Wednesday, September 16th, 2026

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लोहरदगा में घरेलू विवाद में पिता ने टांगी से काटकर बेटे की हत्या की, एक घंटे में गिरफ्तार

Monthly Archives: September 2026

लोहरदगा में घरेलू विवाद में पिता ने टांगी से काटकर बेटे की हत्या की, एक घंटे में गिरफ्तार

लोहरदगा। जिले के कुडू थाना क्षेत्र के सलगी गरभू टोली गांव में बुधवार सुबह घरेलू विवाद में पिता ने अपने ही पुत्र की टांगी से वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी करते हुए करीब एक घंटे के भीतर उसे सलगी जंगल से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल टांगी भी बरामद कर ली है। बताया गया कि सलगी गरभू टोली निवासी सुरेश वर्मा और उसके पुत्र संजय वर्मा के बीच पिछले एक सप्ताह से विवाद चल रहा था। संजय अपने पिता के नशे की हालत में रहने का विरोध करता था।

बुधवार सुबह सुरेश वर्मा घर से बाहर गया था। कुछ देर बाद वह नशे की हालत में वापस लौटा। उस समय संजय अपने कमरे में सो रहा था। आरोप है कि घर लौटने के बाद सुरेश ने टांगी से सो रहे संजय पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से संजय की मौके पर ही मौत हो गई।

कुछ देर बाद घर के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी हुई। कमरे में संजय को मृत देखकर स्वजनों ने कुडू थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजीत कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया।

घटना के बाद फरार सुरेश वर्मा की तलाश में पुलिस ने आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने उसे सलगी जंगल से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद की गई।

पुलिस आरोपित से पूछताछ कर घटना के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे आपसी विवाद की बात सामने आ रही है। अनुसंधान पूरा होने के बाद ही घटना का पूरा कारण स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री

राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नशे से दूर रहने और उत्तराखण्ड के विकास में योगदान देने के तीन संकल्प लेने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्मदिवस के अवसर पर देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जन्मदिवस को युवाओं के बीच मनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं का आभार जताया और कहा कि युवा शक्ति के बीच मौजूद रहना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने में आज की युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद अहम होगी। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आज के युवा ही देश और प्रदेश के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और अनुशासित है तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखता है। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर काम कर रही है। प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव या उत्तराखण्ड न छोड़ना पड़े। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

तकनीक के दौर में आधुनिक कौशल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक के कारण रोजगार और उद्योग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

युवा आयोग को बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से जुड़ी नीतियां तैयार करते समय उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएगा।

खेल और भर्ती व्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। सरकार खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं के विकास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और अधिकार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। कोई भी नियुक्ति महज एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि उसके पीछे युवा की मेहनत और परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।

युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान

अपने जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने पहला संकल्प जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा स्वयं नशे से दूर रहने और साथियों को भी नशे से दूर रखने तथा तीसरा जीवन में सफलता हासिल करने के बाद अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास के लिए समर्पित करने का लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवा के किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने तथा सोशल मीडिया पर मिलने वाली आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना जरूरी है।

नशे से दूर रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल

महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकार संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए आयोग की आगामी रणनीति तय, आयोग के माध्यम से मातृशक्ति को अधिक सशक्त बनाने का लिया संकल्प

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, 13 जनपदों के लिए नई कार्ययोजना तैयार

महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक कर आत्मनिर्भर, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना आयोग का लक्ष्य- कुसुम कंडवाल

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम बोर्ड बैठक निदेशालय, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, देहरादून में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण, जनजागरूकता, आयोग की कार्यप्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी वर्ष की व्यापक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाया गया है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलम्बन एवं गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। राज्य महिला आयोग इसी भावना के साथ सरकार एवं प्रशासन के समन्वय में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।

अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की कार्यशैली के प्रति महिलाओं का विश्वास निरंतर बढ़ा है। प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय, ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों से भी महिलाएँ अपनी शिकायतें और प्रार्थना-पत्र लेकर आयोग तक पहुँच रही हैं। शिकायतों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ आयोग को न्याय एवं संरक्षण का विश्वसनीय मंच मान रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध सहायता, विधिक परामर्श और न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इसी बढ़ते कार्यभार एवं महिलाओं की अपेक्षाओं को देखते हुए बोर्ड बैठक में आयोग में 10 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। वहीं बोर्ड बैठक के दौरान आयोग के सदस्यगण के मानदेय में यथोचित वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव पारित किया गया। स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में आयोग की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग की उपाध्यक्षों को जनपदवार दायित्व प्रदान किए गए। ऐश्वर्या रावत को पौड़ी, टिहरी एवं रुद्रप्रयाग, चन्द्रकला तिवारी को उत्तरकाशी एवं चमोली तथा शायरा बानो को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। सदस्यगण अपने-अपने जनपदों में नियमित जनसुनवाई, महिला जागरूकता कार्यक्रम, वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण तथा महिला अधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यों का संचालन करेंगे। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण निर्धारित जनपद में वन स्टॉप सेंटर में नियमित जनसुनवाई में प्रतिभाग करेंगी तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर महिला अधिकार संरक्षण के कार्यों को गति देंगी।

बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध से जुड़े मामलों तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष बल दिया गया। आयोग ने निर्णय लिया कि महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा, “महिला आयोग की वास्तविक सफलता तब होगी, जब उत्तराखंड की अंतिम पंक्ति में बैठी मातृशक्ति, सीमांत क्षेत्र की बेटी और दूरस्थ गाँव की महिला भी यह विश्वास करे कि राज्य महिला आयोग उसके साथ खड़ा है। हमारा प्रत्येक निर्णय महिला गरिमा, सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण को समर्पित है।”

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल शिकायतों का समाधान नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य महिला आयोग हर जनपद, हर गाँव और हर परिवार तक अपनी संवेदनशील पहुँच सुनिश्चित करेगा।

बैठक में सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, चन्द्रकला तिवारी एवं शायरा बानो, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह तोमर, उप निरीक्षक स्वाति चमोली, आधार वर्मा, वीरेन्द्र रावत, अंजली ध्यानी सहित आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


डोईवाला में वाहन चोरी का 8 घंटे में खुलासा, डिलीवरी बॉय समेत दो मौसेरे भाई गिरफ्तार

देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने आठ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ब्लिंकिट का डिलीवरी बॉय भी शामिल है। दोनों आरोपी आपस में मौसेरे भाई हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई स्कूटी के कटे और खोले गए विभिन्न पार्ट्स तथा स्कूटी खोलने में इस्तेमाल किए गए टूल्स बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को सरनदीप सिंह निवासी नकरौदा सैनिक कॉलोनी, हर्रावाला ने कोतवाली डोईवाला में शिकायत दी थी कि उन्होंने अपनी 4G एक्टिवा संख्या UK07BY-3105 मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे खड़ी की थी। वापस लौटने पर स्कूटी वहां नहीं मिली। शिकायत के आधार पर कोतवाली डोईवाला में मुकदमा अपराध संख्या 278/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने पूर्व में वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुके आरोपियों का सत्यापन किया और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर 15 सितंबर को लेन नंबर-02, दिल्ली फार्म हर्रावाला से रजत चौहान (22) और करन चौहान (21) को चोरी की गई एक्टिवा के कटे और खुले पार्ट्स के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दोनों मौसेरे भाई हैं। करन चौहान देहरादून से बीकॉम कर रहा है और ब्लिंकिट में डिलीवरी बॉय का काम करता है। वह हर्रावाला क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है। वहीं रजत चौहान एचएम का कोर्स करने के बाद देहरादून में नौकरी की तलाश कर रहा है और एमडीडीए कॉलोनी, केदारपुरम में किराये के मकान में रहता है।

पुलिस के अनुसार, दोनों को अपने शौक और अन्य जरूरतें पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने वाहन चोरी की योजना बनाई। मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे रैकी के दौरान उन्हें एक्टिवा का हैंडल लॉक खुला मिला। रजत ने स्कूटी चोरी की और उसे करन के दिल्ली फार्म हर्रावाला स्थित कमरे पर ले गया।

स्कूटी में कागजात नहीं मिलने और बिना कागजात के वाहन बेचने पर पकड़े जाने के डर से दोनों ने स्कूटी के पार्ट्स खोलकर और काटकर कबाड़ी को बेचने की योजना बनाई। उन्होंने स्कूटी को पूरी तरह खोलकर उसके पार्ट्स अलग कर दिए, लेकिन उन्हें बेचने से पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी
पुलिस ने स्कूटी संख्या UK07BY-3105 के विभिन्न कटे और खोले गए पार्ट्स के अलावा स्कूटी खोलने में इस्तेमाल प्लास, पेचकस, पाना और चाबी बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रजत चौहान पुत्र जसपाल चौहान निवासी ग्राम चौंदार, थाना लंबगांव, टिहरी गढ़वाल, हाल पता एमडीडीए कॉलोनी, केदारपुरम, देहरादून और करन चौहान पुत्र राजेन्द्र चौहान निवासी ग्राम चौदार, थाना लंबगांव, टिहरी गढ़वाल, हाल पता लेन नंबर-02, दिल्ली फार्म, हर्रावाला, देहरादून के रूप में हुई है।


