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उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा

Daily Archives: 01/09/2026

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा

 इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों और पहलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना है

मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का दौरा किया

INCOIS में पत्रकारों को भारत की महासागर निगरानी क्षमता, सुनामी चेतावनी प्रणाली, पूर्वानुमान और आपदा अलर्ट जारी करने की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया

देहरादून/हैदराबाद- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस दौरे पर उत्तराखंड का 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल 31 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक अध्ययन दौरे पर पहुंचे हैं। जिसका नेतृत्व पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल कर रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों और पहलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना है।

दौरे के पहले दिन प्रतिनिधिमंडल ने पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), हैदराबाद का दौरा किया। यहाँ उन्होंने श्रीमती श्रुति पाटिल (अपर महानिदेशक, पीआईबी हैदराबाद), डॉ. मानस कृष्णकांत (संयुक्त निदेशक, पीआईबी हैदराबाद) और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की।

इस दौरान श्रीमती श्रुति पाटिल ने प्रतिनिधिमंडल को तेलंगाना में बदलते मीडिया परिदृश्य और सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों एवं प्रमुख पहलों के प्रचार-प्रसार के लिए पीआईबी तथा केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) द्वारा चलाए जा रहे संचार एवं आउटरीच कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने विकास-उन्मुख पत्रकारिता को बढ़ावा देने में ऐसे प्रेस दौरों की महत्ता पर बल दिया और पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस दौरे के अनुभवों को उत्तराखंड की जनता के साथ साझा करें, जिससे तेलंगाना के प्रति जागरूकता बढ़े।

मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) का दौरा किया। यहाँ पत्रकारों को भारत की महासागर निगरानी क्षमता, सुनामी चेतावनी प्रणाली, पूर्वानुमान और आपदा अलर्ट जारी करने की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।

दौरे के आगामी दिनों में प्रतिनिधिमंडल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल का दौरा करेगा। इन दौरों से पोषण अनुसंधान, सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों और कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत तेलंगाना राज्य के हैदराबाद में आयोजित हैण्डलूम प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पियों, बुनकरों, कलाकारों द्वारा तैयार विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प उत्पादों से सजे स्टालों का भी पीआईबी देहरादून के पत्रकारों के दल ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी के प्रति लोगों का आकर्षण उत्साहजनक पाया गया।

सांस्कृतिक अनुभव के तहत प्रतिनिधिमंडल सालार जंग संग्रहालय, चारमीनार और लाड बाज़ार का भ्रमण करेगा, जिससे उन्हें हैदराबाद की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का मौका मिलेगा।

इस अध्ययन यात्रा का उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास पहलों की जानकारी देने के साथ-साथ हैदराबाद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराना है।


चीनी के बढ़ते दामों पर प्रशासन सख्त, देहरादून में दो दर्जन से अधिक थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

देहरादून:  चीनी के बढ़ते मूल्यों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर चलाए गए अभियान का उद्देश्य चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जमाखोरी, कालाबाजारी और अनुचित मूल्य वसूली पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल के नेतृत्व में देहरादून, विकासनगर, सहसपुर और ऋषिकेश क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक थोक विक्रेता प्रतिष्ठानों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। वहीं ऋषिकेश में उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी तथा विकासनगर में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में भी छापेमारी एवं निरीक्षण की कार्रवाई की गई।

स्टॉक और बिक्री अभिलेखों की हुई जांच

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक, खरीद-बिक्री विवरण, बिक्री अभिलेख तथा बाजार में प्रचलित दरों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि निर्धारित नियमों के अनुरूप ही चीनी की बिक्री हो और उपभोक्ताओं से अनुचित कीमत वसूल न की जाए।

अभियान में जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त दीपक सेमवाल सहित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, गन्ना विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

जमाखोरी और कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनुचित मूल्य वसूली जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में चीनी की उपलब्धता और कीमतों की लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को नियमानुसार स्टॉक एवं बिक्री का विवरण संधारित करने तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित एवं उचित दरों पर चीनी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन, जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनुचित मूल्य वसूली पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।


संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

चिकित्सालयों में दवाओं, जांच सुविधाओं और चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून:  आगामी दिनों में संभावित संक्रामक बीमारियों एवं उनके संक्रमण की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड डॉ. सुनीता टम्टा ने मंगलवार को प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (सीएमएस) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

बैठक में महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और चिकित्सालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमारियों एवं संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।

डॉ. टम्टा ने प्रदेश के चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण की रोकथाम के लिए निर्धारित सावधानियों एवं प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने को कहा।

उन्होंने कहा कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समयबद्ध निगरानी, त्वरित उपचार, प्रभावी सर्विलांस और जन-जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।

महानिदेशक ने आमजन से अपील की कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लें। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. शिखा जंगपांगी, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रीति पंत, अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. मनु जैन, संयुक्त निदेशक डॉ. वी.पी. सिंह, सहायक निदेशक डॉ. पंकज कुमार सिंह, सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्र जोशी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


15 सितंबर से शुरू होगा बदरी-केदार यात्रा का दूसरा चरण, तैयारियों में जुटी बीकेटीसी

31 अगस्त तक बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में 31.51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 39.27 लाख से अधिक यात्रियों ने कराया पंजीकरण

देहरादून:  बरसात के बीच भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा निरंतर जारी है। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम की यात्रा के दूसरे चरण को लेकर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सितंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होने वाले यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंदिर समिति स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से यात्रा के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को मंदिर परिसरों, दर्शन व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि 31 अगस्त 2026 तक श्री बदरीनाथ धाम में 16,78,008 और श्री केदारनाथ धाम में 14,73,325 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। इस प्रकार दोनों धामों में अब तक कुल 31,51,333 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

वहीं, यात्रा के लिए श्री बदरीनाथ धाम हेतु 18,82,199 तथा श्री केदारनाथ धाम हेतु 20,45,644 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। दोनों धामों को मिलाकर अब तक कुल 39,27,843 पंजीकरण हो चुके हैं।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना हुआ है। बरसात के बावजूद चारधाम यात्रा निरंतर संचालित हो रही है और सड़क यातायात भी सुचारू है। दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीकेटीसी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में जुटी है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन बीकेटीसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने देश-विदेश से उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन, मौसम विभाग और बीकेटीसी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा में सहयोग प्रदान करें।


महिलाओं को एआई और साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक, ऋषिकेश में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

ऋषिकेश:  राष्ट्रीय महिला आयोग एवं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में ‘यशोदा एआई एवं महिला’ विषय पर राज्य स्तरीय महिला जागरूकता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का शुभारंभ ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, ऋषिकेश नगर निगम के महापौर शंभू पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यशाला में महिलाओं एवं छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग, प्रॉम्प्टिंग, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराध और डिजिटल कानूनों की जानकारी दी गई। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में महिलाओं के लिए एआई का उपयोग सीखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी इसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल को समझना भी है। एआई शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि तकनीकी विकास ने कृषि, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाया है। उन्होंने एआई और आधुनिक तकनीकों के सकारात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।

महापौर शंभू पासवान ने कहा कि एआई उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसके इस्तेमाल में मानवीय विवेक और निर्णय क्षमता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने युवाओं को रोबोटिक्स और एआई जैसी नई तकनीकों में कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

तकनीकी सत्र में उत्तराखंड पुलिस की स्टेट सोशल मीडिया हेड उपनिरीक्षक रवीना ने साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल, डीपफेक, वॉयस क्लोनिंग, सेक्सटॉर्शन और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और सोशल मीडिया पर लाइव लोकेशन साझा न करने की सलाह दी। साइबर अपराध या ऑनलाइन ब्लैकमेल की स्थिति में साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

आईटीडीए के विशेषज्ञों ने एआई के माध्यम से अध्ययन सामग्री तैयार करने, किताबों का सार बनाने, रिज्यूमे तैयार करने, इंटरव्यू की तैयारी, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन और व्यावसायिक विचार विकसित करने की जानकारी दी। तन्मय धवन ने विभिन्न एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को प्रॉम्प्टिंग का व्यावहारिक अभ्यास कराया।

वहीं उपनिरीक्षक दीप्ति लोहनी ने मोबाइल डेटा सुरक्षा, क्लाउड प्राइवेसी और ऐप परमिशन को लेकर सावधानियों से अवगत कराया। साइबर एवं एआई कानून विशेषज्ञ अधिवक्ता जानवी शर्मा ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा एआई से जुड़ी कानूनी चुनौतियों और उपलब्ध उपायों की जानकारी दी।

समापन अवसर पर विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, दीप गीत के साथ ही पारंपरिक गढ़वाली समूह नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम में पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश तुषार बोरा, महिला आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान सहित आयोग की सदस्यगण, विश्वविद्यालय प्रशासन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।


भारत-नेपाल सीमा पर शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण, सीएम धामी ने वीर शहीदों को किया नमन

बनबसा:  भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

एसएसबी जवानों के बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान सीमांत क्षेत्र में नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण करने के साथ ही विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण गौरव और सम्मान का क्षण है। यह स्मारक देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान की स्मृतियों को सदैव जीवंत रखेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा के लिए प्रेरित करेगा।

“मैं स्वयं सैनिक का पुत्र हूं”

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों तथा उनके परिवारों से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूं। सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों को अब देश के अंतिम क्षेत्र के बजाय ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में विकसित और पहचान दिलाई जा रही है। सैनिकों, उनके परिवारों के कल्याण और वीर शहीदों की स्मृतियों को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि वीर सैनिकों की भूमि है। प्रदेश के लगभग हर परिवार का सेना या अर्धसैनिक बलों से किसी न किसी रूप में जुड़ाव रहा है और यहां के जवान राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

वीर नारियों, वीर माता और सेना मेडल विजेता का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया और एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है और राज्य सरकार सैनिकों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी, सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं एवं वीर नारियां उपस्थित रहीं।


जनपदों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के दिए आदेश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद स्तर से शासन स्तर तक लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने विकास एवं जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर लंबित मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जनपदों की आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई की जाए।

लंबे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्य सचिव ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से ऐसे चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जो लंबे समय से बिना सूचना अथवा अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

ई-ऑफिस को प्रभावी बनाने पर जोर

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस व्यवस्था को गंभीरता से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे फाइलों के प्रचालन में तेजी आएगी और लंबित प्रकरणों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उन्होंने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से विभागीय सचिवों को अनिवार्य रूप से अवगत कराने को कहा, ताकि नीति स्तर पर उनका समाधान किया जा सके।

रिक्त पदों, भूमि हस्तांतरण और बजट की भी समीक्षा

बैठक में जनपद एवं विकासखंड स्तर पर रिक्त पदों को भरने, आवश्यकतानुसार नए पद सृजित करने, भूमि हस्तांतरण, विभिन्न विभागीय परियोजनाओं की स्वीकृति एवं बजट की उपलब्धता सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों ने लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी।

टेलीकॉम और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी निर्देश

मुख्य सचिव ने डिस्ट्रिक्ट टेलीकॉम कमेटी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। जनपदों में नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं को डीडीजी टेलीकॉम एवं सचिव आईटी के संज्ञान में लाकर उनका शीघ्र समाधान करने को कहा।

इसके अलावा मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) एवं खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में अगले 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा गया।

विवाह सहायता योजना की कट-ऑफ तिथि का मुद्दा उठा

बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह के लिए दी जाने वाली सहायता राशि की आवेदन कट-ऑफ तिथि से जुड़ी समस्या भी सामने आई। जनपदों की ओर से बताया गया कि फरवरी में निर्धारित कट-ऑफ तिथि के कारण मार्च में होने वाले विवाहों के पात्र लाभार्थी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

इस पर कट-ऑफ तिथि से संबंधित प्रावधान को हटाए जाने की मांग रखी गई। बैठक में जनपदों द्वारा उठाई गई विभिन्न समस्याओं एवं लंबित प्रकरणों पर मुख्य सचिव ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रविनाथ रमन, डॉ. वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, विनोद कुमार सुमन, राजेंद्र कुमार सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष उठाए प्रदेश के कृषि हित से जुड़े मुद्दे

उत्तराखंड को कृषि योजनाओं के लिए 106.67 करोड़ की दूसरी किश्त मंजूर, जैविक खेती के लिए मिलेंगे 7 करोड़

देहरादून। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में केंद्रपोषित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं कृषि उन्नति योजना की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड की ओर से कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश की विभिन्न कृषि योजनाओं के लिए बजट जारी करने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उधमसिंहनगर में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक कृषि कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड को 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने पर सहमति बनी थी। उन्होंने इस धनराशि को जल्द स्वीकृत करने का पुनः अनुरोध किया।

इसके साथ ही कृषि मंत्री ने फार्म फेसिंग के लिए आवंटित 25 करोड़ रुपये की धनराशि हेतु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत पृथक बजट स्वीकृत किए जाने का भी अनुरोध किया।

दो प्रमुख योजनाओं के तहत 106.67 करोड़ की दूसरी किश्त

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को आवंटित 109.02 करोड़ रुपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 54.51 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। अब दूसरी किश्त के रूप में 40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा रही है।

इसी प्रकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को आवंटित 191.55 करोड़ रुपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 95.77 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। अब दूसरी किश्त के रूप में 65.70 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा रही है।

इस प्रकार दोनों योजनाओं के अंतर्गत उत्तराखंड को कुल 106.67 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त प्राप्त होगी।

जैविक खेती और फार्म फेसिंग के लिए भी आश्वासन

केंद्रीय कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक कृषि कार्यक्रम के लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने तथा फार्म फेसिंग के लिए पृथक बजट स्वीकृत किए जाने का आश्वासन दिया।

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड को केंद्रपोषित योजनाओं के अंतर्गत विशेष रूप से धनराशि आवंटित किए जाने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।

बैठक में कृषि महानिदेशक डा. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक कृषि दिनेश सिंह, डा. रतन कुमार, डा. सुरेश राम एवं महेन्द्र पाल उपस्थित रहे।


अवैध शराब के खिलाफ दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो तस्कर गिरफ्तार

देहरादून। ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत दून पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से अवैध देशी और कच्ची शराब बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रायवाला और विकासनगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।

रायवाला में 50 टेट्रा पैक शराब बरामद

रायवाला पुलिस ने 31 अगस्त को सत्यनारायण मंदिर के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग के दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 50 टेट्रा पैक अवैध देशी माल्टा मसालेदार शराब बरामद हुई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान निखिल पुत्र मनीष, निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी, आईडीपीएल ऋषिकेश, उम्र 22 वर्ष के रूप में हुई है। मामले में कोतवाली रायवाला में धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

विकासनगर में 5 लीटर कच्ची शराब पकड़ी

वहीं, विकासनगर पुलिस ने भोजावाला तप्पड़ के पास चेकिंग के दौरान 05 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान नरेश पुत्र स्व. क्रेशन मिस्त्री, निवासी नूर बस्ती बुलाकीवाला, विकासनगर, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।


भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, एसडीएम और तहसीलदार ने संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण

गौला नदी के जलस्तर का लिया जायजा, नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की हिदायत

हल्द्वानी। लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए हल्द्वानी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका एवं तहसीलदार कुलदीप पांडे ने तहसील क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा, कुसुमखेड़ा सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान गौला नदी के जलस्तर की स्थिति का भी जायजा लिया गया। नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर यातायात एवं आवागमन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा।

नदी-नालों से दूर रहें, बच्चों का रखें विशेष ध्यान

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, नालों एवं जलधाराओं के किनारे न जाएं। विशेष रूप से अभिभावक बच्चों को नदी-नालों से दूर रखें। अधिकारियों ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की।

24 घंटे सक्रिय है तहसील कंट्रोल रूम

उप जिलाधिकारी मोनिका ने बताया कि जिला प्रशासन भारी वर्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। तहसील स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।

उन्होंने आमजन से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।


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