Thursday, September 17th, 2026

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बुलंदशहर में किसान की बेरहमी से हत्या, घर के पास गली में मिली कटी हुई हालत में मिला शव

Daily Archives: 17/09/2026

बुलंदशहर में किसान की बेरहमी से हत्या, घर के पास गली में मिली कटी हुई हालत में मिला शव

बुलंदशहर। शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रानाइच में 40 वर्षीय किसान लालाराम की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे उनका शव घर के पास गली में क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

रानाइच निवासी लालाराम खेती करते थे और उनके पास करीब 20 बीघा जमीन थी। बुधवार रात वह पत्नी और बच्चों के साथ घर में सोए थे। पुलिस के अनुसार, आशंका है कि देर रात हत्यारोपित उन्हें घर से बाहर बुलाकर ले गया और धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के पास गली में छोड़ दिया गया।

सुबह शव मिलने की सूचना पर स्वजन मौके पर पहुंचे। शव का दायां पैर धड़ से अलग था और उसे दूसरे पैर से बांधा गया था। घटना की सूचना मिलते ही शिकारपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटाए।

घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और स्वजन से जानकारी ली। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों के गठन की बात कही है।

लालाराम के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस पुरानी रंजिश, जमीन और लेनदेन समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अभी परिजनों की ओर से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।

कोतवाली प्रभारी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि लालाराम बुधवार रात परिवार के साथ घर में सोए थे और सुबह उनका शव बाहर मिला। मामले की जांच की जा रही है।


बाल संरक्षण एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी- जिलाधिकारी

CWC के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत, 120 का निस्तारण; 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया

देहरादून। जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई, देहरादून डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC), बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बाल संरक्षण, पुनर्वास, दत्तक ग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभाग एवं संस्थाएं आपसी समन्वय से प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में बताया गया कि विगत तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में निवासरत 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया। वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 05 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जनपद से कुल 109 बच्चों को देश एवं विदेश में दत्तक ग्रहण में दिए जाने की जानकारी दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की समीक्षा में अप्रैल-जून के दौरान 200 तथा जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई। बाल विवाह के 02 मामले तथा बालश्रम के 46 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने पारिवारिक समस्याओं एवं अन्य संवेदनशील प्रकरणों में काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।

जनपद में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा कमियों का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए। समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। संस्थाओं में कार्यरत 156 कार्मिकों में से 138 का पुलिस सत्यापन हो चुका है तथा शेष का सत्यापन शीघ्र कराने को कहा गया।

बालगृहों में निवासरत 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड एवं 116 के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा 219 बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। शेष बच्चों के दस्तावेज प्राथमिकता से तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा में बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक 744 बच्चों को चिन्हित/रेस्क्यू किया गया, जिनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट एवं 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं। इनमें से 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया गया है। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने तथा उपलब्ध अनटाइड अनुदान की 5 प्रतिशत धनराशि बच्चों के कल्याण एवं सुरक्षा पर नियमानुसार व्यय करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण, अन्य राज्यों के बच्चों को गृह राज्य भेजने तथा बच्चों के अभिलेख अद्यतन रखने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से करने को कहा।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल , जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का अंतिम मुकाबला आज

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का अंतिम मुकाबला आज दिल्ली में खेला जाएगा। शुरुआती दोनों मैच जीतकर भारतीय टीम सीरीज अपने नाम कर चुकी है और अब उसकी नजरें अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ करने पर हैं। तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया के अंतिम एकादश में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की संभावना है।

अंतिम मुकाबले में बदलाव के संकेत

भारत ने सीरीज के पहले दोनों मुकाबलों में एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते कई खिलाड़ियों को अब तक मैदान पर ज्यादा समय नहीं मिल पाया है। दूसरे टी20 के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए थे कि तीसरे मैच में टीम संयोजन में बदलाव किया जा सकता है, ताकि अन्य खिलाड़ियों को भी मैच अभ्यास का अवसर मिल सके।

इसी वजह से दिल्ली में होने वाले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की चर्चा तेज है। सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि, इस सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया।

बल्लेबाजी क्रम में हो सकता है फेरबदल

संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा दोनों ही मौजूदा सीरीज में अच्छी लय में नजर आए हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने शीर्ष क्रम में बदलाव को लेकर चुनौती होगी। ईशान किशन को आराम देकर सूर्यवंशी को मौका देना एक विकल्प हो सकता है। सैमसन फिलहाल विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं।

इसके अलावा श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा को भी बल्लेबाजी का पर्याप्त अवसर देने की कोशिश की जा सकती है। पहले दो मैचों में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने इतनी तेजी से रन बनाए कि मध्यक्रम के खिलाड़ियों को ज्यादा देर क्रीज पर रहने का मौका नहीं मिला।

