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दिल्ली में प्रवासी बुद्धिजीवियों से CM धामी का संवाद, कहा- उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भागीदारी

Daily Archives: 27/09/2026

दिल्ली में प्रवासी बुद्धिजीवियों से CM धामी का संवाद, कहा- उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भागीदारी

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में उत्तराखण्ड के प्रवासी बुद्धिजीवियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास की प्राथमिकताएं साझा कीं, वहीं विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रवासी उत्तराखण्डवासियों ने प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखण्डवासियों और प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। कार्यक्रम में मिले सुझावों को राज्य के विकास के लिए तैयार की जाने वाली नीतियों में शामिल किया जाएगा।

रिवर्स पलायन और रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास को गति देने के लिए बजट को बढ़ाकर 1.12 लाख करोड़ रुपये किया है। ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ को प्रदेश के विकास में उपयोगी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

कनेक्टिविटी और निवेश को बताया ताकत

मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, हवाई सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्रों को उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र हैं, जबकि पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है और पर्वतीय एवं पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में भी राज्य अग्रणी रहा है।

35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा

युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। मुख्यमंत्री के अनुसार 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

उन्होंने कहा कि होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से युवा और महिलाएं स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

पर्यटन को बताया अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की खेल क्षेत्र में बन रही नई पहचान का भी उल्लेख किया।

UCC और शिक्षा व्यवस्था पर भी रखी सरकार की बात

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को सुशासन और समान अधिकारों की दिशा में राज्य की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को राज्य की अस्मिता और डेमोग्राफी की रक्षा से जोड़ते हुए सरकार की नीति स्पष्ट की।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार, धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम में प्रसून जोशी, प्रो. प्रदीप जोशी, अश्विनी लोहानी, प्रो. हर्ष वी. पंत, सुभाष धुलिया, प्रो. धनंजय जोशी, सुष्मिता रावत, डॉ. सरिता पाठक, कुलानंद जोशी, निर्मल पाठक, हरिसुमन बिष्ट, देव रतूड़ी, डॉ. सुषमा रावत, डॉ. निधि गुसाईं, देवेंद्र गुसाईं, डॉ. के.के. पाण्डेय, विनोद बछेती, डी.एस. रावत, डॉ. सरोज पाण्डेय, शंकर पाण्डेय, प्रो. दिनेश सकलानी, प्रो. पवन कुमार जोशी, वीरेंद्र सिंह नेगी, पवन कुमार मैठानी, हरेंद्र असवाल, संजय जोशी, डॉ. भुवन चंद्र पाण्डेय, विजय जोशी, डॉ. मेघा बिष्ट, लक्ष्मी रावत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोविंद सिंह ने किया।


निवेश में मोटे मुनाफे का झांसा देकर ₹69.90 लाख की साइबर ठगी, STF ने ग्रेटर नोएडा से आरोपी दबोचा

देहरादून। निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर देहरादून निवासी से ₹69.90 लाख की साइबर ठगी के मामले में उत्तराखंड STF की साइबर टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मामले में संलिप्त एक आरोपी को गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

शिकायतकर्ता के अनुसार फेसबुक पर Anand Rathi Shares And Stock Brokers Limited से संबंधित निवेश विज्ञापन के जरिए उससे संपर्क किया गया। इसके बाद उसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर अधिक लाभ का झांसा दिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में करीब ₹69,90,000 जमा कराए गए।

शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 23/2026, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और 66(D) आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF के निर्देश पर टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इस दौरान सामने आया कि कोटक बैंक के एक खाते में साइबर ठगी से संबंधित ₹10 लाख की धनराशि पहुंची थी। बैंक खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच के बाद आरोपी की लोकेशन गौतमबुद्धनगर में मिली।

STF टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन-1 स्थित HIG अपार्टमेंट में दबिश देकर मुनिन्द्र भाटी पुत्र रविन्द्र भाटी को गिरफ्तार कर लिया। STF के अनुसार आरोपी अपने मूल पते पर न रहकर परिवार के साथ ग्रेटर नोएडा में रह रहा था।

