Friday, September 18th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

आजमगढ़ में 23.4 किलो गांजा बरामद, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

Daily Archives: 18/09/2026

आजमगढ़ में 23.4 किलो गांजा बरामद, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

आजमगढ़। बिलरियागंज पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 23.411 किलोग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी अतुल मिश्रा, उपनिरीक्षक राय और पुलिस टीम शुक्रवार को जैगहा बाजार में वाहनों और संदिग्ध लोगों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हारीपुर मोड़ की ओर से दो महिलाएं और एक व्यक्ति दो ट्रॉली बैग लेकर पैदल गौरी पुलिया नहर की तरफ जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान दोनों ट्रॉली बैग से 12 बंडल बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, इनका कुल वजन 23.411 किलोग्राम पाया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के बलिहार गांव निवासी राजाबाबू सिंह, बिहार के राजपुर थाना क्षेत्र निवासी सोनी इंतवा और गाजीपुर जिले के दिलदारनगर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी नेहा पासवान के रूप में की है।

पुलिस ने बरामद गांजे को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


हापुड़ में शादी के दो दिन बाद जेवर लेकर फरार महिला गिरफ्तार, कथित मास्टरमाइंड फरार

पुलिस ने महिला के कब्जे से आभूषण और दस्तावेज बरामद किए; शादी कराने वाला विनोद शास्त्री अभी पुलिस की पकड़ से बाहर

हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र में शादी के दो दिन बाद जेवर और नकदी लेकर फरार होने के मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मसुरा शेख के रूप में हुई है। मामले में शादी कराने वाला कथित मुख्य आरोपी विनोद शास्त्री अभी फरार है।

पुलिस के मुताबिक, लिसड़ी उर्फ भगवतीपुर गांव निवासी विनोद कुमार ने 16 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि करीब तीन महीने पहले उसने शादी के लिए हल्द्वानी निवासी एक पंडित से संपर्क किया था। पंडित ने एक युवती को गरीब परिवार से बताते हुए शादी कराने की बात कही थी।

14 अगस्त को मंदिर में हुई शादी

शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त को विनोद कुमार अपने परिवार के साथ रामपुर स्थित शिव मंदिर पहुंचा, जहां पंडित ने सीमा नाम बताकर युवती से उसकी शादी कराई। शादी के बाद युवती की मां को एक लाख रुपये दिए गए, जबकि पंडित को शादी कराने के लिए 2,100 रुपये दिए गए।

विनोद के अनुसार, उसने पत्नी को पहनने के लिए पायल, बालियां, चांदी का हार और सोने का मंगलसूत्र भी दिया था। आरोप है कि 15 अगस्त की रात करीब दो बजे महिला घर से सभी जेवर लेकर चली गई।

जांच में सामने आई पहचान से जुड़ी जानकारी

पुलिस ने जांच के दौरान महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि शादी कराने वाले शास्त्री ने महिला की पहचान और धर्म से जुड़ी जानकारी छिपाकर उसे हिंदू युवती के रूप में पेश किया था।

पुलिस ने महिला के कब्जे से दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड तथा पीली और सफेद धातु के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश किया गया है।

इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के अनुसार, मामले के कथित मास्टरमाइंड विनोद शास्त्री की तलाश जारी है। पुलिस शादी के जरिए कथित ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


03 कुमाऊं रेजीमेंट के रेजिंग-डे समारोह में शामिल हुए मंत्री गणेश जोशी

सैनिकों और पूर्व सैनिकों को दी शुभकामनाएं

देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोर्खाली सुधार सभा में शुक्रवार को 03 कुमाऊं रेजीमेंट का रेजिंग-डे समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रेजीमेंट के सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों, वीर नारियों और उनके परिजनों को रेजिंग-डे की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कुमाऊं रेजीमेंट का इतिहास भारतीय सेना के शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली गाथाओं से भरा है। रेजीमेंट के वीर सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं रेजीमेंट का देश की रक्षा में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

गणेश जोशी ने कहा कि जब देशवासी चैन की नींद सोते हैं, तब हमारे सैनिक सीमाओं पर जागकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सैनिक देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रहरी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के हजारों परिवारों की कई पीढ़ियों ने भारतीय सेना में सेवाएं दी हैं और यहां के युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना लंबे समय से रही है।

मंत्री ने कहा कि रेजिंग-डे का अवसर उन वीर सैनिकों और शहीदों को नमन करने का भी है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका त्याग और शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि सैनिक के साथ उसका परिवार भी देशसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान, कल्याण और हितों की रक्षा करना समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गणेश जोशी ने कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों और पूर्व सैनिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेजीमेंट की गौरवशाली परंपरा इसी तरह आगे बढ़ती रहे और इसके वीर जवान देश का मान-सम्मान बढ़ाते रहें।

