Monday, September 28th, 2026

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नीट यूजी 2025 फर्जी दस्तावेज मामला: दो और गिरफ्तार, अब तक 5 आरोपी पकड़े गए

Daily Archives: 28/09/2026

नीट यूजी 2025 फर्जी दस्तावेज मामला: दो और गिरफ्तार, अब तक 5 आरोपी पकड़े गए

देहरादून। नीट यूजी-2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में देहरादून पुलिस की एसआईटी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय कुमार और गिरीश सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मामला थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटाउन में दर्ज अलग-अलग मुकदमों से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकार के पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जांच में प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद मुकदमे दर्ज किए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 श्रीमती जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने दस्तावेजों और संबंधित शिक्षण संस्थानों से रिकॉर्ड जुटाकर जांच आगे बढ़ाई।

जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने संजय कुमार और गिरीश सिंह को पूछताछ के लिए थाना रायपुर लाया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी तीन अभ्यर्थियों स्वाति, परी और खुशी के कथित कूटरचित दस्तावेज, आधार कार्ड, डोमिसाइल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार कराने तथा मेडिकल कॉलेज में दाखिले में सहयोग करने में शामिल थे। इसके बदले दोनों द्वारा कथित तौर पर अनुचित धनराशि प्राप्त की गई।

इससे पहले एसआईटी इस मामले में रुपेश पंडित, अरविंद कुमार और धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर चुकी है।

एसआईटी द्वारा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


नहर किनारे मंदिर के पुजारी की हत्या में दो गिरफ्तार, दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी

फरीदाबाद। बाइपास रोड स्थित सेक्टर-30 के पास नहर किनारे मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश की हत्या के मामले का सीआईए डीएलएफ ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि मंदिर के पास शराब पीने से रोकने पर आरोपितों ने गुस्से में पुजारी के सिर पर सिल-बट्टे के पत्थर से हमला कर दिया था।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 65 वर्षीय ओमप्रकाश ने नहर किनारे हनुमान जी के मंदिर में पूजा-पाठ के लिए एक छोटी कुटिया बना रखी थी। 30 अगस्त की रात अज्ञात लोगों ने कुटिया में रखे सिल-बट्टे से उनके सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। मामले में पुजारी के चचेरे भाई अशोक कुमार की शिकायत पर थाना सेक्टर-31 में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।

जांच आगे बढ़ने पर मामला सीआईए डीएलएफ को सौंपा गया। एसीपी क्राइम अमन यादव के मुताबिक, टीम ने कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक 20 वर्षीय आशिफ उर्फ टीटी और 34 वर्षीय आशिफ उर्फ कालिया को गिरफ्तार किया। दोनों आपस में दोस्त हैं और फिलहाल नहरपार की किसान मजदूर कॉलोनी में रहते हैं। पुलिस के अनुसार, टीटी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और चोरी के तीन मामले पहले से दर्ज हैं।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे मंदिर के पास बैठकर शराब पी रहे थे। इस दौरान पुजारी ओमप्रकाश उन्हें वहां से जाने के लिए बार-बार कह रहे थे। नशा होने के बाद दोनों ने गुस्से में आकर पुजारी पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वारदात में कुल चार युवक शामिल थे। दो अन्य आरोपितों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।


जनता दर्शन में 10 शिकायतों पर सुनवाई, अपर जिलाधिकारी ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

जनता मिलन में आई शिकायतों का हुआ समाधान, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर जोर

पौड़ी- जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में जनता दर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना, आपदा सहित अन्य मामलों से संबंधित 10 शिकायतें दर्ज कराईं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।

कोटद्वार रोड निवासी पार्वती देवी ने अपनी शिकायत में अवगत कराया कि उनकी निजी भूमि पर विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है तथा जल संस्थान द्वारा पानी का टैंक निर्मित किया गया है, जिसके एवज में उन्हें अब तक मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। मामले का संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक जांच कर नियमानुसार मुआवजा भुगतान की कार्रवाई यथाशीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डंडापानी निवासी फतेह सिंह ने रोडसाइड एक्ट के तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित सड़क निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।कलजीखाल के बैर गांव निवासी अनिल सिंह ने पिपला -टेका मोटरमार्ग के निर्माण मे गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने पीएमजीस्वाई सतपुली को