यह था ठगी का तरीका

साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को निवेश के नाम पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया जाता था। इसके बाद ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। आरोपी के खाते में भी ₹10 लाख पहुंचे थे। पूछताछ में आरोपी रकम के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। STF अब उसके मोबाइल और बैंक खाते से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है तथा नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ जारी है।

आरोपी से बरामद

i-Phone 13 मोबाइल फोन

02 सिम कार्ड

01 आधार कार्ड

01 कोटक बैंक का खाली चेक

गिरफ्तार आरोपी: मुनिन्द्र भाटी पुत्र रविन्द्र भाटी, मूल निवासी ग्राम रौनी अस्तौली, नोएडा, उत्तर प्रदेश; हाल निवासी ओमीक्रॉन-1, ग्रेटर नोएडा।

STF की अपील

STF ने लोगों से अपील की है कि निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देने वाले संदिग्ध ऑफर से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, OTP, मोबाइल या बैंकिंग संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करें।


रेड-ऑरेंज अलर्ट पर मुख्य सचिव का बड़ा निर्देश, 24×7 अलर्ट मोड में रहें सभी विभाग

देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने रविवार देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेश में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में वर्षा, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत-पेयजल आपूर्ति और संचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को वर्षा एवं अतिवृष्टि से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर शीघ्र USDMA को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में तेजी लाई जा सके।

15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी जिलों को 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और जनहानि का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा जल्द उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

मौसम देखकर ही संचालित हो चारधाम यात्रा

मुख्य सचिव ने कहा कि मौसम की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ही चारधाम यात्रा संचालित की जाए। अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाई जाए।

नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा डैम और बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सूचना देकर सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए।

संवेदनशील लोगों की विशेष निगरानी

गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं वाले स्थानों पर पहुंचाने तथा जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने को कहा गया।

डेंगू की रोकथाम के लिए जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच किट, दवाइयां, रक्त, बेड और पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

28 सितंबर सुबह 6 बजे से शुरू होगा ट्रेकर्स रेस्क्यू

मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी और बागेश्वर में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के दौरान फंसे ट्रेकर्स के राहत एवं बचाव अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सोमवार, 28 सितंबर को सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए।
यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। रेस्क्यू के दौरान ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा उनकी लोकेशन और स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहने को कहा गया।

रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से कहा कि रेस्क्यू अभियान में शामिल हर हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि ऊंचाई वाले और संचारविहीन क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों से लगातार संपर्क बना रहे।


परिणाम आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को रोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना जरूरी: कुलपति

नई शिक्षा नीति-2020, कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार पर शिक्षकों ने किया मंथन

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से ‘परिणाम आधारित शिक्षा श्रृंखला-1’ के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। एसबीएएस सभागार में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल आधारित शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कार्यशाला की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, दक्षता, नवाचार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए भी प्रेरित कर सकती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने शिक्षा और कौशल के बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

मुख्य विशेषज्ञ वक्ता डॉ. मीनाक्षी सूद, एसएमआईईईई, आईई एवं एसोसिएट डीन (आउटरीच एवं रिसोर्स जेनरेशन), एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने परिणाम आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कोर्स आउटकम (CO), प्रोग्राम आउटकम (PO), शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और मूल्यांकन के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।

डॉ. सूद ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसे ज्ञान, कौशल और दक्षताओं का विकास करना है, जिनका वे वास्तविक जीवन में प्रभावी उपयोग कर सकें।

कार्यशाला में शिक्षकों ने परिणाम आधारित शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सोनिया गंभीर के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आउटकम बेस्ड एजुकेशन का मूल उद्देश्य शिक्षा को बदलावकारी, मापन योग्य और सार्थक बनाना है।

कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी उपनिदेशक प्रो. अरुण कुमार ने विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज, कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल, रजिस्ट्रार प्रो. सोनिका कंडारी, विशेषज्ञ वक्ता, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. ज्योति कालरा सहित विभिन्न स्कूलों के डीन और शिक्षक मौजूद रहे।


कार्यक्रम स्थगित कर आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत

डुंगरी तल्ली में 23 प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, नुकसान का लिया जायजा

कहा—आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार, राहत एवं पुनर्वास कार्यों में नहीं होगी कमी

पौड़ी/ देहरादून:कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राठ क्षेत्र के दो दिवसीय भ्रमण के दौरान अपने निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण विभिन्न गांवों में हुए नुकसान की जानकारी मिलने पर उन्होंने रविवार को पैठाणी में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद चाकीसैंण तहसील के डुंगरी तल्ली गांव का रुख किया। यहां उन्होंने आपदा से प्रभावित 23 परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और नुकसान का जायजा लिया।

क्षतिग्रस्त रास्तों के बावजूद पैदल आपदा प्रभावित गांव पहुंचे मंत्री

आपदा के कारण कई स्थानों पर सड़क एवं संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बावजूद डॉ. रावत पैदल चलकर प्रभावित गांव तक पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क एवं संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने सहित अन्य समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।

डॉ. रावत ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों एवं संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही, प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की बहाली से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

राहत एवं पुनर्वास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, संपर्क मार्ग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया है।

उन्होंने ग्रामीणों से भी प्रशासन के साथ सहयोग करने तथा आपदा के बाद आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।

युवा संवाद कार्यालय में दिया नशे से दूर रहने का संदेश

आपदा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद डॉ. धन सिंह रावत ने पैठाणी में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें खेलों से जुड़ने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. रावत ने कहा कि युवा समाज और राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही समाज में भी नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में युवाओं ने विभिन्न विषयों पर कैबिनेट मंत्री के साथ संवाद किया और अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष गणेश नेगी राठी, पैठाणी मंडल अध्यक्ष विजय रौथाण, वीरेन्द्र रावत, पंकज रावत, जिला पंचायत सदस्य डॉ. शिवचरण नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख सुनीता रावत सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

 


जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में जिला कौशल एवं अप्रेंटिसशिप समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न

मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जापानी-जर्मन भाषा प्रशिक्षण पर जोर

बर्ड वॉचिंग गाइडों के विशेष प्रशिक्षण से बढ़ेगा पर्यटन

हल्द्वानी : जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में शनिवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में देर सांय कौशल विकास एवं जिला कौशल अप्रेंटिसशिप समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारी सभागार में उपस्थित रहे, जबकि कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

बैठक में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना सहित जनपद में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि अप्रेंटिसशिप योजना के तहत अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों व उद्योगों को जोड़ा जाए, प्रशिक्षित युवाओं का डेटाबेस तैयार कर रोजगार मेलों व प्लेसमेंट के माध्यम से उन्हें रोजगार दिलाया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और समय पर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

वैश्विक रोजगार भाषा प्रशिक्षण हेतु जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत 6 से 8 माह का जापानी एवं जर्मन भाषा व व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण जापान व जर्मनी में नर्सिंग असिस्टेंट व एल्डरली केयर गिवर के जॉब रोल हेतु होगा। इसके लिए जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग एवं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिनमें पुरुषों की आयु 21 से 35 वर्ष व महिलाओं की आयु 18 से 27 वर्ष निर्धारित है उन्होंने कहा कि जनपद में बर्ड वॉचिंग में अपार संभावनाएं हैं। पंगोट, कोसी बैराज व नौकुचियाताल में आने वाले हिमालयी प्रजाति के प्रवासी पक्षियों के बारे में पर्यटकों को जानकारी देने के लिए गाइडों का विशेष प्रशिक्षण कराया जाए, जिससे पर्यटकों को साइंटिफिक जानकारी मिलेगी और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है, इसलिए स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप ट्रेडों का चयन किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, जिला सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गढ़िया, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य, आईटीआई प्रधानाचार्य नितिन शर्मा, लीड बैंक अधिकारी अमित बाजपेई, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, प्रधानाचार्य आरटीआई नितिन शर्मा लीड बैंक अधिकारी अमित बाजपेई मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव कुमार सचिव हिमालयन चेंबर ऑफ कॉमर्स मलय त्रिपाठी एमबीपीजी कॉलेज के डॉक्टर संजीव कुमार* सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


