Tuesday, September 8th, 2026

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पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए

Daily Archives: 08/09/2026

पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए

रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में फलदार और जड़ी-बूटी वाले पौधों का रोपण, सुरक्षा के लिए वायरिंग और दो साल के रखरखाव की व्यवस्था

पौधे लगाना पहला कदम, उन्हें पेड़ बनाना असली जिम्मेदारी – बंशीधर तिवारी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून की हरियाली को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। प्राधिकरण ने रायपुर स्थित आर्मी फायरिंग रेंज में विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं जड़ी-बूटी वाले पौधों का रोपण कर हरित क्षेत्र के विस्तार की पहल की है। खास बात यह है कि एमडीडीए ने पौधारोपण को महज एक अभियान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पौधों की सुरक्षा और उनके आगामी दो वर्षों तक रखरखाव की भी जिम्मेदारी तय की है। पौधों को सुरक्षित रखने के लिए रोपण क्षेत्र के चारों ओर लोहे की वायरिंग भी कराई गई है।

पौधारोपण से आगे, पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी
रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने आर्मी अधिकारियों के साथ पौधारोपण किया। फलदार और जड़ी-बूटी वाले पौधों का चयन क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के साथ पर्यावरणीय विविधता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। प्राधिकरण ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई पूरी की है। एमडीडीए की इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पौधारोपण के बाद की व्यवस्था है। अक्सर पौधारोपण अभियान के बाद पौधों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने इस बार शुरुआत से ही सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था की है। पौधों को नुकसान से बचाने के लिए लोहे की वायरिंग की गई है, जबकि दो वर्ष तक उनके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

विकास की रफ्तार के साथ हरियाली की भी चिंता
देहरादून तेजी से विस्तार कर रहा है। बढ़ती आबादी, नई आवासीय गतिविधियों और निर्माण कार्यों के बीच शहर की प्राकृतिक पहचान और हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे समय में एमडीडीए की यह पहल विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्राधिकरण का प्रयास है कि नियोजित विकास के साथ शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिले। फलदार और जड़ी-बूटी वाले पौधों का रोपण इसी व्यापक सोच का हिस्सा है। इससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने के साथ जैव विविधता को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

सेना के साथ हरित अभियान का संदेश
रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में सेना के अधिकारियों के साथ किया गया पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश भी देता है। सैन्य क्षेत्र जैसे स्थान पर हरित आवरण को बढ़ाने की यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम है। प्राधिकरण की ओर से रोपित पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है, ताकि अभियान का असर लंबे समय तक दिखाई दे।

पौधे लगाना पहला कदम, उन्हें पेड़ बनाना असली जिम्मेदारी – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून की पहचान सिर्फ एक विकसित शहर के रूप में नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और स्वच्छ वातावरण से भी है। तेजी से बढ़ते शहरी विकास के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना केवल पहला चरण है, उन्हें सुरक्षित रखना और पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करना वास्तविक जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए वायरिंग और दो वर्ष के रखरखाव की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक दायित्व है। विकास योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति और हरियाली को साथ लेकर चलना ही भविष्य के देहरादून की मजबूत नींव तैयार करेगा।

संरक्षण पर फोकस, तभी सफल होगा अभियान – मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण और रखरखाव को भी प्राथमिकता दे रहा है। रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए लोहे की वायरिंग की गई है और दो वर्ष तक नियमित रखरखाव की व्यवस्था की गई है। इससे पौधों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उनके बेहतर विकास में मदद होगी। देहरादून की हरियाली को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने की दिशा में एमडीडीए का यह प्रयास यह संदेश देता है कि शहर का विकास तभी सार्थक है, जब उसकी हरियाली भी साथ-साथ बढ़े।


नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विकासनगर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 55 वर्षीय निसार पुत्र जमीर अहमद निवासी वार्ड नंबर-8, ढकरानी, विकासनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में विकासनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