नीतीश और बिश्नोई ने बढ़ाया चयन का विकल्प

दूसरे मुकाबले में नीतीश कुमार रेड्डी ने गेंद से प्रभाव छोड़ा और 24 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उन्हें टीम में हार्दिक पांड्या के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में उनके प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन को एक और उपयोगी विकल्प दिया है।

वहीं, चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह टीम में शामिल किए गए रवि बिश्नोई ने भी दूसरे मैच में अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसे में उन्हें अंतिम मुकाबले में बरकरार रखा जा सकता है। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने भी गेंदबाजी में अपनी भूमिका बखूबी निभाई है।

संभावित प्लेइंग-11

भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, रवि बिश्नोई।

अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, गुलबदिन नईब, डारविश रसूली, अजमातुल्लाह ओमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी।

मैच से जुड़ी अहम जानकारी

तीसरा टी20 कब खेला जाएगा?
भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम टी20 मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा।

मैच कहां होगा?
मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा।

मैच कितने बजे शुरू होगा?
मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा। टॉस शाम 7 बजे होगा।

कहां देख सकेंगे मुकाबला?
भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज के प्रसारण अधिकार सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास हैं। मुकाबला सोनी स्पोर्ट्स के चैनलों पर देखा जा सकेगा।


पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में कार्यक्रम, मंदिरों में पूजा से लेकर ‘आशीर्वाद का दीया’ तक आयोजन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। ओडिशा से लेकर वाराणसी, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश तक पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सैंड आर्ट और जनभागीदारी से जुड़े आयोजन हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई नेताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

ओडिशा में भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर राज्य की अधिष्ठात्री देवी मां समलेश्वरी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। वहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में वेदपाठी बटुकों ने डमरू बजाकर प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाया।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने भी कार्यक्रम आयोजित किया। महिलाओं ने केक काटा और मिठाइयां बांटीं। इस दौरान कुरान की तिलावत कर प्रधानमंत्री की लंबी उम्र के लिए दुआ की गई। कार्यक्रम में महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जीटी करनाल रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में हवन और पूजा-अर्चना की। गुजरात के अहमदाबाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मां उमिया की आरती की और प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान बच्चों ने प्रधानमंत्री के जीवन सफर पर आधारित झांकी भी प्रस्तुत की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य नेताओं ने भी जन्मदिन पर बधाई संदेश दिए।

प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन पर उनके सार्वजनिक जीवन और सेवा को समर्पित ‘आशीर्वाद का दीया’ म्यूजिक वीडियो जारी किया गया। प्रधानमंत्री ने इस वीडियो को स्नेह और अपनापन जताने का माध्यम बताया और कहा कि हर आशीर्वाद देश की सेवा के उनके संकल्प को मजबूत करता है।

इसी क्रम में भाजपा की ओर से ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान भी चलाया गया। स्वच्छता से जुड़े राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की शुरुआत भी 17 सितंबर से हुई है, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा।

पद्म श्री पुरस्कार विजेता सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, अर्थव्यवस्था और संस्कृति के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया और कला एवं कलाकारों को प्रोत्साहन दिए जाने की बात कही।

वहीं सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहू ने भी रेत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कलाकृति तैयार कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा की ओर से सेवा और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रस्तावित ‘वडनगर से वाराणसी’ सेवा संकल्प बाइक यात्रा को गुजरात के वडनगर से रवाना किए जाने की जानकारी दी गई है। इस अभियान में युवाओं की भागीदारी के साथ वृक्षारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण और नशामुक्ति जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों में देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान नेताओं और विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपने-अपने तरीके से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं।


कन्नूर में अवैध रूप से रह रही चार बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार, फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद

कन्नूर। केरल के कन्नूर में पुलिस ने अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लादेश की चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चारों महिलाएं शहर के एक स्पा में पिछले कई महीनों से काम कर रही थीं। कार्रवाई के दौरान उनके पास से बांग्लादेश के पहचान पत्र के साथ कथित फर्जी भारतीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिक कन्नूर के ओडेनपरम्बु इलाके में किराए के मकान में रह रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने अदालत से तलाशी वारंट लिया और मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान चारों महिलाओं को पकड़ा गया।

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान नाजमा अख्तर (40), तस्लीमा खातून (25), मोयना खातून (29) और नसरी बीबी (28) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, महिलाओं के पास से बांग्लादेश में जारी पहचान पत्र मिले। इसके अलावा कुछ भारतीय पहचान दस्तावेज भी बरामद किए गए, जिनके फर्जी होने का संदेह है। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि भारत में उनके रहने की स्थिति क्या थी।

