिखरा सामान देखकर इस अजीबोगरीब चोरी का खुलासा हुआ। इसके तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन और पुलिस को सूचित किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही छोटा शिमला थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

इस घटना के बाद खलीनी स्कूल के प्रिंसिपल और क्लस्टर हेड अजय वशिष्ठ ने भी मौके का मुआयना किया और पुलिस को जरूरी जानकारी दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवपुरी क्षेत्र में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। स्कूल में चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) न होने के कारण सुरक्षा में बड़ी चूक हो रही है, जिससे असामाजिक तत्वों को आसानी से अंदर आने का मौका मिल जाता है। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।


SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू

देवप्रयाग। देवप्रयाग-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात एक सड़क हादसा हो गया। बुलेट मोटरसाइकिल सवार दो युवक अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। सूचना मिलते ही SDRF और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार, दुर्घटना देवप्रयाग से लगभग पांच किलोमीटर पहले श्रीनगर की ओर हुई। हादसे की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक ललित मोहन भट्ट के नेतृत्व में SDRF पोस्ट श्रीनगर की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर SDRF ने देवप्रयाग पुलिस के साथ मिलकर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भूभाग के बावजूद SDRF जवानों ने खाई में उतरकर दोनों घायलों तक पहुंच बनाई। कठिन परिस्थितियों में चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दोनों युवकों को जीवित अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार देने के पश्चात एंबुलेंस से बेस अस्पताल श्रीनगर भेजा गया।

घायलों की पहचान पीयूष शर्मा (19) पुत्र जितेंद्र शर्मा तथा हर्ष कुशवाहा (22) पुत्र राजकुमार कुशवाहा, निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। हादसे में दोनों युवकों के पैर और कमर में चोटें आई हैं।

SDRF की त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और प्रशिक्षित रेस्क्यू कौशल के चलते दोनों युवकों की जान बचाई जा सकी। स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू टीम के प्रयासों की सराहना की है।


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