ओमप्रकाश सिंह हत्याकांड में तीन आरोपी गिरफ्तार, एक विधि-विरुद्ध बालक भी संरक्षण में

जपला (पलामू)। विधायक आवास के समीप हुए ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए एक नामजद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक विधि-विरुद्ध बालक को भी संरक्षण में लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

हुसैनाबाद के एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल ने अनुमंडल सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि 2 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे कचरा गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

घटना के बाद हुसैनाबाद थाना में कांड संख्या 186/2026 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष छापेमारी दल का गठन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया।

एसडीपीओ के अनुसार, 15 सितंबर को पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर प्राथमिकी अभियुक्त साकेत पाठक (25) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान संदेहियों के नाम सामने आने के बाद अप्राथमिकी अभियुक्त अंकित कुमार (21) और अमन सिंह (19) को गिरफ्तार किया गया। साथ ही एक विधि-विरुद्ध बालक को भी संरक्षण में लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हत्याकांड से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक सह हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक छत्रधारी कुमार (कांड अनुसंधानकर्ता), पुलिस अवर निरीक्षक राजू कुमार गुप्ता (देवरी ओपी प्रभारी), पुलिस अवर निरीक्षक वीरेंद्र कुमार महतो (दंगवार पिकेट प्रभारी), पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह (लठेया पिकेट प्रभारी) और सहायक अवर निरीक्षक साकेत कुमार शामिल रहे। इनके साथ सशस्त्र बल के जवान भी मौजूद थे।

एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल ने बताया कि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन पर कांग्रेस का बड़ा हमला, सरकारी जमीनों को निजी हाथों में देने का लगाया आरोप

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के आरोपों को लेकर पत्रकार वार्ता आयोजित की। देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जल्द ही रुद्रप्रयाग जिले के लोक निर्माण विभाग के तीन महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों—दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी—को कम कीमत पर अपने चहेतों को नीलाम करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से प्रदेश की हजारों बीघा जमीन और संपत्तियों को 90 साल तक के लिए निजी हाथों में सौंपने जा रही है।

कांग्रेस के अनुसार, यूआईआईडीबी ने नैनीताल के पटुवा डांगर की 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम रिजॉर्ट विकसित करने के साथ ही हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत सितारा होटल के रूप में विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं।

डॉ. गोगी ने कहा कि सरकार के कथित फैसले को जनता तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताएं आयोजित की हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित निरीक्षण भवन ऐसे क्षेत्रों में हैं, जहां सड़क संपर्क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि आसपास भूमि की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में कांग्रेस ने इन संपत्तियों को केदार घाटी की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए इन्हें निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध किया।

प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब तक यूआईआईडीबी को सरकारी विभागों की करीब 1200 एकड़ यानी 6000 बीघा से अधिक भूमि सौंपे जाने से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दे चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि कई हजार बीघा भूमि के प्रस्ताव अभी मुख्यमंत्री की अनुमति के लिए लंबित हैं।

भंडारी ने कहा कि अब तक जारी तीन निविदाओं की शर्तों से कांग्रेस को आशंका है कि सरकार इन जमीनों और संपत्तियों को राज्य से बाहर के बड़े निजी समूहों को आसान शर्तों पर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 90 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद संबंधित लीजधारक मालिकाना हक का दावा कर सकते हैं।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों के अलावा लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग के कुछ होटलों को भी जल्द निजी हाथों में लीज पर देने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में मंत्रिमंडल ने राज्य की जमीनों और संपत्तियों को यूआईआईडीबी के माध्यम से निजी हाथों में देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था।

कांग्रेस नेताओं ने मसूरी के हाथीपांव स्थित पार्क एस्टेट का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि को ‘राजस एरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ को 15 साल की लीज पर दिया गया था। कांग्रेस ने भूमि के बाजार मूल्य और लीज राशि को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2018 में तत्कालीन सरकार के दौरान भू-कानून में किए गए बदलावों के बाद राज्य की निजी जमीनों की बिक्री का रास्ता आसान हुआ। पार्टी ने दावा किया कि बाद में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने भी औद्योगिक प्रयोजन, होटल और शिक्षण संस्थानों आदि के लिए खरीदी गई भूमि की प्लॉटिंग कर बिक्री का रास्ता खोल दिया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी जमीनों के बाद अब सरकार की नजर राज्य के महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित सरकारी जमीनों और संपत्तियों पर है। पार्टी ने कहा कि वह सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

