Thursday, September 17th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल

Daily Archives: 17/09/2026

कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल

गणेश गोदियाल बोले- युवाओं को चार साल की नौकरी नहीं, पक्की नौकरी चाहिए

देहरादून। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य बहुल राज्य में इस योजना का युवाओं और सैन्य परिवारों पर विशेष प्रभाव पड़ा है। कांग्रेस ने सरकार से अग्निवीरों के भविष्य और चार वर्ष की सेवा के बाद रोजगार की ठोस व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी के बीच आम लोगों के लिए दो वक्त का चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे समय में हजारों टन तेल खर्च कर दीप जलाने की होड़ उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता सरकार के कार्यों से खुश होकर दीप जलाती तो स्थिति अलग होती।

गणेश गोदियाल ने अग्निवीर योजना को युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करने वाली व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा सेना में स्थायी नौकरी की उम्मीद लेकर वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन अग्निवीर व्यवस्था में अधिकांश युवाओं का सैन्य करियर चार वर्ष बाद समाप्त हो जाता है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती होने वाला युवा चार वर्ष बाद करीब 21-22 वर्ष की उम्र में दोबारा रोजगार की तलाश में पहुंच जाता है तो उसके भविष्य और परिवार की आर्थिक सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

उन्होंने नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में अंतर का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए समान जोखिम उठाने वाले जवानों के लिए दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा पर स्पष्ट नीति होनी चाहिए।

प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है और पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना में रोजगार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा चार वर्ष की नौकरी नहीं, बल्कि स्थायी और सुरक्षित रोजगार चाहते हैं।

प्रीतम सिंह ने पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि सेवा से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत युवाओं के लिए रोजगार का स्थायी रोडमैप क्या है और सरकार उनके पुनर्वास की किस तरह व्यवस्था करेगी।

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि केवल अलग-अलग विभागों में आरक्षण या प्राथमिकता देने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि वास्तव में कितने अग्निवीरों को सेवा समाप्त होने के बाद स्थायी रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य राज्य है और यहां सेना से जुड़ाव परिवारों की भावनाओं से भी जुड़ा है। उनके अनुसार सेना की भर्ती को केवल रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने नियमित सेना भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और युवाओं को पर्याप्त भर्ती अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड के लिए विशेष भर्ती नीति और सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए अलग पैकेज की मांग भी उठाई गई।

सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने दावा किया कि पहले प्रतिवर्ष करीब 80 हजार युवाओं को सेना में रोजगार मिलता था, जो अब घटकर करीब 47 हजार रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि इनमें से 25 प्रतिशत युवाओं को ही आगे नियमित सेवा में लिया जाता है तो करीब 12 हजार युवाओं को स्थायी सेवा मिलती है। उन्होंने इस संबंध में सरकार से आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट करने की मांग की।

कांग्रेस ने सरकार के सामने कई सवाल रखे। इनमें चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार की व्यवस्था, अब तक स्थायी सरकारी रोजगार पाने वाले अग्निवीरों की संख्या, सेना में रिक्त पदों को भरने की समयसीमा और उत्तराखंड के कितने युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत भर्ती मिली, जैसे मुद्दे शामिल रहे।

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या सरकार अग्निवीर योजना की स्वतंत्र समीक्षा कराने और अग्निवीरों को भविष्य में नियमित सैनिकों के समान सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा देने पर विचार करेगी।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।


खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया लोहाघाट मे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण

व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए निर्देश

खेल मंत्री ने कॉलेज मे पढ़ रही बालिकाओं के साथ किया संवाद, सुनी समस्याए

जल्द ही लोहाघाट की बालिकाएं जाएंगी देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के शैक्षणिक भ्रमण पर, मंत्री रेखा आर्या ने प्रधानाचार्य को दिए निर्देश