समारोह में गोविंद सिंह, गंगा दत्त बिनवाल, हरी सिंह, मंजू देउपा, गंगा सिंह, देवकी बिनवाल, कैलाश सिंह, दरबान सिंह, राम दत्त, नंदन सिंह सहित सैन्य अधिकारी, वीर जवान, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिजन मौजूद रहे।


रायबरेली में मां-बेटे की हत्या और डकैती मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नौ साल पुराने मां-बेटे की हत्या और डकैती के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए प्रत्येक दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मामला 24 मई 2017 का है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे रानी मजरे तिलोई में श्यामा और उनके बेटे मदन की हत्या के बाद घर में डकैती की गई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से लूट का सामान बरामद करने का दावा किया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान डलमऊ क्षेत्र के अमरहा निवासी सुरेश उर्फ मनोज की मौत हो गई। इसके बाद पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी रही।

पांचों दोषियों को मिली उम्रकैद

अदालत ने ओमप्रकाश उर्फ जगदीश, कल्लू उर्फ वीरेंद्र, टिल्कू उर्फ समर बहादुर, आशीष उर्फ नन्हा और मुकेश उर्फ अरविंद को दोषी ठहराया। इनमें ओमप्रकाश, कल्लू और टिल्कू इन्हौना थाने के हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं।

परिवार ने नौ साल तक की पैरवी

मां श्यामा और छोटे भाई मदन की हत्या के बाद बब्बन और उनका परिवार लंबे समय से अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा था। परिवार के मुताबिक, मुकदमे की पैरवी के दौरान दबाव और प्रलोभन दिए जाने के बावजूद उन्होंने केस की पैरवी जारी रखी।

फैसला आने के बाद बब्बन ने कहा कि देर से ही सही, दोषियों को सजा मिली है। उन्होंने बताया कि मदन की पत्नी गायत्री और उनका 12 वर्षीय दिव्यांग बेटा सक्षम घटना के बाद से अपने ननिहाल में रह रहे हैं।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी

एसपी सरवण टी. ने बताया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लगातार प्रभावी पैरवी कर रही है। इस मामले में भी अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय कर अदालत में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।


अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस ASI की हत्या, हमलावरों की तलाश तेज

दाना मंडी के पास गश्त के दौरान हुआ हमला; DGP गौरव यादव ने घटनास्थल का जायजा लिया, CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ी

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह की शुक्रवार तड़के गोली लगने से मौत हो गई। वह गेट हकीमां थाने के तहत PCR ड्यूटी पर तैनात थे और दाना मंडी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, वारदात रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ASI को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए। हरजीत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक .30 बोर का खोल बरामद किया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है।

DGP ने घटनास्थल पहुंचकर जांच की समीक्षा की

पंजाब के DGP गौरव यादव ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जांच तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। अलग-अलग पुलिस टीमें हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।

DGP के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हमलावरों द्वारा ASI का पीछा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का CCTV के जरिए पता लगाने का प्रयास कर रही है।

परिवार को 2 करोड़ रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ASI हरजीत सिंह के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। इसके अलावा HDFC बैंक की ओर से परिवार को एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस विभाग की ओर से ASI को पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नाम के एक संगठन द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस रिपोर्टों के अनुसार इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस हत्या के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल हमले के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।


पौड़ी में घेरबाड़ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, डीएम ने दिए निर्देश

सहभागिता और पारदर्शिता के साथ तैयार होंगे प्रस्ताव, बेहतर क्लस्टरों को उत्पादन के आधार पर मिलेगी सुविधा

पौड़ी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत फार्म फेसिंग पॉलिसी (घेरबाड़ नीति) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज जिला सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने, पात्र लाभार्थियों के चयन, कार्यों की गुणवत्ता एवं अनुश्रवण तथा विभिन्न विभागों के मध्य कन्वर्जेंस को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ प्राप्त प्रस्तावों की जांच कर उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। साथ ही संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य कराने पर जोर दिया गया, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। जिलाधिकारी ने कृषि भूमि संरक्षण अधिकारियों से संवाद कर क्षेत्रवार स्थिति एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी भी ली।

उन्होंने जिला योजना के माध्यम से पूर्व में कराए गए घेरबाड़ एवं संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में किए गए कार्यों की स्थिति का परीक्षण कर उनके परिणामों के आधार पर आगामी कार्यों की बेहतर योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों के चयन में सहभागिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए तथा ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां वर्तमान में खेती हो रही है और स्थानीय लोग सहभागिता के साथ घेरबाड़ कार्य कराने के लिए तैयार हैं।

मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर पर कृषि एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत फार्म फेसिंग पॉलिसी के लिए संयुक्त मानक संचालन प्रविधि (एसओपी) जारी की गई है तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन किया गया है। बैठक में एसओपी के अनुरूप योजना के संचालन, लाभार्थियों के चयन और कार्यों के अनुश्रवण को लेकर आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में कृषि एवं उद्यान गतिविधियों को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि जिन क्लस्टरों में सब्जी एवं दलहन का उत्पादन अच्छा हो रहा है, वहां किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो रहा है। जिलाधिकारी ने ऐसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लस्टरों को उनके उत्पादन के आधार पर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने तथा इसके लिए जिला योजना में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सके।

दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए एक माह का समय दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि दुग्ध उत्पादकों को संग्रहण एवं विपणन की बेहतर सुविधा मिल सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को एकेश्वर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विकास से स्थानीय उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और किसानों को उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने, लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा कार्यों में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, पीडी डीआरडीए केवल कुमार उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, सीवीओ डॉ विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एआर सहकारिता सुमन कुमार, जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी कृषि भूमि एवं संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे।


जिलाधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया विस्तृत निरीक्षण

अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने परखी विकास भवन की स्वच्छता व्यवस्था, शौचालयों की सफाई नियमित रखने के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यालयी व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, योजनाओं की प्रगति तथा जनसमस्याओं के निस्तारण की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रत्येक कार्यालय में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में अभिलेख व्यवस्थित एवं अद्यतन रहने के साथ ही लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कार्यालयों में पत्रावलियों, पंजिकाओं एवं अभिलेखों के संधारण की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण अभिलेख एवं पत्रावलियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने टूर पंजिकाओं का नियमित रूप से संधारण करने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यालयी गतिविधियों का रिकॉर्ड अद्यतन रखने को कहा।

जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय कक्षों के साथ ही गलियारों, वेटिंग रूम और शौचालयों की स्थिति की तत्काल बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शौचालयों की नियमित सफाई, कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई तथा समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए।

ग्रामोत्थान विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने टूर पंजिका का अवलोकन करते हुए इसे नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति एवं मैदानी स्तर पर की जा रही गतिविधियों की जानकारी लेते हुए रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया।

स्वजल विभाग में जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं एवं संचालित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थिति और उनके उपयोग की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कूड़ा संग्रहण केंद्रों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता से जुड़े कार्यों की निरंतर निगरानी करने को भी कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

मत्स्य विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं, क्लस्टर आधारित कार्यों और लाभार्थियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म का अवलोकन किया और विभागीय गतिविधियों के डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने जनपद में विकसित अमृत सरोवरों से संबंधित जानकारी लेते हुए इनके उपयोग और मत्स्य पालन से जुड़ी संभावनाओं पर भी जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने पंचायतीराज विभाग के निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों से प्राप्त होने वाली शिकायतों की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों के लिए अलग शिकायत पंजिका तैयार की जाए और प्रत्येक शिकायत का शत-प्रतिशत अंकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायत प्राप्त होने की तिथि, विषय तथा निस्तारण की स्थिति का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने को कहा, ताकि प्रत्येक शिकायत की प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

समाज कल्याण विभाग में जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति, विभिन्न पेंशन योजनाओं तथा लाभार्थियों से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सत्यापन रिपोर्टों का अवलोकन करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

परिवीक्षा विभाग एवं उरेडा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की गतिविधियों एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय स्तर पर संचालित कार्यों की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण निर्माण विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निस्तारित एवं लंबित बीजकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से कोई भी प्रकरण लंबित न रहे तथा लंबित बीजकों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की माप पुस्तिका आदि मंगवाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय में आए आवेदकों से भी सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिला विकास अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लेखा अनुभाग के कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड), विधायक निधि तथा वीबी जीरामजी कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विधायक निधि की दूसरी किश्त की समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वीकृत कार्यों की प्रगति और लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और कार्यों से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकास भवन की आंतरिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्यस्थलों पर स्पष्ट रूप से नाम पट्टिकाएं लगाने को कहा, जिससे कार्यालय में आने वाले लोगों को संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की पहचान और कक्ष की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कार्यालयों में रखे अभिलेखों एवं पत्रावलियों को व्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वेटिंग रूम का भी निरीक्षण किया। वहां रखे टूटे एवं अनुपयोगी फर्नीचर को हटाकर स्थान को व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के बैठने के लिए उपलब्ध स्थान साफ-सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों के गलियारों में आवश्यक रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य कराने के निर्देश भी दिए, ताकि पूरे भवन का वातावरण बेहतर और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार केवल निरीक्षण के समय तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यालय में स्वच्छता, अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के निस्तारण और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्धता से ही आमजन का विश्वास मजबूत होता है। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करें और जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