कांग्रेस ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कार्यकर्ता दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित तीनों संपत्तियों पर रक्षा सूत्र बांधकर इन्हें निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में आंदोलन शुरू करेंगे। पार्टी ने कहा कि वह केदार भूमि की जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


सीजेपी का बड़ा ऐलान:: 80 सालों से हो रही आदिवासी स्कूलों की अनदेखी, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान

नागपुर: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश भर के आदिवासी स्कूलों की जर्जर हालत और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर सरकारों पर बड़ा हमला बोला है। नागपुर में एक मीडिया वार्ता को संबोधित करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले 80 वर्षों से आदिवासी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि सीजेपी आगामी 17 सितंबर से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य आदिवासी छात्रों के अधिकारों, बुनियादी अभावों और उनके साथ हो रहे भेदभाव की ओर प्रशासन का ध्यान खींचना है।

दीपके के अनुसार, इस अभियान के तहत सीजेपी के प्रतिनिधि सीधे धरातल पर उतरकर आदिवासी बहुल इलाकों के स्कूलों का दौरा करेंगे और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की जमीनी पड़ताल करेंगे। इससे पूर्व संगठन ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम भी चलाई थी। राजनीतिक दलों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए दीपके ने कहा कि पार्टियां हर जिले में अपने बहुमंजिला आलीशान दफ्तरों के निर्माण के लिए तो करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा देती हैं, लेकिन किराए के छोटे-छोटे कमरों में चलने वाले आदिवासी आवासीय स्कूलों के लिए सरकारों के पास बजट का अभाव बता दिया जाता है।

देश की आर्थिक प्रगति के दावों को आड़े हाथों लेते हुए सीजेपी संस्थापक ने कहा:

  • जीडीपी बनाम वास्तविकता: 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ या 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के दावे तब तक बेमानी हैं, जब तक देश की बड़ी आदिवासी आबादी को विकास की मुख्यधारा में शामिल नहीं किया जाता।

  • छात्रों की मौतों पर चुप्पी: पिछले दो वर्षों में अकेले महाराष्ट्र में 590 से अधिक आदिवासी छात्रों की असमय मौत हुई है, जिनमें से कई मामले जहरीले सांपों के काटने के हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के बालाघाट में बीते दो महीनों में 30 से अधिक बच्चों की जानें गईं। छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड से भी लगातार ऐसी खौफनाक खबरें आ रही हैं।

  • मुआवजे का अनादर: पीड़ितों के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा देने के बजाय मध्य प्रदेश में महज 4 लाख रुपये और राजस्थान में बकरियां बांटकर खानापूर्ति की गई।

अभिजीत दीपके ने बताया कि देश के 720 स्वीकृत एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों में से 477 स्कूल बंद पड़े हैं, जिससे लाखों बच्चों का भविष्य अधर में है। उच्च शिक्षा में आदिवासी छात्रों का नामांकन महज 22.8 प्रतिशत है और प्रीमियर संस्थानों जैसे आईआईटी (IIT) में केवल 130 एसटी आवेदकों को दाखिला मिल सका है। उन्होंने सवाल उठाया कि आईआईटी में फैकल्टी और दाखिलों की संख्या इतनी कम क्यों है? यह व्यवस्था में साफ तौर पर संरचनात्मक भेदभाव को दर्शाता है।


अभिषेक बनर्जी ने शेयर की आंख की चोट वाली तस्वीर, इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा

 कोलकाता – तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से आंख के इलाज के लिए अमेरिका गए अभिषेक बनर्जी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर चेहरे की एक क्लोज-अप फोटो शेयर की है, जिसमें उनकी आंख का जख्म साफ नजर आ रहा है।

तस्वीर के साथ अंग्रेजी में लिखे कैप्शन में उन्होंने लिखा, “यह निशान बताता है कि मैं किस दौर से गुजरा हूं। मेरी आंखें बताती हैं कि मेरा काम अभी खत्म नहीं हुआ है।”

इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। विश्लेषक इसे न केवल उनके शारीरिक दर्द से जोड़कर देख रहे हैं, बल्कि इसे राजनीति में उनकी मजबूत वापसी और सक्रियता के बड़े संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि साल 2016 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान अभिषेक बनर्जी की बाईं आंख में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद से ही भारत और विदेशों में उनकी कई सर्जरी हो चुकी हैं। इलाज के सिलसिले में वह पिछले 10 से अधिक दिनों से अमेरिका में हैं।

