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नाबालिग बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी को आजीवन कारावास

Daily Archives: 28/06/2026

नाबालिग बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी को आजीवन कारावास

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मांडर थाना क्षेत्र में दो वर्ष पहले दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के मामले में अदालत ने शनिवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। पोक्सो (POCSO) के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने मुख्य अभियुक्त सुशील उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद अब दोषी सुशील उरांव को अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे काटनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

दिल दहला देने वाली यह सामूहिक दुष्कर्म की घटना 17 अप्रैल 2024 की है। चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार में आयोजित एक मेले को देखने दोनों नाबालिग बहनें गई थीं। वहां उनकी मुलाकात दो अन्य नाबालिग लड़कों से हुई। मेला समाप्त होने के बाद दोनों बहनें उन लड़कों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर के लिए निकलीं।

रास्ते में दोनों नाबालिग आरोपितों ने बहनों को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए। जब पीड़िताओं ने अपने घर जाने की जिद की, तो आरोपितों ने जल्द ही छोड़ देने का झांसा देकर उन्हें रोक लिया और दोनों के साथ दुष्कर्म किया।

 इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने के बाद दोनों नाबालिग आरोपितों ने अपने दोस्त सुशील उरांव को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सुशील उरांव ने भी एक नाबालिग पीड़िता को हवस का शिकार बनाया। वारदात के बाद किसी तरह एक पीड़िता अपराधियों के चंगुल से भाग निकलने में सफल रही और उसने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई। वहीं, दूसरी पीड़िता को आरोपितों ने अगली सुबह बीजुपाड़ा-खलारी रोड स्थित जंगल के पास छोड़ दिया था, जिसे बाद में पुलिस और परिजनों ने सकुशल बरामद किया।

 पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य अभियुक्त सुशील उरांव को 24 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जो तब से जेल में ही है। पुलिस जांच में इस मामले के अन्य दो आरोपित नाबालिग पाए गए हैं, जिनके खिलाफ कानून के मुताबिक जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड में सुनवाई चल रही है।


एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा एक्शन, तीन स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध आवासीय एवं व्यवसायिक निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा नियमों के विपरीत किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले दोहरण रोड स्थित आईटी पार्क के निकट पुनीत अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना संचालित पाया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया।

इसी क्रम में दूसरी कार्रवाई जमन्नीवाला सिंगली रोड क्षेत्र में की गई, जहां अरुण कुमार गुप्ता द्वारा अवैध रूप से व्यवसायिक निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण कर निर्माण को नियमों के विपरीत पाया और तत्काल प्रभाव से भवन को सील कर दिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने निर्माणकर्ता को विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना निर्माण न करने की चेतावनी भी दी।

तीसरी और महत्वपूर्ण कार्रवाई पंडितवाड़ी स्थित कैलाश पाम सिटी सोसायटी में की गई। यहां राकेश सुरी द्वारा अवैध रूप से निर्मित बेसमेंट एवं ग्राउंड फ्लोर पर कार्रवाई करते हुए एमडीडीए ने सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण की ओर से की गई इन कार्रवाइयों के दौरान संबंधित अभियंताओं, सुपरवाइजरों तथा पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। दोहरण रोड और जमन्नीवाला क्षेत्र में की गई कार्रवाई के समय सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता विदिता एवं सुपरवाइजरी टीम मौजूद रही। वहीं कैलाश पाम सिटी सोसायटी में की गई कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता अभिजीत, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल तैनात रहा।

प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे सभी निर्माण चिन्हित किए जा रहे हैं जो बिना स्वीकृति के बनाए जा रहे हैं या स्वीकृत मानचित्र से विपरीत हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना तथा शहर में अनियंत्रित एवं अवैध निर्माणों पर रोक लगाना है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी नागरिकों और भवन स्वामियों से अपेक्षा की जाती है कि वे निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें तथा निर्धारित मानकों का पालन करें। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम लगातार निगरानी कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग, ध्वस्तीकरण एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित एवं सुरक्षित विकास एमडीडीए की प्राथमिकता है और इसके लिए अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा नियमों के विपरीत किए गए निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से निर्माण से पहले आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की अपील की।


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