30 मिनट की वॉक से कम होगा वजन या नहीं? आइये जानते हैं क्या है पूरा सच

वजन कम करने के लिए जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति कठिन कसरत या जिम से शुरुआत करे। रोजाना पैदल चलना भी शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है। यही वजह है कि कई लोग वजन घटाने के लिए रोज 30 मिनट वॉक करने की सलाह देते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि क्या केवल 30 मिनट पैदल चलने से वास्तव में वजन कम किया जा सकता है? क्या वॉक की रफ्तार भी इसमें कोई भूमिका निभाती है और क्या खान-पान पर ध्यान दिए बिना इसका फायदा मिल सकता है?

अगर आप भी वजन घटाने के लिए वॉकिंग शुरू करने की सोच रहे हैं, तो इन सवालों के जवाब जानना जरूरी है। आइए समझते हैं कि 30 मिनट की रोजाना वॉक वजन प्रबंधन में कितनी मदद कर सकती है।

क्या रोज 30 मिनट वॉक करने से वजन कम हो सकता है?

रोजाना 30 मिनट पैदल चलना वजन कम करने की प्रक्रिया में योगदान दे सकता है। वॉकिंग कम प्रभाव वाली शारीरिक गतिविधि है, इसलिए स्वस्थ लोग इसे अपनी दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं।

पैदल चलने के दौरान शरीर ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। वजन घटाने के लिए आम तौर पर शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली ऊर्जा और भोजन से मिलने वाली ऊर्जा के बीच संतुलन महत्वपूर्ण होता है। अगर लंबे समय तक शरीर की कुल ऊर्जा जरूरत के मुकाबले कम कैलोरी मिलती हैं, तो वजन घटने की संभावना रहती है।

इसलिए 30 मिनट की वॉक का फायदा केवल उस दौरान खर्च होने वाली कैलोरी तक सीमित नहीं है। नियमित रूप से चलने की आदत व्यक्ति को पूरे दिन अधिक सक्रिय रहने में भी मदद कर सकती है।

वजन घटाने के लिए वॉक की स्पीड कैसी होनी चाहिए?

सिर्फ धीमी गति से टहलना ही जरूरी नहीं है। अगर आपकी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य इसकी अनुमति देते हैं, तो सामान्य चाल की तुलना में कुछ तेज गति से चलना भी किया जा सकता है।

तेज चलने पर सांस और हृदय गति सामान्य से कुछ बढ़ सकती है। हालांकि, वॉक की गति हर व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

जो लोग लंबे समय से शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे हैं, उन्हें शुरुआत आरामदायक गति से करनी चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे चलने का समय और गति बढ़ाई जा सकती है।

क्या वॉकिंग से सिर्फ पेट की चर्बी कम होगी?

अगर आपका लक्ष्य पेट की चर्बी कम करना है, तो यह समझना जरूरी है कि शरीर के किसी एक हिस्से की चर्बी को केवल उसी हिस्से की गतिविधि के जरिए अलग से कम करना संभव नहीं होता।

नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में कुल वसा कम करने की प्रक्रिया में मदद कर सकती है। इसके साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित रखना और पूरी दिनचर्या में सक्रिय रहना भी महत्वपूर्ण है।

वजन घटाने में डाइट क्यों है जरूरी?

रोज 30 मिनट वॉक करने के बावजूद अगर व्यक्ति अपनी जरूरत से काफी ज्यादा कैलोरी का सेवन करता है, तो वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए वॉकिंग के साथ खान-पान पर भी ध्यान देना जरूरी है। डाइट में प्रोटीन, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त फाइबर वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। वहीं अत्यधिक कैलोरी वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, मीठे पेय और जरूरत से ज्यादा स्नैकिंग को सीमित करना मददगार हो सकता है।

सुबह या शाम, किस समय करनी चाहिए वॉक?

वजन कम करने के लिए वॉक करने का कोई एक निश्चित समय सभी लोगों के लिए जरूरी नहीं है। आप अपनी सुविधा और दिनचर्या के अनुसार सुबह, शाम या दिन के किसी अन्य समय पर पैदल चल सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता है। अगर किसी व्यक्ति के लिए लगातार 30 मिनट वॉक करना संभव नहीं है, तो वह दिन में 10-10 मिनट की तीन अलग-अलग वॉक करके भी अपनी कुल शारीरिक गतिविधि बढ़ा सकता है।

कितने समय में दिख सकता है वजन घटने का असर?