देहरादून में पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित, 30 सितंबर से भरे जाएंगे नामांकन पत्र

12 अक्टूबर को होगा मतदान, 14 अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित होंगे परिणाम

देहरादून:जनपद देहरादून में ग्राम पंचायतों के रिक्त पदों एवं स्थानों पर उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा जारी अधिसूचना के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) डा. आशीष चौहान ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर एवं 01 अक्टूबर को नामांकन पत्र जमा किए जाएंगे, जबकि 12 अक्टूबर को मतदान और 14 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र 30 सितंबर एवं 01 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 03 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से कार्य समाप्ति तक की जाएगी। अभ्यर्थी 04 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके पश्चात 05 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से कार्य समाप्ति तक निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे से अपराह्न 5 बजे तक मतदान होगा। वहीं, 14 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे से मतगणना प्रारंभ होगी, जो कार्य समाप्ति तक जारी रहेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। ग्राम पंचायतों के रिक्त पदों एवं स्थानों पर निर्वाचन प्रक्रिया को निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़े निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।


अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने बाड़ेछीना स्वास्थ्य केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कार्मिकों पर मांगा स्पष्टीकरण

अल्मोड़ा । अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र बाड़ेछीना का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों एवं कार्मिकों की उपस्थिति, टीकाकरण व्यवस्था, आकस्मिक सेवाओं, ओपीडी, प्रसव पंजिका तथा विभिन्न अभिलेखों के रखरखाव की जांच की।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं कार्मिकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा अलर्ट के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी को अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कार्मिकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा वेतन आहरण से पूर्व अपने मंतव्य सहित अनुमति के लिए पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका एवं अन्य अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने, गुड्डा-गुड्डी चार्ट अपडेट करने तथा विद्युत तारों को व्यवस्थित कराने के निर्देश दिए। अस्पताल की भौतिक स्थिति संतोषजनक पाई गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि कायाकल्प योजना के अंतर्गत केंद्र का जनपद में प्रथम स्थान के लिए चयन हुआ है।

वहीं, उप स्वास्थ्य केंद्र में कोल्ड चेन व्यवस्था की जांच के दौरान एक आईएलआर मशीन निष्क्रिय मिली। वैक्सीन स्टॉक पंजिका एवं संबंधित चार्ट भी अद्यतन नहीं पाए गए। इस पर अपर जिलाधिकारी ने मशीन को शीघ्र क्रियाशील कराने, वैक्सीन स्टॉक पंजिका को प्राथमिकता से अपडेट करने तथा कोल्ड चेन एवं वीएचएनडी चार्ट को सात दिन के भीतर अद्यतन करने के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी ने पात्र आयुवर्ग की बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण के लिए भी नियमित रूप से प्रयास करने को कहा। उन्होंने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में दिए गए निर्देशों पर सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।


मौहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर हादसों की रोकथाम को तैनात रहेगी टास्क फोर्स; डीएम ने 24×7 पेट्रोलिंग एवं सघन चेकिंग के दिए निर्देश