पूछताछ में महिलाओं ने कथित तौर पर बताया कि केरल आने से पहले उन्होंने असम से फर्जी दस्तावेज हासिल किए थे। इसके बाद वे रोजगार की तलाश में कन्नूर पहुंचीं और एक स्पा में काम करने लगीं।

पुलिस ने चारों महिलाओं के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिलाओं ने भारत में प्रवेश कब और किस माध्यम से किया तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में उनकी मदद किसने की।

पुलिस के मुताबिक, कन्नूर में मंगलवार को भी बांग्लादेश की एक महिला को भारत में कथित रूप से अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन सभी मामलों की जांच जारी है।


अंकित बलियान हत्याकांड की फर्जी जिम्मेदारी लेने वाला गिरफ्तार, लाइक्स-फॉलोअर्स के लिए बनाई थी वीडियो

शामली: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को जांच से भटकाने और सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाने वाले एक आरोपी को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने केवल इंस्टाग्राम पर लाइक्स, फॉलोअर्स और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का ढोंग रचा था।

 26 अगस्त को शामली के नालापटरी स्थित एक फिटनेस जिम के बाहर चार अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर सिंगर अंकित बालियान की हत्या कर दी थी। घटना के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक खुद को हत्यारा बता रहा था। वीडियो के सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई।

 एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी भूपेंद्र ढींगरा (मूल निवासी कृष्णा कॉलोनी, गुरुग्राम) को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह पूरी तरह साबित हो चुका है कि आरोपी का इस हत्याकांड या इसके असली शूटर्स से कोई लेना-देना नहीं है।

  • आरोपी की पहचान: भूपेंद्र ढींगरा (सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर व कलाकार)।

  • गिरफ्तारी का कारण: पुलिस को गुमराह करना और फर्जी वीडियो के जरिए सनसनी फैलाना।

  • स्वीकारोक्ति: आरोपी ने माना कि नशे की हालत में लाइक्स और सब्सक्राइबर्स बढ़ाने के लिए उसने यह फर्जी वीडियो अपलोड किया था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं असली हत्यारों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।


नालंदा में नहर से मिला PG छात्र का शव, प्रेम-प्रसंग में हत्या का आरोप; जांच में जुटी पुलिस

बिहार । नालंदा जिले के तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी घटना में 25 वर्षीय पीजी छात्र शिवम रेक्स का शव नहर से मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक के स्वजन ने प्रेमिका के पिता और भाई पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के गोवाल बिगहा निवासी शिवम रेक्स के रूप में हुई है। बताया गया है कि शिवम के माता-पिता दोनों हिलसा कोर्ट में अधिवक्ता हैं। उसका शव राढ़ील छिलका और खड्डी लोदीपुर गांव के बीच नहर में बहता हुआ मिला। स्वजन के अनुसार, शिवम के सिर पर गंभीर चोट और शरीर पर जख्म के निशान थे। इन्हीं के आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।

परिजनों के मुताबिक, शिवम का एकंगरसराय थाना क्षेत्र के एकंगरडीह गांव की एक लड़की से करीब छह महीने से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मृतक के दोस्त दीपक कुमार ने बताया कि दोनों एसयू कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष के छात्र थे और करीब छह महीने से उनके बीच बातचीत और संपर्क था।

मृतक के पिता ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि लड़की के भाई ने उन्हें फोन कर मामले को ‘मैनेज’ करने की बात कही थी। पिता के अनुसार, उन्हें भरोसा था कि शिवम को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, लेकिन बाद में उनके बेटे की हत्या कर दी गई।

मृतक के बड़े भाई सत्यम केशवा ने बताया कि 14 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे उनकी शिवम से आखिरी बातचीत हुई थी। उस समय शिवम ने खुद को बिहारशरीफ में बताया था। हालांकि, परिवार का आरोप है कि वह एकंगरसराय में लड़की के स्वजन के संपर्क में था।

भाई ने आरोप लगाया कि शिवम को बातचीत और भरोसे के जरिए बुलाया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। स्वजन ने लड़की के भाई पर पहले से भरोसा दिलाने और शिवम का वीडियो रिकॉर्ड करवाने समेत कई आरोप लगाए हैं।

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में नहर में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। मृतक की जेब से मोबाइल बरामद हुआ, जो पानी में भीगने के कारण बंद था। एफएसएल टीम की मौजूदगी में मोबाइल का सिम दूसरे फोन में लगाया गया। इसके बाद हिलसा के एक अधिवक्ता का नंबर सामने आया, जिसके जरिए पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर मृतक की पहचान की।

तेल्हाड़ा थानाध्यक्ष अजीत कुमार टिंकू ने बताया कि युवक का मोबाइल 14 सितंबर की रात करीब 8 बजे से बंद था। पुलिस के मुताबिक, उस समय तक परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। शव के सिर पर चोट का निशान भी देखा गया है।

फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि स्वजन के लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और हत्या के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


EPF की नई सीमा से पंजाब के करीब दो लाख कर्मचारियों को फायदा, उद्योग पर बढ़ेगा खर्च

केंद्र के फैसले से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी भी EPF के दायरे में आएंगे; नियोक्ताओं के योगदान का बोझ बढ़ने की संभावना

चंडीगढ़। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर केंद्र सरकार के हालिया फैसले का असर पंजाब के कर्मचारियों और औद्योगिक क्षेत्र दोनों पर पड़ने वाला है। सरकार ने EPF के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है। इस बदलाव से पंजाब में करीब दो लाख अतिरिक्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आ सकते हैं।

नई व्यवस्था के तहत ₹25,000 तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए EPF कवरेज का दायरा बढ़ेगा। इसके साथ कर्मचारियों को भविष्य निधि के अलावा पेंशन और बीमा से जुड़े लाभ भी मिलेंगे। देशभर में इस बदलाव से करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों के EPFO के दायरे में आने का अनुमान है।

हालांकि, इस फैसले का दूसरा पहलू औद्योगिक इकाइयों से जुड़ा है। EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है, ऐसे में वेतन सीमा बढ़ने के बाद पात्र कर्मचारियों के लिए कंपनियों का योगदान भी बढ़ सकता है। इससे उद्योगों की श्रम लागत पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है।

कर्मचारियों के लिए भी इसका असर केवल भविष्य की बचत तक सीमित नहीं रहेगा। जिन कर्मचारियों पर पहले नई सीमा के कारण अनिवार्य EPF योगदान लागू नहीं होता था, उनके वेतन से अब अधिक राशि PF के रूप में कट सकती है। इससे कुछ मामलों में मासिक हाथ में मिलने वाला वेतन कम हो सकता है, जबकि सेवानिवृत्ति के लिए बचत बढ़ेगी।

EPF की वेतन सीमा में यह बदलाव लंबे अंतराल के बाद किया गया है। केंद्र सरकार के अनुसार, नई सीमा का उद्देश्य बदलती वेतन संरचना के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है। सरकार को भी इस बदलाव के तहत अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना होगा।


नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर खण्ड स्तरीय समिति गठित

नशे पर लगाम के लिए प्रशासन की नई पहल, गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान

देहरादून। जिले में नशे के खिलाफ अभियान को गांव और विकासखंड स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। राष्ट्रीय कार्ययोजना (एनएपीडीडीआर) और नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर खंड स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और गतिविधियों की निगरानी करेंगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की ओर से जारी आदेश के तहत खंड विकास अधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में ग्राम पंचायत अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नामित शिक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी या जिला परिवीक्षा अधिकारी द्वारा नामित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित आशा कार्यकर्ता को सदस्य बनाया गया है। सहायक समाज कल्याण अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे।

युवाओं और विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक

नशामुक्त भारत अभियान के तहत गठित समितियां विकासखंड स्तर पर नशे के दुष्परिणामों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएंगी। खासतौर पर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

इसके लिए विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय समुदाय को अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के साथ लोगों को नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

कई विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी

समिति में विकास, पंचायत, शिक्षा, बाल विकास, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इससे नशामुक्ति अभियान को बहु-विभागीय स्वरूप मिलेगा और जागरूकता कार्यक्रमों को गांव से लेकर विकासखंड स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समिति में नामित प्रतिनिधियों की आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गठित समितियों से संबंधित आदेश को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के नशामुक्त भारत अभियान पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिला प्रशासन ने आमजन से भी नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया है।


केंद्र के मौखिक आश्वासन पर भरोसा न करें, लिखित गारंटी लें: उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा- लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र से आधिकारिक और लिखित प्रतिबद्धता लेना ज्यादा उचित

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लद्दाख के नेतृत्व को केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले मौखिक आश्वासनों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लद्दाख और करगिल के नेताओं को अपनी मांगों को लेकर केंद्र से लिखित और आधिकारिक आश्वासन लेना चाहिए।

पुलवामा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन वह लद्दाख के लोगों के हितैषी के तौर पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी महत्वपूर्ण आश्वासन को केवल मौखिक रूप से स्वीकार करने के बजाय उसे आधिकारिक दस्तावेज के रूप में हासिल किया जाना चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किए जाने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब दो साल बीतने के बावजूद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लद्दाख का नेतृत्व केंद्र से अपनी मांगों को लेकर लिखित प्रतिबद्धता हासिल करने पर जोर दे सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर हलफनामे जैसे औपचारिक दस्तावेज के जरिए भी आश्वासन लिया जा सकता है।

इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया गया है। इनमें सड़क, स्कूल, अस्पताल, पुल और डेयरी प्रोसेसिंग विलेज से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की।


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