लोहाघाट। खेल मंत्री रेखा आर्या ने लोहाघाट (चंपावत) पहुंचकर देश के प्रथम स्पोर्ट्स स्टेडियम /कॉलेज पहुंचकर स्टेडियम और कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। यहाँ पहुंचकर खेल मंत्री ने अध्ययनरत छात्राओं के साथ संवाद कर छात्राओं से उनकी दैनिक दिनचर्या, क्रियाकलाप, उनकी खेलकूद की गतिविधियों के बारे मे जानकारी ली और उनकी समस्याओं को भी सुना।अध्ययन कर रही छात्रों ने अपनी कुछ परेशानिया खेल मंत्री से साझा की जिन्हे दूर करने का आश्वाशन दिया गया ।इसके अतिरिक्त बालिकाओं के द्वारा कई सुझाव भी प्राप्त हुए।

इस दौरान खेल मंत्री ने बालिकाओं से कहा की हमें जीवन मे लक्ष्य लेकर चलना अत्यंत आवश्यक है यदि हम जिंदगी मे लक्ष्य निर्धारित करेंगे तो उसे प्राप्त तभी कर सकते है ज़ब उसके लिए तन मन के साथ प्रयास करें। उन्होंने कहा की आज से पहले हर अभिवावक बच्चों को खेल की तरफ नही भेजता था लेकिन आज का समय पूर्णतया बदल चुका है आज जितनी महत्वपूर्ण शिक्षा है उतना ही महत्त्व खेल का भी है।

मंत्री ने कहा की इसलिए हमें पढ़ाई के साथ खेल के प्रति भी गंभीरता लानी होंगी। साथ ही खेल मंत्री ने प्रधानाचार्य को यह भी निर्देश दिए की वह पढ़ाई कर रही बालिकाओं को देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के शेक्षिक भ्रमण कराए ताकि सभी बच्चे वहाँ की दिनचर्या और गतिविधियों से अवगत हो सके।

खेल मंत्री ने छात्राओं के सुगम आवागमन हेतु बस को दिखाई हरी झंडी, कहा बालिकाओं को नहीं होंगी अब कोई परेशानी

इस अवसर पर मंत्री ने स्पोर्ट्स कॉलेज की छात्राओं के आवागमन हेतु बस को हरी झंडी दिखाते हुए उसका लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा की निश्चित ही हमारी बालिकाओं को पूर्व मे आवागमन मे जो कठनाई होती थी वह अब नहीं हुआ करेगी।बस के मिलने से छात्रों का जहाँ समय की बचत होंगी तो वही उन्हें सुगम आवागमन मिलेगा। खेल मंत्री ने सभी अध्ययनरत बालिकाओं से कहा की बच्चों आज जितना हमारे जीवन मे शिक्षा का महत्त्व है उतना ही खेल का भी है, इसलिए पढ़ाई के साथ -साथ आप सभी लोग अपने खेल को भी गंभीरता पूर्वक लें।उन्होंने सभी बालिकाओं को उनके उज्जवल भविष्य और खेलों मे उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस अवसर पर दर्जाराज्यमंत्री सुभाष बगोली, प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा, बॉक्सिंग कोच रजवंत कौर , बैडमिंटन कोच साक्षी राणा , एथलेटिक्स कोच कमला, कंप्यूटर ऑपरेटर मनीषा सहित अधिकारी, कर्मचारी और स्पोर्ट्स कॉलेज के बच्चे उपस्थित रहे।


औली में भारत-अमेरिका सेना का संयुक्त अभ्यास, आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग

औली- औली में ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान अमरीका और भारतीय सेना के जवानों ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए साथ मिलकर ट्रेनिंग की। उन्होंने बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेन्शन ड्रिल की, जिसे आमने-सामने की लड़ाई वाले हालात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।

