Sunday, September 27th, 2026

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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’, कहा ‘मन की बात’ है राष्ट्रहित और जनभागीदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम

Daily Archives: 27/09/2026

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’, कहा ‘मन की बात’ है राष्ट्रहित और जनभागीदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम

देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने आज यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण को सुना। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों से संवाद करते हुए राष्ट्रहित, जनभागीदारी, सामाजिक सरोकार और देश की उपलब्धियों से जुड़े विभिन्न विषयों का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम मे 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे होने की बात कही साथ ही उन्होंने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को याद करते हुए कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। प्रधानमंत्री ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए कहा कि आज भारत आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर आगे बढ़ रहा है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को राष्ट्रीय स्तर मंच प्रदान कर रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा भारतीय सेना के शौर्य, आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना जैसे राष्ट्रीय दायित्व और समाज के विभिन्न वर्गों के सकारात्मक प्रयासों का उल्लेख देशवासियों को राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर लगातार काम किये जा रहे है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वरोजगार, सेना, खेल आदि मे अपनी पहचान बनाने के साथ अपनी मेहनत के बल पर देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।

साथ ही कहा कि ‘मन की बात’ केवल प्रधानमंत्री जी का देशवासियों से संवाद नहीं, बल्कि सेवा, सहभागिता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विचारों से प्रेरणा लेते हुए हम सभी को राष्ट्रहित और समाजहित के कार्यों में अपनी भागीदारी को और मजबूत करना चाहिए।


पटेलनगर में पुलिस का नशा तस्करों पर प्रहार, 4.50 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार

देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटेलनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान एक नशा तस्कर को 15.21 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने सूरज (30 वर्ष), निवासी ब्रह्मपुरी, पटेलनगर, देहरादून को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 15.21 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह जल्दी पैसा कमाने के लालच में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हुआ था। वह स्मैक को छोटी-छोटी मात्रा में स्थानीय नशे के आदी लोगों को ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस टीम

उपनिरीक्षक आशीष कुमार, चौकी प्रभारी बाजार

कांस्टेबल अनिल सालार

कांस्टेबल अनिल भंडारी


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुनी पीएम के मन की बात, बोले- सामाजिक कार्य की प्रेरणा देता है प्रत्येक एपिसोड

देहरादून:। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को देहरादून में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विजय कॉलोनी स्थित बूथ संख्या 90 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात “का 138वां संस्करण को पार्टी कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों के साथ सुना।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात कार्यक्रम लोगों को नए कार्य करने एवं समाज के लिए अनेक कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के अंत में होने वाले हर संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई रोचक एवं ज्ञानवर्धन जानकारी देते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नशा मुक्त समाज, पौष्टिक आहार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने मोरिंगा और मिलेट्स जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्यवर्धक लाभों का उल्लेख करते हुए लोगों से अपने खान-पान में पौष्टिक एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस की नीति का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में जनगणना की शुरुआत चमोली जिले के माणा गांव से हुई। उन्होंने उत्तरकाशी के बगोरी गांव के एक होम-स्टे संचालक द्वारा डिजिटल माध्यम से जनगणना में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की भी सराहना की। यह उदाहरण उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक की बढ़ती पहुंच और जागरूकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उल्लेख करते हुए देश की सांस्कृतिक विरासत और गौरव से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने आने वाले त्योहारों के दौरान ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को विशेष महत्व देने का आह्वान किया।

मंत्री जोशी ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में लोगों को अनेक प्रकार की विभिन्न जानकारी मिलती है। इसलिए मन की बात कार्यक्रम को अवश्य सुनना चाहिए। मंत्री गणेश जोशी ने सभी से मन की बात कार्यक्रम को सुनने की अपील भी की।

इस दौरान बीजेपी मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, सुनीता सिरोही, हेमंत जोशी, शक्ति केंद्र संयोजक आनंद सिंह गुसाईं, अशोक सिरोही, पन्ना गौर, दर्शनी राणा, कैप्टन दिनेश प्रधान, सत्येंद्र नाथ, बबीता सहोट्रा, कुशाल गिल, सत्येंद्र खरोला सहित बूथ के भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए करता है प्रेरित -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में सुना प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 138वां संस्करण

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 138वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के सकारात्मक प्रयासों, उपलब्धियों और प्रेरक कार्यों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के साथ ही लोगों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों का विशेष उल्लेख किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में जनगणना के प्रथम चरण के तहत उत्तराखण्ड के दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखण्ड के चमोली जनपद स्थित देश के प्रथम गांव माणा का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि यहां जनगणना की शुरुआत 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से की गई। उन्होंने उत्तरकाशी जनपद के बगोरी गांव का भी उल्लेख किया, जहां होमस्टे संचालक हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा माणा और बगोरी जैसे सीमांत गांवों के उदाहरण देश के सामने रखना उत्तराखण्ड के लिए सम्मान की बात है। यह राज्य के सीमांत क्षेत्रों में हो रहे बदलाव, डिजिटल जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में वहां के लोगों की सक्रिय भागीदारी को भी दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने जनगणना को प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए देशवासियों से इसमें सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेशवासियों से जनगणना में अपनी सही जानकारी दर्ज कराने और इस राष्ट्रीय दायित्व में पूर्ण सहयोग देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में वर्ष 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दस वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के शौर्य और आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ नीति का स्मरण किया। उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्त युवा अभियान, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, पोषण, स्थानीय उत्पादों और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे विषयों पर भी देशवासियों से जनभागीदारी का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन जैसे विषय उत्तराखण्ड के लिए भी विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।


