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परिणाम आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को रोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना जरूरी: कुलपति

परिणाम आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को रोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना जरूरी: कुलपति

परिणाम आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को रोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना जरूरी: कुलपति

नई शिक्षा नीति-2020, कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार पर शिक्षकों ने किया मंथन

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से ‘परिणाम आधारित शिक्षा श्रृंखला-1’ के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। एसबीएएस सभागार में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल आधारित शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कार्यशाला की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, दक्षता, नवाचार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए भी प्रेरित कर सकती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने शिक्षा और कौशल के बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

मुख्य विशेषज्ञ वक्ता डॉ. मीनाक्षी सूद, एसएमआईईईई, आईई एवं एसोसिएट डीन (आउटरीच एवं रिसोर्स जेनरेशन), एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने परिणाम आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कोर्स आउटकम (CO), प्रोग्राम आउटकम (PO), शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और मूल्यांकन के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।

डॉ. सूद ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसे ज्ञान, कौशल और दक्षताओं का विकास करना है, जिनका वे वास्तविक जीवन में प्रभावी उपयोग कर सकें।

कार्यशाला में शिक्षकों ने परिणाम आधारित शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सोनिया गंभीर के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आउटकम बेस्ड एजुकेशन का मूल उद्देश्य शिक्षा को बदलावकारी, मापन योग्य और सार्थक बनाना है।

कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी उपनिदेशक प्रो. अरुण कुमार ने विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज, कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल, रजिस्ट्रार प्रो. सोनिका कंडारी, विशेषज्ञ वक्ता, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. ज्योति कालरा सहित विभिन्न स्कूलों के डीन और शिक्षक मौजूद रहे।


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