प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील पौड़ी के ग्राम जसकोट निवासी मनमोहन सिंह ने गुडड़ी से सिंडी जसकोट मोटर मार्ग पर गड्डों का जेसीबी से भरण कर जाने की शिकायत का त्वरित समाधान लेते हुए पार्टी खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा जेसीबी बेचकर गड्ढे मुक्त का कार्य किया गया। तहसील पौड़ी के कुखड गांव निवासी सुरेंद्र सिंह कि प्रधानमंत्री किसान निधि संबंधित शिकायत का संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग द्वारा योजना का लाभ हेतु आवेदन भरवा कर शिकायत का समाधान सुनिश्चित किया गया।

इसी प्रकार विकासखंड पाबौ के ग्राम कोला निवासी बीना देवी द्वारा जनता मिलन कार्यक्रम में गांव के रास्तों पर झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही कठिनाइयों संबंधी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई तथा ग्राम के मार्गों पर झाड़ी कटान का कार्य कराकर आवागमन को सुगम बनाया गया। इस प्रकार शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया गया।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन एवं जनता मिलन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं विभागीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके नियमित निस्तारण पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ. मेघना असवाल, पुलिस उपाधीक्षक तपेश कुमार चंद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, डीएसटीओ राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार, एलडीएम किशन रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


बठिंडा में दिनदहाड़े घर में घुसा चोर, बच्चे के चांदी के कड़े लेकर फरार

बठिंडा। शहर में चोरी की घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ गई है। किला मुबारक के नजदीक सिंह सभा गुरुद्वारा वाली गली में एक व्यक्ति ने दिनदहाड़े घर में घुसकर बच्चे के चांदी के कड़े चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, लेकिन अभी तक पुलिस किसी आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, एक व्यक्ति दिन के समय गली में पहुंचा और कुछ देर तक एक मकान के बाहर बनी थड़ी पर बैठकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। इसके बाद उसने आसपास के कई घरों के दरवाजे खोलने की कोशिश की। दो मकानों के दरवाजे अंदर से बंद होने के कारण वह वहां दाखिल नहीं हो सका।

बाद में वह पास की गली में पहुंचा, जहां एक घर का दरवाजा खुला मिला। आरोपित चुपचाप मकान के भीतर दाखिल हुआ और फ्रिज के ऊपर रखे बच्चे के चांदी के कड़े उठाकर वहां से निकल गया। गली से बाहर आने के बाद वह किला मुबारक साहिब की दिशा में चला गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित की पहचान और तलाश में जुटी है।


रोहिणी के फाइनेंसर से एक करोड़ की रंगदारी की साजिश, दो पिस्तौल और 14 कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहिणी के एक फाइनेंसर से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश के मामले में हरेंद्र नागर उर्फ केडी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फाइनेंसर से सुरक्षा देने के नाम पर रकम मांगी थी। उसके पास से दो अवैध पिस्तौल और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, फाइनेंसर ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया तो आरोपी उसे नुकसान पहुंचाने के इरादे से दिल्ली पहुंचा था। क्राइम ब्रांच को 9 सितंबर को उसके दिल्ली में मौजूद होने और फाइनेंसर को धमकी भरे फोन किए जाने की जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी के जरिए लोकेशन का पता लगाकर पुलिस टीम ने रोहिणी सेक्टर-24 में एक नाले के पास घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी की जेब से एक पिस्तौल और पांच कारतूस मिले। उसके बैग की जांच में दूसरी पिस्तौल बरामद हुई। बैग से चार कारतूस मिले, जबकि पांच अन्य जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।

पुलिस जांच में सामने आया कि हरेंद्र नागर हरियाणा के अंबाला के बलदेव नगर थाने में दर्ज लूट के एक मामले में भी वांछित था। पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त को एक वैन से करीब 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण लूटे गए थे।

पूछताछ में नागर ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने सहयोगी दीपक के साथ मिलकर रोहिणी के फाइनेंसर से एक करोड़ रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। इसके लिए धमकी भरे फोन किए गए थे। रकम नहीं मिलने पर वह फाइनेंसर को खत्म करने के इरादे से दिल्ली आया था।