इस ड्रिल में ड्रोन, रोबोटिक डॉग, डॉग स्क्वाड और स्नाइपर की मदद से हमला करने वाली टीमें शामिल थीं। इससे आतंकवाद-विरोधी अभियानों के दौरान खास तौर पर प्रशिक्षित जवानों और टेक्नोलॉजी के तालमेल से किए जाने वाले काम को दिखाया गया। अमेरिकी सेना के जवानों ने भी अभ्यास में शामिल सैनिकों से संवाद किया और उपकरणों का अवलोकन करते हुए अभ्यास के दौरान प्रदर्शित की गई क्षमताओं एवं तकनीकों को बेहतर ढंग से समझा।

इस ट्रेनिंग से दोनों सेनाओं के बीच प्रोफेशनल जानकारी के आदान-प्रदान, रणनीतिक समझ और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और मज़बूती मिली।


ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस की कार्रवाई, 17 वारंटी गिरफ्तार

देहरादून। न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों की तामील के लिए दून पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 17 वारंटियों को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को न्यायालय से प्राप्त वारंटों की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वारंटियों की तलाश शुरू की। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 17 वारंटी पकड़े गए।

गिरफ्तार किए गए वारंटियों में मोहन थापा, लियाकत, वीर सिंह जाट, ललित कुमार (हरिद्वार रोड), ललित कुमार (शास्त्रीनगर खाला), आशा गुरुंग, सरोजनी कैन्तुरा, सविता, रामपाल सिंह, शादाब, उषा देवी, अनिल, अलीशाद, अरशद, गौरव डबराल, चन्द्र मोहन रावत और मनोज शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी विभिन्न प्रकरणों में न्यायालय से जारी वारंट के बाद फरार चल रहे थे। अभियान के तहत पुलिस ने उनकी जानकारी जुटाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार किया। दून पुलिस का कहना है कि न्यायालय से प्राप्त वारंटों की तामील के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस लाइन में की पूजा-अर्चना

शस्त्रों और वाहनों की पूजा कर की सुख-समृद्धि की कामना

देहरादून। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर  पुलिस लाइन देहरादून में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पूजा में शामिल होकर भगवान विश्वकर्मा से सभी पुलिसकर्मियों के सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की।

इस दौरान एसएसपी ने भगवान विश्वकर्मा को सृजन, निर्माण और कौशल का देवता बताते हुए उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पूजा-अर्चना हमारी परंपरा और कार्य के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

पूजा-अर्चना के दौरान पुलिस के शस्त्रों और सरकारी वाहनों की भी विधिवत पूजा की गई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस के शस्त्र और वाहन कार्य क्षमता के महत्वपूर्ण आधार हैं और जनता की सुरक्षा में इनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में इनकी पूजा करना पुलिस की गौरवशाली परंपरा और सम्मान का प्रतीक है।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक दूरसंचार, क्षेत्राधिकारी डालनवाला, सदर, डोईवाला और यातायात सहित पुलिस लाइन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर जनपद देहरादून के सभी थानों और चौकियों में भी पूजा-अर्चना की गई


18 सितंबर को 140 विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे सीएम धामी, युवाओं के विजन पर होगा मंथन

जेन-जी के विचारों को नीति-निर्धारण से जोड़ने की मुख्यमंत्री धामी की पहल—आईएएस भी युवाओं के साथ करेंगे वैचारिक मंथन

‘ कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’—2,67,744 विद्यार्थियों के विचारों में से चयनित 140 युवा देंगे मुख्यमंत्री धामी को अपने विजन की रिपोर्ट

युवा विद्यार्थी मंथन के चयनित 140 विद्यार्थियों को 12वीं के बाद करियर कोचिंग के लिए मिलेगी 2 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप

देहरादून। उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान का अंतिम चरण 18 सितंबर को आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर चयनित 140 छात्र-छात्राओं के साथ सीधे संवाद करेंगे। अभियान के तहत प्रदेशभर के विद्यार्थियों से उत्तराखंड के भविष्य को लेकर विचार और सुझाव मांगे गए थे।