इस विदेश यात्रा से पहले उन्हें कानूनी प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा था। कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा विदेश जाने की अनुमति न मिलने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें सितंबर में तीन हफ्ते के लिए अमेरिका जाने की इजाजत मिली। कोर्ट के निर्देशों के तहत उन्हें अपनी यात्रा और अस्पताल से जुड़ी जानकारी एजेंसियों को सौंपकर तय समय में भारत लौटना होगा।

हालांकि अभिषेक बनर्जी ने इस पोस्ट को किसी राजनीतिक बयान से नहीं जोड़ा है, लेकिन विपक्ष ने इस पर हमला करने में देरी नहीं की। मामले पर तंज कसते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि TMC सांसद न्यू जर्सी में एक आलीशान विला किराए पर लेकर रह रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि आंख के इलाज के लिए विला की क्या जरूरत है।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मनाया मुख्यमंत्री धामी का जन्मदिन

बच्चों ने अपने मामा के दीर्घायु जीवन की कामना करी

सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कर रही निरंतर प्रयास- रेखा आर्या

बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा, मंत्री ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री धामी बच्चों के लिए ‘मामा’ और मैं ‘बुआ’ के रूप में सदैव हैँ उनके साथ खड़े-रेखा आर्या

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर केदारपुरम स्थित राजकीय शिशु सदन में बच्चों के साथ जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया। जहाँ महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मुख्यमंत्री के जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। इस अवसर पर बच्चों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें नन्हें बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया।

कैबिनेट मंत्री ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के लिए एक मामा और वह स्वयं बुआ के रूप में उनके साथ सदैव कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राजकीय शिशु सदन में रह रहे प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर, आवास,सुरक्षित वातावरण और अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक सहयोग मिले ।

इसके लिए मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कोविड-19 महामारी या अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता या संरक्षक को खोने वाले बच्चों की देखभाल, पुनर्वास और आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया। जिसके तहत सरकार पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता दे रही है।

वही खेलों मे अपना भविष्य बनाने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना संचालित की जा रही है। जिसमें 1500 रुपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सरकार की नंदा गौरा योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें बेटी के जन्म पर 11 हजार और 12वीं कक्षा पास करने पर 51 हजार की सहायता का राशि दी जाती है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बच्चों की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की गई।

कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक बंशीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता, डीपीओ मीना बिष्ट सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं राजकीय शिशु सदन के प्यारे बच्चे उपस्थित रहे।


नेहरू कॉलोनी में चेन स्नैचिंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चेन, स्कूटी और चाकू बरामद

देहरादून। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुई चेन स्नैचिंग की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से छीनी गई चेन, घटना में इस्तेमाल बिना नंबर की स्कूटी और एक अवैध चाकू बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपित नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने चेन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को सूर्यांश कुकरेती निवासी नारायण विहार, कारगी चौक, देहरादून ने थाना नेहरू कॉलोनी में तहरीर दी थी कि अज्ञात व्यक्ति उनकी चेन झपट्टा मारकर छीनकर ले गए। तहरीर के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी में मु0अ0सं0-382/2026, धारा 126(2), 304(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र सक्रिय कर संदिग्धों की तलाश में थाना क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को दून यूनिवर्सिटी रोड पर चेकिंग के दौरान मोथरोवाला की ओर से आ रही बिना नंबर प्लेट की नीले रंग की स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम विनीत पाल और मो. आजम बताया। तलाशी लेने पर विनीत पाल के पास से टूटी हुई पीली धातु की चेन और मो. आजम के कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद हुआ।

चेन के संबंध में पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक व्यक्ति के गले से झपट्टा मारकर चेन छीनी थी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी सीज कर दी गई।

पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए दोनों ने चेन स्नैचिंग की योजना बनाई थी। 14 सितंबर की रात रिस्पना से कारगी चौक की ओर स्कूटी से जाते समय उन्हें एक युवक दिखाई दिया, जिसके गले में चेन थी। दोनों ने उसे बातों में लगाकर रोका और इसी दौरान विनीत पाल ने उसके गले से चेन झपट ली। चेन टूट जाने के बाद दोनों स्कूटी से मौके से फरार हो गए।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विनीत पाल (26) निवासी ब्राह्मणवाला, आयशा मस्जिद के पास, थाना पटेल नगर और मो. आजम (33) निवासी ब्राह्मणवाला, महबूब कॉलोनी, थाना पटेल नगर, देहरादून के रूप में हुई है।

बरामदगी: छीनी गई चेन, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी और एक अवैध चाकू।


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