अंबाला की वारदात के संबंध में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने दीपक, छोटू और अन्य साथियों के साथ मिलकर वैन से सोने के आभूषण लूटे थे। उसके अनुसार, लूटे गए आभूषणों को बेचने की जिम्मेदारी दीपक की थी। हरियाणा पुलिस इस मामले में कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नागर ने दीपक भौ गैंग से जुड़े होने की बात भी बताई और दावा किया कि हथियार व कारतूस उसे दीपक ने उपलब्ध कराए थे। नागर के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में फिरौती के लिए अपहरण, धोखाधड़ी, हमला और अवैध हथियार रखने समेत चार मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक अफवाह को महाराज ने बताया आधारहीन

देहरादून। श्री बद्रीनाथ धाम परिसर के पास आयोजित एक उत्सव में संगीत का वीडियो वायरल होने के पश्चात सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यह अफवाह फैलाना कि श्री बद्रीनाथ धाम में संगीत, नृत्य या सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिबंधित हैं, सरासर गलत और तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि “जब श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं, उस पावन अवसर पर स्वयं भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनों और मंगल संगीत की प्रस्तुति करता है। यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री बद्रीनाथ धाम केवल एक मंदिर ही नहीं, अपितु उर्वशी पीठ भी है। यहाँ संगीत के माध्यम से ही ईश्वर की आराधना और स्तुति की जाती है। संगीत यहाँ की आध्यात्मिक और वैदिक परम्परा का अभिन्न अंग रहा है, इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

महाराज ने कहा कि हमारे सीमान्त गांव माणा में जब वैवाहिक कार्यक्रम होते हैं, तब भी वहां परम्परागत संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। यह हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने श्री बद्रीनाथ की पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां नर और नारायण पर्वत विराजमान हैं और यहां की पूजा पद्धति परम वैष्णव पद्धति है। बद्रीनाथ मंदिर के अंदर शंख नहीं बजाया जाता है। यहाँ शंखनाद करना पूरी तरह वर्जित है। क्योंकि वह हड्डी का बना होता है परन्तु मंदिर परिसर के बाहर शंख बजाने पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। यह हमारी पूजा पद्धति की विशेषता है, प्रतिबंध नहीं।

महाराज ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी श्री बद्रीनाथ धाम में अनेक अवसरों पर इस प्रकार के धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। ऐसे में यह कहना कि श्री बद्रीनाथ में इस प्रकार के कार्यक्रम नहीं हो सकते, पूरी तरह से निराधार है।

उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और देवभूमि की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें। सरकार श्री केदारनाथ धाम सहित चारों धामों की पवित्रता, परम्परा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।


जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं- डीएम

समाधान दिवस में 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त, डीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

भूमि विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक उत्पीड़न, आर्थिक सहायता एवं मुआवजा संबंधी शिकायतें प्रमुखता से रहीं

वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। देहरादून में आयोजित जन समाधान दिवस में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के सामने 140 से अधिक शिकायतें पहुंचीं। भूमि विवाद, अतिक्रमण, अवैध निर्माण, पारिवारिक उत्पीड़न, मुआवजा भुगतान और आर्थिक सहायता से जुड़ी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन समाधान दिवस के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। साथ ही शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित व्यक्ति को भी दी जाए।

बुजुर्ग महिलाओं ने की उत्पीड़न की शिकायत

जन समाधान दिवस में 73 वर्षीय रामप्यारी गोदियाल ने अपने पुत्रवधू और पौत्र पर गाली-गलौज, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन पर मकान अपने नाम करने का दबाव बनाया जा रहा है। बुजुर्ग महिला ने अपनी सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वहीं, राजपुर के चन्द्रलोक बस्ती निवासी वृद्ध विधवा यशोदा देवी ने अपने बेटे और बहू पर मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। इसके अलावा बेटे और बहू को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने का सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित कराया गया है। इसके बावजूद संपत्ति पर उनका कब्जा बना हुआ है। महिला ने अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