मुख्यमंत्री धामी ने इस संवाद को और व्यापक बनाने के लिए शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को भी विद्यार्थियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात से पहले अधिकारी चयनित विद्यार्थियों के साथ चर्चा कर उनके विचार, सुझाव और उत्तराखंड के भविष्य को लेकर विजन को समझेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, स्वरोजगार, पलायन, लोक निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन तथा महिला एवं बाल विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अधिकारी युवाओं की बात सुनेंगे।

2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किया अपना विजन

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में प्रदेश के करीब तीन लाख कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को जोड़ा गया था। अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर अपने विचार और सुझाव साझा किए। इतनी बड़ी भागीदारी के चलते यह पहल व्यापक युवा संवाद के रूप में सामने आई।

विद्यार्थियों से मिले सुझावों में से विशेषज्ञ टीम ने 140 श्रेष्ठ और सार्थक विचारों वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया है। मुख्यमंत्री धामी इससे पहले प्रदेश के विभिन्न नगरों में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनके विचार सुन चुके हैं। अब चयनित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।

युवाओं के सुझावों को नीतियों से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि विद्यार्थियों से प्राप्त उपयोगी और सार्थक सुझावों को सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं की कल्पना के उत्तराखंड को समझना और उनके विजन को विकास की योजनाओं से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के साथ वैचारिक मंथन से नए विचारों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और विचारों के माध्यम से विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

140 विद्यार्थियों को मिलेगी दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान की शुरुआत 10 अगस्त को मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद से की थी। इस दौरान उन्होंने युवाओं से उत्तराखंड के विकास को लेकर रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया था।

मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ विचार देने वाले विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा के बाद करियर तैयारी और कोचिंग के लिए दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति देने की घोषणा भी की थी। अभियान के तहत चयनित 140 छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

शिक्षा से लेकर रोजगार और पलायन तक मुद्दों पर चर्चा

अभियान के माध्यम से सरकार ने युवाओं की सोच और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया है। विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, पलायन, पर्यटन, पर्यावरण, तकनीक और महिला सशक्तिकरण सहित उत्तराखंड के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए हैं।

18 सितंबर को मुख्यमंत्री और 140 चयनित विद्यार्थियों के बीच होने वाला संवाद इसी पहल का महत्वपूर्ण चरण होगा। सरकार का कहना है कि युवाओं के विचारों को केवल सुनने तक सीमित न रखते हुए उपयोगी सुझावों को नीति और विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु चलाया जाएगा अभियान

सड़क मरम्मत कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

पूर्ण हो चुके कार्यों का उपजिलाधिकारी स्तर से होगा निरीक्षण, अधिशासी अभियंता देंगे गड्ढामुक्त होने का प्रमाणपत्र

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य की सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त किए जाने के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जनपद में सड़क मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निकायों के अधिकारियों से सड़कवार कार्ययोजना और प्रगति की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए, उसे एक छोर से पूरा करते हुए आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी भी स्थान पर कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने गत दो वर्षों में किए गए सड़क कार्यों की भी समीक्षा की और कहा कि हाल में निर्मित जिन सड़कों में क्षति हुई है तथा जो अभी ठेकेदार की उत्तरदायित्व अवधि में हैं, उनकी आवश्यक मरम्मत संबंधित ठेकेदार से कराई जाए। साथ ही, पिछले वर्ष जिन कार्यों के लिए अनुमति प्राप्त हो चुकी है, उन्हें दोबारा पैच मरम्मत के कार्यों में शामिल न किया जाए, ताकि एक ही कार्य की पुनरावृत्ति न हो।

रिहायशी क्षेत्रों में सड़क किनारे आवश्यकतानुसार झाड़ी कटान के साथ नालियों की सफाई कराने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था सुचारु रहनी चाहिए और नालियों में किसी प्रकार का अवरोध न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने एडीएम को निर्देशित किया कि जिन सड़कों का गड्ढामुक्त कार्य पूरा हो जाए, उनका संबंधित उपजिलाधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कराया जाय। उन्होंने संबंधित अधिशासी अभियंताओं को 15 अक्टूबर के बाद संबंधित सड़कों के गड्ढामुक्त होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में लोनिवि प्रांतीय खंड के नोडल अधिकारी ने अवगत कराया कि सड़क मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है और निर्धारित कार्य निर्धारित समयावधि तक पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जनपद की अन्य सड़कों को भी अभियान में शामिल करते हुए उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित अन्य कार्य 20 सितंबर से शुरू कराने के लिए आवश्यक तैयारी पूरी करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के किसी भी मार्ग पर सड़क, पैच अथवा पुश्ता क्षतिग्रस्त है तो उसे औचित्यपूर्ण चिन्हित कर मरम्मत कार्य में शामिल किया जाए और कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क मरम्मत का कार्य केवल गड्ढों तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क की समग्र स्थिति को ध्यान में रखा जाय। उन्होंने नगर निकायों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क पैच मरम्मत एवं गड्ढामुक्त कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी वार्डों की गलियों में सड़क के गड्ढों अथवा उखड़े हुए हिस्सों को चिन्हित कर मरम्मत कराने तथा इसकी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में एडीएम एफ आर चौहान, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड विवेक सेमवाल, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड रीना नेगी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार, सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग खंड जी एस तोमर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


नेहरू कॉलोनी में नकबजनी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में बंद मकान का ताला तोड़कर गैस सिलेंडर और आभूषण चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये कीमत के आभूषण और एक गैस सिलेंडर बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी नशे के आदी हैं और नशे समेत अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।

प्रवेश विहार, लालढांग, नवादा निवासी जसकरन पाल ने नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके बंद मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर गैस सिलेंडर और ज्वैलरी चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना के खुलासे के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने पूर्व में चोरी के मामलों में जेल जा चुके आरोपियों का सत्यापन किया और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई गई।

पुलिस को मिली सूचना के आधार पर 16 सितंबर 2026 को ईंट भट्टा नवादा ग्राउंड स्थित खंडहर के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कुछ दिन पहले प्रवेश विहार स्थित बंद मकान का ताला तोड़कर गैस सिलेंडर और ज्वैलरी चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक पंत (24), सुलेमान (19) और गोपाल शर्मा (20), सभी निवासी नेहरू कॉलोनी क्षेत्र, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी का सामान और आभूषण बेचने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

बरामदगी: करीब दो लाख रुपये कीमत के आभूषण और भारत गैस कंपनी का एक गैस सिलेंडर।


परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बना जिला प्रशासन

फीस के अभाव में दसवीं की परीक्षा से रह गए थे वंचित, पुश्तैनी मकान बिक जाने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर था बालक

देहरादून। परिवार की प्रताड़ना और विषम परिस्थितियों के चलते शिक्षा से वंचित हुए रुद्र प्रताप नेगी के लिए जिला प्रशासन सहारा बना है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की समुचित जांच कर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने रुद्र प्रताप की सुरक्षा, पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्रशासन के हस्तक्षेप से जहां रुद्र प्रताप को बाल गृह में शिफ्ट कराया गया है, वहीं उसकी शिक्षा को पुनः सुचारू करने के लिए विद्यालय से टीसी जारी करवाकर गुरु राम राय स्कूल में दाखिला भी दिलाया गया है।

प्रकरण के अनुसार रुद्र प्रताप नेगी की माता की मृत्यु के बाद उसके पिता नशे की गिरफ्त में चले गए, जिसके चलते परिवार में बालक के लिए परिस्थितियां लगातार कठिन होती चली गईं। पारिवारिक प्रताड़ना एवं आर्थिक संकट के कारण रुद्र प्रताप की पढ़ाई प्रभावित हुई और वह विद्यालय की फीस जमा न कर पाने के कारण दसवीं की परीक्षा भी नहीं दे पाया। फीस संबंधी स्थिति के चलते पूर्व विद्यालय द्वारा टीसी जारी किए जाने में भी कठिनाई आ रही थी।