दरअसल, 17 मार्च 2026 को पुलिस ने नेत्र सिंह पुत्र माहीराम निवासी शरली मानपुर, पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश को 253.26 ग्राम अवैध डोडा पाउडर के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में कोतवाली विकासनगर में मुकदमा अपराध संख्या 79/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान नेत्र सिंह ने बताया था कि वह डोडा पाउडर ढकरानी निवासी निसार से खरीदकर लाया था। इसके बाद पुलिस ने निसार की गिरफ्तारी के लिए सुरागरसी-पतारसी शुरू की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

पुलिस को 8 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने ढकरानी क्षेत्र में दबिश देकर निसार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने नेत्र सिंह को डोडा पाउडर बेचने की बात स्वीकार की।

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि निसार के खिलाफ पहले से ही मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित मामला दर्ज है और वह पूर्व में जेल जा चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की भी जानकारी जुटाई है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास: निसार के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में मुकदमा अपराध संख्या 79/2026 के तहत धारा 8/15/29 एनडीपीएस एक्ट और मुकदमा अपराध संख्या 345/2025 के तहत धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट में मामले दर्ज हैं।


नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार

हरलाखी/मधुबनी। भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने दो युवकों के साथ नेपाल जा रही दो लड़कियों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा है। बरामद लड़कियों में पश्चिम बंगाल की एक नाबालिग भी शामिल है। एसएसबी ने मानव तस्करी की आशंका के चलते दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया और लड़कियों को अपनी अभिरक्षा में लिया। बाद में सभी को आगे की कार्रवाई के लिए हरलाखी पुलिस के हवाले कर दिया गया।

मामला हरलाखी के पिपरौन सीमा क्षेत्र का है। सोमवार शाम एसएसबी के जवान सीमा पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने दो युवकों को दो लड़कियों के साथ नेपाल की ओर जाते देखा। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों ने उन्हें रोक लिया और पूछताछ शुरू की।

पूछताछ के दौरान लड़कियों के युवकों के साथ सीमा पार जाने को लेकर जवानों का संदेह और गहरा गया। इसके बाद दोनों लड़कियों को अभिरक्षा में लिया गया, जबकि दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

एसएसबी के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों की पहचान बेनीपट्टी निवासी कृष्ण कुमार मेहता (19) और नंदी भौजी चौक निवासी अमित कुमार (22) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों युवकों और दोनों लड़कियों को हरलाखी पुलिस को सौंप दिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों लड़कियां युवकों के साथ नेपाल क्यों जा रही थीं और उन्हें सीमा पार ले जाने का उद्देश्य क्या था। इसके साथ ही पुलिस दोनों युवकों और लड़कियों के बीच संबंध तथा उनकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

मामले में मानव तस्करी की आशंका के साथ अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। बरामद लड़कियों में एक के नाबालिग होने के कारण पुलिस पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत भी जांच कर रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में

भारतगंज (प्रयागराज)। यमुनापार के मांडा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह घरेलू विवाद के दौरान एक महिला की मौत हो गई। भौसरा नरोत्तम गांव के भैरोपुर में पति पर अपनी दूसरी पत्नी की मारपीट कर हत्या करने का आरोप है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, भैरोपुर निवासी 41 वर्षीय अनिल कुमार का मंगलवार सुबह करीब आठ बजे पत्नी मंजू देवी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर अनिल ने मंजू के साथ मारपीट शुरू कर दी। गंभीर चोट लगने के बाद मंजू की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि मंजू देवी अनिल की दूसरी पत्नी थी। अनिल की पहली पत्नी की पूर्व में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। पहली पत्नी से उसके तीन बच्चे हैं, जो नाबालिग बताए जा रहे हैं। पहली पत्नी की मौत के बाद अनिल ने मध्य प्रदेश की रहने वाली मंजू देवी से दूसरी शादी की थी।

ग्रामीणों के मुताबिक, दूसरी शादी के बाद भी अनिल और मंजू के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। हालांकि मंगलवार सुबह विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट किस परिस्थिति में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के मुताबिक, मायके पक्ष की तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मंजू के मायके पक्ष के लोगों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।


दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर

बरालोकपुर। थाना चौबिया क्षेत्र के कस्बा बरालोकपुर में सोमवार को चोरों ने दिनदहाड़े एक सूने मकान को निशाना बना लिया। परिवार के लोग खेत पर गए थे, इसी दौरान चोर मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में घुसे और करीब 50 हजार रुपये की नकदी समेत साढ़े छह लाख रुपये कीमत के जेवरात चोरी कर ले गए। शाम को घर लौटने पर वारदात का पता चला।

पीड़ित किशोर शाक्य ने बताया कि वह पत्नी सुनीता देवी के साथ पेट्रोल पंप के पास बने मकान में रहते हैं। सोमवार दोपहर दोनों थाना ऊसराहार क्षेत्र के कृपालपुर गांव स्थित अपने खेत में धान की फसल में खाद डालने गए थे। इसी दौरान चोरों ने घर को सूना पाकर ताला तोड़ दिया।

शाम को दंपती वापस लौटे तो मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर पहुंचने पर कमरों में सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी का ताला भी टूटा हुआ था। जांच करने पर अलमारी में रखी करीब 50 हजार रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवर गायब मिले।

पीड़ित के मुताबिक, चोरी हुए सामान में सोने की चेन, झाले, मंगलसूत्र, ओम और नाक का फूल शामिल हैं। इसके अलावा चांदी की करधनी, पायल और तोड़ियां भी चोर ले गए। उन्होंने बताया कि करीब एक किलो चांदी और 25 ग्राम सोने के जेवरात चोरी हुए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब साढ़े छह लाख रुपये बताई गई है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाकर चोरों की तलाश की जा रही है।

दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना से कस्बे के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि दिन के समय सूने मकान को निशाना बनाए जाने से चोरों के बेखौफ होने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

थाना प्रभारी चौबिया महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।


निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार

सरायकेला-खरसावां। चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित टेंथ माइल स्टोन के पास 24 अगस्त को हुए निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को गिरफ्तार किया। मंगलवार को चांडिल के एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार ने प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी।

एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बजाज एवेंजर मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और एक लोडेड देशी पिस्तौल बरामद की है। पिस्तौल में एक जिंदा कारतूस भी मिला है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

बता दें कि 24 अगस्त को 33 वर्षीय निखार सबलोक को अपराधियों ने गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उसे जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी के निर्देश पर सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम पुलिस की संयुक्त विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रांची से घटना में इस्तेमाल लाल रंग की हुंडई आई-10 कार भी बरामद की थी।

पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इससे पहले 2 सितंबर को अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल दो पिस्टल भी बरामद हुई थीं।

एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार ने बताया कि अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ बोडाम, मानगो, उलीडीह और आदित्यपुर थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच और कार्रवाई जारी है।


शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री

‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक मार्गदर्शन देना भी जरूरी- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुसुम कांता फाउंडेशन एवं मंथन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम’ में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को सम्मानित किया तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों एवं छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान गंगा सम्मान समारोह केवल सम्मान और छात्रवृत्ति वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को पहचान देने, शिक्षा को प्रोत्साहित करने और बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का सराहनीय प्रयास है। किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करना केवल उसकी आर्थिक सहायता करना नहीं, बल्कि उसके सपनों को पूरा करने में सहभागी बनना है।