सहकारिता चुनाव में नया रिकॉर्ड, सभी 10 जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी

अल्मोड़ा डीसीबी की चैयरमैन बनी मिली लटवाल

भावना जोशी बनी उपाध्यक्ष

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाई

देहरादून। उत्तराखंड में संपन्न सहकारिता चुनावों में भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशियों का सभी 10 जिला सहकारी बैंकों (डीसीबी) में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक में मिली लटवाल अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं, जबकि भावना जोशी उपाध्यक्ष चुनी गईं। प्रदेश में यह पहली बार है जब सभी जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं निदेशक पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के साथ बोर्ड का गठन हुआ है।

अल्मोड़ा डीसीबी के अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल का निर्वाचन महिला आरक्षण के तहत हुआ है। सहकारी संस्थाओं के चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश के 10 जिला सहकारी बैंकों में तीन अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

अल्मोड़ा से विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लिए प्रतिनिधि चयनित

उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, हल्द्वानी के सामान्य निकाय के गठन के लिए अल्मोड़ा जनपद से नरेंद्र राम, विमला देवी, महेश चंद्र सिंह एवं ललित मोहन सिंह लटवाल का चयन किया गया है। वहीं, उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के सामान्य निकाय के लिए पुष्पा भाकुनी एवं गणेश सिंह चयनित हुए हैं।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, निदेशकों एवं विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लिए चयनित प्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. रावत ने कहा कि सभी जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध निर्वाचन सहकारिता क्षेत्र में आपसी विश्वास, समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता का परिचायक है। सहकारी संस्थाएं प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने तथा सरकार की सहकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

महिला भागीदारी को मिला नया आयाम

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बार 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। इससे सहकारी संस्थाओं के संचालन में महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत रूप से बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटलीकरण, महिला भागीदारी और सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण पर लगातार कार्य कर रही है। नवनिर्वाचित पदाधिकारी इन प्रयासों को धरातल पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जिला सहकारी बैंक चुनाव चरणबद्ध तरीके से संपन्न हुए। गढ़वाल मंडल के सभी छह जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है, जबकि कुमाऊं मंडल के चारों जिला सहकारी बैंकों में भी निर्विरोध बोर्ड का गठन हुआ है।


घर में जमा पानी बन सकता है मलेरिया की वजह, बरसात में ऐसे करें मच्छरों की रोकथाम

बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। इस मच्छर के शरीर में मौजूद प्लाज्मोडियम परजीवी इंसान के खून में पहुंचकर संक्रमण पैदा करता है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार न होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए मलेरिया के लक्षणों को पहचानना और इससे बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मलेरिया का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है। मधुमेह, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित मरीजों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे में बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

आइए जानते हैं कि मलेरिया किन लोगों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है, संक्रमण होने पर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और इससे बचाव के लिए कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं।

इन लोगों के लिए गंभीर हो सकता है मलेरिया

मलेरिया का संक्रमण कुछ लोगों के लिए अधिक जोखिम भरा हो सकता है। मधुमेह, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मलेरिया का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इसके अलावा छोटे बच्चों में भी इस बीमारी के कारण गंभीर जटिलताएं होने की आशंका रहती है।

मलेरिया का संक्रमण होने पर प्लाज्मोडियम परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। गंभीर मामलों में यह मस्तिष्क सहित शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मस्तिष्क से संबंधित मलेरिया की स्थिति में मरीज को दौरे पड़ने, बेहोशी और अन्य गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। विशेष रूप से पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

मलेरिया होने पर खानपान का रखें ध्यान

मलेरिया होने पर शरीर में कमजोरी और पानी की कमी की समस्या हो सकती है। ऐसे में मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी है। भोजन में विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, केवल खानपान के सहारे मलेरिया का इलाज संभव नहीं है।

मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच कराकर निर्धारित दवाओं का पूरा कोर्स लेना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेने से बचना चाहिए। समय पर उपचार से बीमारी के गंभीर होने की आशंका को कम किया जा सकता है।

मलेरिया से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने और उनके पनपने की जगहों को नियंत्रित करना है। मादा एनोफिलीज मच्छर आमतौर पर साफ पानी में प्रजनन करते हैं। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें।

घर में रखी पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और अन्य बर्तनों की नियमित सफाई करें। पानी से भरे बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली करके अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद ही उनमें दोबारा पानी भरें। घर के आसपास मौजूद गड्ढों और नालियों में पानी जमा होने से रोकें।

जहां पानी जमा होने से रोकना संभव न हो, वहां स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के उपाय अपनाएं। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग से कीटनाशकों के छिड़काव के लिए संपर्क करें। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है।

मच्छरों से बचाव के लिए करें ये काम

मलेरिया फैलाने वाले मच्छर मुख्य रूप से शाम और रात के समय सक्रिय होते हैं। ऐसे में इस दौरान मच्छरों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें और शरीर के खुले हिस्सों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।

सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। घर की खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छर रोकने वाली जालियां लगवाना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा घर के आसपास पानी जमा होने की स्थिति पर नियमित रूप से नजर रखें।

बारिश के मौसम में मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ आसपास के वातावरण को साफ रखना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों और मेडिकल रिपोर्ट्स पर आधारित है। मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से सलाह लेकर उचित जांच और उपचार कराएं।

(साभार)


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