वजन घटने की रफ्तार हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। शुरुआती वजन, उम्र, खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद और शरीर की चयापचय संबंधी स्थिति जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।

इसलिए कुछ दिनों तक वॉक करने के बाद वजन में बड़ा बदलाव दिखने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। नियमित रूप से कई हफ्तों तक शारीरिक गतिविधि जारी रखने और खान-पान को संतुलित रखने पर धीरे-धीरे बदलाव नजर आ सकते हैं।

निष्कर्ष

रोजाना 30 मिनट की वॉक वजन प्रबंधन की दिशा में एक उपयोगी शुरुआत हो सकती है। हालांकि, केवल वॉकिंग को ही वजन घटाने का एकमात्र उपाय नहीं माना जाना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी महत्वपूर्ण है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए तैयार किया गया है। किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति, बीमारी या वजन घटाने की योजना के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

(साभार)


पिथौरागढ़ में कारपेंटर ने घर की अलमारी तोड़कर उड़ाए 12 लाख के जेवर, गिरफ्तार

पिथौरागढ़। जाजरदेवल क्षेत्र के सुजई में एक घर से 12 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घर में लकड़ी का काम कर रहे कारपेंटर ने कथित तौर पर मौका पाकर अलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें रखे जेवर लेकर फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किए गए आभूषण बरामद कर लिए।

जानकारी के अनुसार, सुजई निवासी मंजू धामी अपने पति के साथ बंगलुरू गई थीं। उनके घर में लकड़ी का काम चल रहा था, जिसके लिए कारपेंटर लगाए गए थे। घर की निगरानी और काम की देखरेख की जिम्मेदारी मंजू ने पड़ोस में रहने वाली अपनी ननद ममता को दी थी।

बीते बृहस्पतिवार को ममता ने सुबह घर खोला और कारपेंटरों के काम पर लगने के बाद वहां से चली गईं। दोपहर में जब वह उन्हें चाय देने पहुंचीं तो घर के अंदर कुछ सामान अस्त-व्यस्त देखकर उन्हें संदेह हुआ। मंजू से फोन पर जानकारी लेने के बाद पता चला कि अलमारी में आभूषण रखे हुए थे। जांच करने पर अलमारी का लॉक टूटा मिला और जेवर गायब थे।

इसके बाद ममता और उनके पति रमेश धामी ने जाजरदेवल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घर में काम कर रहे लोगों से पूछताछ की। संदेह के आधार पर धमौरा, थाना मिलक, जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश निवासी 37 वर्षीय अहमद नबी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच तोले से अधिक सोने और मोती के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। थानाध्यक्ष प्रकाश पांडे के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


देहरादून में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए लगेंगे चिन्हीकरण शिविर, मिलेंगे निःशुल्क सहायक उपकरण

21 से 26 सितंबर तक लगेंगे 11 निःशुल्क शिविर

देहरादून। दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को उनकी जरूरत के अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए देहरादून जिले में 21 से 26 सितंबर तक 11 चिन्हीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग और भारत सरकार के उपक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर के सहयोग से इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों का चिन्हीकरण किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चिन्हित लाभार्थियों को 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।

इन स्थानों पर लगेंगे शिविर

सभी शिविर सुबह 11 बजे से आयोजित होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को विकासखंड परिसर सहसपुर और विकासखंड परिसर कालसी में शिविर लगाए जाएंगे। 22 सितंबर को नगर पंचायत सेलाकुई, विकासखंड परिसर विकासनगर और पंचायत भवन रामनगर डांडा थानों में शिविर होगा।

इसी क्रम में 23 सितंबर को विकासखंड परिसर डोईवाला और पंचायत भवन सभावाला, जबकि 24 सितंबर को विकासखंड परिसर रायपुर और आंगनबाड़ी केंद्र नवादा चौक बद्रीपुर में शिविर आयोजित किया जाएगा। 26 सितंबर को रेसकोर्स वेलफेयर सोसायटी, 120 रेसकोर्स और गंगा फार्म, बालावाला में शिविर लगाए जाएंगे।

लाभार्थियों को लाने होंगे जरूरी दस्तावेज

दिव्यांगजनों को शिविर में यूडीआईडी, आधार कार्ड की छायाप्रति और मासिक आय प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। वहीं, बुजुर्ग लाभार्थियों को आधार कार्ड की छायाप्रति तथा संबंधित ग्राम प्रधान या पार्षद द्वारा जारी मासिक आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बुजुर्गों के लिए मासिक आय की सीमा 15 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों और बुजुर्गों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क सहायक उपकरणों के लिए अपना चिन्हीकरण अवश्य कराएं।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp