Wednesday, September 16th, 2026

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मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित

Daily Archives: 16/09/2026

मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 9 दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर डॉक्टरों के बीच आज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत चिकित्सकों से मुलाकात कर उनकी मांगों को विस्तार से सुना और जल्द स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया।स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने चिकित्सकों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है तथा स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने एमबीबीएस छात्रों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर छात्रों ने अपना धरना निश्चित अवधि के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हितों और समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार चिकित्सकों के साथ संवाद और समन्वय के माध्यम से उनकी मांगों के समाधान के लिए प्रयासरत है।

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद चिकित्सकों द्वारा धरना स्थगित किए जाने से स्टाइपेंड वृद्धि के मुद्दे पर आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीद जगी है।


17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”

विकसित भारत–2047 की थीम पर जनसहभागिता से आयोजित होंगे सेवा, सुशासन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए आदेशों के क्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्म दिवस के अवसर अवसर जनपद नैनीताल में “सेवा संकल्प अभियान” का आयोजन 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जनसहभागिता के माध्यम से सेवा एवं सुशासन की भावना को मजबूत करना है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रायल ने अभियान के सफल संचालन हेतु मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय को जनपद नैनीताल का नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, पर्यटन विभाग, धर्मस्व, पंचायती राज, शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्राम्य विकास, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगर निकाय सहित अन्य विभाग भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

जिलाधिकारी रयाल ने बताया कि अभियान के दौरान पूरे जनपद में विभिन्न जनजागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितम्बर को “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम के अंतर्गत अमृत सरोवरों, जन औषधि केन्द्रों तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलन कर सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया जाएगा।

17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में “मेरा सपनों का भारत” विषय पर निबंध, चित्रकला, भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। विकसित भारत–2047 तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

अभियान के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवा कार्यों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभिभावकों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा बाल विकास से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

“सेवा की कहानी” कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की प्रेरक कहानियों, भाषण, चित्रकला एवं एनीमेटेड वीडियो के जरिए आमजन के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया जाएगा।

अभियान के दौरान सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाली जाएगी तथा विकसित भारत–2047 के संकल्प का प्रतीक कलश प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही “सेवा मेरा योगदान” कार्यक्रम के तहत नागरिकों को स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षण, रक्तदान तथा अन्य समाजोपयोगी सेवा गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर स्वास्थ्य शिविर, बहुउद्देशीय शिविर तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित लाभार्थी शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

“सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” कार्यक्रम के तहत सरकारी एवं सार्वजनिक परिसरों में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत–2047, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश दिया जाएगा। वहीं सुशासन सेवा संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद कर सरकार की योजनाओं एवं उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर स्वदेशी एवं खादी अपनाने का संकल्प दिलाया जाएगा तथा वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही Fit India Movement के अंतर्गत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में खेल प्रतियोगिताएँ, योग, दौड़, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताएँ आयोजित कर स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी नामित नोडल अधिकारी 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रतिदिन रिपोर्ट, फोटो एवं वीडियो निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। सभी विभाग निर्धारित तिथियों में कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी रयाल ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आयोजित सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें तथा विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।


धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी

श्री बदरीनाथ धाम तथा केदारनाथ धाम में मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर गंगा आरती, 51 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित

 श्री बदरीनाथ/केदारनाथ: ।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को रात्रि को श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ मंदिर परिसर में 51 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित किये गये।वहीं बीकेटीसी एवं केदार सभा के संयुक्त तत्वावधान में केदारनाथ धाम में मंदाकिनी तट पर गंगा( मंदाकिनी )आरती संपन्न हुई तथा आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

बताया कि आज अपराह्न मंदाकिनी नदी के तट पर आयोजित गंगा आरती में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री एवं केदार सभा के तीर्थ पुरोहितगण तथा मंदिर समिति अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की गयी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि विशेष पूजा-अर्चना के दौरान द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की कुशलता और सुरक्षित यात्रा हेतु भी प्रार्थना की गयी।

केदारनाथ में संपन्न गंगा आरती में पं संतोष तिवारी, मनोज तिवारी, आनंद प्रकाश पोस्ती,राजीव गैरोला सहित बीकेटीसी एवं केदार सभा से जुड़े पदाधिकारी, अधिकारी, तीर्थपुरोहित तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे।


जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित जनगणना संपन्न कराने के दिए निर्देश

देहरादून। जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत आगामी 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना के सफल एवं सुचारु संपादन के लिए देहरादून नगर निगम सभागार में चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों का आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी चार्ज अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के समुचित नियोजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना में तकनीकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या भी लगभग 40 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की अवधि निर्धारित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वगणना के संबंध में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करते हुए उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाए, ताकि 01 दिसंबर से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य सुगमता से संपन्न किया जा सके।

जिलाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के लिए अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए जनगणना को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जाए।

नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना-2027 से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं एवं महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। दो दिवसीय प्रशिक्षण में 23 चार्ज अधिकारियों, 23 सहायक चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों एवं जनगणना से जुड़े कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।

इस अवसर पर जनगणना के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इनायत सिद्दीकी, जनगणना निदेशालय के प्रशिक्षक प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने उठाए सवाल

15 अक्तूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क प्रस्तावित, कांग्रेस ने फैसले को अमेरिका से जोड़कर सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के दबाव में यह कदम उठा रही है। उन्होंने यूपीआई जैसी व्यापक डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर शुल्क लगाने के फैसले को आम लोगों से जुड़ा मुद्दा बताया।

2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी भुगतान पर शुल्क

सरकार के फैसले के मुताबिक, 15 अक्तूबर से यूपीआई के जरिए कारोबारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। हालांकि, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले लेनदेन को इस शुल्क के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के छोटे भुगतान पर भी शुल्क नहीं लगेगा।

इस तरह प्रस्तावित शुल्क मुख्य रूप से 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी यूपीआई लेनदेन पर लागू होगा। फैसले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी के बयान का किया जिक्र

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदर्भ में प्रधानमंत्री से मजबूती से खड़े रहने की अपील की।

इस दौरान राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक पुराने बयान का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि जब इंदिरा गांधी से पूछा गया था कि वह बाईं ओर झुकती हैं या दाईं ओर, तो उन्होंने खुद को सीधा खड़ा रहने वाला बताया था। राहुल गांधी ने इसी संदर्भ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाया।

कांग्रेस ने यूपीआई शुल्क को अमेरिका से जोड़ा

कांग्रेस का आरोप है कि यूपीआई पर शुल्क लगाने का फैसला अमेरिका की मांग के आगे झुकने का परिणाम है। पार्टी ने दावा किया कि सरकार ने अब तक शून्य एमडीआर की व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया है।

राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया कि एक तरफ यूपीआई पर शुल्क लगाया जा रहा है और दूसरी तरफ अमेरिका को बड़ी रकम देने की नीति अपनाई जा रही है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ‘एनओटीए’ का नया अर्थ भी बताया और इसे नरेंद्र का लगातार ट्रंप तुष्टीकरण बताया।

हालांकि, ये कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

शुल्क वापस लेने की मांग

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूपीआई पर प्रस्तावित शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान की इस व्यवस्था पर शुल्क लगाने से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

वहीं, सरकार के फैसले में स्पष्ट किया गया है कि व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले सामान्य लेनदेन और 2,000 रुपये तक के छोटे भुगतान को शुल्क के दायरे में नहीं रखा गया है।

यूपीआई देश में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस इस फैसले को भारत-अमेरिका संबंधों से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रही है, जबकि शुल्क का दायरा कारोबारी लेनदेन तक सीमित बताया गया है।


88 साल की बुजुर्ग महिला को 10 दिन डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 78 लाख रुपये, मनी लॉन्ड्रिंग का दिखाया डर

नई दिल्ली। सरिता विहार में रहने वाली 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर साइबर ठगों द्वारा 78 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। ठगों ने महिला को उनके बैंक खाते से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसने का डर दिखाया और कानूनी कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर अलग-अलग तारीखों में दो बैंक खातों में 78 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिला की बेटी को बैंक से आरटीजीएस ट्रांजेक्शन का ईमेल नोटिफिकेशन मिला। इसके बाद उसे साइबर ठगी की जानकारी हुई। मामले की शिकायत पहले सरिता विहार थाने में की गई। जांच के बाद केस को इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत में देरी के कारण ठगी की रकम कई म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी, जिससे रकम को फ्रीज नहीं कराया जा सका।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला सरिता विहार में अकेली रहती हैं। उनके पति की कई साल पहले मौत हो चुकी है और उनके दो बच्चे अलग-अलग रहते हैं। 24 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे महिला के पास फोन आया। कॉल करने वाले ने बताया कि उनके बैंक खाते से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है।

इसके बाद ठगों ने उन्हें कई लोगों के बीच बातचीत की तस्वीरें दिखाईं। इनमें एक फर्जी सीनियर ज्यूडिशियल अधिकारी भी शामिल था। ठगों ने दावा किया कि वे महिला को कानूनी परेशानी से बाहर निकालने और उनके परिवार को कार्रवाई से बचाने में मदद करेंगे।

साइबर ठगों ने महिला को लगातार निगरानी में रखा और हर घंटे रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। उन्हें पूरी रात फोन का कैमरा चालू रखने के लिए भी कहा गया। पुलिस के अनुसार, ठगों ने बातचीत के लिए कई मोबाइल नंबरों और वाट्सएप कॉल का इस्तेमाल किया।

महिला से एक सोशल मीडिया एप्लिकेशन डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया। इसके बाद एक सितंबर को महिला ने अपने एक बैंक खाते से 51 लाख रुपये ट्रांसफर किए। अगले दिन, दो सितंबर को दूसरे बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 27 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस के मुताबिक, रकम ट्रांसफर कराने के बाद ठगों ने महिला को बैंक खाते और ट्रांजेक्शन से जुड़े वाट्सएप मैसेज डिलीट करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी अन्य व्यक्ति को घटना के बारे में बताने पर कार्रवाई की धमकी दी। महिला दो सितंबर तक ठगों के निर्देशों का पालन करती रहीं।

इसी दिन उनकी बड़ी बेटी को बैंक से 27 लाख रुपये के आरटीजीएस ट्रांजेक्शन का ईमेल नोटिफिकेशन मिला। इसके बाद गुरुग्राम में रहने वाले उनके दामाद उसी शाम महिला के घर पहुंचे। पूछताछ में उन्हें साइबर ठगी की जानकारी मिली।

इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और सरिता विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की जांच जारी है।


लोहरदगा में घरेलू विवाद में पिता ने टांगी से काटकर बेटे की हत्या की, एक घंटे में गिरफ्तार

लोहरदगा। जिले के कुडू थाना क्षेत्र के सलगी गरभू टोली गांव में बुधवार सुबह घरेलू विवाद में पिता ने अपने ही पुत्र की टांगी से वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी करते हुए करीब एक घंटे के भीतर उसे सलगी जंगल से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल टांगी भी बरामद कर ली है। बताया गया कि सलगी गरभू टोली निवासी सुरेश वर्मा और उसके पुत्र संजय वर्मा के बीच पिछले एक सप्ताह से विवाद चल रहा था। संजय अपने पिता के नशे की हालत में रहने का विरोध करता था।

बुधवार सुबह सुरेश वर्मा घर से बाहर गया था। कुछ देर बाद वह नशे की हालत में वापस लौटा। उस समय संजय अपने कमरे में सो रहा था। आरोप है कि घर लौटने के बाद सुरेश ने टांगी से सो रहे संजय पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से संजय की मौके पर ही मौत हो गई।

कुछ देर बाद घर के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी हुई। कमरे में संजय को मृत देखकर स्वजनों ने कुडू थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजीत कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया।

घटना के बाद फरार सुरेश वर्मा की तलाश में पुलिस ने आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने उसे सलगी जंगल से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद की गई।

पुलिस आरोपित से पूछताछ कर घटना के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे आपसी विवाद की बात सामने आ रही है। अनुसंधान पूरा होने के बाद ही घटना का पूरा कारण स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री

राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नशे से दूर रहने और उत्तराखण्ड के विकास में योगदान देने के तीन संकल्प लेने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्मदिवस के अवसर पर देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जन्मदिवस को युवाओं के बीच मनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं का आभार जताया और कहा कि युवा शक्ति के बीच मौजूद रहना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने में आज की युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद अहम होगी। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आज के युवा ही देश और प्रदेश के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और अनुशासित है तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखता है। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर काम कर रही है। प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव या उत्तराखण्ड न छोड़ना पड़े। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

तकनीक के दौर में आधुनिक कौशल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक के कारण रोजगार और उद्योग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

युवा आयोग को बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से जुड़ी नीतियां तैयार करते समय उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएगा।

खेल और भर्ती व्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। सरकार खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं के विकास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और अधिकार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। कोई भी नियुक्ति महज एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि उसके पीछे युवा की मेहनत और परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।

युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान

अपने जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने पहला संकल्प जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा स्वयं नशे से दूर रहने और साथियों को भी नशे से दूर रखने तथा तीसरा जीवन में सफलता हासिल करने के बाद अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास के लिए समर्पित करने का लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवा के किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने तथा सोशल मीडिया पर मिलने वाली आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना जरूरी है।

नशे से दूर रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल

महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकार संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए आयोग की आगामी रणनीति तय, आयोग के माध्यम से मातृशक्ति को अधिक सशक्त बनाने का लिया संकल्प

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, 13 जनपदों के लिए नई कार्ययोजना तैयार

महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक कर आत्मनिर्भर, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना आयोग का लक्ष्य- कुसुम कंडवाल

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम बोर्ड बैठक निदेशालय, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, देहरादून में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण, जनजागरूकता, आयोग की कार्यप्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी वर्ष की व्यापक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाया गया है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलम्बन एवं गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। राज्य महिला आयोग इसी भावना के साथ सरकार एवं प्रशासन के समन्वय में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।

अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की कार्यशैली के प्रति महिलाओं का विश्वास निरंतर बढ़ा है। प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय, ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों से भी महिलाएँ अपनी शिकायतें और प्रार्थना-पत्र लेकर आयोग तक पहुँच रही हैं। शिकायतों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ आयोग को न्याय एवं संरक्षण का विश्वसनीय मंच मान रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध सहायता, विधिक परामर्श और न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इसी बढ़ते कार्यभार एवं महिलाओं की अपेक्षाओं को देखते हुए बोर्ड बैठक में आयोग में 10 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। वहीं बोर्ड बैठक के दौरान आयोग के सदस्यगण के मानदेय में यथोचित वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव पारित किया गया। स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में आयोग की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग की उपाध्यक्षों को जनपदवार दायित्व प्रदान किए गए। ऐश्वर्या रावत को पौड़ी, टिहरी एवं रुद्रप्रयाग, चन्द्रकला तिवारी को उत्तरकाशी एवं चमोली तथा शायरा बानो को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। सदस्यगण अपने-अपने जनपदों में नियमित जनसुनवाई, महिला जागरूकता कार्यक्रम, वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण तथा महिला अधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यों का संचालन करेंगे। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण निर्धारित जनपद में वन स्टॉप सेंटर में नियमित जनसुनवाई में प्रतिभाग करेंगी तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर महिला अधिकार संरक्षण के कार्यों को गति देंगी।

बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध से जुड़े मामलों तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष बल दिया गया। आयोग ने निर्णय लिया कि महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा, “महिला आयोग की वास्तविक सफलता तब होगी, जब उत्तराखंड की अंतिम पंक्ति में बैठी मातृशक्ति, सीमांत क्षेत्र की बेटी और दूरस्थ गाँव की महिला भी यह विश्वास करे कि राज्य महिला आयोग उसके साथ खड़ा है। हमारा प्रत्येक निर्णय महिला गरिमा, सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण को समर्पित है।”

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल शिकायतों का समाधान नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य महिला आयोग हर जनपद, हर गाँव और हर परिवार तक अपनी संवेदनशील पहुँच सुनिश्चित करेगा।

बैठक में सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, चन्द्रकला तिवारी एवं शायरा बानो, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह तोमर, उप निरीक्षक स्वाति चमोली, आधार वर्मा, वीरेन्द्र रावत, अंजली ध्यानी सहित आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


डोईवाला में वाहन चोरी का 8 घंटे में खुलासा, डिलीवरी बॉय समेत दो मौसेरे भाई गिरफ्तार

देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने आठ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ब्लिंकिट का डिलीवरी बॉय भी शामिल है। दोनों आरोपी आपस में मौसेरे भाई हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई स्कूटी के कटे और खोले गए विभिन्न पार्ट्स तथा स्कूटी खोलने में इस्तेमाल किए गए टूल्स बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को सरनदीप सिंह निवासी नकरौदा सैनिक कॉलोनी, हर्रावाला ने कोतवाली डोईवाला में शिकायत दी थी कि उन्होंने अपनी 4G एक्टिवा संख्या UK07BY-3105 मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे खड़ी की थी। वापस लौटने पर स्कूटी वहां नहीं मिली। शिकायत के आधार पर कोतवाली डोईवाला में मुकदमा अपराध संख्या 278/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने पूर्व में वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुके आरोपियों का सत्यापन किया और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर 15 सितंबर को लेन नंबर-02, दिल्ली फार्म हर्रावाला से रजत चौहान (22) और करन चौहान (21) को चोरी की गई एक्टिवा के कटे और खुले पार्ट्स के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दोनों मौसेरे भाई हैं। करन चौहान देहरादून से बीकॉम कर रहा है और ब्लिंकिट में डिलीवरी बॉय का काम करता है। वह हर्रावाला क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है। वहीं रजत चौहान एचएम का कोर्स करने के बाद देहरादून में नौकरी की तलाश कर रहा है और एमडीडीए कॉलोनी, केदारपुरम में किराये के मकान में रहता है।

पुलिस के अनुसार, दोनों को अपने शौक और अन्य जरूरतें पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने वाहन चोरी की योजना बनाई। मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे रैकी के दौरान उन्हें एक्टिवा का हैंडल लॉक खुला मिला। रजत ने स्कूटी चोरी की और उसे करन के दिल्ली फार्म हर्रावाला स्थित कमरे पर ले गया।

स्कूटी में कागजात नहीं मिलने और बिना कागजात के वाहन बेचने पर पकड़े जाने के डर से दोनों ने स्कूटी के पार्ट्स खोलकर और काटकर कबाड़ी को बेचने की योजना बनाई। उन्होंने स्कूटी को पूरी तरह खोलकर उसके पार्ट्स अलग कर दिए, लेकिन उन्हें बेचने से पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी
पुलिस ने स्कूटी संख्या UK07BY-3105 के विभिन्न कटे और खोले गए पार्ट्स के अलावा स्कूटी खोलने में इस्तेमाल प्लास, पेचकस, पाना और चाबी बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रजत चौहान पुत्र जसपाल चौहान निवासी ग्राम चौंदार, थाना लंबगांव, टिहरी गढ़वाल, हाल पता एमडीडीए कॉलोनी, केदारपुरम, देहरादून और करन चौहान पुत्र राजेन्द्र चौहान निवासी ग्राम चौदार, थाना लंबगांव, टिहरी गढ़वाल, हाल पता लेन नंबर-02, दिल्ली फार्म, हर्रावाला, देहरादून के रूप में हुई है।


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