देहरादून: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मौहब्बेवाला क्षेत्र में बने ब्लैक स्पॉट पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विधायक धर्मपुर विधानसभा विनोद चमोली एवं जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक एवं जिलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों से भी संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर ही दुर्घटनाओं के कारणों एवं उनके स्थायी समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उक्त ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं में ओवरस्पीड एवं ओवरलोडिंग प्रमुख कारक सामने आए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन कारणों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विधायक विनोद चमोली ने अधिकारियों को इस ब्लैक स्पॉट पर त्वरित सुधारात्मक कार्यों के साथ-साथ दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को भी कार्ययोजना में शामिल करने को कहा।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र में प्रभावी निगरानी एवं कार्रवाई के लिए अधिकारियों की टास्कफोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स की तैनाती आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जाएगी तथा जब तक उक्त क्षेत्र में दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं हो जाता, तब तक टास्क फोर्स सक्रिय रूप से कार्य करेगी। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को 24×7 नियमित पेट्रोलिंग एवं सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील करने को कहा।

जिलाधिकारी ने घटना स्थल से पहले चेक पोस्ट स्थापित कर वाहनों की सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भारी एवं लोडिंग वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेक पोस्ट के आगे यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए राउंडअबाउट सहित आवश्यक ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने तथा बड़े एवं भारी वाहनों को सुरक्षित तरीके से निर्धारित मार्ग से पास कराने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने एनएच एवं एनएचआई के वरिष्ठ अधिकारियों को उक्त स्थल का तकनीकी रूप से पुनः परीक्षण (री-एग्जामिन) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क की डिजाइन, मोड़, ढलान, विजिबिलिटी, यातायात दबाव सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार किए जाएं। निर्देशित किया कि स्थानीय क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी तकनीकी कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने सुरक्षा के दृष्टिगत ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त साइनेज, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर एवं स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के संबंध में पहले से सचेत करने के लिए पर्याप्त एवं स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाए जाएं तथा वाहनों की गति की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को नियमित प्रवर्तन कार्रवाई के साथ ही वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तात्कालिक उपायों के साथ स्थायी एवं तकनीकी समाधान सुनिश्चित किया जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान एनएच, एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


पटेलनगर में पर्स स्नैचिंग की 2 वारदातों का 24 घंटे में खुलासा, नशे की लत ने बनाया स्नैचर

देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में महिलाओं से हुई पर्स और मोबाइल स्नैचिंग की दो घटनाओं का दून पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने दोनों वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपी अमन सती (25) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से छीने गए दो मोबाइल फोन, नकदी, दस्तावेज और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर 2026 की शाम कैलाशपुर और गंगा विहार क्षेत्र में पैदल घर जा रही दो अलग-अलग महिलाओं से एक अज्ञात स्कूटी सवार मोबाइल फोन और पर्स छीनकर फरार हो गया था। दोनों मामलों में कोतवाली पटेलनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे।

घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थलों और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्धों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

पुलिस की जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर 27 सितंबर को पटेलनगर क्षेत्र से अमन सती को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से दोनों घटनाओं में छीने गए वीवो और रियलमी कंपनी के मोबाइल फोन, 6,700 रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की गई।

नशे की लत पूरी करने के लिए करता था स्नैचिंग

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए राह चलती महिलाओं से मोबाइल फोन और पर्स छीनने की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, छीने गए मोबाइल फोन को बेचने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

पुलिस जांच में आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह वर्ष 2022 में चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

गिरफ्तार आरोपी: अमन सती पुत्र दिनेश सती, निवासी हरभजवाला, थाना पटेलनगर, देहरादून, उम्र 25 वर्ष।

बरामदगी:

01 वीवो मोबाइल फोन

01 रियलमी मोबाइल फोन

₹6,700 नकद

01 आधार कार्ड

01 पैन कार्ड

वारदात में प्रयुक्त स्कूटी

पुलिस टीम : उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, चौकी प्रभारी आईएसबीटी

उपनिरीक्षक बलबीर सिंह

हेड कांस्टेबल मनोज सरकार

कांस्टेबल अरशद, नितिन, बृजमोहन, कैलाश, संदीप, पंकज तथा हेड कांस्टेबल किरण कुमार (एसओजी)


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