मुख्यमंत्री ने स्व. कुसुम कांता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संगीत, साहित्य और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन-मूल्यों और सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए कुसुम कांता फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में मंथन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थी को दृष्टि, आत्मविश्वास और संस्कार देने के साथ उसकी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। एक शिक्षक कक्षा में केवल एक विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ऐसे संस्कार और जीवन-मूल्य देने का आह्वान किया, जो उन्हें अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को सुविधाएं देने के साथ अपना समय, अच्छे संस्कार और अनुशासन देने तथा प्रत्येक परिस्थिति में उनका सकारात्मक मार्गदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे का उज्ज्वल भविष्य केवल अच्छी शिक्षा से नहीं बनता, इसके लिए विद्यालय और परिवार दोनों का साथ चलना आवश्यक है। आने वाली पीढ़ी के निर्माण में माता-पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली असफलताओं से सीखते हुए लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। कठिन रास्ते ही अक्सर बड़ी मंजिलों तक लेकर जाते हैं। विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे भविष्य में शिक्षक, वैज्ञानिक, चिकित्सक, इंजीनियर, खिलाड़ी, उद्यमी, प्रशासनिक अधिकारी अथवा किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ें, सबसे पहले एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी अपने ज्ञान, प्रतिभा, मेहनत और अच्छे संस्कारों के बल पर उत्तराखंड और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपनी धर्मपत्नी स्व. कुसुम कांता का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य, संगीत और समाज सेवा के प्रति उनका विशेष अनुराग था। एक शिक्षिका के रूप में उन्होंने शिक्षा और संस्कारों को सदैव महत्वपूर्ण स्थान दिया। उनके जीवन-मूल्यों और सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा एवं समाज हित में किए जा रहे कार्य ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हैं।

डॉ. निशंक ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का आधार है। शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और कर्तव्यबोध विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कुसुम कांता फाउंडेशन और मंथन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रो. सुधारानी पाण्डेय, कुसुम कांता फाउंडेशन की संस्थापक विदुषी निशंक, आर्यन देव उनियाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे

प्रयागराज। विदेश में नौकरी दिलाने और भेजने के नाम पर 90 लोगों से करीब 78 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने लोगों से रकम लेने के बाद फर्जी वीजा उपलब्ध कराए। इनमें चार लोग सऊदी अरब में फंस गए और घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। पैसे वापस मांगने पर शिकायतकर्ता को धमकी दिए जाने का भी आरोप है।

मामले में रायबरेली के सलोन करहिया बाजार निवासी मोहम्मद हनीफ ने खुल्दाबाद थाने में मुख्य आरोपित मोहम्मद मुजतबा खान उर्फ सानू रहमान समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक सभी आरोपित प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र स्थित गुलाबबाड़ी मोहल्ले के रहने वाले हैं।

हनीफ के अनुसार, करीब दो साल पहले उसका संपर्क सानू से हुआ था। सानू ने सऊदी अरब में लोगों को भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद उसके संपर्क में आए 90 लोगों से करीब 65 लाख रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह रकम सानू के सहयोगियों नाहिद अंजुम, फैसल खान, अमन, वाहिद अली और मोहम्मद अहमद को दी गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहम्मद अय्यूब, रज्जव अली, इबरार अहमद और कमलेश कुमार को विदेश भेजा गया, लेकिन वीजा फर्जी होने के कारण वे वहां फंस गए। आरोप है कि ठगी का पता चलने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपितों ने फर्जी लेनदेन दिखाकर मामले को टालने की कोशिश की।

हनीफ ने यह भी आरोप लगाया कि अधिक दबाव बनाने पर सानू और फैसल ने करीब 25 लोगों को दुबई बुलाया। वहां उन्हें एक होटल में करीब 10 दिन तक रुकवाया गया। बाद में पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें भारत वापस भेज दिया गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, अंजुम ट्रेवल्स के संचालक वाहिद अली ने कथित तौर पर फर्जी वीजा देकर लोगों से आठ लाख रुपये लिए और रकम दूसरे बैंक खाते में जमा कराई। वहीं मोहम्मद अहमद उर्फ मुन्ना जूजू पर फर्जी वीजा देने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये लेने और छह पासपोर्ट अपने पास रखने का आरोप लगाया गया है। पासपोर्ट वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

हनीफ का कहना है कि रकम वापस लेने के लिए दबाव बनाने पर उसे कभी दिल्ली तो कभी दूसरे शहरों में बुलाया गया। आरोप है कि करीब डेढ़ साल तक उसे अलग-अलग फर्जी लोकेशन भेजकर परेशान किया गया। वह सऊदी अरब भी गया, जहां करीब एक महीने रहने के बावजूद आरोपित उससे नहीं मिले। इसके बाद उसे कजाकिस्तान बुलाया गया, जहां वह 14 दिन रहा, लेकिन वहां भी आरोपित नहीं मिले। शिकायतकर्ता के अनुसार दिल्ली और मुंबई बुलाकर भी उसे लगातार झांसा दिया गया।

हनीफ का आरोप है कि प्रयागराज स्थित कार्यालय पहुंचकर उसने दोनों आरोपितों को पकड़ लिया था। उस दौरान हर महीने कुछ रकम वापस करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया।

खुल्दाबाद थाने के इंस्पेक्टर केशवराम के मुताबिक मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है।


दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान

उत्कृष्ट कर्मचारी, स्व-रोजगार में रत दिव्यांग, सेवायोजक एवं खिलाड़ी राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए कर सकते हैं आवेदन

देहरादून। दिव्यांगजनों की प्रतिभा, कार्यकुशलता और उल्लेखनीय उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड ने राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर 2026 को आयोजित समारोह में चयनित व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

इन पुरस्कारों के लिए उत्कृष्ट एवं दक्ष दिव्यांग कर्मचारी, स्व-रोजगार करने वाले दिव्यांग व्यक्ति, दिव्यांगजनों के सेवायोजक/प्लेसमेंट अधिकारी और उत्कृष्ट दिव्यांग खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं। विभाग की ओर से संबंधित पात्र व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप में आवेदन मांगे गए हैं।

आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी

आवेदकों को आवेदन पत्र के साथ दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, नवीनतम फोटो, विस्तृत बायोडाटा या जीवन परिचय, विशेष उपलब्धियों से संबंधित दस्तावेज और संस्तुति प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा आवेदक को 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ-पत्र भी देना होगा, जिसमें यह उल्लेख हो कि उसे इससे पहले किसी राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया है।

26 सितंबर तक जमा होंगे आवेदन

पात्र आवेदकों को आवेदन और सभी जरूरी दस्तावेज तीन मूल प्रतियों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार तैयार करने होंगे। आवेदन 26 सितंबर 2026 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय, 26 ईसी रोड, सर्वे चौक के समीप, देहरादून में जमा किए जा सकते हैं।

समाज कल्याण विभाग ने पात्र दिव्यांगजनों और संबंधित व्यक्तियों से अपील की है कि वे अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने के इस अवसर का लाभ उठाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करें।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट

आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाने की पहल तेज, बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय मंत्री के सामने रखा प्रस्ताव

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

भेंट के दौरान प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्हें सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित विषय प्रमुखता से रखा गया।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वर्तमान में जनपद उधम सिंह नगर एवं हरिद्वार में कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कैबिनेट मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश के अन्य जनपदों में भी पर्याप्त भवन एवं स्थान उपलब्ध वाले आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की अनुमति एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस विषय पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए आवश्यक स्तर पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया।

वहीं मंत्री रेखा आर्या द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के टेक होम राशन (THR) से संबंधित विषय भी रखा गया। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि विभिन्न कारणों से भारत सरकार से टेक होम राशन की प्राप्ति में आ रही कठिनाइयों के चलते वित्तीय स्तर पर समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस विषय का शीघ्र समाधान किए जाने का अनुरोध किया।

इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में FRS के माध्यम से बच्चों की गणना में विभिन्न विषम परिस्थितियों के कारण अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाने तथा गणना से छूटे हुए लगभग 60 प्रतिशत बच्चों से संबंधित विषय भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया। इस संबंध में आवश्यक समाधान एवं आगामी कार्यवाही का अनुरोध किया गया।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने, बच्चों को बेहतर पोषण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा दोनों विषयों पर सकारात्मक कार्यवाही करते हुए शीघ्र समाधान किया जाएगा।


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