छह महीने से लंबित मुआवजे का मामला पहुंचा डीएम के पास

विकासनगर के ईस्ट होपटाउन स्थित खसरा संख्या 868 और खाता संख्या 614 के भूमि धारकों ने मकान और जमीन के मुआवजे का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने फरवरी 2026 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कराए थे, लेकिन छह महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला। तहसील विकासनगर से रिपोर्ट लंबित होने की बात भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर लंबित मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

जमीन की पैमाइश नहीं होने पर जताई नाराजगी

रेसकोर्स निवासी संजय कालरा ने विकासनगर तहसील के मौजा कोल्हूपानी में स्थित अपनी जमीन पर पड़ोसी द्वारा अतिरिक्त तारबाड़ किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए उपजिलाधिकारी विकासनगर को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बाद तहसीलदार ने लेखपाल को पैमाइश के आदेश भी दिए, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर को जमीन की पैमाइश और सीमांकन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें भी पहुंचीं

आईटी पार्क के पीछे स्थित दून डिवाइन आवासीय सोसायटी के वी.डी.जी. ग्रीन फ्लैट्स के निवासियों ने निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन को लेकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्लॉट संख्या 75, खसरा संख्या 71ख, मजरा धोरणखास में नियमों के विपरीत उनके फ्लैट से सटाकर निर्माण किया जा रहा है। इससे भवन की सुरक्षा और वेंटिलेशन प्रभावित होने की आशंका है।

निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि एमडीडीए की सील के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और बिल्डर की ओर से उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने निर्माण की जांच कर अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले में एमडीडीए को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी तरह जॉलीग्रांट के कोठारी मोहल्ले के निवासियों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी डोईवाला और एमडीडीए के अधिकारियों को प्रकरण की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश

जन समाधान दिवस में एक महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न और पति पर मारपीट करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह वकील और न्यायालय का खर्च उठाने में असमर्थ है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को पीड़िता के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए। प्रत्येक मामले में स्थलीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील और गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया।

जन समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड का गौरवपूर्ण प्रदर्शन

सानिया जोशी एवं पार्थ वोहरा ने भारत के लिए जीते रजत पदक

देहरादून। चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 6 रजत पदक एवं 20 मेडलियन फॉर एक्सीलेंस प्राप्त किए तथा वैश्विक स्तर पर 10वां स्थान हासिल किया। यह वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रदर्शन है।

भारत की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में उत्तराखंड के प्रतिभाशाली युवाओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उत्तराखंड की सानिया जोशी ने Retail Sales कौशल तथा पार्थ वोहरा ने Industrial Design Technology कौशल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक अर्जित किया।

विश्वस्तरीय मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का परचम

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता विश्व का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कौशल मंच है, जहां विभिन्न देशों के युवा प्रतिभागी अपने तकनीकी कौशल, दक्षता, नवाचार, सृजनात्मकता एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हैं। वर्ष 2026 की प्रतियोगिता में विश्वभर से लगभग 1,400 प्रतिभागियों ने 64 विभिन्न कौशल विधाओं में प्रतिभाग किया। ऐसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर उत्तराखंड के दो युवाओं की उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

इंडिया स्किल्स से वर्ल्डस्किल्स के वैश्विक मंच तक

उत्तराखंड के इन प्रतिभागियों की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी इंडिया स्किल्स 2025-26 की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता एवं चयन प्रक्रिया रही। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा उत्तराखंड कौशल विकास समिति (UKSDS) द्वारा प्रदेश के युवाओं को विभिन्न कौशल विधाओं में प्रतिभाग करने तथा अपनी दक्षता प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान किए गए।

इंडिया स्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से उत्कृष्ट प्रतिभागियों को अगले स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने तथा अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिताओं के लिए आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है।

इसी क्रम में सानिया जोशी एवं पार्थ वोहरा ने अपनी-अपनी कौशल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स के वैश्विक मंच तक पहुंच बनाई और भारत के लिए रजत पदक अर्जित कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया।

यह उपलब्धि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा UKSDS द्वारा प्रदेश के युवाओं में कौशल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।


19 साल के रितेश पाल ने जीता ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ सीजन 5 का खिताब

‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ सीजन 5 का खिताब जीतने वाले 19 वर्षीय रितेश पाल की कहानी सिर्फ एक डांस ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। कभी इसी मंच से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा था। सीजन 2, 3 और 4 में लगातार असफलता मिलने के बावजूद रितेश ने अपना सपना नहीं छोड़ा। हालात यहां तक पहुंचे कि परिवार ने उन्हें डांस छोड़कर भाई के सैलून में काम करने की सलाह दी। इसके बावजूद रितेश अभ्यास में जुटे रहे और आखिरकार उसी शो के सीजन 5 में विजेता बनकर सामने आए।

जीत के बाद रितेश ने अपने संघर्ष, परिवार की नाराजगी, गुरु के भरोसे और भविष्य के सपनों को लेकर खुलकर बात की। उनका कहना है कि लगातार मिल रहे रिजेक्शन के बावजूद उन्होंने कभी डांस छोड़ने के बारे में नहीं सोचा।

परिवार चाहता था डांस छोड़कर सैलून में काम करें

रितेश के मुताबिक, जब उन्होंने डांस के लिए ऑडिशन देना शुरू किया था, तब परिवार का पूरा सहयोग नहीं मिल पाया। कई साल तक लगातार रिजेक्शन मिलने के बाद परिवार भी चिंतित हो गया था। घरवालों ने उन्हें भाई के सैलून में काम करने और पार्लर संभालने की सलाह दी।

रितेश ने बताया कि उन्होंने परिवार की बात को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया। वह सप्ताह में छह दिन डांस की प्रैक्टिस करते थे और रविवार को भाई के सैलून में हाथ बंटाते थे। इससे उन्हें अपनी जेब खर्च के लिए कुछ पैसे भी मिल जाते थे। हालांकि, उनके मन में डांस छोड़ने का विचार कभी नहीं आया। उन्हें विश्वास था कि लगातार मेहनत के बाद एक दिन उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।

गुरु मनीष का भरोसा बना बड़ी ताकत

रितेश की इस यात्रा में उनके गुरु मनीष का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने बताया कि कई बार लगातार असफलताओं के कारण उनका अपना धैर्य कमजोर पड़ने लगा था, लेकिन गुरु मनीष हमेशा उनका हौसला बढ़ाते रहे।

रितेश के मुताबिक, उनके गुरु उनसे भी ज्यादा धैर्य रखते थे। वह हमेशा कहते थे कि एक दिन रितेश किसी बड़े शो में जरूर जाएंगे और जीतकर लौटेंगे। रिजेक्शन को भी वह तैयारी का हिस्सा बताते थे। गुरु के इसी भरोसे ने रितेश को लगातार अभ्यास करते रहने की प्रेरणा दी।

तीन बार रिजेक्शन के बाद भी नहीं मानी हार

‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ के पिछले सीजन में मिली असफलताओं को रितेश ने अपनी मंजिल नहीं माना। उनका कहना है कि हर बार रिजेक्शन के बाद दुख जरूर होता था, लेकिन उन्होंने इसे डांस छोड़ने की वजह नहीं बनने दिया।

रितेश मानते हैं कि शायद उस समय वह उस सफलता के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। हर ऑडिशन के बाद उन्हें अपनी कुछ कमियां नजर आती थीं और वह उन्हें सुधारने की कोशिश करते थे। उनके मुताबिक, अब पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि सीजन 5 में जीत उनके हिस्से में लिखी थी।

सीजन 6 का इंतजार कर रहे थे, सीजन 5 के बन गए विजेता

दिलचस्प बात यह है कि सीजन 5 के लिए रितेश खुद ऑडिशन देने के बारे में नहीं सोच रहे थे। वह अगले सीजन यानी सीजन 6 में किस्मत आजमाने का मन बना चुके थे। इसी दौरान उन्हें दोबारा ऑडिशन देने के लिए फोन आया।

रितेश ने एक और मौका मानकर ऑडिशन दिया और पहले ही राउंड में उनका चयन हो गया। जैसे-जैसे वह प्रतियोगिता में आगे बढ़ते गए, उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया। उन्हें उम्मीद तो बनने लगी थी कि इस बार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने खुद भी नहीं सोचा था कि अंत में ट्रॉफी उनके हाथ में होगी।

प्रतीक उतेकर के साथ काम करने का सपना हुआ पूरा

रितेश की लंबे समय से कोरियोग्राफर प्रतीक उतेकर के साथ काम करने की इच्छा थी। शो के दौरान उन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिला। रितेश के मुताबिक, प्रतीक उतेकर ने उन्हें सिर्फ डांस स्टेप्स पर ध्यान देने के बजाय किरदार और भावनाओं को समझकर प्रस्तुति देना सिखाया।

उनका कहना है कि पहले उनका ध्यान मुख्य रूप से मूवमेंट और स्टेप्स पर रहता था, लेकिन इस अनुभव से उन्हें समझ आया कि किसी किरदार को महसूस करना भी डांस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जीत की रकम से मां के लिए बनाना चाहते हैं घर

ट्रॉफी जीतने के बाद रितेश की पहली प्राथमिकता खुद के लिए कुछ खरीदना नहीं है। वह अपनी मां के लिए घर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस घर का नाम वह ‘हरि दर्शन’ रखना चाहते हैं।

रितेश के मुताबिक, उन्होंने डांस की यात्रा शुरू करते समय एक सपना देखा था कि जब भी वह सफल होंगे तो सबसे पहले अपनी मां के लिए कुछ करेंगे। अब उनकी इच्छा है कि उनकी मां का अपना घर हो। वह कहते हैं कि मां के लिए कुछ करना उनके लिए खुद के लिए कुछ करने जैसा ही है।

अब अंतरराष्ट्रीय मंच और फिल्मों की ओर नजर

‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ की ट्रॉफी जीतने के बाद रितेश की नजर अब नए लक्ष्यों पर है। उनका सपना अंतरराष्ट्रीय मंच पर डांस करने का है। वह चाहते हैं कि देश के बाहर भी लोग उनके डांस को देखें और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति देने का मौका मिले।

डांस के अलावा रितेश अभिनय की दुनिया में भी कदम रखना चाहते हैं। उनका लक्ष्य फिल्मों में काम करना है। फिलहाल डांस उनकी पहली प्राथमिकता है, लेकिन भविष्य में वह अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की इच्छा रखते हैं।

(साभार)


‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नंदा की चौकी आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां निभा रही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका- रेखा आर्या

मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थियों को किया लाभान्वित

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून स्थित आंगनवाड़ी केंद्र नंदा की चौकी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई तथा लाभार्थी महिलाओं और किशोरियों को महालक्ष्मी किट, बेबी किट एवं पोषण किट वितरित किए।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण के केंद्र नहीं बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बच्चो के विकास और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत करने का मजबूत माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं तथा किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि महालक्ष्मी किट, बेबी किट और पोषण किट जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार मातृत्व और बाल स्वास्थ्य को आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है और राज्य सरकार इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार काम कर रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों से संवाद करते हुए उनकी जरूरतों और समस्याओं को सुना साथ ही उनके सुझाव भी प्राप्त किए।

विभागीय मंत्री ने कहा कि हमारी आंगनवाड़ी बहने दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह बच्चों के पोषण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल और किशोरियों में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने का काम करती हैं। कहा की सरकार आंगनवाड़ी बहनों के कार्य को और अधिक प्रभावी एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में इन गर्भवती महिलाओं की कराई गई गोद-भराई

यमनोत्री, रचना, नीरज और महिमा

महालक्ष्मी किट से लाभान्वित महिलाएं

सुनीता, कुसुम

गर्भधात्री(बेबी किट) से लाभान्वित महिलाएं

चांदनी, पूनम और संजीदा

पोषण किट से लाभान्वित किशोरियाँ

सोनाली, दिव्या और मनीषा

इस अवसर पर निदेशक बंशीलाल राणा, डिप्टी डायरेक्टर विक्रम सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी उदय प्रताप सिंह, कार्यक्रम अधिकारी (निदेशालय) सरोज त्रिपाठी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री रचना देवी सहित विभागीय अधिकारी, लाभार्थी महिलाएं, किशोरियां एवं नन्हे-मुन्ने बच्चे उपस्थित रहे।


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