बताया गया कि रुद्र प्रताप के पिता एवं उनके भाई द्वारा पुश्तैनी मकान बेच दिए जाने के बाद बालक के समक्ष रहने की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई और वह दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। ऐसी परिस्थितियों में रुद्र प्रताप ने जिला प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने तत्काल प्रकरण का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति को पूरे मामले की समुचित स्टडी एवं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बालक की सुरक्षा, शिक्षा एवं पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने रुद्र प्रताप के हित में आवश्यक कदम उठाते हुए उसे बाल गृह में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही रुद्र प्रताप की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से पूर्व विद्यालय से टीसी जारी करवाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। प्रशासन के प्रयासों से रुद्र प्रताप का गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया है। इससे उसकी शिक्षा को पुनः गति मिलने के साथ ही उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रुद्र प्रताप की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उसे किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विषम पारिवारिक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से पारिवारिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे रुद्र प्रताप को सुरक्षित आश्रय के साथ ही शिक्षा से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।


सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की ‘द वन’ का ट्रेलर हुआ रिलीज

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द वन’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया गया है, जिसमें रहस्य, डर, आस्था और जबरदस्त एक्शन की झलक देखने को मिलती है। कहानी एक ऐसे रहस्यमयी जंगल के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां रात के समय जाने वाला व्यक्ति कथित तौर पर वापस नहीं लौटता। ट्रेलर सामने आने के बाद फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।

करीब तीन मिनट के ट्रेलर में दिखा रहस्य

फिल्म के लगभग तीन मिनट लंबे ट्रेलर की शुरुआत सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया के किरदारों से होती है। दोनों कहीं घूमने जाने की योजना बनाते हैं, लेकिन परिवार की वजह से उन्हें छठ पूजा के लिए वापस घर आना पड़ता है। इसी दौरान कहानी उन्हें वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी रहस्यमयी शक्तियों तक ले जाती है।

ट्रेलर में आस्था और डर के बीच उलझे किरदारों की कहानी को दिखाया गया है। जंगल से जुड़े रहस्य धीरे-धीरे सामने आते हैं और इसके साथ ही कई सवाल भी खड़े होते हैं। फिल्म में धार्मिक आस्था के साथ अलौकिक घटनाओं और रोमांच को भी प्रमुखता दी गई है।

जबरदस्त एक्शन और वीएफएक्स ने खींचा ध्यान

‘द वन’ के ट्रेलर में बड़े स्तर पर दृश्य प्रभावों का इस्तेमाल नजर आता है। कई दमदार लड़ाई वाले दृश्य भी देखने को मिलते हैं, जो फिल्म के रोमांच को बढ़ाते हैं। ट्रेलर के अंतिम हिस्से में एक किरदार का चेहरा रहस्यमयी तरीके से छिपाया गया है। अब इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह किसी चर्चित अभिनेता की विशेष भूमिका हो सकती है या फिर कहानी में सिद्धार्थ मल्होत्रा के दोहरे किरदार का कोई ट्विस्ट सामने आ सकता है।

इन कलाकारों की भी अहम भूमिका

फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया के अलावा सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, अनूप सोनी, मनीष पॉल और मिलिंद गुणाजी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है। इसका निर्माण एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स और टीवीएफ ने मिलकर किया है।

25 सितंबर को सिनेमाघरों में आएगी ‘द वन’

फिल्म का ट्रेलर बुधवार को मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया। इस मौके पर फिल्म की पूरी स्टार कास्ट के साथ निर्माता एकता कपूर भी मौजूद रहीं। ‘द वन’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। ट्रेलर में नजर आए रहस्य और रोमांच के बाद अब दर्शकों को फिल्म की पूरी कहानी सामने आने का इंतजार है।

(साभार)


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp